नेपाल त्रासदी - भूलेगी नहीं सदी : सौ संगीता लाहोटी, पुणे
बठिंडा में गूंजा गणपति भक्ति का संदेश, श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक संदेश
छत्रपति संभाजीनगर जिला माहेश्वरी युवा संगठन का अभिनव उपक्रम : विभिन्न मंदिरों में भक्ति के साथ संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश
पंचांग और राशिफल

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बठिंडा में गूंजा गणपति भक्ति का संदेश, श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक संदेश
माहेश्वरी महिला संगठन, बठिंडा के तत्वावधान में विघ्नहर्ता एवं मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश की महिमा को समर्पित एक दिवसीय श्री गणेश महापुराण कथा का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। संगठन की संरक्षिका पूनम राठी के निवास पर आयोजित कथा में बठिंडा के साथ-साथ भुच्चो से भी समाज की सदस्याएं शामिल हुईं। श्रद्धालुओं ने एक ही दिवस में श्री गणेश महापुराण के संपूर्ण सार का आध्यात्मिक श्रवण किया।कथा का वाचन हरियाणा-पंजाब प्रादेशिक महिला संगठन की भूतपूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुमन जाजू ने किया। उन्होंने भगवान श्री गणेश के जन्म, उनकी महिमा, दिव्य लीलाओं, उपासना, व्रत एवं पूजन तथा जीवन में गणेश तत्व के महत्व को सरल, भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक शैली में प्रस्तुत किया। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सकारात्मक सोच, विवेक, धैर्य और संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।सुमन जाजू ने कहा कि भगवान श्री गणेश बुद्धि, विवेक, शुभारंभ एवं सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं। जीवन में कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न आएं, यदि मनुष्य धैर्य, विवेक और विश्वास के साथ आगे बढ़े तो सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथा का वास्तविक उद्देश्य केवल श्रवण करना नहीं, बल्कि उसके संदेश को अपने आचरण और जीवन में उतारना है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से 'गणपति बप्पा मोरयाÓ के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण गणेश भक्ति से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।कथा के समापन पर श्रीमती सुमन जाजू ने महिला संगठन की अध्यक्ष, सचिव, निवर्तमान अध्यक्ष, संरक्षिका एवं सभी कार्यकारिणी सदस्यों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रेवाड़ी से श्रीमती मंजू सोमानी भी उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के अंत में भगवान श्री गणेश की आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन को आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि एक ही दिन में श्री गणेश महापुराण के संपूर्ण सार का श्रवण उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा।
16 September 2026
छत्रपति संभाजीनगर जिला माहेश्वरी युवा संगठन का अभिनव उपक्रम : विभिन्न मंदिरों में भक्ति के साथ संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश
आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ के बीच युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और अध्यात्म से जोडऩे के उद्देश्य से छत्रपति संभाजीनगर जिला माहेश्वरी युवा संगठन द्वारा शुरू किया गया 'भजन जॅमिंग' उपक्रम समाज में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हर शुक्रवार रात 9 से 10 बजे तक शहर के अलग-अलग मंदिरों में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में युवा, महिलाएं और परिवार बड़ी संख्या में सहभागी बन रहे हैं।'भजन जॅमिंग' के अंतर्गत समाजबंधु एकत्रित होकर सामूहिक भजन, भक्तिगीत, नामस्मरण एवं भक्ति का आनंद लेते हैं। प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग मंदिर का चयन किए जाने से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले समाजबंधुओं से संपर्क बढ़ रहा है। इसके साथ ही नए सदस्य और बड़ी संख्या में युवा भी इस पहल से जुड़ रहे हैं।अब तक 15 भजन जॅमिंग सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। प्रत्येक सत्र में 300 से अधिक समाजबंधुओं की सहभागिता इस उपक्रम के प्रति समाज के उत्साह को दर्शाती है। भक्ति के माध्यम से जहां नई पीढ़ी मंदिर और सनातन संस्कारों से जुड़ रही है, वहीं परिवारों के बीच आपसी संवाद, सामाजिक संपर्क और एकता को भी बढ़ावा मिल रहा है।संगठन का मानना है कि मंदिर से जुडऩा संस्कारों से जुडऩा है और संस्कारों से जुडऩा समाज को मजबूत बनाना है। इसी विचार के साथ भजन जॅमिंग को केवल धार्मिक आयोजन न रखकर सामाजिक एवं पारिवारिक जुड़ाव का माध्यम बनाया गया है।संगठन के अध्यक्ष वैभव देवीलाल मंडोरा ने कहा कि ऐसे सकारात्मक एवं संस्कारक्षम उपक्रम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और आनंद का विषय है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और समृद्ध परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। भजन जॅमिंग के माध्यम से युवा पीढ़ी को मंदिर, संस्कृति और समाज से जोडऩे का यह एक प्रयास है।समाजबंधुओं से मिल रहे प्रतिसाद को देखते हुए संगठन ने आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं और परिवारों को इस उपक्रम से जोडऩे का संकल्प लिया है।इस उपक्रम के प्रकल्प प्रमुख तेजस बाहेती, सुदर्शन जाजू, सीए रामकुमार राठी, जय तोष्णीवाल, पुरुषोत्तम मंत्री एवं प्रणव लाहोटी हैं। संगठन के अध्यक्ष वैभव मंडोरा एवं सचिव श्रीनिवास लखोटिया के नियोजन, मार्गदर्शन और नेतृत्व में 'भजन जॅमिंग' का यह कारवां निरंतर आगे बढ़ रहा है।
