नागौर में तीन दिवसीय भव्य 'नीलांचल' लोकार्पण समारोह ने रचा यादगार इतिहास
गणपति विसर्जन पर माहेश्वरी नवयुवक मंडल सूरत ने की शीतल जल, चाय व शरबत सेवा
सूरत में गणपति विसर्जन पर जलसेवा
जयपुर में मोदानी परिवार समागम 2026 का आयोजन

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नागौर में तीन दिवसीय भव्य 'नीलांचल' लोकार्पण समारोह ने रचा यादगार इतिहास
श्री माहेश्वरी पंचायत संस्थान, नागौर द्वारा 23, 24 एवं 25 सितंबर 2026 को आयोजित तीन दिवसीय भव्य 'नीलांचल' लोकार्पण समारोह हर्षोल्लास, गरिमा, आत्मीयता और सामाजिक एकजुटता के वातावरण में संपन्न हुआ। तीन दिनों तक माहेश्वरी पंचायत पोल में उत्सव, संस्कृति, सेवा, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे माहेश्वरी समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि नागौर के साथ देश के विभिन्न शहरों तथा विदेशों में निवास कर रहे प्रवासी नागौरवासियों और माहेश्वरी समाजबंधुओं ने बड़ी संख्या में अपनी मातृभूमि पहुंचकर समारोह में सहभागिता की। वर्षों से नागौर से बाहर रह रहे समाजबंधुओं का अपनी जन्मभूमि पर एक साथ मिलना पूरे आयोजन को भावनात्मक एवं यादगार बना गया। पुराने परिचितों, रिश्तेदारों और समाजबंधुओं से मिलकर हर चेहरे पर खुशी, अपनत्व और आत्मीयता दिखाई दी।समारोह में हैदराबाद, मुंबई, सूरत, कानपुर, विराटनगर, काठमांडू सहित विभिन्न स्थानों से समाज के गणमान्यजन एवं प्रवासी समाजबंधु पहुंचे। प्रमुख आमंत्रितों में श्री बेनीगोपाल लोहिया (वेनु राजा), हैदराबाद, श्री श्रीबल्लभ लोहिया, मुंबई, श्री श्रीगोपाल बजाज, मुंबई, श्री राधेश्याम जाजू (ईगल ग्रुप), सूरत, श्री मदनगोपाल  सिखवाल, सूरत एवं श्री जितेंद्र कुमार राठी, विराटनगर (नेपाल) सहित अनेक गणमान्यजन शामिल रहे।तीन दिवसीय समारोह का मुख्य आकर्षण 'नीलांचल' भवन का भव्य लोकार्पण रहा। भव्य शोभायात्रा, दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार, महेश वंदना, अतिथियों के स्वागत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ लोकार्पण समारोह को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित पार्षदों का सम्मान भी किया गया। साथ ही भवन की योजना, उपयोगिता एवं समाजहित में इसके भावी उपयोग को लेकर विचार-विमर्श हुआ।'नीलांचल' भवन समाज की आने वाली पीढिय़ों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। इस भवन के माध्यम से समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक, पारिवारिक एवं सामूहिक गतिविधियों के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा। यह परिसर समाज की विभिन्न गतिविधियों को एक साथ जोडऩे के साथ नई पीढ़ी को भी समाज की परंपराओं और संस्कारों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।'नीलांचल' भवन के निर्माण एवं इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समाज के भामाशाहों, दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समाज की ओर से प्रमुख भामाशाहों के प्रति विशेष आभार एवं सम्मान व्यक्त किया गया।प्रमुख भामाशाहों में श्री सुरेश राठी (MDH), श्री श्यामसुंदर राठी (आनंद), श्री गणेशलाल गोपीलाल कांकाणी, श्री बालचंद माधवदास मोदी, श्री भगवान तापडिय़ा, श्री गंगाबिशन मूंदड़ा (मुंबई) एवं श्री बल्लभ लोहिया (मुंबई) सहित सहयोग करने वाले सभी समाजबंधु शामिल रहे।भामाशाहों का यह सहयोग समाज के प्रति समर्पण, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण रहा। उनके सहयोग से साकार हुआ यह सामाजिक परिसर आने वाली पीढिय़ों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।भामाशाहों के स्वागत की जिम्मेदारी श्री सत्यनारायण भंडारी, श्री राजेंद्र असावा, श्री दाऊलाल लोहिया एवं श्री नंदकिशोर बंग ने निभाई। वहीं श्री मनीष लोहिया, श्री नारायण लोहिया एवं श्री प्रदीप डांगरा का आयोजन की सफलता में विशेष सहयोग रहा।पूरे आयोजन की सफलता में श्री माहेश्वरी पंचायत संस्थान, नागौर की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अध्यक्ष श्री किशनलाल लोहिया एवं सचिव श्री मदनमोहन बंग के नेतृत्व में कार्यकारिणी ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को पूरी जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ संभाला।