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| 05 October 2026 |
| अखिल भारतीय गायल परिवार का प्रथम भव्य सम्मेलन 24 दिसंबर को पाळधी-जलगांव में |
| जलगांव। भगवान वेंकटेश एवं कुलदेवी श्री गायल माताजी की असीम कृपा से अखिल भारतीय गायल परिवार का प्रथम भव्य सम्मेलन गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 को श्री गायल माताजी मंदिर (साईं बाबा मंदिर), पाळधी-जलगांव में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य देशभर में निवासरत गायल परिवार के सदस्यों को एक मंच पर लाकर पारिवारिक एकता, आत्मीयता एवं सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना है।सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन श्री अखिल भारतीय गायल माताजी मंदिर (झंवर समाज) ट्रस्ट, आसोप जिला जोधपुर के तत्वावधान में किया जा रहा है। सम्मेलन के संयोजक श्री सुनील देवकीनंदन झंवर (पाळधी-जलगांव) हैं।सम्मेलन के माध्यम से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए देशभर के संपूर्ण गायल परिवार की उपस्थिति को परिवार की शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। सभी गायल परिवारजनों से सहपरिवार उपस्थित होकर इस विराट सम्मेलन को सफल बनाने का आग्रह किया गया है।कार्यक्रम सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। आयोजन स्थल श्री गायल माताजी मंदिर (साईं बाबा मंदिर), पाळधी-जलगांव रहेगा। सम्मेलन के दौरान गायल परिवार के सदस्यों के लिए आपसी मेल-मिलाप एवं पारिवारिक सहभागिता का अवसर उपलब्ध रहेगा।आयोजन व्यवस्था में ट्रस्ट मंडल की ओर से अध्यक्ष श्री अनुपम झंवर, उपाध्यक्ष श्री घनश्यामलाल झंवर, सचिव श्री प्रेमचंद बजाज, सहसचिव श्री श्रीनिवास झंवर तथा कोषाध्यक्ष श्री एड. दिलीप झंवर शामिल हैं। इनके साथ श्री मनसुख झंवर, श्री श्यामसुंदर झंवर, श्री गोवर्धनलाल झंवर, श्री गुणविकास झंवर, श्री सुनील झंवर एवं श्री कन्हैयालाल बजाज सहित ट्रस्ट मंडल एवं आयोजन टीम सम्मेलन की तैयारियों में जुटी है।सम्मेलन के जलगांव-पाळधी संपर्र्क प्रमुख श्री मनोज झंवर हैं। व्यवस्थापक के रूप में श्री मनोज झंवर (मो. 9422773959), श्री विजय झंवर (मो. 9422774381) एवं श्री निलेश झंवर (मो. 9988288111) व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।आयोजकों के अनुसार जलगांव-पाळधी में ठहरने, प्रसादी एवं कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था गायल परिवार के लिए नि:शुल्क रखी गई है। सम्मेलन में अधिक से अधिक परिवारजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए देशभर के गायल परिवारों से सहपरिवार पहुंचने का आह्वान किया गया है।सम्मेलन संबंधी संपर्क - 9824480001, 9850433797, 9422119204 |
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| 05 October 2026 |
| महाकाल सेना राजनांदगांव की नि:शुल्क ज्योतिर्लिंग यात्रा संपन्न |
| महाकाल सेना, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत नि:शुल्क ज्योतिर्लिंग यात्रा का आयोजन किया गया। संस्कारधानी राजनांदगांव से 29 सितंबर को हावड़ा-मुंबई ट्रेन से लगभग 400 महाकाल भक्तों का जत्था महाराष्ट्र स्थित तीन प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रवाना हुआ।यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (नासिक), भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (पुणे) एवं घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (औरंगाबाद) के दर्शन किए। यात्रा में युवा, बुजुर्ग सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे यात्रा मार्ग में भक्तजन सामूहिक रूप से 'जय श्री महाकालÓ के जयघोष करते हुए भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाए रहे।महाकाल सेना की ओर से यात्रा में शामिल सभी भक्तजनों के लिए नि:शुल्क दर्शन एवं आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। यात्रा में कुछ भक्त ट्रेन के माध्यम से तो कुछ श्रद्धालु सड़क मार्ग से शामिल हुए। तीनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।यात्रा पूर्ण होने के बाद सभी भक्तगण 3 अक्टूबर को बॉम्बे-हावड़ा ट्रेन से संस्कारधानी राजनांदगांव वापस लौटे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सामूहिक धार्मिक यात्रा ने सभी को आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता के सूत्र में बांधे रखा।महाकाल भक्त पवन डागा ने बताया कि महाकाल सेना द्वारा पिछले लगभग 25 वर्षों से सामूहिक रूप से धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रारंभिक वर्षों में यात्रियों की संख्या सीमित रहती थी, लेकिन बाबा महाकाल की कृपा से अब लगभग 400 भक्त इस यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं की यह परंपरा निरंतर जारी है और श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता से आयोजन को और अधिक व्यापक स्वरूप मिल रहा है।उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और ऐसी धार्मिक यात्राएं श्रद्धा एवं भक्ति के साथ-साथ समाज में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम बनती रहें। महाकाल सेना द्वारा आयोजित यह ज्योतिर्लिंग यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति और सामूहिक आस्था का विशेष अवसर बनी। |
