बीकानेर की एकता बिनानी ने लहराया सफलता का परचम
सुधैव कुटुम्बकम के रंग में रंगा माहेश्वरी समाज — अहमदाबाद में भव्य सांस्कृतिक आयोजन
भीलवाड़ा में नारी शक्ति उत्कर्ष उत्सव का आयोजन सम्पन्न
पंचांग और राशिफल

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बीकानेर की एकता बिनानी ने लहराया सफलता का परचम
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा हाल ही में घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में बीकानेर की प्रतिभाशाली छात्रा एकता बिनानी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने परिवार एवं शहर का नाम गौरवान्वित किया है। एकता बिनानी, पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक एवं लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी और सरोज बिनानी की पोती हैं। उनके माता-पिता डॉ. राकेश बिनानी एवं जयश्री बिनानी ने भी इस उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। परिवारजनों ने एकता को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।अपनी सफलता पर एकता ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के सहयोग, दादा-दादी के मार्गदर्शन और गुरुजनों की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को अपनी सफलता का मुख्य आधार बताया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने एकता का सम्मान करते हुए कहा कि यह परिणाम उसकी मेहनत, लगन, एकाग्रता और अध्ययन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एकता भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी। माहेश्वरी सेवक परिवार सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने एकता बिनानी को इस उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
18 April 2026
सुधैव कुटुम्बकम के रंग में रंगा माहेश्वरी समाज — अहमदाबाद में भव्य सांस्कृतिक आयोजन
29 मार्च 2026 को अहमदाबाद जिला माहेश्वरी सभा द्वारा 'वसुधैव कुटुम्बकम संस्कृति के रंग, AJMS के संग' नामक भव्य एवं श्रृंखलाबद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में जिला सभा के छह क्षेत्रों की महिला एवं बाल प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत ओढव क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण महेश वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात विभिन्न महिला संगठनों एवं संस्थाओं की नारी शक्तियों ने थीम आधारित रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों में देशभक्ति, होली, गणगौर, महाभारत नृत्य सहित विविध सांस्कृतिक विषयों को खूबसूरती से मंचित किया गया।इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने 1000 से अधिक उपस्थित समाज बंधुओं को अंत तक बांधे रखा और पूरे कार्यक्रम में उत्साह एवं आनंद का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण माहेश्वरी एक्टिव क्लब, ओढव द्वारा प्रस्तुत 'नानी बाई का मायरा' नाट्य मंचन रहा, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना मिली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अहमदाबाद के सभी माहेश्वरी संगठनों एवं परिवारों को एक मंच पर लाकर 'हम माहेश्वरी एक हैं' की भावना को सुदृढ़ करना था, जिसमें आयोजक पूर्णत: सफल रहे। कार्यक्रम की सर्वत्र सराहना की गई और यह सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बना। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य सौजन्यकर्ता के रूप में श्री लालाराम, श्री मुलचंद, श्री मथुरालाल, श्री रामेश्वरलाल, श्री श्यामलाल जी, श्री कल्याणमल, श्री कन्हैयालाल एवं श्री चतर खटोड परिवार का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।
18 April 2026
भीलवाड़ा में नारी शक्ति उत्कर्ष उत्सव का आयोजन सम्पन्न
आर.के.आर.सी. महिला संगठन भीलवाड़ा द्वारा 3 अप्रैल 2026 को आर.के.आर.सी. महेश सेवा संस्थान में नारी उत्कर्ष शुभारम्भ कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन की अध्यक्षा श्रीमती पल्लवी लड्ढा ने की, जिन्होंने वर्ष 2026-2029 की नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए सचिव पद पर रंजना बिड़ला, कोषाध्यक्ष पद पर सुमित्रा दरगड एवं संगठन मंत्री के रूप में आशा दरगड को निर्वाचित घोषित किया। इस अवसर पर धार्मिक अंताक्षरी का विशेष आयोजन किया गया, जो सुंदरकांड की चौपाइयों पर आधारित था और सभी प्रतिभागियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभा प्रदर्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें मेवाड़ी धार्मिक कहानियां, मेवाड़ी गीत, कविता पाठ एवं भजन प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस प्रतियोगिता में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पारितोषिक प्रदान किए गए। इस गरिमामय अवसर पर संगठन की पूर्व अध्यक्षों लाड देवी लड्ढा, वंदना नुवाल, इंद्रा हेडा तथा वरिष्ठ सदस्य स्नेहलता तोषनीवाल, निवर्तमान अध्यक्षा चेतन जागेटिया एवं निवर्तमान सचिव मीनू झंवर का मोमेंटो देकर विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिखा भदादा एवं रीना डाड की उपस्थिति रही। मंच संचालन विनीता नुवाल द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। इस भव्य आयोजन में लगभग 180 महिलाओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम को सफल बनाया। यह आयोजन नारी शक्ति, प्रतिभा और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रेरणादायक उदाहरण रहा। 
17 April 2026
माहेश्वरी महिला समिति बीकानेर की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन
माहेश्वरी महिला समिति बीकानेर के वर्ष 2026 से 2029 तक के लिए कार्यकारिणी के चुनाव 13 मार्च को सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सर्वसम्मति से संपन्न हुए। चुनाव परिणाम के अनुसार अध्यक्ष पद पर श्रेया राठी, सचिव पद पर अनुभा बागड़ी, कोषाध्यक्ष पद पर सीमा चांडक, संगठन मंत्री के रूप में रेखा लोहिया, सलाहकार मंत्री के रूप में अंजलि झंवर, प्रचार-प्रसार मंत्री के रूप में निशा झंवर तथा सांस्कृतिक मंत्री के रूप में अंजलि चांडक एवं उषा लढ़ा को निर्वाचित किया गया। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर माया चांडक एवं अंजू लोहिया, उपसचिव पद पर संगीता बिनानी एवं रेणु झंवर का चयन किया गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में हेमलता मोहता, संतोष राठी, अनीता बागड़ी, अंजू लढ़ा एवं लता दम्माणी को जिम्मेदारी सौंपी गई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किरण झंवर, कंचन राठी, विभा बिहाणी, सरला लोहिया एवं ज्योति दरगड की गरिमामयी उपस्थिति रही। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को समिति के सदस्यों ने हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल एवं प्रभावी कार्यकाल की कामना की।

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भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान - डॉ. रीना रवि मालपानी
राम नाम के अनन्य प्रेमी भक्त शिरोमणि अंजनीसुत हनुमानजी की महिमा से भला कौन परिचित नहीं है। रामायण की कल्पना रामदूत हनुमान के बिना नहीं की जा सकती। भक्त और भक्ति की उत्कृष्टता को सिद्ध करने वाले हनुमानजी की लीला न्यारी है। श्रीराम दूत हनुमान भक्ति की उच्च पराकाष्ठा को सिद्ध करते है इसी कारण श्रीराम भी सदैव उनके साथ ही अपनी पूर्णता को प्रदर्शित करते है, इसीलिए उन्हें भक्त शिरोमणि की भी संज्ञा दी गई है। रामायण में हनुमानजी का नहीं श्रीराम दूत के नवीन रूप का अवतरण हुआ, जो हमें यह सिखाता है कि हम अपनी सेवा, भक्ति, कर्मों एवं प्रयासों से नवीन स्वरूप में संसार के समक्ष प्रत्यक्ष हो सकते है। महादेव के अंश रुद्रावतार ने श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति एवं प्रेम को हृदय में विराजमान किया। महादेव को भोलेनाथ कहा जाता है, यही गुण उनके रुद्रावतार हनुमानजी के स्वभाव में परिलक्षित होता है। वे भी प्रभु श्रीराम की प्रसन्नता के लिए पूरे शरीर पर सिंदूर धारण करते है।जहाँ धन, पद और यश के लालच में व्यक्ति अपना सुख चैन, सर्वस्व त्याग देता है, वहीं हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम के आग्रह पर उनके चरणपद ही माँग लिए और बाकी सबका सहज ही त्याग कर दिया। हनुमानजी की अनूठी विशेषता उनका अहंकार शून्य होना भी है। हनुमानजी की प्रतिभा संपन्नता तो हमें बाल्य रूप से ही दिखाई देने लगती है। भूख लगने पर सूर्य को फल समझकर खा लेना, उनकी अद्भुत शक्ति संपन्नता को प्रदर्शित करता है, परंतु अपने सम्बोधन में वे रामदूत के उच्चारण को ही प्राथमिकता देते है। हनुमानजी में यदि सेवा भाव एवं पूर्ण समर्पण था, तो वहीं श्रीराम भी हनुमान के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखते थे। ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी की एक और विलक्षण विशेषता यह है कि वे अपना परिचय सदैव श्रीराम के दूत के रूप में देते है।हनुमानजी इतने बुद्धिमान है कि उन्हें ज्ञात है कि कब उन्हें लघु रूप धारण करना है और कब वृहद रूप धारण करके श्रीराम के कार्यो को शीघ्रता से सम्पन्न करना है। हमें सदैव अपने कार्य के प्रति उत्साह का भाव दिखाना चाहिए। जब श्रीराम के कार्य को पूरा करने के लिए हनुमान समुद्र पार करने गए तो वे अत्यंत उत्साहित थे और लक्ष्य के प्रति दृढ़निष्ठ थे। जब मैनाक पर्वत ने उन्हें रुकने को कहा तो उन्होने कहा मुझे शीघ्रता से माता सीता का पता लगाना है और तत्परता से श्रीराम का कार्य करना है। कार्यों को प्राथमिकता देना भी हमें हनुमानजी से सीखना चाहिए।    श्रीराम दूत हनुमान के जीवन में भक्ति और शक्ति का अनूठा समन्वय दृष्टिगोचर होता है। रामायण का प्रत्येक चरित्र अद्भुत है, परंतु रामायण के प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य को पूर्णता हनुमानजी ने दी। समुद्र लाँघना हो, माता सीता का पता लगाना हो, लंका दहन करना हो या लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करनी हो, यह सभी कार्य हनुमानजी के द्वारा पूर्णता को प्राप्त हुए; फिर भी वे प्रत्येक कार्य की सफलता का श्रेय श्रीराम को देते है। हनुमानजी के गुण स्वरूप कार्यों एवं आदर्शों के अनुरूप ही उनके बारह नाम है, जो मनुष्य को अदम्य साहस और ऊर्जा प्रदान करते है। हनुमान, अंजनीसुत, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ठ, फाल्गुनसखा, पिङ्गाक्ष, अमितविक्रम, सीताशोकविनाशन, लक्ष्मण प्राणदाता, दशग्रीवदर्पहा इन सभी नामों को स्मरण करने से जीवन के पाप और संताप नष्ट होते है। कलयुग में हनुमान चालीसा और सुंदरकाण्ड तो हनुमानजी की कृपा प्राप्ति के लिए भक्तो के अमोघ शस्त्र है। हनुमान चालीसा की उत्कृष्टता तो इस बात में निहित है कि स्वयं गौरी के ईश महादेव उसके साक्षी बनते है। हनुमान चालीसा भी हममे अदम्य शक्ति, साहस, भक्ति एवं ऊर्जा का अंकुरण करती है। श्रीरामकथा श्रवण के प्रेमी हनुमानजी सदैव श्रीराम के नाम स्वरूप एवं गुणों का दर्शन करते है। यदि हम जीवन के उपवन में भक्ति एवं प्रसन्नता के प्रसून को पल्लवित और पुष्पित करना चाहते है तो असाध्य कार्य को भी साध्य करने वाले रामभक्त हनुमान की शरण ग्रहण कर लेना चाहिए। अद्वितीय भक्ति की प्रतीक माता सीता