कार्यकारिणी में श्री पुरुषोत्तम बंग, श्री रमेश असावा, श्री मुकेश लोहिया, श्री महेश अटल, श्री श्याम सारड़ा, श्री ओम लोहिया एवं श्री नारायण चांडक सहित पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तीनों दिनों तक कार्यक्रमों की व्यवस्था, अतिथियों का स्वागत, समाजबंधुओं की सहभागिता तथा विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में कार्यकारिणी की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।समारोह में माहेश्वरी महिला संगठन की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। अध्यक्ष श्रीमती रामी कलंत्री एवं श्रीमती प्रमिला बंग सहित महिला संगठन की पूरी टीम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला शक्ति द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं आकर्षक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने समाज में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर किया। महिला संगठन की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक प्रभावी बनाया।आयोजन में महेश युवा संघ, नागौर के युवाओं ने भी पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ सहभागिता की। अमित अटल के नेतृत्व में युवा टीम ने कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। युवा टीम में अमित अटल, भरत अटल, नवनीत अटल, राहुल राठी एवं निखिल जाजू सहित महेश युवा संघ की पूरी टीम ने आयोजन की सफलता में अपना योगदान दिया। युवाओं की सक्रियता और वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन का सुंदर समन्वय पूरे कार्यक्रम में देखने को मिला।
26 September 2026
जयपुर में मोदानी परिवार समागम 2026 का आयोजन
20 सितंबर 2026 को जयपुर में मोदानी परिवार समागम 2026 का आयोजन उत्साह एवं पारिवारिक आत्मीयता के साथ किया गया। इस समागम में जयपुर में निवासरत नरेना, बगरू, बांदीकुंई, रूपनगढ़ एवं जयपुर के विभिन्न मोदानी परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में लगभग 150 परिवारजनों की सहभागिता रही। समागम के दौरान विभिन्न मनोरंजक खेलों एवं हाऊजी का आयोजन किया गया, जिसमें परिवारजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर परिवार के 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मोदानी वंशावली (वंश वृक्ष) रहा। नूपुर मोदानी ने विभिन्न परिवारों से आवश्यक जानकारी संकलित कर मोदानी परिवार की वंशावली तैयार की, जिसमें 15 पीढिय़ों के नामों का संकलन किया गया है। इसे परिवार की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। आगामी समय में इस वंशावली से पूरे भारतवर्ष एवं विदेशों में निवासरत सभी मोदानी परिवारों को जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।समागम ने परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे से मिलने और पारिवारिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान किया। अनेक परिवारजन पहली बार एक-दूसरे से मिले, लेकिन आयोजन के दौरान सभी के बीच आत्मीयता एवं अपनत्व का ऐसा वातावरण रहा कि कहीं भी पहली मुलाकात का अहसास नहीं हुआ। सभी परिवारजनों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और आयोजन की सराहना की।कार्यक्रम को सफल बनाने में लक्ष्मी नारायण मोदानी, अनुराग मोदानी (नरेना), रामबाबू एवं अमित मोदानी (बांदीकुई), नूपुर मोदानी (पत्नी अमित मोदानी), दिनेशजी एवं सुनील मोदानी (बगरू) सहित अन्य परिवारजनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में मोदानी परिवार के देश-विदेश में निवासरत सभी परिवारों को इस पारिवारिक जुड़ाव से जोडऩे की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
24 September 2026
गौसेवा के लिए सवामणी लापसी का आयोजन