15 September 2026
भरतपुर में माहेश्वरी समाज ने ऋषि पंचमी पर मनाया रक्षाबंधन
माहेश्वरी समाज द्वारा रक्षाबंधन का पर्व परंपरानुसार ऋषि पंचमी के अवसर पर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज की महिलाओं ने सप्त ऋषियों की विधिवत पूजा-अर्चना की और कथा का श्रवण कर व्रत रखा। व्रत के दौरान संवा के चावलों से निर्मित प्रसाद ग्रहण किया गया। इसके पश्चात महिलाओं ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।माहेश्वरी समाज भरतपुर के जिलाध्यक्ष ओ.पी. माहेश्वरी ने बताया कि माहेश्वरी समाज में रक्षाबंधन का पर्व भाद्रपद मास की तृतीया से प्रारंभ होकर ऋषि पंचमी के दिन पूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि ऋषि पंचमी के दिन देशभर में माहेश्वरी समाज द्वारा रक्षाबंधन पर्व मनाने की परंपरा है।उन्होंने माहेश्वरी समाज की इस विशिष्ट परंपरा की जानकारी देते हुए बताया कि माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति महेश नवमी के दिन हुई थी। इसके पश्चात समाज की मातृशक्ति का मिलन माँ पार्वती द्वारा भादों मास की तीज के अवसर पर कराया गया, जिसे समाज में सातूड़ी तीज के रूप में मनाया जाता है। सातूड़ी तीज के बाद ऋषि पंचमी के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाने की परंपरा है।जिलाध्यक्ष ओ.पी. माहेश्वरी ने इस अवसर पर समस्त माहेश्वरी समाज को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने समाज के सभी परिवारों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
15 September 2026
माहेश्वरी सभा, गुवाहाटी की प्रथम वार्षिक साधारण सभा संपन्न
माहेश्वरी सभा, गुवाहाटी के नवीन सत्र की प्रथम वार्षिक साधारण सभा १३/९/२६ को आसाम माहेश्वरी भवन में सभा अध्यक्ष सीताराम बिहानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। सभा का शुभारंभ सामूहिक महेश वंदना के साथ हुआ। बैठक में समाज की एकता एवं संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक गतिविधियों के विस्तार, जनगणना एवं टेलीफोन डायरेक्टरी के पुनर्निर्माण सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांगठनिक विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। समाजबंधुओं ने अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।अध्यक्षीय संबोधन में सीताराम बिहानी ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी प्रेम, आत्मीयता, विश्वास और अपनत्व में निहित है। बदलते समय के साथ सामाजिक जीवन एवं पारिवारिक संस्कारों में भी अनेक परिवर्तन आए हैं। ऐसे समय में अपनी संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और पारस्परिक आत्मीयता को बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संगठन तभी मजबूत बनता है, जब समाज का प्रत्येक सदस्य आपसी सहयोग और सद्भाव की भावना के साथ आगे बढ़े।बिहानी ने माहेश्वरी सभा एवं आसाम माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग को नवीन सत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच बढ़ता जुड़ाव समाज की एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आसाम माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट ने आसाम माहेश्वरी भवन के चौथे तल पर माहेश्वरी सभा एवं उसकी शाखा संस्थाओं के कार्यालय के लिए एक बड़ा कक्ष आवंटित किया है। इससे विभिन्न सामाजिक एवं सांगठनिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सुविधा मिलेगी तथा संस्थाओं के बीच समन्वय और बेहतर होगा।सभा में लंबे समय से लंबित जनगणना एवं टेलीफोन डायरेक्टरी के पुनर्निर्माण के महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस प्रकल्प के लिए रमेश कुमार चांडक को संयोजक तथा प्रभात चांडक को सह-संयोजक बनाया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के परिवारों एवं सदस्यों का अद्यतन एवं व्यवस्थित विवरण एकत्रित कर भविष्य के लिए उपयोगी सामाजिक डाटा तैयार किया जाएगा।सभा अध्यक्ष सीताराम बिहानी ने समाज के सभी परिवारों एवं सदस्यों से आग्रह किया कि वे जनगणना प्रपत्र में अपने परिवार एवं सदस्यों से संबंधित पूर्ण एवं सही विवरण भरकर निर्धारित समय में सभा कार्यालय में जमा कराएं। उन्होंने कहा कि समाज की आवश्यकताओं, सामाजिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के लिए अद्यतन डाटा अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से इस महत्वपूर्ण प्रकल्प में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।