ने उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि का आशीष दिया है। हनुमानजी की विलक्षण लीला हमें शिक्षा देती है कि व्यक्ति के जीवन में कर्म ही प्रधान होते है। उन्हीं कर्मो की वजह से हनुमानजी श्रीराम को भरत एवं लक्ष्मण के समान प्रिय हुए। हनुमानजी की आत्मा की सुंदरता तो माता जानकी और श्रीराम के उनके हृदय में विराजमान होने से है। भक्त शिरोमणि हनुमान भगवान और भक्ति सब कुछ प्रदान करने का सामर्थ्य रखते है। संसार के प्रत्येक दुर्गम कार्य को सुगमता से करने की क्षमता हनुमानजी में है। श्रीराम दूत के सम्बोधन से तो वे अति प्रसन्न हो जाते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा करते है। स्वयं उत्तम चरित्र से शोभायमान हनुमानजी हमेशा श्रीराम के चरित्र को सुनने के लिए लालायित रहते है। समस्त सद्गुणों के स्वामी हनुमानजी संकट मोचक है। हनुमान जन्मोत्सव जैसे उत्सव हममे भक्ति की अनूठी ऊर्जा का संचार करते है। अक्सर सांसरिक मोहमाया से भगवान की स्मृति खो देते है, परंतु प्रत्येक उत्सव हममे भगवान की स्मृति को जीवंत करता है। महाभारत में जब कुंती ने श्रीकृष्ण से दु:ख मांगा तब श्रीक़ृष्ण ने कहा की आपका पूरा जीवन अथक संघर्षों में व्यतीत हुआ इसके पश्चात भी आप दु:ख माँग रही है। तब उन्होने गोविंद को उत्तर दिया की दु:ख में सदैव आपकी स्मृति बनी रहती है। इसी प्रकार यह छोटे-छोटे उत्सव हमें भगवान के नाम रूपी बैंक में निवेश करने को प्रेरित करते है, जोकि मनुष्ययोनि की सच्ची कमाई है। तो आइये उन्हीं श्रेष्ठ भक्त शिरोमणि हनुमानजी के जन्मोत्सव को पूर्ण हर्षो-उल्लास से मनाए। भक्ति में भाव की प्रधानता होती है। प्रभु कभी भी पूजा के मापदंड एवं भक्ति के क्रियाकलाप नहीं देखते। राम कीर्तन भी हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है। चारों युग में अपनी कीर्ति को प्रतिष्ठित करने वाले हनुमानजी कलयुग में राम कथा होने पर यत्र-तत्र विराजमान होते है, तो हम श्रीराम नाम के उद्घोष के साथ सहज ही राम भक्त हनुमान की कृपा को प्राप्त कर सकते है।     डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)
25 March 2026
असाध्य को साध्य बनाते श्री राम - डॉ. रीना रवि मालपानी
राम नाम की महिमा तो देवाधिदेव महादेव से श्रेष्ठ कोई भी व्यक्त नही कर सकता, जो गृहस्थ जीवन में माता उमा सहित प्रभु राम की आराधना में लीन रहते है। महादेव ने सिर्फ राम नाम को रखकर बाकी सभी वितरित कर दिया था। भगवान श्री राम के प्रति महादेव का प्रेम इतना अद्भुत है कि वे राम नाम श्रवण के लिए शमशान में निवास करते है। वे माता पार्वती को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने पर बताते है कि है देवी राम नाम विष्णु सहस्त्रनाम के तुल्य है। मैं सर्वदा राम नाम में ही रमन करता हूँ। महादेव ने अपने 11वें रुद्र अवतार में भी श्री राम के प्रति अपना अनन्य प्रेम और भक्ति प्रदर्शित की। हनुमान सदैव श्री राम के सानिध्य में रहना चाहते है। राम भक्ति में ही वे आनंद के अभिभूत रहते है। भगवान राम के अवतरण में असाध्य को साध्य बनाने का अनूठा रहस्य छुपा है। भगवान श्री राम के जीवन में धैर्य सबसे अनूठा मूल मंत्र रहा है, जो नारायण स्वरूप श्री राम पलक झपकते ही सृष्टि का सर्वस्व परिवर्तित कर सकते थे, उन्होने श्रीराम बनकर छोटे-छोटे कार्यो को संपादित कर अपने लक्ष्य को साधा। जिनकी सेवा में समस्त सृष्टि सेवारत रहती है उन्होने राम से श्रीराम बनने की यात्रा में सहजता, सरलता और त्याग को अपनाकर छोटे-छोटे संसाधन जुटाकर उन संसाधनों से विजय को प्राप्त करना सिखाया। दुनिया अक्सर असमानता के भाव से दूसरों को न्यून समझकर अस्वीकार करती है, वहीं श्रीराम ने वानर सेना का सहयोग लेकर दुनिया को सफलता का मूल मंत्र सिखाया कि हर कोई स्वयमेव श्रेष्ठ होता है।श्रीराम के चरित्र में हमें रणभूमि के साथ मनभूमि पर भी विजय प्राप्त करने का संदेश मिलता है। जिन सीता माता के श्रीराम वन-वन भटके, जिनको रावण की कैद से मुक्त करवाने के लिए श्रीराम ने युद्ध तक का मार्ग तय किया, उनको छोड़ना श्रीराम के लिए सहज नहीं होगा, पर श्रीराम की जीवन यात्रा में स्वयं का सुख निहित नहीं था। वे तो जनकल्याण के लिए अवतरित हुए थे। मर्यादा पुरषोत्तम स्वरूप को साकार रूप देने आए थे, इसलिए अपनी संतान के विरह के मार्ग को भी सहर्ष स्वीकार किया। श्रीराम की पूरी जीवन यात्रा प्रत्येक स्वरूप में नए आयामों को स्थापित करने के लिए थी। उन्होने राज्य का भोग नहीं अपितु वनवास में रहकर अपने भक्तों की प्रार्थना और मनोरथ को सुना। भक्ति के अधीन होकर वे स्वयं अपने भक्तों के उद्धार के लिए जनमानस के बीच गए। जिनके चरण कमल के समान है, जिनके नयन कमल के समान है उन श्रीराम ने वनवास की प्रतिकूलता भी सहर्ष स्वीकार की। श्रीराम की विलक्षण लीला में माया रूपी सोने के मृग का अनुसरण करना भी शामिल था। स्वयं ब्रह्म होकर माया के पीछे दौड़ना मानवीय लीला का ही अंग है, क्योंकि उन्हें तो आगामी वर्षो के लिए मानव कल्याण के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना था। प्रत्येक परिस्थिति से समाज को शिक्षा देना था। श्रीराम का जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि यदि जीवन में कुछ अप्रत्याशित भी घटता है तो उस पर अतिरिक्त प्रतिक्रिया न देकर नियति के निर्णय को सहज स्वीकार करना चाहिए। श्रीराम ने यह सिखाया की जीवन हमारे अनुसार नहीं बल्कि नियति के अनुसार चलता है। प्रजा की प्रसन्नता के लिए श्रीराम ने अपना सुख, नींद, चैन, सर्वस्व सहर्ष ही त्याग दी। श्रीराम ने शबरी की कुटिया में स्वयं जाकर यह सिद्ध किया कि यदि भक्त की भक्ति, प्रतीक्षा और