उत्तरी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन की प्रदेश सचिव विभा बिहानी के सानिध्य में गायों के लिए सवामणी लापसी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायों को हरा चारा भी खिलाया गया। गौसेवा के इस पुनीत कार्य में देवकिशन चांडक का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में निशा झंवर, अनुभा बागड़ी, सारिका सोमानी, कौशल्या चांडक, कविता हरकट एवं उषा लढ्ढा की विशेष उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर गौसेवा में सहभागिता निभाई और सेवा, करुणा एवं जीवदया का संदेश दिया।
24 September 2026
चेन्नई में 28 सितंबर को होगा दिव्य एवं भव्य 'सुदर्शन हवन', केरल के विद्वान कराएंगे वैदिक अनुष्ठान
मद्रास माहेश्वरी चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में सुख, शांति, आरोग्य, समृद्धि एवं समस्त जनों के कल्याण की मंगलभावना के साथ आगामी सोमवार, 28 सितंबर 2026 को चेन्नई में दिव्य एवं भव्य ‘सुदर्शन हवन’ का पावन आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक अनुष्ठान माहेश्वरी भवन में आयोजित होगा।मद्रास माहेश्वरी चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री महेंद्र मोहता ने बताया कि इस विशेष सुदर्शन हवन के लिए केरल से विद्वान एवं अनुभवी पंडितों का विशेष समूह चेन्नई पधार रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान का नेतृत्व श्री मणिकंडन जी करेंगे। उनके मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ सुदर्शन हवन संपन्न कराया जाएगा।श्री महेंद्र मोहता ने बताया कि इस अवसर का विशेष आकर्षण 31 विद्वान पंडितों द्वारा सामूहिक विष्णु सहस्रनाम पाठ होगा। सुदर्शन हवन के पश्चात 31 पंडितों द्वारा सामूहिक रूप से श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जाएगा। यह विशेष आयोजन आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ समाज एवं समस्त जनों के सुख, शांति, आरोग्य एवं मंगल की सामूहिक प्रार्थना का अवसर बनेगा।कार्यक्रम के अनुसार सुदर्शन हवन प्रातः 7:15 बजे से प्रारंभ होगा। हवन से पूर्व श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी। हवन के पश्चात सामूहिक विष्णु सहस्रनाम पाठ तथा उसके उपरांत महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि सुदर्शन हवन का आयोजन सुख, शांति, आरोग्य एवं समृद्धि की मंगलकामना के साथ किया जा रहा है। इस पावन अनुष्ठान के माध्यम से भगवान श्री सुदर्शन एवं भगवान विष्णु से समाज, परिवार एवं समस्त जनों के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े सभी बंधुओं से आग्रह किया कि वे अपनी अर्धांगिनी सहित इस पावन अनुष्ठान में उपस्थित होकर श्रद्धापूर्वक आहुति अर्पित करें तथा सामूहिक मंगलकामना के सहभागी बनें।

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ऋषि पंचमी की एक और महत्ता
सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
11 September 2026
सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा
आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है।
05 September 2026
देश हित की बात — आपदा में प्रबंधन और सेवा-सहयोग : मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
आपदा कभी चेतावनी देकर नहीं आती। भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, बादल फटना या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के सामने कुछ ही क्षणों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की तैयारियों के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता, प्रशासन का समन्वय और नागरिकों की सेवा-भावना तीनों की परीक्षा होती है।भारत की पहचान केवल एक बड़े देश के रूप में नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को व्यवहार में उतारने वाले राष्ट्र के रूप में भी रही है। जब किसी दूसरे देश पर संकट आता है, भारत की सहायता की भावना सीमाओं तक सीमित नहीं रहती।अगस्त-सितंबर 2026 वर्तमान में नेपाल की भीषण बाढ़ के समय भी भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए राहत सामग्री, बचाव विशेषज्ञों और तकनीकी दलों को भेजकर पड़ोसी धर्म निभाया है।25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में इमारतें तथा बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ। भारत ने बिना समय गंवाए “ऑपरेशन मैत्री” शुरू किया और राहत एवं बचाव दल नेपाल भेजे।