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| 05 October 2026 |
| जलगांव में 25-26 दिसंबर को होगा अखिल भारतीय मंत्री परिवार महासम्मेलन |
| अखिल भारतीय मंत्री परिवार एसोसिएशन के तत्वावधान में अखिल भारतीय मंत्री परिवार महासम्मेलन-2026 का आयोजन आगामी 25 एवं 26 दिसंबर 2026 को महाराष्ट्र के जलगांव स्थित आदित्य फाम्र्स में किया जाएगा। महासम्मेलन को लेकर मंत्री परिवारजनों में उत्साह का वातावरण है। आयोजन का उद्देश्य देशभर में निवासरत मंत्री परिवार के सदस्यों को एक मंच पर लाकर आपसी आत्मीयता, पारिवारिक संबंधों और एकजुटता को और मजबूत करना है।आयोजन समिति की ओर से मंत्री परिवारजनों का आह्वान किया गया है—'चलो जलगांव, चलो जलगांव'। समिति ने कहा कि यह महासम्मेलन अपनों से मिलने, पुराने संबंधों को सुदृढ़ करने और नई पीढ़ी को परिवार की परंपराओं एवं आपसी रिश्तों से जोडऩे का महत्वपूर्ण अवसर होगा।महासम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से मंत्री परिवारों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। दो दिवसीय आयोजन में आने वाले परिवारजनों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। व्यवस्थाओं को सुचारू एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करने के लिए आयोजन समिति ने सभी परिवारजनों से समय पर अपना पंजीकरण कराने का आग्रह किया है।रजिस्ट्रेशन हेतु लिंक पर क्लिक करें - https://mps-jalgaon.vercel.app/समिति ने विशेष रूप से अपील की है कि व्यवस्थाओं की उत्तम तैयारी के लिए परिवारजन अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और आज ही अपने परिवार का पंजीकरण कराएं। समय पर पंजीकरण होने से आयोजकों को आवास, भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं की बेहतर योजना बनाने में सुविधा होगी।आयोजन समिति ने मंत्री परिवार के सभी स्वजनों से अधिक से अधिक संख्या में महासम्मेलन में सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि 'अपनों का साथ, अपनों की शान—चलो जलगांव, चलो जलगांव' के भाव के साथ इस ऐतिहासिक पारिवारिक मिलन को यादगार बनाया जाए।अखिल भारतीय मंत्री परिवार एसोसिएशन की आयोजन समिति ने सभी परिवारजनों से समय पर पंजीकरण कर महासम्मेलन की तैयारियों में सहयोग करने की अपील की है।संपर्क सूत्र - अखिल भारतीय मंत्री परिवार एसोसिएशन मो. 9423412553 |
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| 28 September 2026 |
| देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
| "हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का,यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।"आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है।स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है।पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है।भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है।विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज...भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें। |
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| 15 September 2026 |
| ऋषि पंचमी की एक और महत्ता |
| सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। |
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| 11 September 2026 |
| सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा |
| आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है। |
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| 03 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 3 अक्टूबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- सप्तमी :-08:05am तक पश्चात:- अष्टमी*नक्षत्र* :- आर्द्रा*योग* :- वरीयान*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- मिथुन*दिशाशूल* :- पूर्वसूर्योदय :- 06:35amसूर्यास्त :- 06:25pm*राहुकाल का समय* 09:25am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- शनिवारअधिदेव :- ब्रह्मा मंत्र :-* ।। ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शनिवारराशि :- सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए शनि अशुभ हो तो वह जातक अथवा दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है। |
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| 02 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 2 अक्टूबर 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि* :- षष्ठी :- 10:18am तक पश्चात:- सप्तमी*नक्षत्र*: - मृगशिरा*योग*:- व्यतिपात*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- वृषभ :- 03: 43pmतक पश्चात:- मिथुन*दिशाशूल* :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:25amसूर्यास्त :- 06:29pm*राहुकाल का समय* 10:59pm से 12:25pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:29pm से 01:05pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:-04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- शुक्रवारअधिदेव :- इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :- वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज ऑफिस में किसी पुराने प्रोजेक्ट की फाइल दोबारा आपके पास आ सकती है और उसमें सुधार करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो किसी परिचित से अवसर की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में भुगतान अटकने की चिंता दूर होगी। घर में किसी जरूरी सामान की खरीदारी हो सकती है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित होगा।