पितृपक्ष में श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई ने किया 'अमृत आहार सेवा' का आयोजन
शिक्षा सेवा के लिए रामनरेश सोनी ने दिए 6 लाख रुपये, प्रतिवर्ष दो बच्चों को दत्तक लेकर शिक्षा में सहयोग का लिया संकल्प
जिला माहेश्वरी युवा संगठन, राजसमंद की सत्र 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन
पंचांग और राशिफल

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पितृपक्ष में श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई ने किया 'अमृत आहार सेवा' का आयोजन
पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई द्वारा सामाजिक सेवा एवं मानवता के प्रति समर्पण की भावना से 'अमृत आहार सेवा' का आयोजन किया गया। इस सेवा अभियान के अंतर्गत पितृपक्ष के दौरान प्रतिदिन जरूरतमंद एवं वंचित लोगों को नाश्ता वितरित किया गया। वहीं, अमावस्या के पावन दिन विशेष रूप से सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात्रि भोजन उपलब्ध कराकर अन्नदान की पुण्य परंपरा को सार्थक किया गया। मंडल द्वारा संचालित इस सेवा कार्य के अंतर्गत दानदाताओं से प्राप्त सहयोग राशि को चेन्नई के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद लोगों के भोजन की व्यवस्था हेतु समर्पित किया गया। 'पितरों की स्मृति में अन्न सेवा, मानवता के प्रति समर्पण' की भावना को आत्मसात करते हुए महिला मंडल ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि जरूरतमंदों की सेवा एवं मानव कल्याण के कार्यों के माध्यम से भी अर्पित की जा सकती है। अन्नदान भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं में से एक है और ऐसे सेवा कार्य समाज में संवेदनशीलता, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।इस पुण्य अभियान को सफल बनाने में मंडल की पदाधिकारियों, सदस्यों, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के तन, मन और धन से प्राप्त सहयोग के फलस्वरूप यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंडल ने सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवाभाव की सराहना की।इस सेवा अभियान का संयोजन उमा मालपानी एवं रीता मेहता ने किया, जबकि अर्चना भट्टड़ ने सह-संयोजिका के रूप में अपनी भूमिका निभाई। मंडल की अध्यक्षा ममता बागड़ी एवं सचिव कुसुम मालपानी के मार्गदर्शन में सेवा कार्य संपन्न हुआ।श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई ने इस आयोजन के माध्यम से समाज को सेवा और परोपकार का प्रेरणादायी संदेश देते हुए अन्नदान के महत्व को रेखांकित किया।'अन्नदान महादान — सेवा ही संस्कार, सेवा ही सच्चा धर्म' के संदेश के साथ मंडल की इस पहल ने पितृपक्ष के धार्मिक महत्व को मानव सेवा से जोड़ते हुए सामाजिक सरोकारों का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
10 October 2026
जिला माहेश्वरी युवा संगठन, राजसमंद की सत्र 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन
जिला माहेश्वरी युवा संगठन, राजसमंद के सत्र 2026-2029 के जिलाध्यक्ष पद पर राजनगर निवासी मुरलीधर बिहानी को सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित किया गया। माहेश्वरी भवन, राजनगर में आयोजित चुनाव प्रक्रिया के दौरान समाज के युवाओं ने आपसी सौहार्द, एकता एवं संगठन की गौरवशाली परंपराओं का परिचय देते हुए सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन किया। इसी क्रम में नाथद्वारा निवासी जयेश राठी को सचिव तथा राजनगर निवासी अंकित लढ्ढा को कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित किया गया।जिला माहेश्वरी युवा संगठन के मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप लढ्ढा ने बताया कि संगठन की चुनाव प्रक्रिया विगत दो माह से संचालित की जा रही थी। संगठन की चुनाव नियमावली के अनुसार जिले के प्रत्येक क्षेत्र का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण किया गया। इसके पश्चात 1 अक्टूबर को विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों से चुनाव अधिसूचना जारी कर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप लढ्ढा ने बताया कि निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रात: 11 बजे प्रदेश चुनाव पर्यवेक्षक मयंक मूंदड़ा एवं सहायक चुनाव अधिकारी राकेश काबरा के सहयोग से चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अध्यक्ष पद की निर्धारित अर्हता रखने वाले युवा मतदाताओं से निर्धारित प्रारूप में नामांकन पत्र आमंत्रित किए गए।निर्धारित समयावधि में अध्यक्ष पद के लिए तीन युवा प्रत्याशियों के नामांकन प्राप्त हुए। चुनाव अधिकारियों द्वारा सभी नामांकन पत्रों की नियमानुसार जांच की गई तथा इसके पश्चात प्रत्याशियों को नाम वापसी के लिए निर्धारित समय प्रदान किया गया।