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| 11 September 2026 |
| चुनना आसान नहीं… - मधु भूतड़ा ‘अक्षरा’ |
| चुनना आसान नहींमंथन करना पड़ता हैविकास का मुद्दा है यहसमझकर बटन दबाना पड़ता है।अच्छे कार्यकर्ता से हीविकास की परिभाषा बनती हैदेश की जनता इसी उम्मीद मेंअपना पार्षद चुनती है।जयपुर में नगर निगम चुनाव का मौसम आया हैचहुँ ओर विकास की दुंदुभी बजाया हैहर पार्टी ने अपना शोर मचाया है“पार्षद हमारा चुनो”यही गुहार लगाया है।वादों की सूची बहुत लंबी हैआश्वासनों की गठरी भारी हैनई सड़क का सपना हैतो कहीं पुराने गड्ढों सेजूझ रही बीमारी हैस्वच्छ भारत का इरादाइरादा कर लिया हमने…पर सवाल वही का वही खड़ा हैजो आएगा, उसका कदक्या विकास के लिए सचमुच बड़ा है?क्या कमल क्या हाथ क्या हाथी,चुनाव में सबकी अपनी बातीकोई परिवर्तन का नारा लगाता हैकोई विकास का गीत सुनाता हैकोई जनता को विश्वास दिलाता हैइस बार शहर की तस्वीर बदल जाएगीहर वार्ड में खुशहाली की बयार चल जाएगी।पर जनता अब भी सोचने को मजबूर हैक्या नई सड़क सच में बनेगीया पुराने गड्ढे भरेंगे?विकास सचमुच दूर हैया भरपूर है!हर चुनाव में नई परिभाषा आती हैपर बरसात आते हीपुरानी कहानियाँ दोहराती हैहजारों बार इसी पानी नेप्रश्नचिह्न लगाया हैबार-बार सोचने को मजबूर जनताक्या शहर में सचमुच विकास आया है!चुनाव आते ही गलियाँ याद आती हैंहर घर तक प्रत्याशी की दस्तक हो जाती हैहाथ जुड़ते हैं, वादे होते हैं,“आपका अपना” कहकर संबोधन होता हैगले लगाते हैं, प्यार जताते हैं,आभार बताते हैं,सोशल मीडिया परवीडियो दिखाते हैं।फिर चुनाव बीतता हैमौसम बदलता हैऔर जनता वही रहती हैअपने सवालों के साथअपनी समस्याओं के साथ।न नारों से सड़क बनती हैन वादों से कचरा उठता हैविकास तब दिखाई देता हैजब सच्चा कार्यकर्तासमस्याओं के लिए अड़ा होता हैचुनाव के बाद भीमजबूती से जनता की सेवा के लिएखड़ा होता है।चुनाव केवलनेता या पार्षद चुनने का अवसर नहींअपने शहर की दिशा तय करने काअधिकार है।जयपुर को अब केवल वादों का नहीं,वास्तविक विकास का इंतजार है।अपने वार्ड मेंसही कार्यकर्ता चुनिए,अपने मत काउचित प्रयोग कीजिए।माना यह बटन छोटा है,पर फैसला बहुत बड़ा है। |
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| 10 September 2026 |
| सुनील लाहोटी बने व्यापार संघ ओसियां के निर्विरोध सचिव |
| व्यापार संघ ओसियां की साधारण सभा का आयोजन रविवार, 6 सितंबर को ओसियां कस्बे स्थित माहेश्वरी बागेची में किया गया। बैठक में कस्बे के बड़ी संख्या में व्यापारीबंधु उपस्थित रहे। बैठक के दौरान व्यापार संघ की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। इसमें सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का चयन किया गया। सर्वसम्मति से सुनील लाहोटी को सम्पूर्ण व्यापार संघ ओसियां का निर्विरोध सचिव चुना गया।सुनील लाहोटी के निर्विरोध सचिव निर्वाचित होने पर उपस्थित व्यापारीबंधुओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने व्यापारियों के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा व्यापार संघ को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक में उपस्थित सभी व्यापारीबंधुओं ने नई कार्यकारिणी के गठन का स्वागत करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अपना सहयोग देने का विश्वास दिलाया। |
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| 10 September 2026 |
| नागपुर नगर ज्येष्ठ माहेश्वरी सभा की सर्वसाधारण सभा सम्पन्न |
| नागपुर नगर ज्येष्ठ माहेश्वरी सभा की सर्वसाधारण सभा का आयोजन श्री बड़ी मारवाड़ माहेश्वरी पंचायत भवन, हिवरीनगर, नागपुर में किया गया। सभा में संस्था की विगत अवधि की गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।सभा के प्रारंभ में पूर्व सचिव मधुसूदन सारडा ने संस्था की विगत अवधि का गतिविधि प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से रजत जयंती वर्ष समारोह एवं स्मारिका विमोचन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समारोह की भव्यता, सुव्यवस्थित एवं अनुशासित आयोजन तथा सदस्यों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता ने इसे नागपुर माहेश्वरी समाज के लिए अविस्मरणीय, प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक आयोजन बना दिया।निवर्तमान अध्यक्ष कन्हैयालाल मानधना ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी सदस्यों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात उन्होंने आगामी कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की।जिसमें अध्यक्ष दामोदरलाल तोषनीवाल, उपाध्यक्ष वसंत सांवल एवं मधुसूदन सारडा, सचिव प्रकाशचंद चांडक, सहसचिव डॉ. राजकुमार राठी, कोषाध्यक्ष गोविंद लाहोटी, निवर्तमान अध्यक्ष कन्हैयालाल मानधना व कार्यकारिणी सदस्य विनोद लखोटिया, सुभाष गांधी, हरिदास भट्टड, सीए अशोक चांडक, कल्याणदास चांडक, पवन मूंधड़ा, सुनील मंत्री, रूपचंद लोया, लक्ष्मीकांत चांडक, सुरेश डी. गांधी, जगदीश बजाज, दिलीप जाजू, प्रेमनाथ राठी एवं श्यामसुंदर जेठा तथा सलाहकार समिति में रमेश बंग, रतनलाल लाहोटी, राकेश भैया, बद्रीनारायण छापरवाल एवं वि_लदास तापडिय़ा चुने गये। |
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| 05 September 2026 |
| देश हित की बात — आपदा में प्रबंधन और सेवा-सहयोग : मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
| आपदा कभी चेतावनी देकर नहीं आती। भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, बादल फटना या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के सामने कुछ ही क्षणों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की तैयारियों के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता, प्रशासन का समन्वय और नागरिकों की सेवा-भावना तीनों की परीक्षा होती है।भारत की पहचान केवल एक बड़े देश के रूप में नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को व्यवहार में उतारने वाले राष्ट्र के रूप में भी रही है। जब किसी दूसरे देश पर संकट आता है, भारत की सहायता की भावना सीमाओं तक सीमित नहीं रहती।अगस्त-सितंबर 2026 वर्तमान में नेपाल की भीषण बाढ़ के समय भी भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए राहत सामग्री, बचाव विशेषज्ञों और तकनीकी दलों को भेजकर पड़ोसी धर्म निभाया है।25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में इमारतें तथा बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ। भारत ने बिना समय गंवाए “ऑपरेशन मैत्री” शुरू किया और राहत एवं बचाव दल नेपाल भेजे।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की 16 विशेष खोज एवं बचाव की संवेदनशीलता का एक उल्लेखनीय उदाहरण यह भी रहा कि मलबे से मिले सोने के आभूषण और मुद्रा जैसी मूल्यवान वस्तुएँ सुरक्षित रखकर नेपाली अधिकारियों को सौंप दी गईं। आपदा के बीच भी ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की यह मिसाल अपने आप में बहुत कुछ कहती है।यह केवल पड़ोसी की सहायता नहीं थी, यह उस भारतीय संस्कार की अभिव्यक्ति थी, जिसमें संकट में पड़े व्यक्ति की सहायता करना अपना कर्तव्य माना जाता है।भारत कभी भी आपदाओं में पीछे नहीं रहा, अनेकों देश इसको बखूबी जानते हैं। नेपाल, तुर्किये, सीरिया, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, फिजी, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मोजाम्बिक, मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनी, कोमोरोस, सेशेल्स, कांगो गणराज्य, यमन, लीबिया, ग्वाटेमाला इत्यादि जैसे दूसरे देशों की सहायता करने वाला भारत अपने देशवासियों के संकट में भी लगातार मोर्चे पर खड़ा रहा है।अपने देश में भी उत्तराखंड की त्रासदी, चेन्नई की बाढ़, केरल की बाढ़ और वायनाड के भूस्खलन जैसी अनेक आपदाओं में NDRF, सेना, वायुसेना, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर हजारों लोगों की जान बचाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाई।इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि आधुनिक भारत में आपदा प्रबंधन केवल राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं रहा। आज हमारे पास प्रशिक्षित बचाव बल, विशेष उपकरण, मेडिकल सहायता, खोजी श्वान दस्ते, नावें, पर्वतीय बचाव क्षमता और आपदा के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं।आपदा के समय स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, NDRF, SDRF, चिकित्सा दल, स्वयंसेवी संस्थाएँ, सामाजिक संगठन और सामान्य नागरिक सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।दवा, भोजन, सुरक्षित स्थान और जीवन के लिए सहायता, उनके परिजनों को ढूँढने में मदद करना मानवता का फर्ज भारत यूँ तो सदैव निभाता रहा है।दुर्भाग्य से हर आपदा के समय लूटपाट, चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की कालाबाजारी, फर्जी राहत माँग और अफवाह फैलाने जैसी घटनाएँ भी मानवता को शर्मसार कर देती हैं।जिस समय किसी का घर उजड़ चुका हो, परिवार बिछड़ चुका हो और जीवन बचाने के लिए संघर्ष चल रहा हो, उस समय किसी की मजबूरी का लाभ उठाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीयता के विरुद्ध घिनौना कृत्य है।आपदा प्रबंधन अधिनियम में राहत के लिए रखी धनराशि या सामग्री के दुरुपयोग तथा फर्जी राहत दावों के लिए दंड का प्रावधान है। राहत कार्य में बाधा डालना और आपदा के संबंध में झूठी चेतावनी फैलाकर भय पैदा करना भी दंडनीय है।बचाव दलों के काम में बाधा न डालें।अनावश्यक भीड़ न लगाएँ।अफवाहों को आगे न बढ़ाएँ।राहत सामग्री केवल आवश्यकता के अनुसार लें।जरूरतमंद, बुजुर्ग, बच्चे, दिव्यांग और अकेले रह गए लोगों को प्राथमिकता दें।रक्तदान, भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुओं का सहयोग अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से करें।और सबसे महत्वपूर्ण है कि किसी की मजबूरी को अपने लाभ का अवसर न बनाएँ।आपदा में घर टूटते हैं, सड़कें और पुल भी, लेकिन उसी समय बनते हैं इंसानियत के पुल भी।आपदा की घड़ी में प्रशासन की तत्परता, बचाव दलों की बहादुरी, सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता और नागरिकों की संवेदनशीलता, जब एक साथ आती है, तभी आपदा प्रबंधन प्रभावी बनता है।भारत ने संकट में अपने नागरिकों के साथ खड़े होकर और सीमाओं के पार भी सहायता का हाथ बढ़ाकर बार-बार यह सिद्ध किया है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती।भूकंप हो, बाढ़, भूस्खलन या चक्रवात, कुछ ही क्षणों में जीवन की पूरी व्यवस्था बदल जाती है। ऐसे समय में प्रशासन की तत्परता के साथ समाज की संवेदनशीलता और नागरिकों का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है।आपदा की घड़ी मानवता की भी परीक्षा होती है।"आपदा में जो हाथ बढ़ेवही सच्चा सहयोग हैदुख में जो साथ खड़ा रहेवही मानवता का योग हैटूटे घर फिर बन जाएँगेमिट जाएँगे घावसेवा और संवेदना से हीमजबूत होगा देश और समाज।"संकट की घड़ी में भारत ताकत है।देश हित की बात में अंत में यही याद रखना है कि किसी की पीड़ा मेंहमारा छोटा-सा सहयोग भीकिसी के जीवन की बड़ी उम्मीद बन सकता है। |
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| 04 September 2026 |
| बदलाव का संकल्प - अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा चुनाव में 2014 लोकसभा चुनाव जैसी ऐतिहासिक बयार...- संजीव चाण्डक |
| अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 31वें सत्र के चुनाव आज ठीक उसी ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं, जैसे 2014 में देश के लोकसभा चुनाव थे। उस वक्त देश में व्याप्त अनियमितताओं, विसंगतियों और व्यवस्थागत कमियों के बीच सत्ता परिवर्तन की एक प्रचंड लहर चली थी, और गुजरात से आए एक मजबूत नेतृत्व ने पुराने ढर्रे को बड़ी शिकस्त दी थी। ठीक उसी तरह, महासभा के इस सामाजिक चुनावी महाकुंभ में भी इस बार गुजरात की पावन धरा से ही एक अत्यंत गरिमामयी, कर्मठ और भामाशाह व्यक्तित्व श्री त्रिभुवन काबरा जी का नाम सामने आया है। वे महासभा में व्याप्त विसंगतियों और संकीर्णताओं को जड़ से समाप्त करने का 'बदलाव संकल्प' लेकर चुनावी समर में उतरे हैं। देश के कोने-कोने में फैले जागरूक, प्रबुद्ध और परिपक्व माहेश्वरी समाज प्रतिनिधि आज उन्हें नेतृत्व सौंपने के लिए पूरी तरह आतुर हैं।आगामी 20 सितंबर को होने वाले इस चुनाव में भारी से भारी मतदान करें। 'सेवा पथ कर सेवा पथिक पैनल' के सभी राष्ट्रीय एवं आंचलिक प्रत्याशियों को प्रचंड मतों से विजयी बनाकर समाज के नव-निर्माण में अपनी आहुति दें।सनद रहे, यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं है, बल्कि यह चुनाव समाज को एक चमत्कारी विज़न देने, युवाओं के असीम उत्साह को पंख लगाने और विसंगतियों को सदैव के लिए समाप्त करने का ऐतिहासिक शंखनाद है। |
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| 31 August 2026 |
| एक सवाल… जिसका जवाब माँ के पास नहीं था - भारती सुजीत बिहानी |
| तीज का त्योहार था।चारों ओर उत्सव का माहौल था। घर-आँगन में रौनक थी। कहीं मेहंदी की खुशबू थी, तो कहीं सुहाग के गीतों की मधुर आवाज़ सुनाई दे रही थी।राधिका सुबह से ही तीज की तैयारियों में लगी हुई थी। पूजा की थाली सजा चुकी थी। लाल चुनरी, मेहंदी और सुहाग की सारी चीज़ें करीने से रखी थीं।काम निपटाकर उसने अपनी बेटी को फोन लगाया।कुछ देर तक माँ-बेटी के बीच हँसी-मजाक और घर-परिवार की बातें होती रहीं। तभी अचानक बेटी की आवाज़ थोड़ी गंभीर हो गई।“मम्मा… एक बात पूछूँ?”राधिका मुस्कुराते हुए बोली,“हाँ बिटिया, पूछो।”“मम्मा… नाराज़ तो नहीं होगी?”“अरे नहीं, ऐसी क्या बात है? पूछो।”बेटी कुछ पल चुप रही, फिर बोली—“मम्मा, एक बात मेरी समझ में नहीं आती… पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी ही व्रत क्यों करती है?”राधिका चुप हो गई।बेटी ने फिर पूछा—“क्या पत्नी को लंबी उम्र नहीं चाहिए?”राधिका के हाथ जैसे ठिठक गए।जिस पूजा की थाली वह अभी सजा रही थी, उसी पर उसकी नज़र टिक गई।बेटी बोलती रही—“मम्मा, बचपन से देखती आई हूँ कि तीज हो या करवा चौथ, पत्नी पति की लंबी उम्र की कामना करती है। निर्जल व्रत रखती है, पूजा करती है, दुआ माँगती है। इसमें गलत कुछ नहीं है… प्रेम से किया गया व्रत बहुत खूबसूरत भावना है।”“लेकिन अगर पति भी अपनी पत्नी के लिए उसी तरह व्रत रखे, उसकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करे, तो क्या वह प्रेम और भी सुंदर नहीं होगा?”राधिका के पास कोई जवाब नहीं था।वह अपनी बेटी की बात सुन रही थी, मगर उसके मन में जैसे वर्षों पुराने कई दृश्य एक साथ घूमने लगे।उसे याद आया—उसकी माँ भी तीज का व्रत रखती थीं। दादी भी रखती थीं। उसने भी विवाह के बाद इसे परंपरा समझकर निभाना शुरू कर दिया था।कभी उसने यह सवाल खुद से पूछा ही नहीं था।उसने हमेशा यही माना था कि“पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी का व्रत रखना ही तो तीज है।”लेकिन आज बेटी ने एक छोटा-सा सवाल पूछकर उसके सामने सोचने का एक नया दरवाज़ा खोल दिया था।राधिका ने धीरे से कहा—“बेटा… शायद परंपराएँ हमें बहुत कुछ सिखाती हैं, लेकिन कभी-कभी उनके पीछे छिपे भाव को नए समय की नज़र से समझना भी जरूरी होता है।”बेटी मुस्कुराई।“तो मम्मा, इस बार आप मेरे लिए एक और प्रार्थना करना।”“क्या?”“अपने लिए भी।”राधिका की आँखें नम हो गईं।“हाँ बिटिया… इस बार मैं अपने लिए भी प्रार्थना करूँगी।”बेटी ने हँसते हुए कहा—“और पापा से भी कहना कि आपकी लंबी उम्र के लिए वो भी कुछ माँगें।”दोनों हँस पड़ीं।फोन कट गया।राधिका कुछ देर तक वैसे ही बैठी रही।फिर उसने पूजा की थाली में एक दीपक जलाया और हाथ जोड़कर बोली—“हे माँ गौरी, मेरे सुहाग को सुखी और स्वस्थ रखना… और मुझे भी इतनी ही अच्छी सेहत, लंबी उम्र और खुशियाँ देना, ताकि हम दोनों जीवन की राह साथ-साथ पूरी कर सकें।”उस दिन राधिका ने तीज का व्रत रखा।लेकिन पहली बार उसे लगा कि व्रत केवल किसी एक की लंबी उम्र की कामना नहीं, बल्कि दो दिलों की एक-दूसरे के लिए मंगलकामना का नाम भी हो सकता है।परंपरा अपनी जगह थी…प्रेम अपनी जगह।और उस दिन राधिका ने अपनी बेटी के एक मासूम सवाल से यह सीख लिया था कि—रिश्ता तभी खूबसूरत होता है,जब दुआ दोनों के लिए हो,चिंता दोनों की हो,और जीवन की राह भी दोनों साथ चलें।बेटी का सवाल छोटा था,लेकिन उसने राधिका के मन मेंएक बहुत बड़ी सोच जगा दी थी। |
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| 12 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 12 सितंबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- प्रतिपदा 7:45am तक पश्चात:- द्वितीया*नक्षत्र* :- उत्तराफाल्गुनी 12:31pm तक पश्चात:- हस्त*योग* :- शुभ*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- कन्या*दिशाशूल* :- पूर्वसूर्योदय :- 06:05amसूर्यास्त :- 06:35pm*राहुकाल का समय* 09:15am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- शनिवारअधिदेव :- ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शनिवारराशि :- सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए शनि अशुभ हो तो वह जातक अथवा दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलराशिफल*मेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।*मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है। |
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| 11 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 11 सितंबर 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि* :- अमावस्या 08:58am तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र*: - पूर्वा फाल्गुनी :- 01:14pm तक पश्चात:- उत्तरा फाल्गुनी*योग*:- साध्य*करण* :- गर*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- सिंह 07:08pm:- कन्या*दिशाशूल* :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:05amसूर्यास्त :- 06:39pm*राहुकाल का समय* 10:59pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:29pm से 01:05pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:-04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- शुक्रवारअधिदेव :- इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :- वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज ऑफिस में किसी पुराने प्रोजेक्ट की फाइल दोबारा आपके पास आ सकती है और उसमें सुधार करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो किसी परिचित से अवसर की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में भुगतान अटकने की चिंता दूर होगी। घर में किसी जरूरी सामान की खरीदारी हो सकती है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित होगा।वृषभ राशि :-आज बैंक, कागजी काम या किसी जरूरी दस्तावेज से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और समय सीमा के भीतर काम पूरा करना जरूरी होगा। व्यापारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा ऑर्डर मिल सकता है। घर में किसी बुजुर्ग की सलाह काम आएगी। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।मिथुन राशि :-आज सुबह से काम की व्यस्तता अधिक रहेगी और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। नौकरी में बॉस आपके काम की समीक्षा कर सकते हैं। व्यापार में छोटी रकम का लाभ मिल सकता है। किसी मित्र के माध्यम से उपयोगी संपर्क बनेगा। घर में बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान या मरम्मत से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है।कर्क राशि :-आज किसी पुराने परिचित से अचानक संपर्क हो सकता है, जिससे काम से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिलेगी। नौकरी में आपकी पुरानी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। व्यापार में माल की खरीदारी करते समय कीमतों की अच्छी तरह जांच करें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य या जरूरी काम को लेकर आपको समय देना पड़ सकता है। दोपहर बाद स्थिति अधिक व्यवस्थित होगी।सिंह राशि :-आज कार्यस्थल पर मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यापारियों को बड़ी डील पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम निर्णय सोचकर लें। घर में खर्च से जुड़ा कोई मुद्दा उठ सकता है। संपत्ति या वाहन संबंधी कागजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।कन्या राशि :-आज कोई रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। नौकरी में अतिरिक्त काम मिल सकता है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर दिखाई देगा। व्यापार में स्टॉक या सामान की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए समय रहते व्यवस्था करें। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। नींद पूरी रखें।तुला राशि :-आज नौकरी में किसी सहकर्मी की गलती का असर आपके काम पर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी जानकारी खुद जांच लें। व्यापार में ग्राहक से बातचीत के दौरान पुरानी शर्तों पर फिर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। घर में किसी कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। दोपहर के बाद कोई महत्वपूर्ण फोन या संदेश आपके काम को आगे बढ़ाएगा।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप समय पर काम संभाल लेंगे। व्यापार में उधार पर सामान देने से पहले भुगतान की स्थिति जांच लें। किसी पुराने निवेश या बचत से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। परिवार में संपत्ति या घर की व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। बाहर का खाना कम करें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।धनु राशि :-आज यात्रा, मीटिंग या किसी दूसरे शहर से जुड़े काम की योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ काम का तरीका भी बदल सकता है। व्यापारियों को ऑनलाइन या नए माध्यम से ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक लाभ के लिए दिन ठीक है, लेकिन बिना जांचे किसी योजना में पैसा न लगाएं। घर में किसी जरूरी खरीदारी पर खर्च होगा।मकर राशि :-आज किसी अधिकारी या अनुभवी व्यक्ति से हुई बातचीत आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी चर्चा आगे बढ़ेगी। व्यापार में पुराना ग्राहक फिर संपर्क कर सकता है। घर की मरम्मत, किराए या संपत्ति से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना पड़ सकता है, समय का ध्यान रखें।कुम्भ राशि :-आज आपको काम करने का नया तरीका अपनाना पड़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या सिस्टम से जुड़ी परेशानी कुछ समय के लिए काम रोक सकती है। व्यापार में ऑनलाइन भुगतान और लेन-देन की जांच जरूर करें। किसी रिश्तेदार के घर से जरूरी सूचना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अचानक आने वाले छोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि बचाकर रखें।मीन राशि :-आज किसी पुराने आवेदन, दस्तावेज या सरकारी काम से जुड़ी खबर मिल सकती है। नौकरी में रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा और आपकी भूमिका स्पष्ट होगी। व्यापार में छोटे लेकिन लगातार लाभ के योग हैं। घर में किसी सदस्य की जरूरत के लिए खर्च करना पड़ सकता है। शाम को भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय रहेगा। जल्दबाजी में वादा करने से बचें।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |
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| 10 September 2026 |
| राजसमंद जिला माहेश्वरी सभा की कार्यकारिणी बैठक संपन्न |
| राजसमंद जिला माहेश्वरी सभा की कार्यकारिणी की बैठक रविवार, 6 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, चारभुजा में आयोजित हुई। बैठक में राजसमंद जिले के जिला कार्यकारिणी सदस्य तथा जिले के विभिन्न ग्रामों एवं शहरों की माहेश्वरी सभाओं के अध्यक्ष एवं सचिव उपस्थित रहे।बैठक में जिला सभा के कोषाध्यक्ष मनोज छापरवाल ने वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट प्रस्तुत किया, जिस पर सदस्यों ने चर्चा की। जिला सभा द्वारा आगामी 22 सितंबर 2026 को चारभुजा में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शीतल पेय एवं ठंडाई वितरण करने का निर्णय लिया गया।बैठक में समाज के परिचय सम्मेलन, चिकित्सा शिविर, साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूकता, जिले की समाज स्मारिका के प्रकाशन सहित समाज में निरंतर संचालित योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें आईएएस मिशन, विधवा पेंशन, शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति आदि योजनाएं प्रमुख रहीं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 10 सितंबर 2026 को जिला सभा द्वारा भंवरी देवी, पत्नी स्व. सूरज करण सोमानी एवं अनंता अस्पताल, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का आयोजन मार्बल गैंगसा एसोसिएशन भवन, केलवा-आमेट रोड, बस स्टैंड के पास, ग्राम आईडाणा, राजसमंद में होगा।जिला अध्यक्ष विष्णु गोपाल सोमानी ने आगामी कार्यकारिणी एवं कार्यसमिति की घोषणा की। कार्यकारिणी में जिला अध्यक्ष विष्णु गोपाल सोमानी (आमेट), वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन लाल लढ्ढा (राजनगर), सचिव जगदीश मंडोवरा (कांकरोली), कोषाध्यक्ष मनोज छापरवाल (नाथद्वारा), उपाध्यक्ष प्रथम कृष्ण गोपाल माहेश्वरी (नाथद्वारा), उपाध्यक्ष द्वितीय नारायण लाल बाहेती (केलवाड़ा), संगठन मंत्री लक्ष्मीलाल ईनाणी (कांकरोली), संयुक्त मंत्री अभिषेक मनिहार (देवगढ़) एवं कल्पेश बाहेती (रेलमगरा) तथा प्रचार मंत्री रामराय जागेटिया (कोटड़ी) शामिल हैं।कार्यसमिति में सुंदरलाल मंडोवरा, सुनील लखोटिया, विनोद पोरवाल, जगदीश देवपुरा, प्रदीप काबरा, डॉ. पंकज राठी, जगदीश चंद्र डांड, मनोज देवपुरा, सतीश तापडिय़ा, सतीश पोरवाल, शिवकुमार नुवाल, आचार्य कन्हैया लाल मंडोवरा, कन्हैया लाल मालीवाल, सत्यनारायण लड्ढा, मुकेश देवपुरा एवं गोविंद बाहेडिय़ा को शामिल किया गया।श्री विष्णु गोपाल सोमानी ने अखिल भारतीय माहेश्वरी सभा के लिए सत्य प्रकाश काबरा (कांकरोली), रामगोपाल सोमानी (कांकरोली) एवं विष्णु गोपाल सोमानी (आमेट) का चयन किया।वहीं दक्षिण राजस्थान प्रादेशिक सभा के लिए सुभाष काबरा (नाथद्वारा), भगवती लाल असावा (कांकरोली), मनोज छापरवाल (नाथद्वारा), खूबचंद झंवर (आमेट), ख्याली लाल जागेटिया (कुरज), संपत लाल लढ्ढा (राजनगर), गणेश लाल पोरवाल (कुंवारिया), रामगोपाल अजमेरा (कांकरोली), अशोक मंडोवरा (रेलमगरा), भगवती लाल ईनाणी (नाथद्वारा) एवं घनश्याम असावा (केलवाड़ा) का चयन किया गया। सभी चयनित सदस्यों का जिला सभा की ओर से उपर्णा ओढ़ाकर सम्मान किया गया तथा उन्हें पद की शपथ दिलाई गई।जिला अध्यक्ष विष्णु गोपाल सोमानी ने जिलेभर से बैठक में पधारे सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन जिला सभा के सचिव जगदीश मंडोवरा ने किया। बैठक के दौरान समाज के दिवंगत समाजबंधुओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ बैठक के समापन की घोषणा की गई। |