इस अवसर पर टेलीफोन डायरेक्टरी एवं जनगणना कार्यक्रम के बैनर का विमोचन सभा अध्यक्ष सीताराम बिहानी एवं समाज के वयोवृद्ध सदस्य रामस्वरूप लखोटिया ने किया। प्रकल्प के संयोजक रमेश कुमार चांडक एवं सह-संयोजक प्रभात चांडक ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी।अध्यक्ष सीताराम बिहानी ने समाज में आपसी मतभेदों को समाप्त कर प्रेम, भाईचारे एवं आत्मीयता के साथ आगे बढऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी विश्वास एवं सहयोग का वातावरण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज के बिखरे रिश्तों को जोडऩे, आपसी दूरियां मिटाने और रूठे हुए भाई-बंधुओं को पुन: साथ लाने का भी माध्यम हैं। उन्होंने समाजबंधुओं से सामाजिक एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सोच के साथ संगठन को मजबूत बनाने का आग्रह किया।सभा के दौरान मंत्री सुरेंद्र लाहोटी ने गत वार्षिक साधारण सभा की कार्यवाही का वाचन किया, जिसे सदस्यों ने पारित किया। इसके पश्चात उन्होंने वर्षभर में सभा द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक एवं सांगठनिक गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्था की गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं से भी सदस्यों को अवगत कराया।कोषाध्यक्ष रमेश कुमार तापडिय़ा ने संस्था का आय-व्यय का लेखा-जोखा सभा के समक्ष प्रस्तुत किया। सदस्यों ने प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं लेखे पर विचार-विमर्श किया। सभा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं सांगठनिक विषयों पर सदस्यों ने अपने विचार एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उपस्थित समाजबंधुओं ने समाज की गतिविधियों को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए आपसी सहयोग एवं सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया।सभा के दौरान अध्यक्षीय पुरस्कार के तहत कार्यकारिणी सदस्य मनोज सोमानी को वर्षभर की सक्रिय सहभागिता, अतुलनीय सेवा एवं सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। सभा अध्यक्ष सीताराम बिहानी ने उन्हें फूलाम गमछा पहनाकर 'सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ताÓ पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने मनोज सोमानी की सक्रियता एवं सामाजिक कार्यों में उनके योगदान की सराहना की।सभा में समाज की वर्तमान आवश्यकताओं, संगठनात्मक गतिविधियों, आपसी समन्वय एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर सकारात्मक वातावरण में चर्चा हुई। सदस्यों ने सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक परिवारों को संगठन से जोडऩे की दिशा में निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।सभा के अंत में अध्यक्ष सीताराम बिहानी ने उपस्थित सभी समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सामाजिक गतिविधियों में निरंतर सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने का आग्रह किया। इसके पश्चात सामूहिक भोज का आयोजन हुआ। भोज के दौरान भी समाजबंधुओं ने स्नेहपूर्ण वातावरण में सामाजिक एवं सांगठनिक विषयों पर आपस में चर्चा की और समाज की एकजुटता एवं प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। प्रेस विज्ञप्ति सभा के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सोनी द्वारा दी गई।

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ऋषि पंचमी की एक और महत्ता
सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
11 September 2026
सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा
आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है।
05 September 2026
देश हित की बात — आपदा में प्रबंधन और सेवा-सहयोग : मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
आपदा कभी चेतावनी देकर नहीं आती। भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, बादल फटना या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के सामने कुछ ही क्षणों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की तैयारियों के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता, प्रशासन का समन्वय और नागरिकों की सेवा-भावना तीनों की परीक्षा होती है।भारत की पहचान केवल एक बड़े देश के रूप में नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को व्यवहार में उतारने वाले राष्ट्र के रूप में भी रही है। जब किसी दूसरे देश पर संकट आता है, भारत की सहायता की भावना सीमाओं तक सीमित नहीं रहती।अगस्त-सितंबर 2026 वर्तमान में नेपाल की भीषण बाढ़ के समय भी भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए राहत सामग्री, बचाव विशेषज्ञों और तकनीकी दलों को भेजकर पड़ोसी धर्म निभाया है।25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में इमारतें तथा बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ। भारत ने बिना समय गंवाए “ऑपरेशन मैत्री” शुरू किया और राहत एवं बचाव दल नेपाल भेजे।