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की 16 विशेष खोज एवं बचाव की संवेदनशीलता का एक उल्लेखनीय उदाहरण यह भी रहा कि मलबे से मिले सोने के आभूषण और मुद्रा जैसी मूल्यवान वस्तुएँ सुरक्षित रखकर नेपाली अधिकारियों को सौंप दी गईं। आपदा के बीच भी ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की यह मिसाल अपने आप में बहुत कुछ कहती है।यह केवल पड़ोसी की सहायता नहीं थी, यह उस भारतीय संस्कार की अभिव्यक्ति थी, जिसमें संकट में पड़े व्यक्ति की सहायता करना अपना कर्तव्य माना जाता है।भारत कभी भी आपदाओं में पीछे नहीं रहा, अनेकों देश इसको बखूबी जानते हैं। नेपाल, तुर्किये, सीरिया, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, फिजी, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मोजाम्बिक, मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनी, कोमोरोस, सेशेल्स, कांगो गणराज्य, यमन, लीबिया, ग्वाटेमाला इत्यादि जैसे दूसरे देशों की सहायता करने वाला भारत अपने देशवासियों के संकट में भी लगातार मोर्चे पर खड़ा रहा है।अपने देश में भी उत्तराखंड की त्रासदी, चेन्नई की बाढ़, केरल की बाढ़ और वायनाड के भूस्खलन जैसी अनेक आपदाओं में NDRF, सेना, वायुसेना, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर हजारों लोगों की जान बचाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाई।इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि आधुनिक भारत में आपदा प्रबंधन केवल राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं रहा। आज हमारे पास प्रशिक्षित बचाव बल, विशेष उपकरण, मेडिकल सहायता, खोजी श्वान दस्ते, नावें, पर्वतीय बचाव क्षमता और आपदा के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं।आपदा के समय स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, NDRF, SDRF, चिकित्सा दल, स्वयंसेवी संस्थाएँ, सामाजिक संगठन और सामान्य नागरिक सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।दवा, भोजन, सुरक्षित स्थान और जीवन के लिए सहायता, उनके परिजनों को ढूँढने में मदद करना मानवता का फर्ज भारत यूँ तो सदैव निभाता रहा है।दुर्भाग्य से हर आपदा के समय लूटपाट, चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की कालाबाजारी, फर्जी राहत माँग और अफवाह फैलाने जैसी घटनाएँ भी मानवता को शर्मसार कर देती हैं।जिस समय किसी का घर उजड़ चुका हो, परिवार बिछड़ चुका हो और जीवन बचाने के लिए संघर्ष चल रहा हो, उस समय किसी की मजबूरी का लाभ उठाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीयता के विरुद्ध घिनौना कृत्य है।आपदा प्रबंधन अधिनियम में राहत के लिए रखी धनराशि या सामग्री के दुरुपयोग तथा फर्जी राहत दावों के लिए दंड का प्रावधान है। राहत कार्य में बाधा डालना और आपदा के संबंध में झूठी चेतावनी फैलाकर भय पैदा करना भी दंडनीय है।बचाव दलों के काम में बाधा न डालें।अनावश्यक भीड़ न लगाएँ।अफवाहों को आगे न बढ़ाएँ।राहत सामग्री केवल आवश्यकता के अनुसार लें।जरूरतमंद, बुजुर्ग, बच्चे, दिव्यांग और अकेले रह गए लोगों को प्राथमिकता दें।रक्तदान, भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुओं का सहयोग अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से करें।और सबसे महत्वपूर्ण है कि किसी की मजबूरी को अपने लाभ का अवसर न बनाएँ।आपदा में घर टूटते हैं, सड़कें और पुल भी, लेकिन उसी समय बनते हैं इंसानियत के पुल भी।आपदा की घड़ी में प्रशासन की तत्परता, बचाव दलों की बहादुरी, सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता और नागरिकों की संवेदनशीलता, जब एक साथ आती है, तभी आपदा प्रबंधन प्रभावी बनता है।भारत ने संकट में अपने नागरिकों के साथ खड़े होकर और सीमाओं के पार भी सहायता का हाथ बढ़ाकर बार-बार यह सिद्ध किया है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती।भूकंप हो, बाढ़, भूस्खलन या चक्रवात, कुछ ही क्षणों में जीवन की पूरी व्यवस्था बदल जाती है। ऐसे समय में प्रशासन की तत्परता के साथ समाज की संवेदनशीलता और नागरिकों का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है।आपदा की घड़ी मानवता की भी परीक्षा होती है।"आपदा में जो हाथ बढ़ेवही सच्चा सहयोग हैदुख में जो साथ खड़ा रहेवही मानवता का योग हैटूटे घर फिर बन जाएँगेमिट जाएँगे घावसेवा और संवेदना से हीमजबूत होगा देश और समाज।"संकट की घड़ी में भारत ताकत है।देश हित की बात में अंत में यही याद रखना है कि किसी की पीड़ा मेंहमारा छोटा-सा सहयोग भीकिसी के जीवन की बड़ी उम्मीद बन सकता है।
04 September 2026
बदलाव का संकल्प - अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा चुनाव में 2014 लोकसभा चुनाव जैसी ऐतिहासिक बयार...- संजीव चाण्डक
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 31वें सत्र के चुनाव आज ठीक उसी ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं, जैसे 2014 में देश के लोकसभा चुनाव थे। उस वक्त देश में व्याप्त अनियमितताओं, विसंगतियों और व्यवस्थागत कमियों के बीच सत्ता परिवर्तन की एक प्रचंड लहर चली थी, और गुजरात से आए एक मजबूत नेतृत्व ने पुराने ढर्रे को बड़ी शिकस्त दी थी। ठीक उसी तरह, महासभा के इस सामाजिक चुनावी महाकुंभ में भी इस बार गुजरात की पावन धरा से ही एक अत्यंत गरिमामयी, कर्मठ और भामाशाह व्यक्तित्व श्री त्रिभुवन काबरा जी का नाम सामने आया है। वे महासभा में व्याप्त विसंगतियों और संकीर्णताओं को जड़ से समाप्त करने का 'बदलाव संकल्प' लेकर चुनावी समर में उतरे हैं। देश के कोने-कोने में फैले जागरूक, प्रबुद्ध और परिपक्व माहेश्वरी समाज प्रतिनिधि आज उन्हें नेतृत्व सौंपने के लिए पूरी तरह आतुर हैं।आगामी 20 सितंबर को होने वाले इस चुनाव में भारी से भारी मतदान करें। 'सेवा पथ कर सेवा पथिक पैनल' के सभी राष्ट्रीय एवं आंचलिक प्रत्याशियों को प्रचंड मतों से विजयी बनाकर समाज के नव-निर्माण में अपनी आहुति दें।सनद रहे, यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं है, बल्कि यह चुनाव समाज को एक चमत्कारी विज़न देने, युवाओं के असीम उत्साह को पंख लगाने और विसंगतियों को सदैव के लिए समाप्त करने का ऐतिहासिक शंखनाद है।

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गणपति विसर्जन पर माहेश्वरी नवयुवक मंडल सूरत ने की शीतल जल, चाय व शरबत सेवा
सेवा, त्याग एवं सदाचार के सिद्धांतों पर आधारित सूरत माहेश्वरी समाज की सबसे पुरानी संस्था माहेश्वरी नवयुवक मंडल की ओर से गणपति विसर्जन के अवसर पर गणेश भक्तों के लिए शीतल जल, चाय एवं शरबत सेवा का आयोजन किया गया। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 सितंबर 2026 को गणपति बप्पा की विदाई के अवसर पर रिंग रोड स्थित पुराने आरटीओ के सामने, गांधी कॉलेज बस स्टैंड पर पूरे दिन सेवा शिविर लगाया गया। गणपति विसर्जन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को शीतल जल, चाय एवं शरबत वितरित कर मंडल के सदस्यों ने सेवा एवं सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।सेवा कार्य में गुजरात प्रान्त के सचिव पवन बजाज, सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष अतीन बाहेती, सचिव भगवतीप्रसाद गग्गड़, माहेश्वरी नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष विनोद बियानी, हनुमान लोहिया, योगेश भांगडिय़ा, विजय धूत, नारायण पेड़ीवाल एवं पवन चांडक सहित जिले के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष हरिप्रकाश पेड़ीवाल, अध्यक्ष विष्णुप्रसाद राठी, उपाध्यक्ष गौरीशंकर राठी, सचिव मालचंद चांडक, कोषाध्यक्ष दिनेश चांडक सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य एवं आमंत्रित सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सूरत की अन्य सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी सराहनीय रही।माहेश्वरी नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य को उपस्थित सदस्यों एवं समाजबंधुओं का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला। आयोजन के माध्यम से गणपति विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं को आवश्यक पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ सेवा भावना का संदेश भी दिया गया।
26 September 2026
सूरत में गणपति विसर्जन पर जलसेवा
अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा एवं श्री राम भक्त मंडल, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में गणपति विसर्जन के अवसर पर गणेश भक्तों के लिए पानी की परब का आयोजन किया गया। सरदार कॉम्प्लेक्स, गुजरात गैस सर्कल, अड़ाजन में आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में गणेश भक्तों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया।अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री सुनील माहेश्वरी ने बताया कि इस अवसर पर लगभग 8,000 पानी की बोतलों का वितरण गणेश भक्तों के बीच किया गया। उन्होंने बताया कि सभा द्वारा पिछले 27 वर्षों से गणपति विसर्जन के अवसर पर निरंतर इसी प्रकार जलसेवा की जा रही है। सेवा की यह निरंतरता सामाजिक सरोकार और जनसेवा के प्रति सभा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।कार्यक्रम में गुजरात प्रांत के सचिव श्री पवन बजाज, सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री अतीन बाहेती, कोषाध्यक्ष श्री रामसहाय सोनी, प्रचार-प्रसार मंत्री श्री महेश खटोड, संयुक्त मंत्री श्री पवन चांडक (नीलकंठ संभाग), संयुक्त मंत्री श्री कृष्ण कुमार तापडिय़ा (महादेव संभाग) तथा अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा के सचिव श्री प्रवेश मोहता सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।सेवा कार्य में श्री नारायण पेड़ीवाल, श्री बल्लू बाहेती, श्री योगेश भांगदिया, श्री ओमप्रकाश देवपुरा, श्री सुशील फोफलिया, श्री ओमप्रकाश बिड़ला, श्री राधाकिशन मूंदड़ा, श्री घनश्याम सोनी, श्री कमल बजाज सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। सभी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए गणेश भक्तों को पानी उपलब्ध कराया।
26 September 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 26 सितंबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- पूर्णिमा :-10:25pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र* :- पूर्वाभाद्रपद 11:32am तक पश्चात:- उत्तरा भाद्रपद*योग* :- गण्ड*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- मीन*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:25pm*राहुकाल का समय*   09:25am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-* 12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।
25 September 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 25 सितंबर 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :- चतुर्दशी :-  11:08pm तक पश्चात:- पूर्णिमा*नक्षत्र*: - शतभिषा :-10:44pm तक पश्चात:- पूर्वा भाद्रपद*योग*:-  शूल*करण* :- गर*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- कुंभ 05:33am:- मीन*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:05amसूर्यास्त :- 06:39pm*राहुकाल का समय*  10:59pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:29pm से 01:05pm तक*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार* अन्नत चतुर्दशी*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज ऑफिस में किसी पुराने प्रोजेक्ट की फाइल दोबारा आपके पास आ सकती है और उसमें सुधार करना पड़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो किसी परिचित से अवसर की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में भुगतान अटकने की चिंता दूर होगी। घर में किसी जरूरी सामान की खरीदारी हो सकती है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित होगा।वृषभ राशि :-आज बैंक, कागजी काम या किसी जरूरी दस्तावेज से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी और समय सीमा के भीतर काम पूरा करना जरूरी होगा। व्यापारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा ऑर्डर मिल सकता है। घर में किसी बुजुर्ग की सलाह काम आएगी। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।