इसी दौरान समाज के युवाओं ने अपनी स्थापित परंपराओं की मर्यादा बनाए रखते हुए आपसी सौहार्द, सामंजस्य एवं संगठनात्मक एकजुटता की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। उपस्थित युवाओं ने राजनगर निवासी मुरलीधर बिहानी के नाम पर सर्वसम्मति व्यक्त करते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष पद के लिए समर्थन देने का निर्णय लिया। इसके फलस्वरूप अन्य दोनों प्रत्याशियों ने मुरलीधर बिहानी के समर्थन में अपने नामांकन वापस ले लिए।नाम वापसी के पश्चात अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन शेष रहने पर मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप लढ्ढा ने मुरलीधर बिहानी को आगामी सत्र 2026-2029 के लिए जिला माहेश्वरी युवा संगठन, राजसमंद का जिलाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। इसके साथ ही सर्वसम्मति से जयेश राठी को सचिव एवं अंकित लढ्ढा को कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के पश्चात मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप लढ्ढा ने उपस्थित युवाओं एवं अतिथियों के समक्ष नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष मुरलीधर बिहानी को निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण-पत्र सौंपा तथा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उनकी टीम का अभिनंदन किया।कार्यक्रम में भगवान महेश की पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि, एकता एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर जिला माहेश्वरी समाज अध्यक्ष विष्णु गोपाल सोमानी, जिला माहेश्वरी सभा सचिव जगदीश मंडोवरा, प्रादेशिक माहेश्वरी सभा सहसचिव केदारमल न्याती, प्रादेशिक माहेश्वरी सभा कार्यसमिति सदस्य भगवती लाल असावा, जिला माहेश्वरी सभा उपाध्यक्ष अर्जुन लाल लढ्ढा, जिला माहेश्वरी सभा सदस्य हेमंत लढ्ढा, श्री महेश प्रगति मंच अध्यक्ष बृजगोपाल मालू तथा श्री माहेश्वरी सेवा समिति, राजनगर के अध्यक्ष महेंद्र देवपुरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त राजसमंद जिला युवा संगठन के निवर्तमान उपाध्यक्ष अल्पेश असावा, निवर्तमान संयुक्त सचिव जयेश लढ्ढा सहित अनेक पदाधिकारी मंचासीन रहे।कार्यक्रम में दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी युवा संगठन के कोषाध्यक्ष मयंक बंग, संयुक्त सचिव सौरभ लढ्ढा, निवर्तमान जिला युवा उपाध्यक्ष दीपक काबरा, कमलेश बापडोत, मनोज मंडोवरा, डॉ. पंकज राठी, सावन लढ्ढा, निखिल निष्कलंक, उदय अजमेरा, मोहित लढ्ढा, विक्रांत लड्ढा एवं दर्शन लाठी सहित बड़ी संख्या में समाज के युवाओं ने नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष मुरलीधर बिहानी का माल्यार्पण एवं उपरना ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया।इस अवसर पर सभी मंचस्थ अतिथियों ने नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष मुरलीधर बिहानी, सचिव जयेश राठी एवं कोषाध्यक्ष अंकित लढ्ढा को निर्विरोध निर्वाचन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने युवाओं द्वारा प्रदर्शित एकजुटता एवं सर्वसम्मति की भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की उन्नति में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाजहित में संगठित होकर कार्य करने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोडऩे तथा संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करते हुए अपना आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष मुरलीधर बिहानी ने अपने निर्विरोध निर्वाचन पर समस्त समाजबंधुओं, युवा साथियों, वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं चुनाव अधिकारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।बिहानी ने विश्वास दिलाया कि वे सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे तथा जिला कार्यकारी मंडल में जिले के प्रत्येक क्षेत्र का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों में अधिकाधिक युवाओं की सहभागिता बढ़ाने, आपसी समन्वय स्थापित करने तथा समाज एवं युवाओं के हितों के संरक्षण और उत्थान के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सक्रियता से कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी युवा साथियों से संगठन की एकता एवं सामाजिक समरसता को बनाए रखते हुए समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में खुशाल कोठारी, निखिल झंवर, भरत जागेटिया, गौरव मूंदड़ा एवं भावेश सोनी सहित राजसमंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक युवाओं एवं समाजबंधुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। युवाओं में नवीन नेतृत्व के निर्वाचन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन जितेन्द्र लढ्ढा ने किया। समापन अवसर पर मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप लढ्ढा ने निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के संचालन में पूर्ण सहयोग प्रदान करने वाले प्रदेश चुनाव पर्यवेक्षक, सहायक चुनाव अधिकारी, सभी प्रत्याशियों, समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, युवा मतदाताओं एवं उपस्थित समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के पश्चात सभी माहेश्वरी बंधुओं ने सामूहिक सहभोज का आनंद लिया। इस प्रकार सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव एवं संगठनात्मक समन्वय के संदेश के साथ निर्वाचन कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
09 October 2026
नाहन में प्रादेशिक माहेश्वरी सभा की दो दिवसीय कार्यसमिति बैठक संपन्न
नाहन (हिमाचल प्रदेश)। हरियाणा-पंजाब-हिमाचल प्रदेश-जम्मू कश्मीर प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के सत्र 31 की प्रथम कार्यसमिति बैठक 3 एवं 4 अक्टूबर को ट्राइसिटी सभा के आतिथ्य में नाहन में संपन्न हुई। प्रादेशिक सभा के इतिहास में यह पहला अवसर रहा, जब हिमाचल प्रदेश में कार्यसमिति बैठक आयोजित की गई। दो दिवसीय बैठक में विभिन्न जिला सभाओं, महिला एवं युवा संगठनों तथा प्रादेशिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों सहित 80 से अधिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हिमाचल प्रदेश में निवासरत माहेश्वरी समाजबंधुओं को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।बैठक के अवसर पर शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने अपने संदेश में माहेश्वरी समाज की सामाजिक एवं सेवाभावी गतिविधियों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। प्रदेश अध्यक्ष महेश गट्टानी ने वर्तमान सत्र की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों के दायित्वों की रूपरेखा रखी। उन्होंने सभी जिला सभाओं से आपसी समन्वय, सहयोग एवं एकजुटता के साथ संगठन को सशक्त बनाने तथा समाजसेवा के कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।इस अवसर पर राजेंद्र कलंत्री के उत्तरांचल संयुक्त मंत्री निर्वाचित होने पर उनका अभिनंदन किया गया। महासभा कार्यसमिति सदस्य एवं प्रादेशिक सभा के मार्गदर्शक अशोक सोमानी ने अपने संदेश में संगठनात्मक एकता पर बल देते हुए सभी पदाधिकारियों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद बियानी, संगठन मंत्री अनिल माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष प्रमिल कालानी, महिला संगठन अध्यक्ष अनु सोमानी, युवा संगठन अध्यक्ष आदित्य विक्रम राठी तथा प्रादेशिक ट्रस्ट अध्यक्ष ओमप्रकाश राठी सहित प्रदेश सभा के उपाध्यक्षों, संयुक्त सचिवों एवं विभिन्न जिला सभाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।ट्राइसिटी सभा अध्यक्ष शिवशंकर राठी एवं कैरियर एकेडमी के अध्यक्ष मनोज राठी ने जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समाज के प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में नई पीढ़ी को सामाजिक गतिविधियों से जोडऩे, वैवाहिक समस्याओं के समाधान, जरूरतमंद परिवारों तक प्रादेशिक ट्रस्ट एवं महासभा की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।इसके अतिरिक्त सदस्यों के आपसी परिचय एवं व्यावसायिक जानकारियों के आदान-प्रदान के माध्यम से व्यापारिक संबंधों को प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक एकता के साथ व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने से समाज के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक की कार्यवाही का संचालन प्रदेश सचिव जगदीश मंत्री ने किया।दो दिवसीय आयोजन के दौरान समाजबंधुओं के बीच आपसी आत्मीयता एवं पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्नेह मिलन, गीत-संगीत एवं पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने रेणुका माता मंदिर, रेणुका झील तथा त्रिलोकपुर स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर सहित क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण भी किया।कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा संगठन एवं समाजसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
07 October 2026
आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हुई माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा की गुजरात यात्रा
