|
| 28 September 2026 |
| श्री माहेश्वरी बालक छात्रावास संस्थान के द्वितीय तल का लोकार्पण |
| अंशल स्थित श्री माहेश्वरी बालक छात्रावास संस्थान, भीलवाड़ा के द्वितीय तल पर नवनिर्मित आठ कमरों का लोकार्पण समारोहपूर्वक किया गया। भगवान महेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ मुख्य अतिथि श्री गोपाल राठी (भीलवाड़ा) तथा विशिष्ट अतिथि मुरलीधर काबरा (कोटड़ी) एवं कमलेश चेचाणी (मुंबई) ने कर-कमलों से लोकार्पण किया।इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सत्यनारायण मंत्री ने स्वागत भाषण में बताया कि छात्रावास में पूर्व में 20 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था थी। द्वितीय तल पर आठ नए कमरों के निर्माण एवं लोकार्पण के बाद अब यहां 40 विद्यार्थियों के रहने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। उन्होंने बताया कि माहेश्वरी समाज के जरूरतमंद परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास में आवास, नाश्ता एवं भोजन की सभी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सेवा वर्ष 2021 से भामाशाहों के सहयोग से निरंतर संचालित है।मुख्य अतिथि श्री गोपाल राठी ने छात्रावास के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए की जा रही सेवा की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए संस्था के कार्यों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि मुरलीधर काबरा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था को शुभकामनाएं दीं। |
|
| 28 September 2026 |
| जन्मदिन पर एडवोकेट नारायण लाठी ने महाराष्ट्र महेश सेवा निधि को 61,000 का सहयोग दिया |
| जलगांव प्रतिनिधि मदन लाठी। जलगांव के एडवोकेट नारायण लाठी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रतिवर्ष सेवा कार्यों में सहयोग देने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी श्री ओंकारनाथ मालपाणी महाराष्ट्र महेश सेवा निधि को 61,000 का चेक प्रदान किया। उनके इस सेवाभावी सहयोग से सेवा निधि के विभिन्न सामाजिक एवं सेवा कार्यों को गति मिलेगी।इस अवसर पर श्री ओंकारनाथ मालपाणी महाराष्ट्र महेश सेवा निधि एवं जलगांव जिला माहेश्वरी सभा की ओर से एडवोकेट नारायण लाठी का जन्मदिन के उपलक्ष्य में अभिनंदन किया गया तथा उनके निरंतर सेवाभावी योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।कार्यक्रम में श्री ओंकारनाथ मालपाणी महाराष्ट्र महेश सेवा निधि के मानद मंत्री प्रा. संजय दहाड़ सर, मनीष झंवर, जलगांव जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष तेजस देपुरा, जिला सचिव अरुण लाहोटी, योगेश कलंत्री, विलास करवा, एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी, विनय काबरा, विजय झंवर, सुनील बाहेती, डॉ. विश्वनाथ सोमाणी, विलास काबरा एवं अरविंद दहाड़ उपस्थित रहे।इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने एडवोकेट नारायण लाठी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके सेवाभावी सहयोग की सराहना की। |
|
| 28 September 2026 |
| महेश सेवा निधि को संगमनेर से मिला भरपूर सहयोग |
| महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष ब्रिजगोपाल तोष्णीवाल एवं प्रदेश कार्यालयीन मंत्री दत्तप्रसाद तोतला के प्रथम संगमनेर आगमन पर संगमनेर तालुका सभा की ओर से सत्कार समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महेश सेवा निधि को संगमनेर के दानदाताओं की ओर से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई।समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ब्रिजगोपाल तोषणीवाल ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के रूप में उनके चयन के लिए राज्यभर के मतदाताओं ने उन्हें भरपूर मतों का समर्थन दिया, जिसके लिए वे सभी मतदाताओं के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि संगमनेर का मालपाणी परिवार तथा यहां के दानदाता विधवा एवं निराधार महिलाओं की सेवा के लिए कार्यरत ओंकारनाथ मालपाणी महेश सेवा निधि को निरंतर सहयोग प्रदान करते रहे हैं।उन्होंने बताया कि महेश सेवा निधि के माध्यम से विधवा एवं निराधार महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा इस सहयोग राशि में वृद्धि करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह सेवा कार्य राज्यभर के दानदाताओं एवं मालपाणी परिवार के आर्थिक सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा है।