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की 16 विशेष खोज एवं बचाव की संवेदनशीलता का एक उल्लेखनीय उदाहरण यह भी रहा कि मलबे से मिले सोने के आभूषण और मुद्रा जैसी मूल्यवान वस्तुएँ सुरक्षित रखकर नेपाली अधिकारियों को सौंप दी गईं। आपदा के बीच भी ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की यह मिसाल अपने आप में बहुत कुछ कहती है।यह केवल पड़ोसी की सहायता नहीं थी, यह उस भारतीय संस्कार की अभिव्यक्ति थी, जिसमें संकट में पड़े व्यक्ति की सहायता करना अपना कर्तव्य माना जाता है।भारत कभी भी आपदाओं में पीछे नहीं रहा, अनेकों देश इसको बखूबी जानते हैं। नेपाल, तुर्किये, सीरिया, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, फिजी, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मोजाम्बिक, मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनी, कोमोरोस, सेशेल्स, कांगो गणराज्य, यमन, लीबिया, ग्वाटेमाला इत्यादि जैसे दूसरे देशों की सहायता करने वाला भारत अपने देशवासियों के संकट में भी लगातार मोर्चे पर खड़ा रहा है।अपने देश में भी उत्तराखंड की त्रासदी, चेन्नई की बाढ़, केरल की बाढ़ और वायनाड के भूस्खलन जैसी अनेक आपदाओं में NDRF, सेना, वायुसेना, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर हजारों लोगों की जान बचाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाई।इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि आधुनिक भारत में आपदा प्रबंधन केवल राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं रहा। आज हमारे पास प्रशिक्षित बचाव बल, विशेष उपकरण, मेडिकल सहायता, खोजी श्वान दस्ते, नावें, पर्वतीय बचाव क्षमता और आपदा के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं।आपदा के समय स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, NDRF, SDRF, चिकित्सा दल, स्वयंसेवी संस्थाएँ, सामाजिक संगठन और सामान्य नागरिक सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।दवा, भोजन, सुरक्षित स्थान और जीवन के लिए सहायता, उनके परिजनों को ढूँढने में मदद करना मानवता का फर्ज भारत यूँ तो सदैव निभाता रहा है।दुर्भाग्य से हर आपदा के समय लूटपाट, चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की कालाबाजारी, फर्जी राहत माँग और अफवाह फैलाने जैसी घटनाएँ भी मानवता को शर्मसार कर देती हैं।जिस समय किसी का घर उजड़ चुका हो, परिवार बिछड़ चुका हो और जीवन बचाने के लिए संघर्ष चल रहा हो, उस समय किसी की मजबूरी का लाभ उठाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीयता के विरुद्ध घिनौना कृत्य है।आपदा प्रबंधन अधिनियम में राहत के लिए रखी धनराशि या सामग्री के दुरुपयोग तथा फर्जी राहत दावों के लिए दंड का प्रावधान है। राहत कार्य में बाधा डालना और आपदा के संबंध में झूठी चेतावनी फैलाकर भय पैदा करना भी दंडनीय है।बचाव दलों के काम में बाधा न डालें।अनावश्यक भीड़ न लगाएँ।अफवाहों को आगे न बढ़ाएँ।राहत सामग्री केवल आवश्यकता के अनुसार लें।जरूरतमंद, बुजुर्ग, बच्चे, दिव्यांग और अकेले रह गए लोगों को प्राथमिकता दें।रक्तदान, भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुओं का सहयोग अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से करें।और सबसे महत्वपूर्ण है कि किसी की मजबूरी को अपने लाभ का अवसर न बनाएँ।आपदा में घर टूटते हैं, सड़कें और पुल भी, लेकिन उसी समय बनते हैं इंसानियत के पुल भी।आपदा की घड़ी में प्रशासन की तत्परता, बचाव दलों की बहादुरी, सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता और नागरिकों की संवेदनशीलता, जब एक साथ आती है, तभी आपदा प्रबंधन प्रभावी बनता है।भारत ने संकट में अपने नागरिकों के साथ खड़े होकर और सीमाओं के पार भी सहायता का हाथ बढ़ाकर बार-बार यह सिद्ध किया है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती।भूकंप हो, बाढ़, भूस्खलन या चक्रवात, कुछ ही क्षणों में जीवन की पूरी व्यवस्था बदल जाती है। ऐसे समय में प्रशासन की तत्परता के साथ समाज की संवेदनशीलता और नागरिकों का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है।आपदा की घड़ी मानवता की भी परीक्षा होती है।"आपदा में जो हाथ बढ़ेवही सच्चा सहयोग हैदुख में जो साथ खड़ा रहेवही मानवता का योग हैटूटे घर फिर बन जाएँगेमिट जाएँगे घावसेवा और संवेदना से हीमजबूत होगा देश और समाज।"संकट की घड़ी में भारत ताकत है।देश हित की बात में अंत में यही याद रखना है कि किसी की पीड़ा मेंहमारा छोटा-सा सहयोग भीकिसी के जीवन की बड़ी उम्मीद बन सकता है।
04 September 2026
बदलाव का संकल्प - अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा चुनाव में 2014 लोकसभा चुनाव जैसी ऐतिहासिक बयार...- संजीव चाण्डक