विश्वास अडिग है तो प्रभु कभी उसे अस्वीकार नहीं करते। श्रीराम ने देवी अहिल्या को भी पाप के श्राप से मुक्त कर उनका उद्धार किया। श्रीराम की साधना तो सदैव भक्त का हित ही करती है। श्रीराम हमें पाप और संताप से पूर्णतः मुक्त कर सकते है। राम नाम हमें कुमति से सुमति प्रदान करता है। श्रीराम की प्रत्येक लीला मानव जीवन को साहस, धैर्य और त्याग को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है। राम नाम तो सभी अमंगल का हरण करने वाला है, इसलिए जब श्रीराम हृदय में वियरजमान हो जाते है तो सर्वत्र मंगल ही मंगल होता है। श्रीराम के अवतरण में छल-कपट कहीं भी दृष्टिगत नहीं होता है। राम नाम मन की पवित्रता और निर्मलता का कारक है और रामायण इस बात का साक्षी है कि यदि मन में श्रीराम की साधना दृढ़ हो तो श्रीराम का जीवन में आना निश्चित है। निश्छल भक्ति होने पर ही श्रीराम के चरण पखारने को मिलते है और प्रभु स्वयं चलकर अपने भक्त को यह सौभाग्य देते है। यह केवट का प्रसंग हमें सिखाता है। राम के जीवन में निर्मलता और सरलता का प्रवाह सर्वत्र विद्यमान था। मन का भाव ही श्रीराम की कृपा प्रदान करवाता है। जब श्रीराम ने पृथ्वी पर लीला समाप्त कर वापस प्रस्थान करने हेतु हनुमान जी से कहा तो हनुमान जी ने पूछा क्या प्रभु मुझे वहाँ श्रीराम कथा श्रवण करने को मिलेगी और यह जानकर ही उन्होने धरती पर निवास करने का निश्चय किया, इसी कारण वे सदैव श्रीराम कथा में उपस्थित रहते है, क्योंकि उन्हें राम नाम प्राणों से भी अधिक प्रिय है।      राम नाम तो हमें जीवन में शाश्वत यश और आनंद प्रदायक है। श्रीराम के स्वरूप में सभ्यता, विचारधारा, संस्कृति एवं समानता का उत्कृष्ट रूप समन्वित है। राम नाम कि उत्कृष्टता तो उनके स्वरूप से भी अधिक है (राम से बड़ा राम का नाम)। राम का नाम तो इतना औदार्य है कि वो पात्र और अपात्र के निर्णयों में नहीं उलझता। वो तो सदैव कल्याण का मार्ग चयनित करता है। मन को निर्मलता की ओर प्रवाहित करता है। राम रक्षा स्तोत्र में भी उल्लेखित है कि यदि हमारे कर्म रूपी बीज यदि राम नाम के साथ प्रस्फुटित होंगे तो वे हमें अनंत सुख स्मृद्धि एवं सौभाग्य प्रदान करेंगे। इस राम नवमी के पावन अवसर पर यहीं प्रार्थना है कि सूर्यवंशी श्रीराम हम सभी पर अपनी शीतल कृपादृष्टि बनाए रखें और हमें जीवन में धैर्य, साहस और सरलता प्रदान करें, जिससे हम मानवयोनि में कल्याण को प्राप्त करें।

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पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:-  18 अप्रैल 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- बसंत*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- प्रतिपदा 02:18am तक पश्चात:- द्वितीय*नक्षत्र* :- अश्विनी 09:34am तक पश्चात:- भरणी*योग* :- प्रीति*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :- मेष*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:55pm*राहुकाल का समय*  09:55am से 11:15am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 12:55pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफल*मेष राशि :-आज का दिन आपके लिए सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए रहेगा। आप अपने बढ़ते हुए खर्चों पर लगाम लगाकर भविष्य के लिए कोई धन संचय करने की योजना बना सकते हैं, लेकिन वरिष्ठ सदस्यों से बातचीत करते समय आप वाणी की मधुरता को बनाए रखें, नहीं तो उन्हे आपकी कोई बात बुरी लग सकती है। आप अपनी दिनचर्या में योग व व्यायाम को अपनाकर स्वस्थ रहेंगे। आपको अपनी सेहत के प्रति सचेत रहना होगा, नहीं तो कोई समस्या आपको परेशान कर सकती है। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे।वृषभ राशि :-आज का दिन आपके लिए दांपत्य जीवन में खुशियां लेकर आएगा। संतान के विवाह संबंधित यदि कोई वाद विवाद लंबे समय से आपको परेशान कर रहा था, तो आप उसे किसी परिजन के मदद से दूर करने में कामयाब रहेंगे। यदि आप नौकरी के साथ-साथ किसी छोटे-मोटे पार्ट टाइम काम की योजना बना रहे हैं, तो वह आज पूरी हो सकती है। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों को ट्रांसफर मिलने से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। आपको अपनी किसी बात को लेकर आपने साथियों से बातचीत करनी होगी।मिथुन राशि :-आज का दिन आपके लिए दांपत्य जीवन में खुशियां लेकर आएगा। संतान के विवाह संबंधित यदि कोई वाद विवाद लंबे समय से आपको परेशान कर रहा था, तो आप उसे किसी परिजन के मदद से दूर करने में कामयाब रहेंगे। यदि आप नौकरी के साथ-साथ किसी छोटे-मोटे पार्ट टाइम काम की योजना बना रहे हैं, तो वह आज पूरी हो सकती है। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों को ट्रांसफर मिलने से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। आपको अपनी किसी बात को लेकर आपने साथियों से बातचीत करनी होगी।कर्क राशि :-आज का दिन आपका अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा, नहीं तो आप किसी बड़ी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। विद्यार्थियों ने यदि किसी प्रतियोगिता में भाग लिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैं। आईटी और बैंकिंग क्षेत्रो में कार्यरत लोगों को आज करियर में कोई बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। बिजनेस कर रहे लोगों के लिए आज दिन थोड़ा कमजोर रहने वाला है, लेकिन उन्हें गृहस्थ जीवन में चल रही इसी समस्या को नजरअंदाज करने से बचना होगा, नहीं तो वह कोई बड़ा वाद-विवाद करा सकती है। संतान को यदि आप कोई जिम्मेदार देंगे, तो वह उसे समय रहते पूरी करेंगी।