प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद अहिल्यानगर जिले की चार तहसीलों का दौरा करने के पश्चात वे संगमनेर पहुंचे। उनकी पहली संगमनेर यात्रा के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार एवं सतीश लाहोटी परिवार की ओर से 1 लाख रुपये, मनोजजी पोफळे की ओर से 50 हजार रुपये तथा महासभा सदस्य राहुल बाहेती की ओर से 25 हजार रुपये का दान महेश सेवा निधि को प्रदान किया गया। तोष्णीवाल ने सभी दानदाताओं एवं उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में 'बेटी ब्याहो, बहू पढ़ाओÓ अभियान तथा विवाह संबंधी समस्याओं के समाधान पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा। साथ ही 10 से 25 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों के लिए विशेष मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए जाएंगे।तोषणीवाल ने बताया कि प्रदेश सभा के अंतर्गत विभिन्न 30 समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि समितियों में कार्य करने वाले सदस्यों को प्रामाणिकता के साथ पूर्ण समय देकर तथा मतभेद एवं मनभेद भुलाकर समाजहित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने समर्पित कार्यकर्ताओं से समितियों की जिम्मेदारियां स्वीकार कर समाज सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।समारोह में महेश सेवा निधि के कार्याध्यक्ष शामसुंदर तोष्णीवाल, सचिव प्रा. संजय दहाड, कोषाध्यक्ष राजगोपाल चांडक, विश्वस्त मनीष मूंदडा, मदनलाल मणियार, शांतीकिशोर मंत्री, बसंतकाका मणियार, अहिल्यानगर जिलाध्यक्ष श्रीकांत जाजू, संगमनेर तालुकाध्यक्ष संजय आर. मालपाणी, सचिव सुजित खटोड सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित थे।इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश कुमार बाहेती, जिला समाज कल्याण की विश्वस्त नंदा बाहेती, अहिल्यानगर जिला सभा के पूर्व अध्यक्ष अनिश मणियार, सचिव एवं पत्रकार अजय जाजू, वर्तमान कोषाध्यक्ष कुशावर्त कासट, पूर्व तालुकाध्यक्ष श्रीनिवास भंडारी, जुगलकिशोर बाहेती, युवा महेश के अध्यक्ष विनय तापडिया, अमित राठी, संदीप सोनी, प्रीतम मूंदडा, राजेश लाहोटी, प्रकाश कलंत्री, सचिन मणियार, जयप्रकाश भूतडा, हरीश चांडक, सुरज डागा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन महासभा सदस्य राहुल बाहेती ने किया। |
|
| 15 September 2026 |
| ऋषि पंचमी की एक और महत्ता |
| सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। |
|
| 11 September 2026 |
| सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा |
| आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है। |
|
| 05 September 2026 |
| देश हित की बात — आपदा में प्रबंधन और सेवा-सहयोग : मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
| आपदा कभी चेतावनी देकर नहीं आती। भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, बादल फटना या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के सामने कुछ ही क्षणों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की तैयारियों के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता, प्रशासन का समन्वय और नागरिकों की सेवा-भावना तीनों की परीक्षा होती है।भारत की पहचान केवल एक बड़े देश के रूप में नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को व्यवहार में उतारने वाले राष्ट्र के रूप में भी रही है। जब किसी दूसरे देश पर संकट आता है, भारत की सहायता की भावना सीमाओं तक सीमित नहीं रहती।अगस्त-सितंबर 2026 वर्तमान में नेपाल की भीषण बाढ़ के समय भी भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए राहत सामग्री, बचाव विशेषज्ञों और तकनीकी दलों को भेजकर पड़ोसी धर्म निभाया है।25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में इमारतें तथा बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ। भारत ने बिना समय गंवाए “ऑपरेशन मैत्री” शुरू किया और राहत एवं बचाव दल नेपाल भेजे।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की 16 विशेष खोज एवं बचाव की संवेदनशीलता का एक उल्लेखनीय उदाहरण यह भी रहा कि मलबे से मिले सोने के आभूषण और मुद्रा जैसी मूल्यवान वस्तुएँ सुरक्षित रखकर नेपाली अधिकारियों को सौंप दी गईं। आपदा के बीच भी ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की यह मिसाल अपने आप में बहुत कुछ कहती है।