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 31वें सत्र के चुनाव आज ठीक उसी ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं, जैसे 2014 में देश के लोकसभा चुनाव थे। उस वक्त देश में व्याप्त अनियमितताओं, विसंगतियों और व्यवस्थागत कमियों के बीच सत्ता परिवर्तन की एक प्रचंड लहर चली थी, और गुजरात से आए एक मजबूत नेतृत्व ने पुराने ढर्रे को बड़ी शिकस्त दी थी। ठीक उसी तरह, महासभा के इस सामाजिक चुनावी महाकुंभ में भी इस बार गुजरात की पावन धरा से ही एक अत्यंत गरिमामयी, कर्मठ और भामाशाह व्यक्तित्व श्री त्रिभुवन काबरा जी का नाम सामने आया है। वे महासभा में व्याप्त विसंगतियों और संकीर्णताओं को जड़ से समाप्त करने का 'बदलाव संकल्प' लेकर चुनावी समर में उतरे हैं। देश के कोने-कोने में फैले जागरूक, प्रबुद्ध और परिपक्व माहेश्वरी समाज प्रतिनिधि आज उन्हें नेतृत्व सौंपने के लिए पूरी तरह आतुर हैं।आगामी 20 सितंबर को होने वाले इस चुनाव में भारी से भारी मतदान करें। 'सेवा पथ कर सेवा पथिक पैनल' के सभी राष्ट्रीय एवं आंचलिक प्रत्याशियों को प्रचंड मतों से विजयी बनाकर समाज के नव-निर्माण में अपनी आहुति दें।सनद रहे, यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं है, बल्कि यह चुनाव समाज को एक चमत्कारी विज़न देने, युवाओं के असीम उत्साह को पंख लगाने और विसंगतियों को सदैव के लिए समाप्त करने का ऐतिहासिक शंखनाद है।

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पंचांग और राशिफल
आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 16 सितंबर 2026वार :- बुधवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- दक्षिणायनऋतु :- सरदमास:- भाद्रपदपक्ष :- शुक्ल तिथि:- पंचमी :- 09:00am तक पश्चात:- षष्ठी नक्षत्र :- विशाखा :-5:15pm तक पश्चात:- अनुराधा योग :- वैधृति करण :- बालव सूर्यराशि :- सिंह चंद्रराशि :-  तुला :- 10:45am तक पश्चात:- वृश्चिक दिशाशूल  :- उत्तरसूर्योदय :- 06:09amसूर्यास्त :- 06:25pm राहुकाल का समय  12:02pm से 01:45pm तक रहेगा अभिजित मुहूर्त :-बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता हैब्रह्म मुहूर्त:-04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार वार विशेष देव :- भगवान गणेश अधिदेव :- भगवान विष्णु * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के अनुसार अगर लाभ नही पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ने को  सोने या पीतल में  बुधवार को  धारण करना चाहिए , जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं ।   मंत्र :-* ॐ  ब्रां  ब्रीं  ब्रौं  सः  बुधाय  नमः ।। * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए दान :-* हरा वस्त्र , सबूत मूंग , हरि सब्जी, हरि कांच की चूड़ी किसी कन्या को दान दे।उपाय :-* मूंग को मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा, घास या हरी शब्जी खिलाएं, बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई भी दान कर सकते हैं ।बुधवार को करणीय कार्य :-* विद्या, कला,काव्य का प्रारंभ करना नवीन व्यापार करना, नवीन लेखन, पुस्तक का प्रकाशन, धन - सहग्र, प्रार्थना पत्र देना शुभ है।वार संज्ञा :- * बुधवार को मिस्र व साधारण संज्ञा दी गई है अर्थात बुध सामान्य दृष्टि वाला है ना ज्यादा शुभ ना ही ज्यादा अशुभ घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- बुधवारराशि :-  कर्कअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* बुधवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक तिल व पके हुवे दूध का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीअभिजीत मुहूर्त* बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता है क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वाले समय राहु काल चल रहा होता है परंतु कुछ विशेष चोगड़ियो में आप कार्य कर सकते हैंलाभ :- * 5:50am से 7:35amअमृत :- * 7:36am से 9:14amशुभ :- * 11:00am से 12:48pmराशिफलमेष राशि :-आज दिल की बात कहने से पहले सही समय का इंतजार खत्म हो सकता है। अगर रिश्ते में कुछ दिनों से चुप्पी बनी हुई थी, तो एक सच्ची बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। साथी आपकी भावनाओं को पहले से बेहतर समझने की कोशिश करेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें सामने वाले के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे सकता है। प्रेम में जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि भरोसा आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। शाम तक रिश्ते को लेकर मन में नई उम्मीद जन्म ले सकती है।वृषभ राशि :-आज आपका सहज और स्नेहभरा व्यवहार किसी अपने का दिल जीत सकता है। अगर साथी पिछले कुछ समय से आपकी व्यस्तता से नाराज़ था, तो उसे मनाने का अच्छा अवसर मिलेगा। प्रेम संबंध में छोटी-छोटी खुशियां बड़ा सुकून देंगी। अविवाहित लोगों की किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ बातचीत सहज महसूस होगी। दूसरों की सलाह सुनें, लेकिन फैसला अपने दिल की आवाज पर लें। आज रिश्ते में अपनापन पहले से अधिक महसूस होगा।