सिंह राशि :-आज का दिन आपके लिए आर्थिक सुख सुविधाओं में वृद्धि दिलाने वाला रहेगा। राजनीति में कार्यरत लोगों को सफलता मिल सकती है, क्योंकि उन्हें किसी बड़े नेता से मिलकर कोई बड़ा पद मिल सकता है, लेकिन आपको किसी व्यक्ति से अपने मन में चल रही बातों को शेयर करने से बचना होगा, नहीं तो वह उनका फायदा उठा सकते हैं। व्यापार कर रहे लोगों को लाभ के अवसरों को भी पकड़ लेना होगा, नहीं तो किसी बड़े लाभ के चक्कर में उनके हाथ से निकल सकते हैं। आपको किसी विदेश में रह रहे परिजन से कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी।कन्या राशि :-आज का दिन आपके आत्मविश्वास में वृद्धि लेकर आएगा। आपको किसी वाहन को चलाते समय बहुत ही सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो किसी दुर्घटना के होने का भय सता रहा है। यदि आप साझेदारी में किसी व्यवसाय को करने की योजना बना रहे हैं, तो बिल्कुल ना बनाएं, नहीं तो वह पार्टनर आपको धोखा दे सकता है। जीवनसाथी की किसी गलत बात के लिए यदि आपने हां की तो बाद में आपको इसके लिए पछतावा होगा। आपको किसी काम को लेकर चिंता बनी रहेगी, लेकिन वह चिंता व्यर्थ की होगी।तुला राशि :-आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको आज व्यवसाय में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना होगा व कार्यक्षेत्र में अधिकारी आपके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ा सकते हैं। परिवार में छोटे बच्चे आपसे किसी वस्तु की फरमाइशें कर सकते हैं, लेकिन आप किसी बात को लेकर क्रोधित ना हो, नहीं तो आपके साथी इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे। आप अपनी दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओं की खरीदारी पर भी कुछ धन व्यय करेंगे और भविष्य की योजनाओं में भी लगा सकते हैं।वृश्चिक राशि :-बिजनेस कर रहे लोगों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। आपको किसी को बिना मांगे सलाह देने से बचना होगा व व्यर्थ के वाद विवाद में ना पड़े, लेकिन यदि स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ चल रही है, तो उसे नजरअंदाज बिल्कुल ना करें, नहीं तो वह आपके लिए समस्या लेकर आ सकता है। नौकरी में कार्यरत लोगों को अपने जूनियर्स का पूरा साथ मिलेगा। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है, जो लोग किसी काम को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे थे, तो वह पूरा हो सकता है।धनु राशि :-आज का दिन आपके लिए धन संबन्धित मामलों में अच्छा रहने वाला है। प्रेम जीवन जी रहे लोग साथी के प्रेम में डूबे नजर आएंगे और वह किसी की परवाह नहीं करेंगे। आपको नौकरी में तरक्की मिलने से परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा और छोटी मोटी पार्टी का आयोजन भी हो सकता है। यदि आपने पहले किसी को धन उधार दिया था, तो वह धन भी आपको वापस मिल सकता है। यदि आप किसी नए वाहन की खरीदारी करने की योजना बना रहे थे, तो उसके लिए दिन उत्तम रहेगा।मकर राशि :-आज के दिन नौकरी में कार्यरत लोग यदि अपनी जॉब में कोई परिवर्तन की सोच रहे हैं, तो उन्हें कोई बड़ा ऑफर आ सकता है। आप अपने माता पिता को किसी धार्मिक यात्रा पर लेकर जाएंगे, जिससे उन्हें खुशी मिलेगी। बैकिग क्षेत्रों में कार्यरत लोग आज किसी बड़े निवेश की योजना को बना सकते हैं। विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बोझ से छुटकारा मिलता दिख रहा है। आप किसी नए काम की शुरुआत करने से पहले अपने माता-पिता से आशीर्वाद लेकर जाएं। आप आस-पड़ोस में हो रहे किसी वाद विवाद में ना पड़े, तो आपके लिए बेहतर रहेगा।कुम्भ राशि :-आज का दिन व्यवसाय कर रहे लोगों के लिए कुछ मुश्किलों भरा रहने वाला है, उनकी कुछ चलती हुई योजनाओं पर विराम लगने से आपका मन परेशान रहेगा। आपका कोई कानून संबंधित मामला और लंबा लटक सकता है, लेकिन आप स्वास्थ्य में चल रही समस्याओं को लेकर यदि परेशान चल रहे थे, तो उनसे आपको काफी हद तक निजात मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आप अपने निर्णय लेने की क्षमता का पूरा लाभ उठाएंगे। रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे लोगों को कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है।मीन राशि :-राजनीति में कार्यरत लोगों के लिए दिन अच्छा लाभ लेकर आने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपके अधिकारी आपके कामों से प्रसन्न रहेंगे, जिसके कारण आपको तरक्की भी मिल सकती हैं, जो लोग नौकरी में कार्यरत हैं, वह आज किसी दूसरी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपकी सुख समृद्धि में वृद्धि होने से आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। बिजनेस कर रहे लोग अपने बिजनेस में कुछ नई योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं। आपकी पारिवारिक रिश्तों में यदि कुछ अनबन चल रही है, तो उसमें दोनों पक्षों को सुनकर ही मामले को सुलझाएं, तो आपके लिए बेहतर रहेगा।*मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।
17 April 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 17 अप्रैल 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- शिशिर*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि* :- अमावस्या 05:24pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र*: - रेवती 12:09pm तक पश्चात:- अश्विनी*योग*:- विशकुंभ*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- मीन*चंद्रराशि* :- मीन 12:04pm तक पश्चात:- मेष*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:15amसूर्यास्त :- 06:55pm*राहुकाल का समय*  11:22pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* 12:09pm से 01:05pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-मेष राशि वालों के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्लेषण और स्पष्टता का रहेगा। आपको अपने रिश्तों को मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन समझदारी से लिए गए फैसले आपको सफलता दिलाएंगे।वृषभ राशि :-वृषभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। खुलकर बातचीत करने से रिश्तों में मजबूती आएगी। आर्थिक मामलों में अलर्ट जरूरी है, इसलिए अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी होगा।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन संतुलन बनाए रखने का है। करियर और निजी जीवन में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि, किसी भी निर्णय को लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी होगा। अपने दिल की आवाज सुनें और उसी अनुसार कदम उठाएं।कर्क राशि :-कर्क राशि वालों के लिए 20 मार्च का दिन आराम और आत्मचिंतन का रहेगा। अपने पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्तों में मधुरता आएगी। नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।सिंह राशि :-सिंह राशि के लोगों के लिए यह दिन स्वास्थ्य और आत्मदेखभाल पर ध्यान देने का है। काम के साथ-साथ निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी होगा। नए अवसर मिल सकते हैं, जिनका सही उपयोग करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।कन्या राशि :-कन्या राशि वालों के लिए दिन थोड़ा मिश्रित रहेगा। रिश्तों में हल्की नोक-झोंक हो सकती है, लेकिन समझदारी से काम लेने पर सब ठीक हो जाएगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और सेहत भी अच्छी बनी रहेगी। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।तुला राशि :-तुला राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। तनाव से बचने की कोशिश करें और मानसिक शांति बनाए रखें। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना सफलता की कुंजी होगा।वृश्चिक राशि :-वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिश्तों में कुछ समस्याएं आ सकती हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में अहंकार से बचें और टीमवर्क पर ध्यान दें। मानसिक रूप से मजबूत रहना आपके लिए जरूरी होगा।धनु राशि :-धनु राशि के लोगों के लिए यह दिन बदलावों का संकेत दे रहा है। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नई स्किल्स सीखने का यह सही समय है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें।मकर राशि :-मकर राशि के जातकों के लिए यह दिन सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप अपने कामों को अच्छे से पूरा कर पाएंगे। परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।कुम्भ राशि :-कुंभ राशि वालों के लिए यह दिन लव लाइफ के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अगर रिश्तों में कोई समस्या चल रही है तो उसे सुलझाने का सही समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी समस्या सुलझाने की क्षमता की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन खुशियों से भरा रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी। हालांकि, किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी है।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
16 April 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 16 अप्रैल 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण *ऋतु* :- बसंत *मास*:- वैशाख*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि* :- चतुर्दशी  08:12pm तक पश्चात :- अमावस्या*नक्षत्र* :- उत्तरा भाद्रपद 1:59am तक पश्चात:- रेवती*योग*:- एंद्र *करण*:- विष्टि*सूर्यराशि* :- मीन *चंद्रराशि* :- मीन*दिशाशूल*  :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:15amसूर्यास्त :- 06:53pm*राहुकाल का समय*  2:15pm से 03:45pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु  और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ  ग्रां  ग्रीं  ग्रौं  सः  गुरुवे  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर  गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना,  नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य  संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-गुरुवार का दिन आपका खुशखबरी से भरा रहेगा. जॉब के लिए यदि प्रयास कर रहे हैं, तो  गुरुवार को आपको सफलता मिलने के चांस हैं. परिवार में कोई नया सदस्य आ सकता है. गुरुवार को आपसी मतभेद दूर होकर परिवार में एक शानदार माहौल देखने को मिलेगा.वृषभ राशि :-आपके पार्टनर आपके साथ विश्वासघात कर सकते हैं. गुरुवार को आपको कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं. हो सकता है आपको व्यवसाय में बड़ा नुकसान उठाना पड़े. स्वास्थ्य कारणों से भी मन चिंतित रहेगा. परिवार में अपनों से कुछ बातों पर मतभेद बन सकता है.मिथुन राशि :-मौसमी बीमारियों के चलते आप और आपका परिवार पीड़ित हो सकता है. गुरुवार को आप कुछ व्यक्तिगत समस्याओं के कारण परेशान रहेंगे. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी परिवार में आ सकती है. साथ ही व्यापार-व्यवसाय में इस समय गिरावट का दौर नजर आएगा. परिवार में कोई दुखद समाचार सुनने को मिलेगा.कर्क राशि :-परिवार में बहुत दिनों से चल रहा विवाद गुरुवार को खत्म हो सकता है. गुरुवार को आपका मूड अच्छा रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से आपको लाभ महसूस होगा. आप किसी बीमारी से छुटकारा पाएंगे. शाम को आप परिवार या मित्रों के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं. गुरुवार को व्यापार-व्यवसाय में  ससुराल पक्ष से बड़ी आर्थिक मदद आपको मिल सकती है, जिससे कार्यक्षेत्र में लाभ के योग बनेंगे. दफ्तर में सीरियर्स के साथ रिश्ते सामान्य रखें. गुस्सा आने पर भी वाणी पर संयम रखें.सिंह राशि :-दिया हुआ उधार पैसा गुरुवार को ब्याज सहित प्राप्त हो सकता है. गुरुवार का दिन जातक का अच्छा रहने वाला है. कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा. जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होगी. धन लाभ होगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा.कन्या राशि :- परिवार में भाई-भतीजे से झगड़ा हो सकता है. गुरुवार को आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा. काम अधिक होने के कारण शारीरिक कमजोरी और मानसिक तनाव आपको महसूस होगा. किसी अपने का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. आप कोई नया काम शुरू गुरुवार को ना करें वरना परेशानी का सामना करना पड़ेगा. नौकरी का प्रयास कर रहे हैं, तो गुरुवार को सफलता हाथ लगना मुश्किल है. गुरुवार को पत्नी से मतभेद होंगे.तुला राशि :-परिवार में कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा. गुरुवार को आपका कहीं अपने परिवार के साथ बाहर जाना हो सकता है. परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को का समय अच्छा बीतेगा. बिजेनस में कोई बड़े काम का ऑफर को मिल सकता है, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा.वृश्चिक राशि :-परिवार में कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा. गुरुवार को आपका कहीं अपने परिवार के साथ बाहर जाना हो सकता है. परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को का समय अच्छा बीतेगा. बिजेनस में कोई बड़े काम का ऑफर को मिल सकता है, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा.धनु राशि :-परिवार में कोई नया मेहमान आएगा. गुरुवार को आप कोई बड़ा काम शुरू न करें वरना हानि उठानी पड़ सकती है. खासकर कर्ज से बचें. स्वास्थ्य को लेकर कुछ समस्याएं उत्पन्न होंगी. पत्नी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. व्यापार में सहयोगी लोगों के साथ छोड़ने से धन की हानि होगी.मकर राशि :-आज आप कुछ बातों को लेकर मानसिक तौर से दबाव महसूस करेंगे. आप किसी काम के पूरे करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे। परंतु सफलता आज आपको मिलना थोड़ा कठिन होगा। व्यापार-व्यवसाय में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। परिवार में वाद-विवाद से दूर रहें. बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें.कुम्भ राशि :-गुरुवार को परिवार में कोई मांगलिक काम का योग बन सकता है. गुरुवार को आप परिवार (पत्नी और बच्चों) के साथ बाहर कहीं घूमने के लिए जा सकते हैं. बहुत दिनों बाद परिवार के साथ जाएंगे तो अच्छा लगेगा. इससे परिवार में चल रहे विवाद भी दूर होंगे. दफ्तर में सहयोगियों से मदद मिलेगी. व्यापार-कारोबार में आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी.मीन राशि :-गुरुवार को व्यापार-व्यवसाय में लाभ के योग बनेंगे. गुरुवार को आप किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं. मित्र और परिवार के लोगों का सहयोग आपको कार्यक्षेत्र में मिलेगा. यात्रा आदि पर अपने सामान और धन की रक्षा करें. गुरुवार को परिवार में माता-पिता की सेहत प्रभावित हो सकीत है. किसी बात को लेकर पत्नी से मतभेद बढ़ सकते हैं. वाणी पर संयम रखना बेहतर होता है, क्योंकि ऐसा नहीं करने से रिश्तों के टूटने का खतरा रहता है.*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
15 April 2026
पंचांग और राशिफल
आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 15 अप्रैल 2026वार :- बुधवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- उत्तरायण ऋतु :- वसंत मास:- वैशाख पक्ष :- कृष्णतिथि:- त्रयोदशी :- 07:05pm तक पश्चात:- चतुर्दशीनक्षत्र :- पूर्वाभाद्रपद 3:25pm तक पश्चात:- उत्तराभाद्रपद योग :- ब्रह्म करण :- गर सूर्यराशि :- मीन चंद्रराशि :- कुंभ 09:38am तक पश्चात:- मीन दिशाशूल  :- उत्तरसूर्योदय :- 06:15amसूर्यास्त :- 06:55pm राहुकाल का समय  12:22pm से 01:50pm तक रहेगा अभिजित मुहूर्त :-बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता हैब्रह्म मुहूर्त:-04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार वार विशेष देव :- भगवान गणेश अधिदेव :- भगवान विष्णु * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के अनुसार अगर लाभ नही पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ने को  सोने या पीतल में  बुधवार को  धारण करना चाहिए , जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं ।   मंत्र :-* ॐ  ब्रां  ब्रीं  ब्रौं  सः  बुधाय  नमः ।। * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए दान :-* हरा वस्त्र , सबूत मूंग , हरि सब्जी, हरि कांच की चूड़ी किसी कन्या को दान दे।उपाय :-* मूंग को मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा, घास या हरी शब्जी खिलाएं, बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई भी दान कर सकते हैं ।बुधवार को करणीय कार्य :-* विद्या, कला,काव्य का प्रारंभ करना नवीन व्यापार करना, नवीन लेखन, पुस्तक का प्रकाशन, धन - सहग्र, प्रार्थना पत्र देना शुभ है।वार संज्ञा :- * बुधवार को मिस्र व साधारण संज्ञा दी गई है अर्थात बुध सामान्य दृष्टि वाला है ना ज्यादा शुभ ना ही ज्यादा अशुभ घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- बुधवारराशि :-  कर्कअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* बुधवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक तिल व पके हुवे दूध का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीअभिजीत मुहूर्त* बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता है क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वाले समय राहु काल चल रहा होता है परंतु कुछ विशेष चोगड़ियो में आप कार्य कर सकते हैंलाभ :- * 6:50am से 8:15amअमृत :- * 8:16am से 9:34amशुभ :- * 11:00am से 12:28pmराशिफलमेष राशि :-मेष राशि के जातकों का आज का दिन ऊर्जा और उत्साह चरम पर रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारियां आपको प्रेरित करेंगी और रुके हुए काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार में सुख-शांति रहेगी और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पर थकान से बचें। यात्रा के योग बन रहे हैं, लेकिन सावधानी बरतें।वृषभ राशि :-वृषभ राशि के जातकों का आज का दिन स्थिरता और संतुलन का रहेगा। करियर में मेहनत का फल मिल सकता है और व्यापार में छोटे-मोटे लाभ होंगे। आर्थिक मामलों में सुधार होगा, लेकिन बड़े निवेश से बचें। घर-परिवार में खुशियां रहेंगी और रिश्तों में गहराई आएगी। स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान फायदेमंद होगा। भावनात्मक रूप से आप संतुलित महसूस करेंगे।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों का आज का दिन अच्छा रहेगा। आज बुद्धि और संचार कौशल आपकी मदद करेगा। करियर में नई संभावनाएं खुल सकती हैं और छात्रों के लिए अच्छा समय है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। प्रेम जीवन में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। मित्रों से मिलने-जुलने का मौका मिल सकता है।कर्क राशि :-कर्क राशि के जातकों को आज के दिन परिवार और घरेलू मामलों पर ज्यादा ध्यान होगा। करियर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य रखने से समाधान निकलेगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। प्रेम संबंधों में मिठास बढ़ेगी। स्वास्थ्य के लिए आराम जरूरी है, खासकर पेट संबंधी समस्याओं से सावधान रहें।सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों का आज का दिन आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता चमकेगी। करियर में तरक्की के योग हैं और अधिकारियों से अच्छा सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ की संभावना है। परिवार में खुशियां रहेंगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन व्यस्तता के कारण आराम का ध्यान रखें। प्रेम में रोमांच रहेगा।कन्या राशि :-आज के दिन कन्या राशि के जातकों को व्यावहारिक सोच और मेहनत आगे बढ़ाएगी। करियर में बाधाएं दूर होंगी और व्यापार में लाभ हो सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार दिखेगा। रिश्तों में स्पष्टता रहेगी। स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार और व्यायाम फायदेमंद होगा। छोटी यात्राएं सुखद रहेंगी।तुला राशि :-आज के दिन तुला राशि के जातकों के लिए नए अवसर मिलेंगे। करियर में नई योजनाएं बन सकती हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। प्रेम और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन तनाव से बचें। मित्रों का साथ आपको खुशी देगा।वृश्चिक राशि :-आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों को भावनात्मक गहराई और अंतर्मन की शांति मिलेगी। करियर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन मेहनत से सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। परिवार और प्रेम संबंधों में जुड़ाव मजबूत होगा। स्वास्थ्य के लिए आराम और गहरी नींद जरूरी है।धनु राशि :-आज का दिन धनु राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा करियर में प्रगति के योग हैं और छात्रों के लिए अच्छा समय है। आर्थिक लाभ संभव है। परिवार में सुख-शांति रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन यात्रा के दौरान सतर्क रहें। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियां फायदेमंद होंगी।मकर राशि :-आज के दिन मकर राशि वाले जातकों को अनुशासन से काम करना होगा। करियर में स्थिरता बनी रहेगी और मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। घरेलू जीवन सुखमय रहेगा। स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम करें। रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा।कुम्भ राशि :-आज के दिन कुंभ राशि के जातक मित्रता और सामाजिक संबंधों पर ध्यान देंगे। करियर में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। प्रेम जीवन में भावनात्मक सहयोग बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक शांति बनाए रखें। नई योजनाओं पर काम करें।न राशि :-मीन राशि के जातकों में आज के दिन आध्यात्मिक और भावनात्मक सोच बढ़ेगी। करियर में कुछ अस्थिरता रह सकती है, लेकिन अंत में फायदा होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार और प्रेम में मिठास आएगी। स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान लाभकारी रहेगा। आराम का समय निकालें।*मेरा और आपका सुविचार* जो हमे प्राप्त है वो प्रयाप्त है

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