यह केवल पड़ोसी की सहायता नहीं थी, यह उस भारतीय संस्कार की अभिव्यक्ति थी, जिसमें संकट में पड़े व्यक्ति की सहायता करना अपना कर्तव्य माना जाता है।भारत कभी भी आपदाओं में पीछे नहीं रहा, अनेकों देश इसको बखूबी जानते हैं। नेपाल, तुर्किये, सीरिया, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, फिजी, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मोजाम्बिक, मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनी, कोमोरोस, सेशेल्स, कांगो गणराज्य, यमन, लीबिया, ग्वाटेमाला इत्यादि जैसे दूसरे देशों की सहायता करने वाला भारत अपने देशवासियों के संकट में भी लगातार मोर्चे पर खड़ा रहा है।अपने देश में भी उत्तराखंड की त्रासदी, चेन्नई की बाढ़, केरल की बाढ़ और वायनाड के भूस्खलन जैसी अनेक आपदाओं में NDRF, सेना, वायुसेना, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर हजारों लोगों की जान बचाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाई।इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि आधुनिक भारत में आपदा प्रबंधन केवल राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं रहा। आज हमारे पास प्रशिक्षित बचाव बल, विशेष उपकरण, मेडिकल सहायता, खोजी श्वान दस्ते, नावें, पर्वतीय बचाव क्षमता और आपदा के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं।आपदा के समय स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, NDRF, SDRF, चिकित्सा दल, स्वयंसेवी संस्थाएँ, सामाजिक संगठन और सामान्य नागरिक सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।दवा, भोजन, सुरक्षित स्थान और जीवन के लिए सहायता, उनके परिजनों को ढूँढने में मदद करना मानवता का फर्ज भारत यूँ तो सदैव निभाता रहा है।दुर्भाग्य से हर आपदा के समय लूटपाट, चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की कालाबाजारी, फर्जी राहत माँग और अफवाह फैलाने जैसी घटनाएँ भी मानवता को शर्मसार कर देती हैं।जिस समय किसी का घर उजड़ चुका हो, परिवार बिछड़ चुका हो और जीवन बचाने के लिए संघर्ष चल रहा हो, उस समय किसी की मजबूरी का लाभ उठाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीयता के विरुद्ध घिनौना कृत्य है।आपदा प्रबंधन अधिनियम में राहत के लिए रखी धनराशि या सामग्री के दुरुपयोग तथा फर्जी राहत दावों के लिए दंड का प्रावधान है। राहत कार्य में बाधा डालना और आपदा के संबंध में झूठी चेतावनी फैलाकर भय पैदा करना भी दंडनीय है।बचाव दलों के काम में बाधा न डालें।अनावश्यक भीड़ न लगाएँ।अफवाहों को आगे न बढ़ाएँ।राहत सामग्री केवल आवश्यकता के अनुसार लें।जरूरतमंद, बुजुर्ग, बच्चे, दिव्यांग और अकेले रह गए लोगों को प्राथमिकता दें।रक्तदान, भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुओं का सहयोग अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से करें।और सबसे महत्वपूर्ण है कि किसी की मजबूरी को अपने लाभ का अवसर न बनाएँ।आपदा में घर टूटते हैं, सड़कें और पुल भी, लेकिन उसी समय बनते हैं इंसानियत के पुल भी।आपदा की घड़ी में प्रशासन की तत्परता, बचाव दलों की बहादुरी, सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता और नागरिकों की संवेदनशीलता, जब एक साथ आती है, तभी आपदा प्रबंधन प्रभावी बनता है।भारत ने संकट में अपने नागरिकों के साथ खड़े होकर और सीमाओं के पार भी सहायता का हाथ बढ़ाकर बार-बार यह सिद्ध किया है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती।भूकंप हो, बाढ़, भूस्खलन या चक्रवात, कुछ ही क्षणों में जीवन की पूरी व्यवस्था बदल जाती है। ऐसे समय में प्रशासन की तत्परता के साथ समाज की संवेदनशीलता और नागरिकों का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है।आपदा की घड़ी मानवता की भी परीक्षा होती है।"आपदा में जो हाथ बढ़ेवही सच्चा सहयोग हैदुख में जो साथ खड़ा रहेवही मानवता का योग हैटूटे घर फिर बन जाएँगेमिट जाएँगे घावसेवा और संवेदना से हीमजबूत होगा देश और समाज।"संकट की घड़ी में भारत ताकत है।देश हित की बात में अंत में यही याद रखना है कि किसी की पीड़ा मेंहमारा छोटा-सा सहयोग भीकिसी के जीवन की बड़ी उम्मीद बन सकता है। |
|
| 26 September 2026 |
| गणपति विसर्जन पर माहेश्वरी नवयुवक मंडल सूरत ने की शीतल जल, चाय व शरबत सेवा |