मिथुन राशि :-आज कोई पुरानी अधूरी बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और यही रिश्ता आगे बढ़ाने का कारण बनेगी। जो लोग किसी को पसंद करते हैं, उन्हें सामने वाले की ओर से अच्छा संकेत मिलने की संभावना है। साथी के साथ हंसी-मजाक और खुलापन रिश्ते को और मजबूत करेगा। अगर किसी गलतफहमी ने दूरी बढ़ा दी थी, तो उसे खत्म करने का सही समय है। प्रेम में दिखावे से ज्यादा सच्चाई असर छोड़ेगी। दिन आपको भावनात्मक रूप से संतुष्ट कर सकता है।कर्क राशि :-आज आपका संवेदनशील स्वभाव रिश्ते में नई गर्माहट लेकर आएगा। साथी आपकी बातों को ध्यान से सुनेगा और अपनी भावनाएं भी खुलकर साझा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से किसी जवाब का इंतजार कर रहे थे, उन्हें राहत देने वाली खबर मिल सकती है। परिवार की सहमति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिलेंगे। पुराने अनुभवों की वजह से नए रिश्ते को परखने से बचें। आज विश्वास का एक छोटा कदम भविष्य को मजबूत बना सकता है।सिंह राशि :-आज प्रेम जीवन में आत्मविश्वास आपका सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा। अगर किसी खास व्यक्ति के सामने अपनी भावनाएं जाहिर करना चाहते हैं, तो परिस्थितियां आपका साथ दे सकती हैं। साथी आपके साथ समय बिताने की इच्छा जताएगा और रिश्ते में नई ताजगी महसूस होगी। एक छोटी-सी तारीफ या प्यार भरा संदेश पूरे दिन को यादगार बना सकता है। किसी तीसरे व्यक्ति की बातों को अपने रिश्ते के बीच न आने दें। आज दिल और दिमाग का संतुलन आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।कन्या राशि :-आज रिश्ते को लेकर सोचने के बजाय उसे महसूस करने की जरूरत होगी। साथी आपकी ईमानदारी और सादगी की सराहना करेगा। अगर हाल ही में कोई मनमुटाव हुआ था, तो अब उसे पीछे छोड़ने का समय है। अविवाहित लोगों की किसी समझदार और जिम्मेदार व्यक्ति से पहचान हो सकती है। प्रेम में अपेक्षाएं कम और विश्वास ज्यादा रखेंगे तो रिश्ता सहज बना रहेगा। आज का दिन भावनात्मक रूप से संतुलित और सुखद रहने के संकेत दे रहा है।तुला राशि :-आज रिश्ते में बराबरी और सम्मान का भाव सबसे ज्यादा मायने रखेगा। अगर पिछले कुछ दिनों से साथी को यह लग रहा था कि आप उसकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो आज उसे अपनी अहमियत महसूस कराने का अवसर मिलेगा। किसी साथ की गई छोटी-सी योजना या लंबी बातचीत रिश्ते में फिर से उत्साह भर सकती है। अविवाहित लोगों की किसी मित्र, सहकर्मी या सामाजिक कार्यक्रम में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज जुड़ाव महसूस होगा। प्रेम में बनावटीपन छोड़कर सच्चे मन से की गई पहल बेहतर परिणाम देगी। दिन का अंत रिश्ते को लेकर नई संतुष्टि के साथ हो सकता है।वृश्चिक राशि :-आज दिल की बजाय दिमाग से लिया गया फैसला आपके प्रेम जीवन के लिए फायदेमंद रहेगा। साथी की किसी बात को बिना पूरी सच्चाई जाने गलत न समझें, क्योंकि बातचीत से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। अगर किसी पुराने रिश्ते की याद आगे बढ़ने से रोक रही थी, तो अब उससे बाहर निकलने का समय है। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उन्हें धीरे-धीरे विश्वास बनाने पर ध्यान देना चाहिए। किसी अप्रत्याशित संदेश या मुलाकात से चेहरे पर मुस्कान लौट सकती है। आज रिश्ते में स्पष्टता और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।धनु राशि :-आज प्रेम जीवन में उत्साह और अपनापन दोनों साथ-साथ महसूस होंगे। साथी के साथ भविष्य को लेकर हुई कोई चर्चा आपको मानसिक सुकून दे सकती है। अगर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं, तो आज की बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। अविवाहित लोगों की यात्रा, पढ़ाई या ऑनलाइन माध्यम से किसी दिलचस्प व्यक्ति से पहचान होने के योग हैं। रिश्ते में हर बात का तुरंत जवाब देने के बजाय धैर्य रखना ज्यादा लाभ देगा। दिन का समापन खुशगवार एहसास और नई उम्मीदों के साथ होगा।मकर राशि :-आज रिश्तों में जिम्मेदारी और भावनाओं का अच्छा संतुलन देखने को मिलेगा। साथी आपकी व्यस्तता को समझेगा, लेकिन आपके साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी उसके लिए खास रहेगा। अगर किसी जरूरी विषय पर बातचीत टल रही थी, तो आज उसे पूरा करने का सही अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों की कार्यस्थल या पेशेवर माहौल में किसी खास व्यक्ति से नजदीकियां बढ़ सकती हैं। प्रेम में स्थिरता बनाए रखने के लिए छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीखें। आज का दिन रिश्ते को पहले से ज्यादा मजबूत बना सकता है।कुम्भ राशि :-आज कोई अनपेक्षित मुलाकात या पुराना संदेश आपके मन में नए एहसास जगा सकता है। साथी के साथ बीती हुई यादों को साझा करने से दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होगा। अगर किसी बात को लेकर मन में संकोच था, तो उसे खुलकर कहने का अवसर मिलेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल बनेंगी। प्रेम में ईमानदारी और सहजता आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगी। शाम तक दिल में सुकून और चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी।मीन राशि :-आज भावनाओं को सही शब्द देने का दिन है। अगर आप अपने मन की बात लंबे समय से छिपाए हुए थे, तो अब परिस्थितियां खुलकर बात करने का मौका देंगी। साथी आपकी संवेदनशीलता और समर्पण की सराहना करेगा, जिससे रिश्ते में भरोसा और मजबूत होगा। अविवाहित लोगों की किसी धार्मिक, पारिवारिक या सांस्कृतिक आयोजन में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज अपनापन महसूस होगा। प्रेम संबंधों में धैर्य और सम्मान बनाए रखने से भविष्य की राह आसान होगी। आज का दिन दिल को सुकून देने वाले खूबसूरत अनुभवों के नाम रह सकता है।*मेरा और आपका सुविचार* जो हमे प्राप्त है वो प्रयाप्त है
