घर की चौखट से सदन तक... नारी शक्ति वंदन - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
नारी को अधिकार मिलेगा
आरक्षित यह संसार सजेगा
होगी निर्णय में भागीदारी
सशक्त बनेगी नारी सारी
नव लिखित अनुबंधन होगा
घर-घर नारी वंदन होगा।
नारी ने जब भी ठानी है
लिख दी अमर कहानी है
छू लेगी वह धरती अम्बर
फूदकेगी गौरैया बन कर
नई उड़ान अब सपनों की
नई पहचान हो अपनों की
मस्तक पर अब चंदन होगा
घर-घर नारी वंदन होगा
नारी ने जब भी ठानी है
लिख दी अमर कहानी है
बदलेगा अब देश हमारा
मोदी जी का नारा प्यारा
अधिनियम की सजी तैयारी
एकजुटता की छवि हमारी
चहुं ओर नव स्पंदन होगा
घर-घर नारी वंदन होगा
नारी ने जब भी ठानी है
लिख दी अमर कहानी है
सफर सदन का तय करेगी
पंचायत से जय भरेगी
कदम-कदम संग ताल है
विकसित भारत गान है
स्वागत और अभिनंदन होगा
घर-घर नारी वंदन होगा
नारी ने जब भी ठानी है
लिख दी अमर कहानी है
बड़े भाग जो आप आएं
मान के हम पुष्प सजाएं
गूंज उठी है शक्ति की
राष्ट्र प्रेम और भक्ति की
सुनो! अब नहीं कोई क्रंदन होगा
घर-घर नारी वंदन होगा
नारी ने जब भी ठानी है
लिख दी अमर कहानी है।
जय हिंद जय भारत
मधु भूतड़ा 'अक्षरा' 
गुलाबी नगरी जयपुर से 
(Ek Pehal ब्लॉगर, साहित्यकारा, लेखिका, कवयित्री, समाज सेविका, सॉफ्टवेयर इंजीनियर) 
#ekpehalbymadhubhutra #EkPehal M : 9828153965

Recent News

Advertisement

Recent Edition

Copyrights © all rights reserved || Develop by : Deganahalchal