माहेश्वरी नवयुवक मंडल, वर्धा की गुजरात आध्यात्मिक यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। मंडल के सदस्यों ने प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ सहित गुजरात एवं दीव के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इस दौरान सोमनाथ में बैंड-बाजे और जयघोष के साथ भव्य प्रभात फेरी भी निकाली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया।यात्रा के संबंध में माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा के अध्यक्ष ऋषभ जाजू ने कहा, 'आध्यात्मिक यात्राएं हमारे जीवन को वैचारिक स्पष्टता, मानसिक शांति और आत्म-साक्षात्कार की दिशा देती हैं। ये यात्राएं हमें रोजमर्रा के तनाव और भौतिकता से दूर ले जाकर अंतरात्मा से जोड़ती हैं। इससे हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा, करुणा और धैर्य का संचार होता है तथा जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने में मदद मिलती है।'मंडल की यह गुजरात आध्यात्मिक यात्रा हाल ही में संपन्न हुई। अध्यात्म और चेतना की पावन धरा गुजरात के विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के बाद दल वर्धा लौटा। पदाधिकारियों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक भ्रमण तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज सेवा के भावी संकल्पों को और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं में मानसिक शांति, आत्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम बनी।यात्रा के दौरान माहेश्वरी नवयुवक मंडल के सदस्यों ने विभिन्न देवालयों में दर्शन-पूजन के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सहभागिता की। विशेष रूप से प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन के अवसर पर मंडल के युवाओं ने भक्तिमय बैंड-बाजे एवं भगवान के जयघोष के साथ भव्य प्रभात फेरी निकाली। बड़ी संख्या में शामिल युवाओं की उपस्थिति से प्रभात फेरी आकर्षण का केंद्र बनी।मंडल के अध्यक्ष ऋषभ जाजू तथा यात्रा संयोजक मृणाल राठी के नेतृत्व में युवा दल ने विश्वविख्यात प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन किए। इसके साथ ही बोटाद जिले के सारंगपुर स्थित श्री कष्टभंजन देव हनुमानजी मंदिर पहुंचकर हनुमानजी के दर्शन किए। यहां हनुमानजी के चरणों में शनिदेव की स्त्री रूप में स्थापित प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।यात्रा के दौरान दल ने दीव में अरब सागर के तट पर स्थित ऐतिहासिक गंगेश्वर महादेव मंदिर के भी दर्शन किए। मान्यता के अनुसार यहां पांडवों द्वारा स्थापित पांच शिवलिंग मौजूद हैं, जिनका अरब सागर की लहरों द्वारा निरंतर प्राकृतिक रूप से जलाभिषेक होता रहता है।आध्यात्मिक यात्रा के लिए निकले दल के अकोला पहुंचने पर माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। माहेश्वरी नवयुवक मंडल अकोला के दीपेश मूंदडा, रिंकेश चांडक, लोकेश टावरी और नकुल सोनी तथा माहेश्वरी मंडल ट्रस्ट अकोला के ट्रस्टी अधिवक्ता विशाल लढ्ढा ने यात्रा में शामिल सदस्यों का स्वागत-सत्कार किया।अकोला के ख्यात अधिवक्ता सतीश भूतड़ा की ओर से सभी यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। वहीं वापसी यात्रा के दौरान अकोला के वित्तीय प्रबंधक संतोष शंकरलाल राठी की ओर से यात्रियों के लिए अल्पोपहार की व्यवस्था की गई।इस सफल आध्यात्मिक यात्रा में माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा के सचिव हरीश गांधी सहित मंडल के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य प्रमुख रूप से शामिल हुए। यात्रा के समापन पर सदस्यों ने इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, आपसी आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला प्रेरणादायी अनुभव बताया।

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कार्तिक मास की महत्ता आज की जीवनशैली में - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
आज का युग तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया का युग है। दुनिया मोबाइल में खो गई है, चारों ओर भागदौड़ है, इस तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, रिश्तों में बढ़ती दूरियाँ और पर्यावरण संबंधी जैसी सहस्रों चुनौतियाँ भी सामने हैं। ऐसे समय में कार्तिक मास की परंपराएँ हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, आत्मचिंतन करने और जीवन के वास्तविक मूल्यों को समझने की प्रेरणा देती हैं।क्या आधुनिक बनने के लिए अपनी परंपराओं से दूर होना आवश्यक है? मेरे हिसाब से तो बिल्कुल नहीं! आधुनिकता और संस्कृति दोनों ही साथ-साथ चल सकती हैं। आवश्यकता है परंपराओं के मूल भाव को समझकर उन्हें वर्तमान जीवन से जोड़ने की।