मिथुन राशि :-आज सुबह से काम की व्यस्तता अधिक रहेगी और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। नौकरी में बॉस आपके काम की समीक्षा कर सकते हैं। व्यापार में छोटी रकम का लाभ मिल सकता है। किसी मित्र के माध्यम से उपयोगी संपर्क बनेगा। घर में बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान या मरम्मत से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है।कर्क राशि :-आज किसी पुराने परिचित से अचानक संपर्क हो सकता है, जिससे काम से जुड़ी उपयोगी जानकारी मिलेगी। नौकरी में आपकी पुरानी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। व्यापार में माल की खरीदारी करते समय कीमतों की अच्छी तरह जांच करें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य या जरूरी काम को लेकर आपको समय देना पड़ सकता है। दोपहर बाद स्थिति अधिक व्यवस्थित होगी।सिंह राशि :-आज कार्यस्थल पर मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यापारियों को बड़ी डील पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, लेकिन अंतिम निर्णय सोचकर लें। घर में खर्च से जुड़ा कोई मुद्दा उठ सकता है। संपत्ति या वाहन संबंधी कागजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।कन्या राशि :- आज कोई रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। नौकरी में अतिरिक्त काम मिल सकता है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर दिखाई देगा। व्यापार में स्टॉक या सामान की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए समय रहते व्यवस्था करें। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। नींद पूरी रखें।तुला राशि :-आज नौकरी में किसी सहकर्मी की गलती का असर आपके काम पर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी जानकारी खुद जांच लें। व्यापार में ग्राहक से बातचीत के दौरान पुरानी शर्तों पर फिर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। घर में किसी कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। दोपहर के बाद कोई महत्वपूर्ण फोन या संदेश आपके काम को आगे बढ़ाएगा।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आप समय पर काम संभाल लेंगे। व्यापार में उधार पर सामान देने से पहले भुगतान की स्थिति जांच लें। किसी पुराने निवेश या बचत से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। परिवार में संपत्ति या घर की व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। बाहर का खाना कम करें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।धनु राशि :-आज यात्रा, मीटिंग या किसी दूसरे शहर से जुड़े काम की योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ काम का तरीका भी बदल सकता है। व्यापारियों को ऑनलाइन या नए माध्यम से ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक लाभ के लिए दिन ठीक है, लेकिन बिना जांचे किसी योजना में पैसा न लगाएं। घर में किसी जरूरी खरीदारी पर खर्च होगा।मकर राशि :-आज किसी अधिकारी या अनुभवी व्यक्ति से हुई बातचीत आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी चर्चा आगे बढ़ेगी। व्यापार में पुराना ग्राहक फिर संपर्क कर सकता है। घर की मरम्मत, किराए या संपत्ति से जुड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना पड़ सकता है, समय का ध्यान रखें।कुम्भ राशि :-आज आपको काम करने का नया तरीका अपनाना पड़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या सिस्टम से जुड़ी परेशानी कुछ समय के लिए काम रोक सकती है। व्यापार में ऑनलाइन भुगतान और लेन-देन की जांच जरूर करें। किसी रिश्तेदार के घर से जरूरी सूचना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अचानक आने वाले छोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि बचाकर रखें।मीन राशि :-आज किसी पुराने आवेदन, दस्तावेज या सरकारी काम से जुड़ी खबर मिल सकती है। नौकरी में रुका हुआ काम दोबारा शुरू होगा और आपकी भूमिका स्पष्ट होगी। व्यापार में छोटे लेकिन लगातार लाभ के योग हैं। घर में किसी सदस्य की जरूरत के लिए खर्च करना पड़ सकता है। शाम को भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय रहेगा। जल्दबाजी में वादा करने से बचें।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है

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