वृषभ राशि :-आज बैंक, कागजी काम या किसी जरूरी दस्तावेज से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और समय सीमा के भीतर काम पूरा करना जरूरी होगा। व्यापारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा ऑर्डर मिल सकता है। घर में किसी बुजुर्ग की सलाह काम आएगी। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।मिथुन राशि :-आज सुबह से काम की व्यस्तता अधिक रहेगी और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। नौकरी में बॉस आपके काम की समीक्षा कर सकते हैं। व्यापार में छोटी रकम का लाभ मिल सकता है। किसी मित्र के माध्यम से उपयोगी संपर्क बनेगा। घर में बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान या मरम्मत से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है।कर्क राशि :-आज किसी पुराने परिचित से अचानक संपर्क हो सकता है, जिससे काम से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिलेगी। नौकरी में आपकी पुरानी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। व्यापार में माल की खरीदारी करते समय कीमतों की अच्छी तरह जांच करें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य या जरूरी काम को लेकर आपको समय देना पड़ सकता है। दोपहर बाद स्थिति अधिक व्यवस्थित होगी।सिंह राशि :-आज कार्यस्थल पर मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यापारियों को बड़ी डील पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम निर्णय सोचकर लें। घर में खर्च से जुड़ा कोई मुद्दा उठ सकता है। संपत्ति या वाहन संबंधी कागजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।कन्या राशि :- आज कोई रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। नौकरी में अतिरिक्त काम मिल सकता है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर दिखाई देगा। व्यापार में स्टॉक या सामान की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए समय रहते व्यवस्था करें। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। नींद पूरी रखें।तुला राशि :-आज नौकरी में किसी सहकर्मी की गलती का असर आपके काम पर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी जानकारी खुद जांच लें। व्यापार में ग्राहक से बातचीत के दौरान पुरानी शर्तों पर फिर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। घर में किसी कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। दोपहर के बाद कोई महत्वपूर्ण फोन या संदेश आपके काम को आगे बढ़ाएगा।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप समय पर काम संभाल लेंगे। व्यापार में उधार पर सामान देने से पहले भुगतान की स्थिति जांच लें। किसी पुराने निवेश या बचत से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। परिवार में संपत्ति या घर की व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। बाहर का खाना कम करें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।धनु राशि :-आज यात्रा, मीटिंग या किसी दूसरे शहर से जुड़े काम की योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ काम का तरीका भी बदल सकता है। व्यापारियों को ऑनलाइन या नए माध्यम से ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक लाभ के लिए दिन ठीक है, लेकिन बिना जांचे किसी योजना में पैसा न लगाएं। घर में किसी जरूरी खरीदारी पर खर्च होगा।मकर राशि :-आज किसी अधिकारी या अनुभवी व्यक्ति से हुई बातचीत आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी चर्चा आगे बढ़ेगी। व्यापार में पुराना ग्राहक फिर संपर्क कर सकता है। घर की मरम्मत, किराए या संपत्ति से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना पड़ सकता है, समय का ध्यान रखें।कुम्भ राशि :-आज आपको काम करने का नया तरीका अपनाना पड़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या सिस्टम से जुड़ी परेशानी कुछ समय के लिए काम रोक सकती है। व्यापार में ऑनलाइन भुगतान और लेन-देन की जांच जरूर करें। किसी रिश्तेदार के घर से जरूरी सूचना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अचानक आने वाले छोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि बचाकर रखें।मीन राशि :-आज किसी पुराने आवेदन, दस्तावेज या सरकारी काम से जुड़ी खबर मिल सकती है। नौकरी में रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा और आपकी भूमिका स्पष्ट होगी। व्यापार में छोटे लेकिन लगातार लाभ के योग हैं। घर में किसी सदस्य की जरूरत के लिए खर्च करना पड़ सकता है। शाम को भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय रहेगा। जल्दबाजी में वादा करने से बचें।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |
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| 01 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 1 अक्टूबर 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- सरद *मास*:- भाद्रपद *पक्ष* :- शुक्ल *तिथि* :- पंचमी :-12:34pm तक पश्चात:- षष्ठी *नक्षत्र* :- रोहिणी*योग*:- सिद्धि *करण*:- तैतिल *सूर्यराशि* :- कन्या *चंद्रराशि* :- वृषभ *दिशाशूल* :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:36pm*राहुकाल का समय* 2:03pm से 03:35pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-* 12:05pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * प्रदोष व्रत *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना, नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है। घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है। ध्यान दें कि आपके प्रयास सही दिशा में हों। पारिवारिक जीवन में सद्भाव रहेगा, हालाँकि किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। दोपहर बाद किसी छोटी यात्रा की संभावना बन सकती है, जिससे नए अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में गति थोड़ी धीमी हो सकती है, इसलिए कार्यों को व्यवस्थित करें।वृषभ राशि :-आज यात्रा की संभावनाएं बनी हुई हैं, जो आपको नई दिशाओं में ले जा सकती हैं। अपने दस्तावेज और सामान सही से व्यवस्थित रखें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य को लेकर आपको किसी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।मिथुन राशि :-आज मानसिक शांति का अनुभव होगा, जिससे आप अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में आपको सतर्क रहना होगा, खासकर निवेश के मामलों में। परिवार में किसी सदस्य के साथ कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको केवल आवश्यक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।कर्क राशि :-आज परिवार के साथ कुछ खास पल बिताने का मौका मिलेगा, जो आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शाम के समय किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर संबंधों में धैर्य रखने की।सिंह राशि :-आज आपकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, ध्यानपूर्वक निर्णय लें। परिवार में किसी विषय पर चर्चा हो सकती है, जो आवश्यक हो सकती है। यात्रा की संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन प्लानिंग में सावधानी बरतें।कन्या राशि :- आज शिक्षा के क्षेत्र में आपके लिए नए अवसर खुल सकते हैं, जिनसे आपको प्रगति मिलेगी। वित्तीय मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि कुछ अनिश्चितताएं हो सकती हैं। परिवार के साथ कोई विशेष योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को गहरा करेगी। स्वास्थ्य के मामले में, रचनात्मक कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।तुला राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिलेगा, जो आपके संबंधों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी कर लें। स्वास्थ्य में घरेलू कामों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनके लिए तैयार रहें। यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभकारी रहेगी। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको कुछ प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में, कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।धनु राशि :-आज वित्तीय मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको ध्यान केंद्रित करना होगा। परिवार में किसी सदस्य से गहन चर्चा हो सकती है, जो महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय कार्यों को सावधानीपूर्वक संभालें।मकर राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपको व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार के साथ कुछ योजनाएँ बना सकते हैं, जो आपके संबंधों में मजबूती लाएंगी। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसमें धैर्य और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य के मामले में, आत्म-निर्देशित कार्यों में अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी।कुम्भ राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ खास पहलुओं को ध्यान में रखना होगा, जिससे आप अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें। परिवार के साथ कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उभर सकती हैं, जिनके लिए समझदारी से काम लें। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसे ध्यानपूर्वक प्रबंधित करें। स्वास्थ्य के मामले में खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा।मीन राशि :-आज वित्तीय मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी, जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। परिवार के साथ कोई योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को बढ़ाएगी। शैक्षणिक मोर्चे पर कुछ नई जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में, आपको अधिक प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |