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| 07 October 2026 |
| आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हुई माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा की गुजरात यात्रा |
| माहेश्वरी नवयुवक मंडल, वर्धा की गुजरात आध्यात्मिक यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। मंडल के सदस्यों ने प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ सहित गुजरात एवं दीव के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इस दौरान सोमनाथ में बैंड-बाजे और जयघोष के साथ भव्य प्रभात फेरी भी निकाली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया।यात्रा के संबंध में माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा के अध्यक्ष ऋषभ जाजू ने कहा, 'आध्यात्मिक यात्राएं हमारे जीवन को वैचारिक स्पष्टता, मानसिक शांति और आत्म-साक्षात्कार की दिशा देती हैं। ये यात्राएं हमें रोजमर्रा के तनाव और भौतिकता से दूर ले जाकर अंतरात्मा से जोड़ती हैं। इससे हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा, करुणा और धैर्य का संचार होता है तथा जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने में मदद मिलती है।'मंडल की यह गुजरात आध्यात्मिक यात्रा हाल ही में संपन्न हुई। अध्यात्म और चेतना की पावन धरा गुजरात के विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के बाद दल वर्धा लौटा। पदाधिकारियों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक भ्रमण तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज सेवा के भावी संकल्पों को और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं में मानसिक शांति, आत्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम बनी।यात्रा के दौरान माहेश्वरी नवयुवक मंडल के सदस्यों ने विभिन्न देवालयों में दर्शन-पूजन के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सहभागिता की। विशेष रूप से प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन के अवसर पर मंडल के युवाओं ने भक्तिमय बैंड-बाजे एवं भगवान के जयघोष के साथ भव्य प्रभात फेरी निकाली। बड़ी संख्या में शामिल युवाओं की उपस्थिति से प्रभात फेरी आकर्षण का केंद्र बनी।मंडल के अध्यक्ष ऋषभ जाजू तथा यात्रा संयोजक मृणाल राठी के नेतृत्व में युवा दल ने विश्वविख्यात प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन किए। इसके साथ ही बोटाद जिले के सारंगपुर स्थित श्री कष्टभंजन देव हनुमानजी मंदिर पहुंचकर हनुमानजी के दर्शन किए। यहां हनुमानजी के चरणों में शनिदेव की स्त्री रूप में स्थापित प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।यात्रा के दौरान दल ने दीव में अरब सागर के तट पर स्थित ऐतिहासिक गंगेश्वर महादेव मंदिर के भी दर्शन किए। मान्यता के अनुसार यहां पांडवों द्वारा स्थापित पांच शिवलिंग मौजूद हैं, जिनका अरब सागर की लहरों द्वारा निरंतर प्राकृतिक रूप से जलाभिषेक होता रहता है।आध्यात्मिक यात्रा के लिए निकले दल के अकोला पहुंचने पर माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। माहेश्वरी नवयुवक मंडल अकोला के दीपेश मूंदडा, रिंकेश चांडक, लोकेश टावरी और नकुल सोनी तथा माहेश्वरी मंडल ट्रस्ट अकोला के ट्रस्टी अधिवक्ता विशाल लढ्ढा ने यात्रा में शामिल सदस्यों का स्वागत-सत्कार किया।अकोला के ख्यात अधिवक्ता सतीश भूतड़ा की ओर से सभी यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। वहीं वापसी यात्रा के दौरान अकोला के वित्तीय प्रबंधक संतोष शंकरलाल राठी की ओर से यात्रियों के लिए अल्पोपहार की व्यवस्था की गई।इस सफल आध्यात्मिक यात्रा में माहेश्वरी नवयुवक मंडल वर्धा के सचिव हरीश गांधी सहित मंडल के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य प्रमुख रूप से शामिल हुए। यात्रा के समापन पर सदस्यों ने इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, आपसी आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला प्रेरणादायी अनुभव बताया। |
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| 07 October 2026 |
| गौ संरक्षण सहित सामाजिक सरोकारों पर रांची में मंथन, विभिन्न संगठनों ने लिया जनजागरण का संकल्प |
| श्री माहेश्वरी सभा रांची के तत्वावधान में सेवा सदन पथ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सभागार में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री माहेश्वरी सभा रांची के अध्यक्ष मुकेश काबरा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं शंखनाद के साथ हुआ। अध्यक्ष मुकेश काबरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बैठक में रखे गए प्रमुख सामाजिक विषयों एवं संकल्पों पर प्रकाश डाला।बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बैठक के पटल पर रखे गए सभी विषय समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इनके प्रति व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। गौ संरक्षण के विषय पर उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया गाय के महत्व को जानती और समझती है, लेकिन भारत ऐसा देश है जहां गाय को माता का दर्जा देकर श्रद्धा और सम्मान दिया जाता है।इस अवसर पर श्री माहेश्वरी सभा की ओर से राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा को एक प्रतिवेदन सौंपा गया। कार्यक्रम संयोजक वासुदेव भाला, गोवर्धन गारोडिय़ा, ओमप्रकाश अग्रवाल एवं अजय मारू ने संयुक्त रूप से यह प्रतिवेदन प्रदान किया।वृंदावन से पधारे संत राधेवत्स ने गौ माता के संरक्षण एवं सम्मान को लेकर चल रहे अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि गाय को माता का दर्जा दिलाने के समर्थन में 51 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक करीब 30 करोड़ हस्ताक्षर हो चुके हैं और झारखंड से भी बड़ी भागीदारी की अपेक्षा है। उन्होंने बताया कि इसी विषय को लेकर आगामी 17 दिसंबर को रांची के प्रभात तारा मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।पुनीत पोद्दार ने कहा कि रिक्त पड़ी जमीन का सदुपयोग करने की दिशा में सरकार और समाज को मिलकर प्रयास करना चाहिए। कुणाल अजमानी ने कहा कि सामाजिक संगठन यदि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। पवन शर्मा ने कहा कि बैठक में रखे गए चारों संकल्प समाज की जिम्मेदारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर पूरे समाज को गंभीरता से विचार कर कार्य करना चाहिए।बैठक में सुझाव दिया गया कि गौ संरक्षण एवं गाय को माता का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर सभी सामाजिक संगठन सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री को रांची से पत्र भेजें, ताकि समाज की भावना प्रभावी रूप से केंद्र सरकार तक पहुंच सके।अजय मारू ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने विवाह समारोहों में 25 से अधिक व्यंजन नहीं रखने का महत्वपूर्ण निर्णय अपनाया है। यह खाद्य सामग्री की बर्बादी रोकने और भोजन बचाने की दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन की परंपरा के साथ युवाओं को उसका उचित प्रशिक्षण देने पर भी विचार किया जाना चाहिए।कार्यक्रम का संचालन रमन बोड़ा ने किया, जबकि सचिव मनोज कल्याणी ने आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। सभा के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा ने बताया कि बैठक में उठाए गए प्रत्येक प्रमुख विषय पर अलग-अलग तीन माह के अंतराल पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी, ताकि विचार-विमर्श को ठोस सामाजिक कार्यों में बदला जा सके।बैठक में रांची के अनेक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें झारखंड-बिहार माहेश्वरी सभा के सचिव नरेंद्र लखोटिया, महावीर प्रसाद सोमानी, शिव शंकर साबू, गोवर्धन प्रसाद भाला, मनोज काबरा, किशन कुमार साबू, राज कुमार मारू, पवन कुमार मंत्री, झारखंड-बिहार माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष संगीता चितलांगिया, रांची महिला अध्यक्ष विजयश्री साबू, सचिव बिमला फलोर, रतन आनंद, रोहित अग्रवाल, भानु जालान, श्याम सुंदर बिहानी, अर्चना साबू, विनीता सिंघानिया, रेनू अग्रवाल, रितु लखोटिया, शिखा बिरला, बिल्लू सोडाणी, ओमप्रकाश अग्रवाल, सरवन अग्रवाल, विनीता बिहानी, विजय कुमार छपरिया, किशोर मंत्री, राघव शारदा, मुकेश अग्रवाल, वंदना मारू, पवन शर्मा, विनोद जैन, मनोज चौधरी, निर्मल बुधिया, अशोक पुरोहित, किशन शर्मा, सज्जन पाडिय़ा, ललित पोद्दार एवं प्रिंस अजमानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की जानकारी श्री माहेश्वरी सभा रांची के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल एवं रश्मि मालपानी ने दी। |
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| 07 October 2026 |
| आईपीएस वेदिका बिहानी ने बढाया समाज का गौरव |
| माहेश्वरी समाज की प्रतिभाशाली बेटी एवं सुरेंद्रनगर में एएसपी के पद पर कार्यरत आईपीएस वेदिका बिहानी द्वारा एक गंभीर मामले में की गई कार्रवाई को लेकर समाजजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 100 से अधिक युवतियों की कथित रूप से आपत्तिजनक तस्वीरें एवं वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किए जाने से जुड़े मामले में पुलिस ने जिम संचालक अमीन वकील को साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा है। मामले में आरोपों की आगे की जांच एवं विधिक कार्रवाई संबंधित पुलिस एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एएसपी वेदिका बिहानी की भूमिका की सराहना करते हुए समाजजनों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहस, सतर्कता तथा अपराध के विरुद्ध दृढ़ कार्यशैली को प्रशंसनीय बताया। वेदिका बिहानी श्रीगंगानगर के विधायक श्री जयदीप बिहानी के छोटे भ्राता एवं अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के संयुक्त मंत्री श्री मधुसूदन बिहानी की पुत्री हैं। वे सूरत निवासी श्री रामअवतार साबू - अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती विमला रामअवतार साबू की दोहिती हैं। वेदिका बिहानी की इस उपलब्धि पर माहेश् वरी सेवक पत्रिका परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। |
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| 28 September 2026 |
| देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
| "हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का,यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।"आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है।स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है।पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है।भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है।विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज...भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें। |
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| 15 September 2026 |
| ऋषि पंचमी की एक और महत्ता |
| सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। |
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| 11 September 2026 |
| सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा |
| आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है। |