| सेवा, त्याग एवं सदाचार के सिद्धांतों पर आधारित सूरत माहेश्वरी समाज की सबसे पुरानी संस्था माहेश्वरी नवयुवक मंडल की ओर से गणपति विसर्जन के अवसर पर गणेश भक्तों के लिए शीतल जल, चाय एवं शरबत सेवा का आयोजन किया गया। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 सितंबर 2026 को गणपति बप्पा की विदाई के अवसर पर रिंग रोड स्थित पुराने आरटीओ के सामने, गांधी कॉलेज बस स्टैंड पर पूरे दिन सेवा शिविर लगाया गया। गणपति विसर्जन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को शीतल जल, चाय एवं शरबत वितरित कर मंडल के सदस्यों ने सेवा एवं सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।सेवा कार्य में गुजरात प्रान्त के सचिव पवन बजाज, सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष अतीन बाहेती, सचिव भगवतीप्रसाद गग्गड़, माहेश्वरी नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष विनोद बियानी, हनुमान लोहिया, योगेश भांगडिय़ा, विजय धूत, नारायण पेड़ीवाल एवं पवन चांडक सहित जिले के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष हरिप्रकाश पेड़ीवाल, अध्यक्ष विष्णुप्रसाद राठी, उपाध्यक्ष गौरीशंकर राठी, सचिव मालचंद चांडक, कोषाध्यक्ष दिनेश चांडक सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य एवं आमंत्रित सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सूरत की अन्य सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी सराहनीय रही।माहेश्वरी नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य को उपस्थित सदस्यों एवं समाजबंधुओं का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला। आयोजन के माध्यम से गणपति विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं को आवश्यक पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ सेवा भावना का संदेश भी दिया गया। |
|
| 26 September 2026 |
| सूरत में गणपति विसर्जन पर जलसेवा |
| अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा एवं श्री राम भक्त मंडल, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में गणपति विसर्जन के अवसर पर गणेश भक्तों के लिए पानी की परब का आयोजन किया गया। सरदार कॉम्प्लेक्स, गुजरात गैस सर्कल, अड़ाजन में आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में गणेश भक्तों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया।अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री सुनील माहेश्वरी ने बताया कि इस अवसर पर लगभग 8,000 पानी की बोतलों का वितरण गणेश भक्तों के बीच किया गया। उन्होंने बताया कि सभा द्वारा पिछले 27 वर्षों से गणपति विसर्जन के अवसर पर निरंतर इसी प्रकार जलसेवा की जा रही है। सेवा की यह निरंतरता सामाजिक सरोकार और जनसेवा के प्रति सभा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।कार्यक्रम में गुजरात प्रांत के सचिव श्री पवन बजाज, सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री अतीन बाहेती, कोषाध्यक्ष श्री रामसहाय सोनी, प्रचार-प्रसार मंत्री श्री महेश खटोड, संयुक्त मंत्री श्री पवन चांडक (नीलकंठ संभाग), संयुक्त मंत्री श्री कृष्ण कुमार तापडिय़ा (महादेव संभाग) तथा अड़ाजन घोड़दोड़ रोड माहेश्वरी सभा के सचिव श्री प्रवेश मोहता सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।सेवा कार्य में श्री नारायण पेड़ीवाल, श्री बल्लू बाहेती, श्री योगेश भांगदिया, श्री ओमप्रकाश देवपुरा, श्री सुशील फोफलिया, श्री ओमप्रकाश बिड़ला, श्री राधाकिशन मूंदड़ा, श्री घनश्याम सोनी, श्री कमल बजाज सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। सभी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए गणेश भक्तों को पानी उपलब्ध कराया। |
|
| 26 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 26 सितंबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- पूर्णिमा :-10:25pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र* :- पूर्वाभाद्रपद 11:32am तक पश्चात:- उत्तरा भाद्रपद*योग* :- गण्ड*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- मीन*दिशाशूल* :- पूर्वसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:25pm*राहुकाल का समय* 09:25am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-* 12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- शनिवारअधिदेव :- ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शनिवारराशि :- सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए शनि अशुभ हो तो वह जातक अथवा दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है। |