कार्तिक मास को धर्म और आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से विशेष महत्व दिया गया है। इस मास में दीपदान, तुलसी पूजन, भोर का स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना जैसी अनेकानेक प्राचीन परंपराएँ निभाई जाती हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु चातुर्मास की योगनिद्रा के बाद देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह जागरण केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा, शुभ संकल्प और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक भी माना जा सकता है।आज की जीवनशैली में कार्तिक मास हमें कुछ समय स्वयं के लिए निकालने, प्रार्थना और आत्मचिंतन करने की प्रेरणा देता है। दीपक की ज्योति हमें अज्ञान और नकारात्मकता से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देती है।गौसेवा और जीवों के प्रति करुणा भी इस पावन मास की भावना से जुड़कर सेवा का सुंदर माध्यम बन सकती है। गौशालाओं में यथाशक्ति सहयोग, पशु-पक्षियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य हमारी मानवीय आस्था को व्यवहार से जोड़ते हैं।वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। नदियों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखना, जल की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना और पर्यावरण के अनुकूल धार्मिक आयोजन करना हमारी परंपराओं को आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ता है।आज की युवा पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से इन सांस्कृतिक परंपराओं के मूल भाव को नई पीढ़ी तक अपने पोस्ट द्वारा पहुँचा सकती है। आवश्यकता केवल इतनी है कि परंपराएँ दिखावे तक सीमित न रहें, बल्कि उनके पीछे छिपे हुए मानवीय भाव संयम, सेवा, श्रद्धा, करुणा और सद्भाव जैसे मूल्यों को जीवन में उतारा जाए।कार्तिक मास हमें यह संदेश देता है कि भगवान विष्णु के जागरण के साथ हम भी अपने भीतर सोई हुई सकारात्मक ऊर्जा, संवेदनशीलता और कर्तव्यबोध को जागृत करें।आइए, इस कार्तिक मास में प्रत्येक रात्रि एक दीप आस्था और विश्वास का जलाएँ, एक संकल्प सेवा का लें और एक कदम प्रकृति तथा मानवता के हित में बढ़ाएँ।यही कार्तिक मास की परंपरा को आज की जीवनशैली में सार्थक रूप से अपनाने का सुंदर मार्ग हो सकता है।
28 September 2026
देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
"हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का,यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।"आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है।स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है।पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है।भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है।विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज...भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें।
15 September 2026
ऋषि पंचमी की एक और महत्ता
सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
11 September 2026
सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा
आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है।

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शिक्षा सेवा के लिए रामनरेश सोनी ने दिए 6 लाख रुपये, प्रतिवर्ष दो बच्चों को दत्तक लेकर शिक्षा में सहयोग का लिया संकल्प
नांदेड़। श्री हरिकिशनजी बजाज मेमोरियल . शिक्षण विकास संस्था, नांदेड़ के शैक्षणिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों से प्रभावित होकर नांदेड़ के भूमिपुत्र एवं वर्तमान में लंदन निवासी श्री रामनरेश सोनी ने संस्था को 6 लाख रुपये की सहयोग राशि समर्पित कर समाजसेवा की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिवर्ष दो जरूरतमंद बच्चों को दत्तक लेकर उनकी शिक्षा में सहयोग करने का संकल्प भी लिया।श्री रामनरेश सोनी अपने पूज्य पिताजी श्री श्यामसुंदर सोनी के साथ संस्था के पदाधिकारियों से मिलने संस्थाध्यक्ष श्री गोपाललाल लोया के निवास स्थान पर पहुंचे। इस अवसर पर संस्थाध्यक्ष श्री गोपाललाल लोया, सचिव श्री किशनप्रसाद दरक, उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश इनान्नी एवं संचालक श्री आनंद गग्गड़ उपस्थित रहे।मुलाकात के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने श्री सोनी को संस्था की कार्यप्रणाली, आय-व्यय एवं लेखा-जोखा सहित संचालित विभिन्न शैक्षणिक तथा सामाजिक सेवा प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेष रूप से संस्था द्वारा संचालित बालक दत्तक योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर श्री रामनरेश सोनी अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए तत्काल 6 लाख रुपये की राशि संस्था को समर्पित की।इतना ही नहीं, श्री रामनरेश सोनी ने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए सौ. स्नेहलता श्यामसुंदर सोनी एवं सौ. कीर्ति रामनरेश सोनी के नाम से प्रतिवर्ष दो बच्चों को दत्तक लेकर उनकी शिक्षा में सहयोग करने का संकल्प लिया। उनके इस निर्णय से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने श्री रामनरेश सोनी एवं उनके पूज्य पिताजी श्री श्यामसुंदर सोनी का शाल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय सम्मान किया। साथ ही शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके परिवार द्वारा दिए गए उदार योगदान की सराहना की।संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को संवारना समाज की सच्ची सेवा है। ऐसे सेवाभावी परिवारों का सहयोग न केवल जरूरतमंद विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज के अन्य सक्षम एवं उदारमना व्यक्तियों को भी सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देता है।नांदेड़ की मिट्टी से गहरा जुड़ाव रखने वाले श्री रामनरेश सोनी ने विदेश में निवास करने के बावजूद अपनी जन्मभूमि एवं समाज के प्रति आत्मीयता और सेवा भावना को जीवंत रखा है। उनके परिवार की यह पहल सामाजिक प्रतिबद्धता, उदारता एवं शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।श्री हरिकिशन बजाज मेमोरियल माहेश्वरी शिक्षण विकास संस्था, नांदेड़ ने श्री रामनरेश सोनी एवं समस्त सोनी परिवार के इस सराहनीय एवं पुनीत योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी सेवाभावना और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को सादर नमन किया।
10 October 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 10 अक्टूबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- अमावस्या :-09:25pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र* :- हस्त 09:45pm तक पश्चात:- चित्रा*योग* :- एंद्र*करण* :- चतुष्पाद*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- कन्या*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:35amसूर्यास्त :- 06:15pm*राहुकाल का समय*  09:25am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहारवार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफल*मेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।
09 October 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 9 अक्टूबर 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि* :- चतुर्दशी:- 09:37pm तक पश्चात:- अमावस्या*नक्षत्र*: - उत्तराफाल्गुनी 09:20pm तक पश्चात:- हस्त*योग*:- ब्रह्म*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- कन्या*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:25amसूर्यास्त :- 06:29pm*राहुकाल का समय*  10:59pm से 12:25pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:29pm से 01:05pm तकब्रह्म मुहूर्त*:-04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं । मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय:-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज ऑफिस में किसी पुराने प्रोजेक्ट की फाइल दोबारा आपके पास आ सकती है और उसमें सुधार करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो किसी परिचित से अवसर की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में भुगतान अटकने की चिंता दूर होगी। घर में किसी जरूरी सामान की खरीदारी हो सकती है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित होगा।वृषभ राशि :-आज बैंक, कागजी काम या किसी जरूरी दस्तावेज से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और समय सीमा के भीतर काम पूरा करना जरूरी होगा। व्यापारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा ऑर्डर मिल सकता है। घर में किसी बुजुर्ग की सलाह काम आएगी। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।मिथुन राशि :-आज सुबह से काम की व्यस्तता अधिक रहेगी और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। नौकरी में बॉस आपके काम की समीक्षा कर सकते हैं। व्यापार में छोटी रकम का लाभ मिल सकता है। किसी मित्र के माध्यम से उपयोगी संपर्क बनेगा। घर में बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान या मरम्मत से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है।कर्क राशि :-आज किसी पुराने परिचित से अचानक संपर्क हो सकता है, जिससे काम से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिलेगी। नौकरी में आपकी पुरानी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। व्यापार में माल की खरीदारी करते समय कीमतों की अच्छी तरह जांच करें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य या जरूरी काम को लेकर आपको समय देना पड़ सकता है। दोपहर बाद स्थिति अधिक व्यवस्थित होगी।सिंह राशि :-आज कार्यस्थल पर मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यापारियों को बड़ी डील पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम निर्णय सोचकर लें। घर में खर्च से जुड़ा कोई मुद्दा उठ सकता है। संपत्ति या वाहन संबंधी कागजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।कन्या राशि :-आज कोई रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। नौकरी में अतिरिक्त काम मिल सकता है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर दिखाई देगा। व्यापार में स्टॉक या सामान की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए समय रहते व्यवस्था करें। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। नींद पूरी रखें।तुला राशि :-आज नौकरी में किसी सहकर्मी की गलती का असर आपके काम पर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी जानकारी खुद जांच लें। व्यापार में ग्राहक से बातचीत के दौरान पुरानी शर्तों पर फिर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। घर में किसी कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। दोपहर के बाद कोई महत्वपूर्ण फोन या संदेश आपके काम को आगे बढ़ाएगा।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप समय पर काम संभाल लेंगे। व्यापार में उधार पर सामान देने से पहले भुगतान की स्थिति जांच लें। किसी पुराने निवेश या बचत से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। परिवार में संपत्ति या घर की व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। बाहर का खाना कम करें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।धनु राशि :-आज यात्रा, मीटिंग या किसी दूसरे शहर से जुड़े काम की योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ काम का तरीका भी बदल सकता है। व्यापारियों को ऑनलाइन या नए माध्यम से ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक लाभ के लिए दिन ठीक है, लेकिन बिना जांचे किसी योजना में पैसा न लगाएं। घर में किसी जरूरी खरीदारी पर खर्च होगा।मकर राशि :-आज किसी अधिकारी या अनुभवी व्यक्ति से हुई बातचीत आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी चर्चा आगे बढ़ेगी। व्यापार में पुराना ग्राहक फिर संपर्क कर सकता है। घर की मरम्मत, किराए या संपत्ति से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना पड़ सकता है, समय का ध्यान रखें।कुम्भ राशि :- आज आपको काम करने का नया तरीका अपनाना पड़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या सिस्टम से जुड़ी परेशानी कुछ समय के लिए काम रोक सकती है। व्यापार में ऑनलाइन भुगतान और लेन-देन की जांच जरूर करें। किसी रिश्तेदार के घर से जरूरी सूचना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अचानक आने वाले छोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि बचाकर रखें।मीन राशि :-आज किसी पुराने आवेदन, दस्तावेज या सरकारी काम से जुड़ी खबर मिल सकती है। नौकरी में रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा और आपकी भूमिका स्पष्ट होगी। व्यापार में छोटे लेकिन लगातार लाभ के योग हैं। घर में किसी सदस्य की जरूरत के लिए खर्च करना पड़ सकता है। शाम को भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय रहेगा। जल्दबाजी में वादा करने से बचें।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
08 October 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 8 अक्टूबर 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- सरद *मास*:- भाद्रपद *पक्ष* :- शुक्ल *तिथि* :- त्रयोदशी :-12:34pm तक पश्चात:- चतुर्दशी *नक्षत्र* :- पूर्व फाल्गुनी 09:20pm तक पश्चात:- उत्तरा फाल्गुनी *योग*:- शुक्ल*करण*:- गर *सूर्यराशि* :- कन्या *चंद्रराशि* :- सिंह 03:18am तक पश्चात:- कन्या*दिशाशूल*  :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:35amसूर्यास्त :- 06:16pm*राहुकाल का समय*  2:03pm से 03:35pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-*12:05pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * प्रदोष व्रत *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु  और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ  ग्रां  ग्रीं  ग्रौं  सः  गुरुवे  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय -* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर  गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना,  नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य  संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है। ध्यान दें कि आपके प्रयास सही दिशा में हों। पारिवारिक जीवन में सद्भाव रहेगा, हालाँकि किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। दोपहर बाद किसी छोटी यात्रा की संभावना बन सकती है, जिससे नए अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में गति थोड़ी धीमी हो सकती है, इसलिए कार्यों को व्यवस्थित करें।