15 September 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 15 सितंबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- चतुर्थी 07:44am तक पश्चात:- पंचमी*नक्षत्र*:- स्वाति 3:21pm तक पश्चात:- विशाखा*योग* :- इंद्र*करण* :- गर*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- तुला*दिशाशूल*  :- उत्तर  सूर्योदय :- 06:03amसूर्यास्त :- 06:33pm*राहुकाल का समय*   साय 04:05pm से 05:48pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:15pm से 01:10pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए  मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें ।   मंत्र :-* ॐ  क्रां  क्रीं  क्रौं  सः भौमाय नमः ॥  * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ है घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
14 September 2026
पंचांग और राशिफल
 श्री गणेशाय नमः आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 14 सितंबर 2026वार :- सोमवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- दक्षिणायनऋतु :- शरदमास:- भाद्रपदपक्ष :- शुक्लतिथि :- तृतीया:- 07:14am तक पश्चात:- चतुर्थीनक्षत्र :-  चित्रा:- 01:55pm तक पश्चात:- स्वातियोग :- ब्रह्मकरण :- गरसूर्यराशि :- सिंहचंद्रराशि :- तुलादिशाशूल  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:05amसूर्यास्त :- 06:43pmराहुकाल का समय  7:35am से 09:20am तक अभिजित मुहूर्त :-11:55pm से 12:45pm तकब्रह्म मुहूर्त:-05:45am  से 06:28amआज व्रत एवं त्यौहार* गणेश चतुर्थीवार विशेषआज का वार :-   सोमवारअधिदेव :- जल* यदि कुंडली में चंद्रमा पीड़ित या कमजोर है तो सोमवार को मोती चांदी में धारण करना चाहिए, जब तक आप  मोती धारण नहीं  करते है तब तक आप चंद्रमा का मंत्र जाप कर सकते हैं । सफेद चंदन का तिलक लगा सकते हैं । खिरनी का जड़ धारण कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।।* यदि चंद्रमा फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो चंद्रमा का दान शिव मंदिर में  करना चाहिए ।दान :-* पूर्णिमा की रात्रि को खीर बनाकर छत पर चंद्रमा की रोशनी में रखें ( चलनी से ढक देना चाहिए ताकि कोई कीड़ा उसमें ना पड़े ) दूसरे दिन प्रातः उसको प्रसाद के रूप में ग्रहण करें । उपाय :-* चंद्रमा किसी भी ग्रह को शत्रु दृष्टि से नहीं देखता है । बहुत कम ही देखा गया है कि चंद्रमा प्रबल होकर किसी प्रकार की परेशानी करे । परंतु फिर भी यदि ऐसा होता है तो चंद्रमा से संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए । दान :-* सफेद वस्त्र , दूध , चावल , शंख , मोती , सफेद चंदन , मिश्रीसोमवार को करणीय कार्य :-* सभी कार्यों के लिए शुभवार संज्ञा : -* सोमवार को चर संज्ञा दी गई हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  सोमवारराशि :-  मिथुनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक का चंद्रमा अशुभ हो तो वह जातक  दूध या खीर का सेवन अथवा  दान  कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी।राशिफलमेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अपने साहसिक निर्णयों से आप दबाव को कम कर सकते हैं। हालाँकि, आपको एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता होगी। परिवार में किसी के साथ एक साधारण वार्तालाप भी एक नए पहलू को उजागर कर सकता है। रिश्तों में थोड़ी स्पष्टता के लिए यह सही समय है। मानसिक शांति को लेकर थोड़ी बेचैनी रह सकती है, जो दिन के अंत तक सुलझ जाएगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, क्योंकि आज ऊर्जा थोड़ी कम हो सकती है।वृषभ राशि :-आज आपकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियाँ निभाने का अवसर मिलेगा, जिसमें धैर्य और सावधानी की आवश्यकता होगी। परिवार में किसी सदस्य के साथ छोटी सी असहमति को शांति से सुलझाना महत्वपूर्ण है। कार्य में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन आप जल्द ही इसे पार कर लेंगे। स्वास्थ्य को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें, विशेषकर वित्तीय कार्यों में।मिथुन राशि :-आज कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी के साथ बातचीत से नए अवसर खुल सकते हैं। सावधानी से सुनें और अपने विचार साझा करें। वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतें, विशेषकर जब कोई नया निवेश सामने आए। परिवार में किसी प्रियजन के साथ समय बिताना मन को शांति देगा। शाम तक, आप परिवार के साथ आनंददायक समय बिता सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में थोड़ी सुस्ती रहेगी, इसलिए व्यक्तिगत योजनाओं को सीमित रखें।कर्क राशि :-आज आर्थिक मोर्चे पर कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचें। कार्यक्षेत्र में आपको छोटी-छोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अपनी सूझबूझ से इन्हें पार कर लेंगे। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके रिश्ते को मजबूत बनाएगा। थोड़ा मानसिक तनाव हो सकता है, जिसे आप शाम तक कम कर सकते हैं। सेहत के लिहाज से गैर-जरूरी खर्चों से बचना जरूरी होगा।सिंह राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन नई आर्थिक प्रतिबद्धताओं से बचें। कार्यक्षेत्र में कुछ दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके रिश्ते को बेहतर करेगा। दिन के अंत तक, पारिवारिक माहौल में सुधार हो सकता है। सेहत के दृष्टिकोण से नई आय प्रतिबद्धताओं से बचना महत्वपूर्ण होगा।कन्या राशि :-आज आपके कार्यक्षेत्र में कुछ सफलता मिल सकती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। वित्तीय मामलों में संतुलन बनाए रखें और सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के किसी सदस्य के साथ छोटी-मोटी असहमति हो सकती है, जिसे संभालना जरूरी होगा। शाम तक परिवार का माहौल बेहतर होगा। सेहत के मामले में कार्य की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, इसलिए योजना बनाकर काम करें।तुला राशि :-आज यात्रा के लिए अनुकूल दिन है, इससे आपको नए अनुभव और लाभ मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में भी कुछ नई संभावनाएँ खुल सकती हैं, जिनका फायदा उठाने से न चूकें। परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होकर खुशी प्राप्त कर सकते हैं। शाम तक पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। सेहत के मामले में आज नए कार्यों से दूरी बनाए रखना सही होगा।वृश्चिक राशि :-आज आपके मानसिक शांति को लेकर कुछ तनाव हो सकता है, लेकिन ध्यान और प्रबंधन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके धैर्य की परीक्षा हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतें। परिवार में किसी के साथ छोटी-मोटी असहमति हो सकती है, जिसे शांति से सुलझाना जरूरी है। शाम तक, घर में माहौल बेहतर हो सकता है। सेहत के मामले में केवल अत्यावश्यक कार्यों पर ध्यान दें।धनु राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। हालांकि, कुछ पारिवारिक मुद्दे हल करने में धैर्य रखना होगा। मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। शाम तक, आप परिवार के साथ सुखद समय बिता सकते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से रिश्तों में अतिरिक्त धैर्य की आवश्यकता होगी।मकर राशि :-आज आपकी शारीरिक ऊर्जा चरम पर रहेगी, जिससे आप सभी कार्य सुचारू रूप से कर पाएंगे। कार्यक्षेत्र में कुछ नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा, जो आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। परिवार में किसी के साथ समय बिताने से संबंधों में मधुरता आएगी। शाम तक, आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। सेहत मजबूत रहेगी, जिससे दिनभर की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे।कुम्भ राशि :-आज शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया सीखने का अवसर मिल सकता है, जो आपके कौशल को बढ़ाएगा। कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन आपका दूरदर्शी दृष्टिकोण इसे नियंत्रित करने में मदद करेगा। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके मन को शांति देगा। शाम तक, स्थिति बेहतर हो सकती है। सेहत को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित रखें।मीन राशि :-आज परिवार में कोई मुद्दा सामने आ सकता है, जिसे संवेदनशीलता से संभालने की आवश्यकता है। शिक्षा के क्षेत्र में आपकी रुचि बढ़ेगी, और आप कुछ नया सीख सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी। शाम तक, आप अपने लक्ष्यों की ओर एक कदम और बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में घर के सबसे जरूरी काम पर ही ध्यान दें।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
12 September 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 12 सितंबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- प्रतिपदा 7:45am तक पश्चात:- द्वितीया*नक्षत्र* :- उत्तराफाल्गुनी 12:31pm तक पश्चात:- हस्त*योग* :- शुभ*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :-  कन्या*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:05amसूर्यास्त :- 06:35pm*राहुकाल का समय*  09:15am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलराशिफल*मेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।*मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।

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