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| 08 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 8 अक्टूबर 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- सरद *मास*:- भाद्रपद *पक्ष* :- शुक्ल *तिथि* :- त्रयोदशी :-12:34pm तक पश्चात:- चतुर्दशी *नक्षत्र* :- पूर्व फाल्गुनी 09:20pm तक पश्चात:- उत्तरा फाल्गुनी *योग*:- शुक्ल*करण*:- गर *सूर्यराशि* :- कन्या *चंद्रराशि* :- सिंह 03:18am तक पश्चात:- कन्या*दिशाशूल* :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:35amसूर्यास्त :- 06:16pm*राहुकाल का समय* 2:03pm से 03:35pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-*12:05pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * प्रदोष व्रत *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय -* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना, नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है। ध्यान दें कि आपके प्रयास सही दिशा में हों। पारिवारिक जीवन में सद्भाव रहेगा, हालाँकि किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। दोपहर बाद किसी छोटी यात्रा की संभावना बन सकती है, जिससे नए अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में गति थोड़ी धीमी हो सकती है, इसलिए कार्यों को व्यवस्थित करें।वृषभ राशि :-आज यात्रा की संभावनाएं बनी हुई हैं, जो आपको नई दिशाओं में ले जा सकती हैं। अपने दस्तावेज और सामान सही से व्यवस्थित रखें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य को लेकर आपको किसी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।मिथुन राशि :-आज मानसिक शांति का अनुभव होगा, जिससे आप अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में आपको सतर्क रहना होगा, खासकर निवेश के मामलों में। परिवार में किसी सदस्य के साथ कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको केवल आवश्यक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।कर्क राशि :-आज परिवार के साथ कुछ खास पल बिताने का मौका मिलेगा, जो आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शाम के समय किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर संबंधों में धैर्य रखने की।सिंह राशि :-आज आपकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, ध्यानपूर्वक निर्णय लें। परिवार में किसी विषय पर चर्चा हो सकती है, जो आवश्यक हो सकती है। यात्रा की संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन प्लानिंग में सावधानी बरतें।कन्या राशि :- आज शिक्षा के क्षेत्र में आपके लिए नए अवसर खुल सकते हैं, जिनसे आपको प्रगति मिलेगी। वित्तीय मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि कुछ अनिश्चितताएं हो सकती हैं। परिवार के साथ कोई विशेष योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को गहरा करेगी। स्वास्थ्य के मामले में, रचनात्मक कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।तुला राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिलेगा, जो आपके संबंधों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी कर लें। स्वास्थ्य में घरेलू कामों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनके लिए तैयार रहें। यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभकारी रहेगी। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको कुछ प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में, कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।धनु राशि :-आज वित्तीय मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको ध्यान केंद्रित करना होगा। परिवार में किसी सदस्य से गहन चर्चा हो सकती है, जो महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय कार्यों को सावधानीपूर्वक संभालें।मकर राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपको व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार के साथ कुछ योजनाएँ बना सकते हैं, जो आपके संबंधों में मजबूती लाएंगी। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसमें धैर्य और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य के मामले में, आत्म-निर्देशित कार्यों में अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी।कुम्भ राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ खास पहलुओं को ध्यान में रखना होगा, जिससे आप अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें। परिवार के साथ कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उभर सकती हैं, जिनके लिए समझदारी से काम लें। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसे ध्यानपूर्वक प्रबंधित करें। स्वास्थ्य के मामले में खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा।मीन राशि :-आज वित्तीय मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी, जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। परिवार के साथ कोई योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को बढ़ाएगी। शैक्षणिक मोर्चे पर कुछ नई जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में, आपको अधिक प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |
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| 07 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 7 अक्टूबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- द्वादशी 11:18pm तक पश्चात:- त्रयोदशी*नक्षत्र*:- मघा:- 10:18am तक पश्चात:- पूर्वा फाल्गुनी*योग* :- शुभ*करण* :- कौलव*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- सिंह*दिशाशूल* :- उत्तर सूर्योदय :- 06:33amसूर्यास्त :- 06:14pm*राहुकाल का समय* साय 03:25pm से 04:24pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:25pm से 01:50pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें । मंत्र :-* ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥ * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है |
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| 06 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 6 अक्टूबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- एकादशी*नक्षत्र*:- अश्लेषा :- 10:18am तक पश्चात:- मघा*योग* :- सिद्ध*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- कर्क 10:18pm तक पश्चात:- सिंह*दिशाशूल* :- उत्तर सूर्योदय :- 06:23amसूर्यास्त :- 06:34pm*राहुकाल का समय* साय 03:25pm से 04:24pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:15pm से 01:10pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें । मंत्र :-* ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥ * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है |