वृषभ राशि :-आज यात्रा की संभावनाएं बनी हुई हैं, जो आपको नई दिशाओं में ले जा सकती हैं। अपने दस्तावेज और सामान सही से व्यवस्थित रखें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य को लेकर आपको किसी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।मिथुन राशि :-आज मानसिक शांति का अनुभव होगा, जिससे आप अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में आपको सतर्क रहना होगा, खासकर निवेश के मामलों में। परिवार में किसी सदस्य के साथ कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको केवल आवश्यक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।कर्क राशि :-आज परिवार के साथ कुछ खास पल बिताने का मौका मिलेगा, जो आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शाम के समय किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर संबंधों में धैर्य रखने की।सिंह राशि :-आज आपकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, ध्यानपूर्वक निर्णय लें। परिवार में किसी विषय पर चर्चा हो सकती है, जो आवश्यक हो सकती है। यात्रा की संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन प्लानिंग में सावधानी बरतें।कन्या राशि :- आज शिक्षा के क्षेत्र में आपके लिए नए अवसर खुल सकते हैं, जिनसे आपको प्रगति मिलेगी। वित्तीय मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि कुछ अनिश्चितताएं हो सकती हैं। परिवार के साथ कोई विशेष योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को गहरा करेगी। स्वास्थ्य के मामले में, रचनात्मक कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।तुला राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिलेगा, जो आपके संबंधों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी कर लें। स्वास्थ्य में घरेलू कामों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनके लिए तैयार रहें। यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभकारी रहेगी। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको कुछ प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में, कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।धनु राशि :-आज वित्तीय मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको ध्यान केंद्रित करना होगा। परिवार में किसी सदस्य से गहन चर्चा हो सकती है, जो महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय कार्यों को सावधानीपूर्वक संभालें।मकर राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपको व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार के साथ कुछ योजनाएँ बना सकते हैं, जो आपके संबंधों में मजबूती लाएंगी। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसमें धैर्य और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य के मामले में, आत्म-निर्देशित कार्यों में अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी।कुम्भ राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ खास पहलुओं को ध्यान में रखना होगा, जिससे आप अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें। परिवार के साथ कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उभर सकती हैं, जिनके लिए समझदारी से काम लें। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसे ध्यानपूर्वक प्रबंधित करें। स्वास्थ्य के मामले में खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा।मीन राशि :-आज वित्तीय मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी, जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। परिवार के साथ कोई योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को बढ़ाएगी। शैक्षणिक मोर्चे पर कुछ नई जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में, आपको अधिक प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है

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