कोयंबटूर माहेश्वरी सुरभि महिला मंडल ने मनाया तीज का सिंजारा
सुरक्षित सफर, खुशहाल परिवार' के संदेश के साथ सितंबर माह के 'ट्रैफिक नियम' संकल्प का विमोचन
ओपी माहेश्वरी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मुकेश कुमार माहेश्वरी संयुक्त सचिव निर्वाचित
एक सवाल… जिसका जवाब माँ के पास नहीं था - भारती सुजीत बिहानी

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कोयंबटूर माहेश्वरी सुरभि महिला मंडल ने मनाया तीज का सिंजारा
राजस्थान की लोक संस्कृति और सुहाग परंपरा से जुड़े तीज के सिंजारे का पर्व कोयंबटूर माहेश्वरी सुरभि महिला मंडल द्वारा 29 अगस्त 2026 को माहेश्वरी भवन में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा चंदा सोमानी, ज्योति मेहता, जीवन लता राठी, मरिनाली राठी एवं प्रीति सोमानी की अगुवाई में तैयार की गई।सिंजारा विशेष रूप से विवाहित एवं नवविवाहित महिलाओं के लिए स्नेह और सौभाग्य का पर्व माना जाता है। इस अवसर पर महिलाओं ने मेहंदी लगाई, पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर उत्सव का आनंद लिया। सिंजारे में मायके से मिलने वाली मेहंदी, मिठाई, वस्त्र, चूडिय़ां एवं श्रृंगार सामग्री बेटी के प्रति माता-पिता के स्नेह और सुखी दांपत्य जीवन की मंगलकामना का प्रतीक मानी जाती है।कार्यक्रम के दौरान कोयंबटूर माहेश्वरी समाज की बुजुर्गों से लेकर युवा महिलाओं तक ने विभिन्न खेलों एवं नृत्य प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिशा राठी ने नृत्य एवं खेलों का संचालन करते हुए सभी का मन मोह लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।आयोजन के अंत में सभी के लिए भोजन की सुंदर व्यवस्था की गई। महिलाओं ने पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम प्रेम, उत्साह और पारिवारिक सौहार्द के वातावरण में व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
31 August 2026
सुरक्षित सफर, खुशहाल परिवार' के संदेश के साथ सितंबर माह के 'ट्रैफिक नियम' संकल्प का विमोचन
श्री महेश सेवा समिति इचलकरंजी के अंतर्गत श्री महेश नवयुवक मंडल, इचलकरंजी द्वारा वर्ष 2026 में संचालित 'संकल्प यात्राÓ अभियान के तहत सितंबर माह के संकल्प 'ट्रैफिक नियम - सुरक्षित सफर, खुशहाल परिवार' का विमोचन कोल्हापुर जिला माहेश्वरी युवा संगठन की वार्षिक सर्वसाधारण सभा के अवसर पर किया गया।इस अवसर पर मंच पर महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा के मंत्री विनीत तोष्णीवाल, कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष नितिन धूत, इचलकरंजी तहसील माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष दयानंद बाहेती तथा कोल्हापुर जिला माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष आनंद बांगड़ सहित संगठन के पूर्व अध्यक्ष, पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य एवं श्री महेश नवयुवक मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में मंडल के सहसचिव अभिषेक परतानी ने सितंबर माह के संकल्प की जानकारी देते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने समाजजनों, विशेषकर युवाओं से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।संकल्प के अंतर्गत ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने, पीली बत्ती पर रुकने की तैयारी रखने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने, उचित पार्किंग करने तथा संयमित एवं सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने का संदेश दिया जा रहा है।मंडल ने भावपूर्ण संदेश देते हुए कहा—'घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है'। साथ ही समाजजनों से अपील की गई कि ट्रैफिक नियम चालान से बचने के लिए नहीं, जीवन बचाने के लिए हैं।श्री महेश नवयुवक मंडल ने सितंबर माह के इस संकल्प को स्वयं अपनाने, परिवार एवं समाज तक पहुंचाने तथा जिम्मेदार यातायात व्यवहार को अपनी आदत बनाने का आह्वान किया।
31 August 2026
ओपी माहेश्वरी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मुकेश कुमार माहेश्वरी संयुक्त सचिव निर्वाचित
भरतपुर। पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेश चुनाव समिति संयोजक श्री मालचंद बाहेती की 30 अगस्त 2026 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अलवर-भरतपुर माहेश्वरी सभा के कोटे से भरतपुर के ओपी माहेश्वरी को पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा मुकेश कुमार माहेश्वरी को प्रदेश संयुक्त सचिव निर्वाचित घोषित किया गया है।सभा के मंत्री प्रहलाद माहेश्वरी ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश के सभी निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराई गई। कार्यक्रम में अलवर-भरतपुर सभा के अर्थ मंत्री विकास काबरा भी उपस्थित रहे। भरतपुर माहेश्वरी मंडल समिति के सदस्यों ने दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
31 August 2026
हापुड़ में माहेश्वरी समाज ने धूमधाम से मनाया कजरी तीज सिंधारा उत्सव
हापुड़ जिला माहेश्वरी सभा के तत्वावधान में माहेश्वरी महिला मंडल एवं युवा मंडल के सहयोग से कजरी तीज (बड़ी तीज) सिंधारा उत्सव का भव्य आयोजन श्री सनातन धर्म सभा भवन, कोठी गेट पर आयोजित किया गया। उत्सव में समाज की महिलाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण तीज क्वीन प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रियंका महेश ने 'तीज क्वीन' का खिताब अपने नाम किया। अंशिका माहेश्वरी फस्र्ट रनरअप तथा दीपिका सोमानी द्वितीय रनरअप रहीं।सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न एकल एवं सामूहिक नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। एकल नृत्य में नंदिका साबू, खुशी माहेश्वरी, आराध्या, बानी, पारवी एवं गौरी काबरा सहित अन्य प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। वहीं निधि साबू, रीता, श्रेष्ठा एवं हिमानी ने भी अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सामूहिक नृत्य में मीनू महेश, प्रियंका, प्राची माहेश्वरी सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने भी मंच पर आकर अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों पर सभागार बार-बार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा।मेरठ से पधारीं मुख्य अतिथि एवं प्रदेश महासभा की संरक्षक श्रीमती मंजू हरकुट ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम, एकता और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोडऩे का कार्य करते हैं। उन्होंने संयोजक मंडल की सदस्य एवं मंच संचालक मीनू महेश, निधि साबू एवं प्राची माहेश्वरी सहित सभी प्रतिभागियों की प्रशंसा की।जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री प्रदीप माहेश्वरी ने आयोजन की सफलता के लिए संयोजिका मंडल की सदस्यों एवं मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू हरकुट के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य अतिथि सहित प्रमुख सहयोगियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। सभा के महामंत्री श्री दिनेश बाहेती के साथ श्री राकेश महेश, श्री दिनेश हरकुट, मोहित काबरा, नितिन माहेश्वरी, प्रशांत हरकुट एवं अपार माहेश्वरी सहित अन्य सहयोगियों के प्रति भी आयोजन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में सीमा तापडिय़ा, आशा सोमानी, श्वेता माहेश्वरी, मधु खटोर, विनीता महेश, दीपा माहेश्वरी, मनीषा, खुशबू, शीला महेश, शिल्पी माहेश्वरी, रुबीना, अलका खटोड़, नूपुर साबू, ऋतु भट्टर, विदुषी काबरा, मनीषा कौशिक, वृंदा माहेश्वरी, अंशु साबू सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।

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एक सवाल… जिसका जवाब माँ के पास नहीं था - भारती सुजीत बिहानी
तीज का त्योहार था।चारों ओर उत्सव का माहौल था। घर-आँगन में रौनक थी। कहीं मेहंदी की खुशबू थी, तो कहीं सुहाग के गीतों की मधुर आवाज़ सुनाई दे रही थी।राधिका सुबह से ही तीज की तैयारियों में लगी हुई थी। पूजा की थाली सजा चुकी थी। लाल चुनरी, मेहंदी और सुहाग की सारी चीज़ें करीने से रखी थीं।काम निपटाकर उसने अपनी बेटी को फोन लगाया।कुछ देर तक माँ-बेटी के बीच हँसी-मजाक और घर-परिवार की बातें होती रहीं। तभी अचानक बेटी की आवाज़ थोड़ी गंभीर हो गई।“मम्मा… एक बात पूछूँ?”राधिका मुस्कुराते हुए बोली,“हाँ बिटिया, पूछो।”“मम्मा… नाराज़ तो नहीं होगी?”“अरे नहीं, ऐसी क्या बात है? पूछो।”बेटी कुछ पल चुप रही, फिर बोली—“मम्मा, एक बात मेरी समझ में नहीं आती… पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी ही व्रत क्यों करती है?”राधिका चुप हो गई।बेटी ने फिर पूछा—“क्या पत्नी को लंबी उम्र नहीं चाहिए?”राधिका के हाथ जैसे ठिठक गए।जिस पूजा की थाली वह अभी सजा रही थी, उसी पर उसकी नज़र टिक गई।बेटी बोलती रही—“मम्मा, बचपन से देखती आई हूँ कि तीज हो या करवा चौथ, पत्नी पति की लंबी उम्र की कामना करती है। निर्जल व्रत रखती है, पूजा करती है, दुआ माँगती है। इसमें गलत कुछ नहीं है… प्रेम से किया गया व्रत बहुत खूबसूरत भावना है।”“लेकिन अगर पति भी अपनी पत्नी के लिए उसी तरह व्रत रखे, उसकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करे, तो क्या वह प्रेम और भी सुंदर नहीं होगा?”राधिका के पास कोई जवाब नहीं था।वह अपनी बेटी की बात सुन रही थी, मगर उसके मन में जैसे वर्षों पुराने कई दृश्य एक साथ घूमने लगे।उसे याद आया—उसकी माँ भी तीज का व्रत रखती थीं। दादी भी रखती थीं। उसने भी विवाह के बाद इसे परंपरा समझकर निभाना शुरू कर दिया था।कभी उसने यह सवाल खुद से पूछा ही नहीं था।उसने हमेशा यही माना था कि“पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी का व्रत रखना ही तो तीज है।”लेकिन आज बेटी ने एक छोटा-सा सवाल पूछकर उसके सामने सोचने का एक नया दरवाज़ा खोल दिया था।राधिका ने धीरे से कहा—“बेटा… शायद परंपराएँ हमें बहुत कुछ सिखाती हैं, लेकिन कभी-कभी उनके पीछे छिपे भाव को नए समय की नज़र से समझना भी जरूरी होता है।”बेटी मुस्कुराई।“तो मम्मा, इस बार आप मेरे लिए एक और प्रार्थना करना।”“क्या?”“अपने लिए भी।”राधिका की आँखें नम हो गईं।“हाँ बिटिया… इस बार मैं अपने लिए भी प्रार्थना करूँगी।”बेटी ने हँसते हुए कहा—“और पापा से भी कहना कि आपकी लंबी उम्र के लिए वो भी कुछ माँगें।”दोनों हँस पड़ीं।फोन कट गया।राधिका कुछ देर तक वैसे ही बैठी रही।फिर उसने पूजा की थाली में एक दीपक जलाया और हाथ जोड़कर बोली—“हे माँ गौरी, मेरे सुहाग को सुखी और स्वस्थ रखना… और मुझे भी इतनी ही अच्छी सेहत, लंबी उम्र और खुशियाँ देना, ताकि हम दोनों जीवन की राह साथ-साथ पूरी कर सकें।”उस दिन राधिका ने तीज का व्रत रखा।लेकिन पहली बार उसे लगा कि व्रत केवल किसी एक की लंबी उम्र की कामना नहीं, बल्कि दो दिलों की एक-दूसरे के लिए मंगलकामना का नाम भी हो सकता है।परंपरा अपनी जगह थी…प्रेम अपनी जगह।और उस दिन राधिका ने अपनी बेटी के एक मासूम सवाल से यह सीख लिया था कि—रिश्ता तभी खूबसूरत होता है,जब दुआ दोनों के लिए हो,चिंता दोनों की हो,और जीवन की राह भी दोनों साथ चलें।बेटी का सवाल छोटा था,लेकिन उसने राधिका के मन मेंएक बहुत बड़ी सोच जगा दी थी।
31 August 2026
सातूड़ी तीज : भारतीय संस्कृति, सौभाग्य और पारिवारिक मूल्यों का पावन पर्व - ज्योति मूंदड़ा
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक एकता के संवाहक भी हैं। इन्हीं पावन पर्वों में सातूड़ी तीज का विशेष महत्व है। विशेष रूप से राजस्थान एवं मारवाड़ क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व महिलाओं के लिए आस्था, प्रेम, सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक है।सातूड़ी तीज के अवसर पर महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना करती हैं। इस दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। माता पार्वती का भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम, तपस्या और समर्पण भारतीय नारी शक्ति एवं आदर्श दांपत्य जीवन की प्रेरणा प्रदान करता है।इस पर्व से जुड़ी अनेक सुंदर पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी हैं। विवाहित बेटियों को मायके से सिंजारा भेजना, श्रृंगार सामग्री एवं पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान करना तथा परिवार के सदस्यों के साथ उत्सव मनाना हमारे सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाता है। सातूड़ी तीज का पर्व आपसी प्रेम, स्नेह और अपनत्व की भावना को भी सुदृढ़ करता है।आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में हमारे पारंपरिक पर्व हमें अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। सातूड़ी तीज केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, समर्पण, सौभाग्य और पारिवारिक एकता का सुंदर संदेश देने वाला पर्व है।आइए, इस पावन अवसर पर हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लें तथा भगवान शिव एवं माता पार्वती से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करें।
28 August 2026
माहेश्वरी समाज में रक्षाबंधन ऋषि पंचमी को ही क्यों? — परंपरा में छिपी हमारी पहचान : महावीर चांडक
भारत विविधताओं और परंपराओं का देश है। यहां प्रत्येक समाज, संप्रदाय और क्षेत्र की अपनी विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं रही हैं। इन्हीं परंपराओं ने हमारी सामाजिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखा है। सामान्यतः रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, लेकिन माहेश्वरी समाज में रक्षाबंधन ऋषि पंचमी के दिन मनाने की परंपरा है। यह केवल तिथि का अंतर नहीं, बल्कि हमारी अपनी सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है।माहेश्वरी समाज की मान्यता भगवान महेश अर्थात भगवान शिव से जुड़ी हुई है। समाज की परंपराओं में ऋषियों और गुरु परंपरा का विशेष स्थान रहा है। एक प्रचलित मान्यता के अनुसार माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के समय समाज के मार्गदर्शक ऋषियों द्वारा रक्षा-सूत्र बांधने की परंपरा रही, इसलिए ऋषि पंचमी का दिन हमारे लिए रक्षाबंधन से विशेष रूप से जुड़ गया। इसी के साथ एक अन्य प्रचलित किंवदंती भगवान गणेश और उनकी बहन से भी जुड़ी है, जिसके अनुसार ऋषि पंचमी के दिन गणेशजी को उनकी बहन ने सर्वप्रथम राखी बांधी थी।इन कथाओं को हम इतिहास के कठोर प्रमाण के रूप में नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही समाज की सांस्कृतिक स्मृति और आस्था के रूप में देखते हैं। यही स्मृतियां किसी समाज को केवल लोगों का समूह नहीं रहने देतीं, बल्कि उसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।रक्षाबंधन का मूल भाव तो भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और मंगलकामना से जुड़ा है, लेकिन माहेश्वरी परंपरा में इसका स्वरूप थोड़ा अलग भाव लिए हुए है। यहां राखी केवल भाई की कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं है; यह अपने संस्कारों, अपनी परंपरा और अपने समाज से जुड़े रहने का सूत्र भी है।समय के साथ हमारी जीवनशैली बदली है। परिवार दूर-दूर बस गए हैं, नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा और आधुनिक जीवन-पद्धति के साथ आगे बढ़ रही है। यह परिवर्तन स्वाभाविक है और आवश्यक भी। लेकिन आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों से दूरी बनाना नहीं हो सकता। जिस समाज ने अपनी पहचान सदियों की परंपराओं से बनाई है, उसके लिए अपनी विशिष्ट परंपराओं को जानना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना उतना ही आवश्यक है जितना आधुनिक समय के साथ आगे बढ़ना।आज जब चारों ओर एक ही दिन, एक ही तरीके और एक ही संस्कृति के प्रभाव में त्योहार मनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, तब ऋषि पंचमी पर रक्षाबंधन मनाना माहेश्वरी समाज की अपनी अलग पहचान को जीवित रखने का अवसर है। यह किसी अन्य परंपरा का विरोध नहीं, बल्कि अपनी परंपरा के प्रति सम्मान है।हमें यह भी समझना होगा कि परंपरा तभी जीवित रहती है जब उसके पीछे का भाव अगली पीढ़ी को समझाया जाए। यदि हम अपने बच्चों से केवल इतना कहेंगे कि “हम राखी पूर्णिमा को नहीं, ऋषि पंचमी को बांधते हैं”, तो शायद वह इसे केवल एक अलग तारीख समझेंगे। लेकिन जब हम उन्हें बताएंगे कि इसके पीछे हमारे समाज की अपनी मान्यता, गुरु परंपरा, भगवान महेश से जुड़ी सांस्कृतिक स्मृति और पीढ़ियों से चली आ रही सामाजिक विरासत है, तब उनके मन में इसके प्रति गर्व का भाव पैदा होगा।परंपराएं बोझ नहीं होतीं, वे हमारी पहचान की जड़ें होती हैं। जड़ों को संभालकर ही वृक्ष नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है। इसी प्रकार समाज भी तभी मजबूत होता है जब आधुनिकता के साथ उसकी संस्कृति और संस्कार भी सुरक्षित रहें।इसलिए ऋषि पंचमी का रक्षाबंधन हमारे लिए केवल राखी बांधने का दिन नहीं है। यह वह अवसर है जब एक बहन अपने भाई की मंगलकामना करती है, परिवार एक साथ आता है और समाज अपनी उस विशिष्ट परंपरा को याद करता है जिसने उसे दूसरों से अलग पहचान दी है।आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी परंपराओं को केवल निभाएं ही नहीं, उन्हें समझें, उनका सम्मान करें और अपनी आने वाली पीढ़ी को गर्व के साथ सौंपें।क्योंकि—राखी का धागा कलाई पर बंधता है,लेकिन परंपरा का धागा पीढ़ियों को जोड़ता है।और यही ऋषि पंचमी का रक्षाबंधन माहेश्वरी समाज के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी पहचान से जुड़ने का पावन अवसर है।
15 August 2026
मैं आज़ाद भारत की नागरिक हूँ... मैं भारत के कसीदे पढ़ना चाहती हूँ - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
मैं आज़ाद भारत की नागरिक हूँ, जिसकी मिट्टी को माथे से लगाना मेरे लिए गर्व है और जिसकी हवाओं में मुझे अपने पुरखों के त्याग, धैर्य, तप की सुगंध आती है।मैं उस भारत की बेटी हूँ, जहाँ की मिट्टी केवल मिट्टी नहीं, मातृभूमि का स्पंदन है, नदियों की कलकल है, वह मात्र जलधाराएँ नहीं, जीवन की अविरल गाथाएं हैं, जहां के पर्वत केवल शिलाएँ नहीं, संकल्प और सुरक्षा के पहरेदार हैं और खेत धरती के टुकड़े नहीं, अन्नदाता के परिश्रम का उपहार हैं।मैं अपने भारत के कसीदे पढ़ना चाहती हूँ,मैं गर्व से कहना चाहती हूँ कि मेरा भारत केवल एक इतिहास या भूगोल नहीं, हजारों वर्षों की सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान और जीवन-दर्शन का विराट स्वरूप है।यह वही धरती है जहाँ वेदों की ऋचाएँ गूँजी है, उपनिषदों ने जीवन के गूढ़ प्रश्नों पर विचार किया और योग ने मनुष्य को स्वयं से जुड़ने का मार्ग दिखाया, जहाँ बुद्ध की करुणा ने संसार को शांति का संदेश दिया, महावीर ने अहिंसा का प्रकाश फैलाया और अनेक संतों ने प्रेम, समता तथा मानवता को जीवन का आधार बनाया।मेरे भारत की पहचान उसकी विविधता में बसती है, जहां भाषाएँ, बोलियाँ, वेश अनेक, पर मन है एक।कहीं मंदिर की घंटियाँ हैं, कहीं मस्जिद की अज़ान, कहीं गुरुद्वारे की गुरुवाणी, कहीं गिरजाघर की प्रार्थना और इन सबके बीच धड़कता और चहकता है भारत का विशाल हृदय।मैं भारत के कसीदे पढ़ना चाहती हूँ, जहाँ त्यौहार कैलेंडर में लिखे जाते हैं, रिश्तों में रंग भरे जाते हैं, हर राज्य में उत्सव धूमधाम से मनाए जाते हैं। दीपावली का दीप अँधेरे को चुनौती देता है, होली मन के भेद मिटाती है, ईद अपनत्व का संदेश देती है, गुरुपर्व सेवा का भाव जगाता है और क्रिसमस प्रेम की मधुरता बाँटता है।मैं भारत की मिट्टी की खुशबू महसूस करना चाहती हूँ,सावन की पहली फुहार में, मेघों की बौछार में, शिव के ओंकार में, खेतों की मेड़ों पर, गाँव की पगडंडियों में, चूल्हे की सौंधी आँच में और उस किसान की हथेली में, जिसने अपने श्रम से धरती को  अन्नपूर्णा बना दिया।मैं भारत के कसीदे पढ़ना चाहती हूँ, जहां हिमालय की ऊँचाई देखती हूँ, गंगा की पवित्र धारा सुनती हूँ, राजस्थान की स्वर्णिम धोरों को चमचमाते हुए महसूस करती हूँ, दक्षिण के मंदिरों की स्थापत्य-कला निहारती हूँ और समुद्र की लहरों में उसकी अनंतता और विशालता को अंगड़ाई लेते हुए पाती हूँ।मेरा भारत केवल अतीत पर गर्व करने वाला भारत नहीं है,यह चांद तक पहुँचने का साहस रखता है, विज्ञान और तकनीक में नई ऊँचाइयाँ छूने की कोशिश में बढ़ता है, खेत से अंतरिक्ष तक अपनी प्रतिभा का परिचय देता है, क्योंकि यह हमारा नया भारत है।यहाँ सैनिक सीमा पर रक्षक बनकर खड़ा है, किसान खेत में पसीना बहाता है, वैज्ञानिक प्रयोगशाला में भविष्य गढ़ता है, शिक्षक नई पीढ़ी को दिशा देता है और श्रमिक अपने श्रम से राष्ट्र की आधारशिला मजबूत करता है।मैं उस भारत की नागरिक हूँ जिसने स्वतंत्रता की कीमत अपने वीरों के बलिदान से चुकाई है, इसलिए जब तिरंगा आकाश में लहराता है, तो मुझे उसमें केवल तीन रंग नहीं दिखाई देते-मुझे उसमें असंख्य बलिदानों की कहानी, करोड़ों सपनों की उड़ान और स्वतंत्र भारत की गौरवगाथा दिखाई देती है।हाँ, मेरे भारत में अनगिनत चुनौतियाँ हैं और ढेरों कमियाँ भी हैं, लेकिन मेरा विश्वास है कि जिस राष्ट्र में अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें बदलने का साहस हो, वही राष्ट्र निरंतर आगे बढ़ता है। मेरे भारत ने इसे सिद्ध किया है।मैं अपने भारत की प्रशंसा में  अक्षरों के दीप जलाना चाहती हूँ, इस पावन धरती को नमन करना चाहती हूँ, उसकी झील , झरने, नदियों के कलकल में अपना स्वर मिलाना चाहती हूँ,उसकी पुरवाई में साँस लेकर बस यही कहना चाहती हूँ कि... यह मेरा भारत हैमेरी पहचान हैमेरी जन्मभूमि हैमेरी कर्मभूमि हैमेरा स्वाभिमान है।और जब कोई मुझसे पूछता है कि “तुम्हें अपने भारत में सबसे अच्छा क्या लगता है?”तो मैं यही कहती हूँ -“मुझे अपने भारत का वह स्वरूप सबसे अच्छा लगता है,जो विविधताओं को समेटकर भी एकता रखता है।”मैं आज़ाद भारत की नागरिक हूँ और मुझे गर्व है कि मेरी साँसों में इस देश की महक  है, मेरे रोम-रोम में इसकी झलक है, मेरे हृदय में तिरंगे की आन-बान-शान है, मेरा भारत मेरे लिए केवल सबसे अच्छा देश नहीं, बल्कि मेरे अस्तित्व की सबसे सुंदर पहचान है।"जब तक मेरी साँस चलती रहेगी, तब तक मैं अपने भारत का कसीदा पढ़ती रहूँगी, क्योंकि.... मेरा भारत महान!"जय हिंद!जय भारत!

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पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 30 अगस्त  2026*वार* :- रविवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* : - कृष्ण*तिथि*:- द्वितीया 09:39am तक पश्चात:- तृतीया*नक्षत्र* :- उत्तराभाद्रपद*योग* :- शूल*करण* :- गर*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- मीन*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 06:02amसूर्यास्त :- 06:45pm*राहुकाल का समय*  5:10pm से 6:46pm तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:05pm से 12:45pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   रविवारअधिदेव :-  अग्नि देव* यदि किसी की कुंडली में सूर्य  कमजोर हैं तो ऐसी स्थिति में माणिक्य सोने या तांबे में रविवार को धारण करना चाहिए,   आप बेल का जड़ या लाल चंदन की माला धारण कर सकते हैं । लाल चंदन का तिलक लगा सकते हैं , लाल चंदन की माला से सूर्य मंत्र का जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।। ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।।* यदि सूर्य फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो सूर्य का दान किसी 50 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को या मंदिर में  करना चाहिए ।दान :-* गेहूं , तांबा , गुड़ , लाल चंदन , लाल वस्त्र रविवार को दान करना चाहिए ।उपाय :-* प्रातः तांबे के लोटे में जल , कुंकुम, अक्षत एवं लाल पुष्प डालकर सूर्य को अर्पित करें , भूरी गाय को  गुड़ अपने हाथों से खिलाए । बंदरों को गुड़ एवं चने खिलाए । पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लें एवं पिता की सेवा करें ।रविवार को करणीय कार्य :-* राजकीय सेवा एवं अन्य राजकीय कार्यों के लिए शुभ हैवार संज्ञा : -* रविवार को ध्रुव एवं स्थिर संज्ञा दी गई हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  रविवारराशि :-  मेषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए सूर्य अशुभ हो तो वह जातक  शुद्ध घी का सेवन अथवा  दान  कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी।राशिफलमेष राशि :-आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में किसी सदस्य का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन दिनचर्या व्यवस्थित रखना जरूरी है। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आज का दिन आपके लिए नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आएगा। वृषभ राशि :-नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है। अनावश्यक खर्च से बचें।मिथुन राशि :-आज का दिन व्यस्तता से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और क्षमता की सराहना होगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से बातचीत भविष्य में लाभ दे सकती है। धन संबंधी मामलों में सावधानी रखें।परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए नियमित प्रयास करते रहें।कर्क राशि :-नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में किसी नए सौदे पर विचार कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर मिलेंगे। परिवार के किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। पर्याप्त आराम और संतुलित खान-पान पर ध्यान दें।सिंह राशि :-कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को लाभ का अच्छा मौका मिल सकता है। परिवार में माहौल सकारात्मक रहेगा। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। अपनी बात स्पष्ट रखें और किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें।कन्या राशि :-आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई में अच्छा रहेगा। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, फिर भी तनाव कम करने का प्रयास करें।तुला राशि :-आज आपके लिए दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। किसी जरूरी काम में सफलता मिल सकती है। व्यापार में नई योजना बनाने का अच्छा समय है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। किसी यात्रा की योजना बन सकती है। अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना लाभदायक रहेगा।वृश्चिक राशि :-आज मेहनत का अच्छा परिणाम प्राप्त हो सकता है। नौकरी में अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। व्यवसाय में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। धन के मामले में सावधानी बरतें और बिना सोचे निवेश न करें। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है।  धनु राशि :-आज आपका ध्यान नई योजनाओं और भविष्य की तैयारियों पर रहेगा। व्यापारियों को लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने की संभावना है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। किसी यात्रा से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन आराम के लिए समय जरूर निकालें।मकर राशि :-आज आपको अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। कोई पुराना मामला आपके पक्ष में हल हो सकता है। धन संबंधी मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के साथ जरूरी विषय पर बातचीत होगी। कुम्भ राशि :-आज नए विचारों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में आपकी रचनात्मकता काम आएगी। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी चाहिए।  मीन राशि :-व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में सहयोग और सामंजस्य बना रहेगा। किसी पुराने मित्र से बातचीत हो सकती है। अपनी योजनाओं को दूसरों के सामने साझा करने से पहले अच्छी तरह विचार करें।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
29 August 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 29 अगस्त 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- वर्षा*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- प्रतिपदा 9:58am तक पश्चात:- द्वितीया*नक्षत्र* :- पूर्वभाद्रपद*योग* :- सुकर्मा*करण* :- कौलव*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- कुंभ :- 09:38pm तक:- मीन*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:05amसूर्यास्त :- 07:15pm*राहुकाल का समय*  09:15am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :- आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :- आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।*मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।
28 August 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 28 अगस्त 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- वर्षा*मास*:- श्रावण*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :-  पूर्णिमा :- 09:54am तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र*: - शतभिषा*योग*:-  अतिगंड*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- कुंभ*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:05amसूर्यास्त :- 07:19pm*राहुकाल का समय*  10:59pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:29pm से 01:05pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार* रक्षा बंधन*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज ऑफिस में किसी पुराने प्रोजेक्ट की फाइल दोबारा आपके पास आ सकती है और उसमें सुधार करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो किसी परिचित से अवसर की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में भुगतान अटकने की चिंता दूर होगी। घर में किसी जरूरी सामान की खरीदारी हो सकती है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित होगा।वृषभ राशि :-आज बैंक, कागजी काम या किसी जरूरी दस्तावेज से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और समय सीमा के भीतर काम पूरा करना जरूरी होगा। व्यापारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा ऑर्डर मिल सकता है। घर में किसी बुजुर्ग की सलाह काम आएगी। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।मिथुन राशि :-आज सुबह से काम की व्यस्तता अधिक रहेगी और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। नौकरी में बॉस आपके काम की समीक्षा कर सकते हैं। व्यापार में छोटी रकम का लाभ मिल सकता है। किसी मित्र के माध्यम से उपयोगी संपर्क बनेगा। घर में बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान या मरम्मत से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है।कर्क राशि :-आज किसी पुराने परिचित से अचानक संपर्क हो सकता है, जिससे काम से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिलेगी। नौकरी में आपकी पुरानी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। व्यापार में माल की खरीदारी करते समय कीमतों की अच्छी तरह जांच करें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य या जरूरी काम को लेकर आपको समय देना पड़ सकता है। दोपहर बाद स्थिति अधिक व्यवस्थित होगी।सिंह राशि :-आज कार्यस्थल पर मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यापारियों को बड़ी डील पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम निर्णय सोचकर लें। घर में खर्च से जुड़ा कोई मुद्दा उठ सकता है। संपत्ति या वाहन संबंधी कागजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।कन्या राशि :- आज कोई रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। नौकरी में अतिरिक्त काम मिल सकता है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर दिखाई देगा। व्यापार में स्टॉक या सामान की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए समय रहते व्यवस्था करें। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। नींद पूरी रखें।तुला राशि :-आज नौकरी में किसी सहकर्मी की गलती का असर आपके काम पर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी जानकारी खुद जांच लें। व्यापार में ग्राहक से बातचीत के दौरान पुरानी शर्तों पर फिर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। घर में किसी कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। दोपहर के बाद कोई महत्वपूर्ण फोन या संदेश आपके काम को आगे बढ़ाएगा।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप समय पर काम संभाल लेंगे। व्यापार में उधार पर सामान देने से पहले भुगतान की स्थिति जांच लें। किसी पुराने निवेश या बचत से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। परिवार में संपत्ति या घर की व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। बाहर का खाना कम करें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।धनु राशि :-आज यात्रा, मीटिंग या किसी दूसरे शहर से जुड़े काम की योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ काम का तरीका भी बदल सकता है। व्यापारियों को ऑनलाइन या नए माध्यम से ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक लाभ के लिए दिन ठीक है, लेकिन बिना जांचे किसी योजना में पैसा न लगाएं। घर में किसी जरूरी खरीदारी पर खर्च होगा।मकर राशि :-आज किसी अधिकारी या अनुभवी व्यक्ति से हुई बातचीत आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी चर्चा आगे बढ़ेगी। व्यापार में पुराना ग्राहक फिर संपर्क कर सकता है। घर की मरम्मत, किराए या संपत्ति से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना पड़ सकता है, समय का ध्यान रखें।कुम्भ राशि :-आज आपको काम करने का नया तरीका अपनाना पड़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या सिस्टम से जुड़ी परेशानी कुछ समय के लिए काम रोक सकती है। व्यापार में ऑनलाइन भुगतान और लेन-देन की जांच जरूर करें। किसी रिश्तेदार के घर से जरूरी सूचना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अचानक आने वाले छोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि बचाकर रखें।मीन राशि :-आज किसी पुराने आवेदन, दस्तावेज या सरकारी काम से जुड़ी खबर मिल सकती है। नौकरी में रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा और आपकी भूमिका स्पष्ट होगी। व्यापार में छोटे लेकिन लगातार लाभ के योग हैं। घर में किसी सदस्य की जरूरत के लिए खर्च करना पड़ सकता है। शाम को भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय रहेगा। जल्दबाजी में वादा करने से बचें।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
27 August 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 27 अगस्त 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- शरद *मास*:- श्रावण *पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :- चतुर्दशी :- 09:15am तक पश्चात :- पूर्णिमा*नक्षत्र* :-  *योग*:-  शोभन *करण*:- वणिज *सूर्यराशि* :- सिंह *चंद्रराशि* :- मकर 1:36pm कुंभ*दिशाशूल*  :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:15amसूर्यास्त :- 07:06pm*राहुकाल का समय*  2:15pm से 03:51pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:04pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:-04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार *वार विशेष*आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु  और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ  ग्रां  ग्रीं  ग्रौं  सः  गुरुवे  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर  गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना,  नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य  संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-कल का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरपूर रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के प्रथम भाव में स्थित है. करियर के क्षेत्र में आप आत्मविश्वास के साथ कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करेंगे और सफलता प्राप्त करेंगे. बिजनेस में नए प्रयोग करना आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है. लव लाइफ में साथी के साथ उत्साह और जोश बना रहेगा, लेकिन अपनी वाणी में थोड़ी मधुरता रखें. कल आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, आप शारीरिक और मानसिक रूप से काफी स्फूर्तिवान महसूस करेंगे. कल का दिन नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत अच्छा है. अपने लक्ष्यों को पाने के लिए निरंतर मेहनत करें, सब कुछ आपके पक्ष में रहेगा.वृषभ राशि :-कल का दिन आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के बारहवें भाव में संचरण कर रहा है. करियर में काम का बोझ अधिक रहेगा और मन में थोड़ी चिंता बनी रहेगी. बिजनेस में अनावश्यक खर्चों से बचें और निवेश के मामलों में सावधानी बरतें. लव लाइफ में साथी के साथ संवाद बनाए रखें ताकि दूरियां न आएं. स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, पर्याप्त नींद लें और तनाव मुक्त रहने का प्रयास करें. कल आपको शांति और धैर्य की आवश्यकता है. अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और किसी भी विवाद से दूर रहकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें.मिथुन राशि :-कल का दिन आपके लिए बहुत शुभ और लाभकारी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के एकादश भाव में विराजमान है. करियर में आपकी मेहनत का आपको पूरा फल मिलेगा और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे. बिजनेस में धन लाभ के नए अवसर सामने आएंगे. लव लाइफ में साथी के साथ संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और आप सुखद समय व्यतीत करेंगे. कल आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और आप खुद को काफी सकारात्मक महसूस करेंगे. कल आप जो भी नया काम हाथ में लेंगे, उसमें सफलता मिलना निश्चित है. अपनी योजनाओं को अमल में लाएं और आने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाएं.कर्क राशि :-कल का दिन आपके लिए उन्नतिशील रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के दशम भाव में स्थित है. करियर में आपकी कार्यक्षमता और नेतृत्व की पहचान बढ़ेगी, जिससे नई जिम्मेदारी मिल सकती है. बिजनेस में बड़े सौदे आपके हक में होंगे. लव लाइफ में साथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा और आप एक-दूसरे का भरपूर साथ देंगे. स्वास्थ्य के लिहाज से दिन अच्छा है, ऊर्जा का स्तर ऊंचा बना रहेगा. कल आपको अपने काम के प्रति अधिक गंभीर और अनुशासित रहने की आवश्यकता है. आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, सफलता आपके कदम चूमेगी. परिवार का सहयोग आपके साहस को बढ़ाएगासिंह राशि :-कल का दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के नवम भाव में गोचर कर रहा है. करियर में नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे जो भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे. बिजनेस में दूरगामी लाभ की योजनाएं बनेंगी. लव लाइफ में साथी के साथ आपसी रिश्ता और अधिक प्रगाढ़ होगा. स्वास्थ्य में आप पहले से बेहतर और स्फूर्तिवान महसूस करेंगे. कल आप किसी धार्मिक या सामाजिक कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं. आपका मन शांत रहेगा और आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे. मेहनत का सकारात्मक फल मिलने से आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी.कन्या राशि :-कल का दिन आपके लिए थोड़ा सावधानी भरा हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के अष्टम भाव में विराजमान है. करियर में सहकर्मियों से विवाद करने से बचें और अपने काम पर ही ध्यान दें. बिजनेस में कोई भी बड़ा जोखिम लेने से बचें. लव लाइफ में साथी के साथ थोड़ी गलतफहमी हो सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें. स्वास्थ्य में पेट संबंधी समस्याओं के प्रति सचेत रहें. कल आपको धैर्य के साथ काम लेना चाहिए. शांत रहकर ही आप मुश्किल स्थितियों को संभाल पाएंगे. किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से दूर रहें और अपने कार्यों में पूर्ण स्पष्टता बनाए रखें.तुला राशि :-कल का दिन आपके लिए मिला-जुला फलदायी है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के सप्तम भाव में स्थित है. करियर में साझेदारी वाले कार्यों से लाभ मिलने की संभावना है. बिजनेस में अपने प्रतिस्पर्धियों पर नजर रखें और योजनाबद्ध तरीके से काम करें. लव लाइफ में साथी के साथ रिश्ते में मधुरता बनी रहेगी और आप दोनों एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करेंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन सामान्य है, बस नियमित खान-पान का ध्यान रखें. कल आप अपने कार्यों के प्रति काफी सजग रहेंगे. महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह जरूर लें, जिससे आपको सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके.वृश्चिक राशि :-कल का दिन आपके लिए अनुकूल है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के छठे भाव में संचरण कर रहा है. यह स्थान शत्रुओं पर विजय दिलाने में मददगार होता है. करियर में आपके काम की प्रशंसा होगी और पुराने लंबित कार्य पूरे होंगे. बिजनेस में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे. लव लाइफ में साथी के साथ बिताया गया समय यादगार रहेगा. स्वास्थ्य में सुधार आएगा और आप नई ऊर्जा का अनुभव करेंगे. कल का दिन कठिन कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए उपयुक्त है. अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें और अपनी कार्यक्षमता का पूरा लाभ उठाएं. जीत और सफलता दोनों आपके साथ रहेंगे.धनु राशि :-कल का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के पंचम भाव में विराजमान है. करियर में आपके रचनात्मक विचारों की हर जगह प्रशंसा होगी. बिजनेस में बड़े निवेश करने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार कर लें. लव लाइफ में साथी के साथ छोटी-मोटी नोंक-झोंक हो सकती है, लेकिन प्रेम में कोई कमी नहीं आएगी. स्वास्थ्य में कोई बड़ी समस्या नहीं है, बस थोड़ी थकान महसूस होगी. कल आप अपने बच्चों के भविष्य या शिक्षा से जुड़ी बातों पर ध्यान दे सकते हैं. धैर्य और समझदारी से काम लें, सफलता आपके काफी करीब है.मकर राशि :-कल का दिन आपके लिए थोड़ा व्यस्त हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है. करियर में घर-परिवार की जिम्मेदारियों के कारण कार्यस्थल पर ध्यान लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. बिजनेस में सावधानी से निर्णय लें. लव लाइफ में साथी के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ा धैर्य की जरूरत होगी. स्वास्थ्य में माता-पिता की सेहत का ख्याल रखें. कल व्यर्थ की भागदौड़ से बचें और अपनी ऊर्जा को सही कार्यों में लगाएं. घर का वातावरण सकारात्मक बनाए रखने का प्रयास करें. ध्यान और योग करने से मानसिक तनाव कम होगा और आप स्वयं को राहत महसूस करेंगे.कुम्भ राशि :-कल का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के तीसरे भाव में स्थित है. करियर में आपके साहस और मेहनत का फल आपको मिलेगा. बिजनेस में नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में बहुत लाभकारी सिद्ध होंगे. लव लाइफ में साथी के साथ संबंध और अधिक मधुर होंगे और आप एक-दूसरे को बेहतर समझ पाएंगे. स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक रहेगा और आप बहुत ऊर्जावान महसूस करेंगे. कल का दिन नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए बहुत अच्छा है. आप किसी पुराने मित्र से मिल सकते हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, कल का दिन आपके लिए खुशियां लाएगा.मीन राशि :-कल का दिन आपके लिए संभलकर चलने वाला है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के दूसरे भाव में विराजमान है. करियर में धन संबंधी मामलों में बहुत सतर्क रहें और सोच-समझकर ही पैसा खर्च करें. बिजनेस में किसी को भी बिना जांच-परख के उधार न दें. लव लाइफ में वाणी पर संयम रखें, क्योंकि आपके गलत शब्द रिश्ते में खटास पैदा कर सकते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से गले या आंखों का थोड़ा ध्यान रखें. कल आपको अपने निवेशों की समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है. धैर्य से काम लें और अपनी योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव न करें. जल्द ही स्थितियां आपके पक्ष में होंगी*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है

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