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| 01 October 2026 |
| प्रशासनिक सेवा मार्गदर्शन एवं शिक्षा सहयोग समिति के संयोजक बने श्री किशनप्रसाद दरक |
| नांदेड। महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा द्वारा माहेश्वरी शिक्षण विकास संस्था, नांदेड के सेक्रेटरी श्री किशनप्रसाद दरक को प्रशासनिक सेवा मार्गदर्शन एवं शिक्षा सहयोग समिति का संयोजक नियुक्त किए जाने पर संस्था की ओर से उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री गोपाललाल लोया, उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश इंदानी, कोषाध्यक्ष श्री रमेश डागा, संचालक श्री सुरेश भराडिय़ा, एड. श्री अशोक भूतड़ा (जिला मंत्री, नांदेड जिला माहेश्वरी सभा), एड. श्री आनंद बंग एवं श्री परमानन्द तोषनीवाल ने उनके निवास पर पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने पिछले 10 वर्षों से प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी एवं शिक्षा के क्षेत्र में श्री दरक द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों और मार्गदर्शन की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री दरक के अनुभव एवं सक्रिय प्रयासों से समाज के विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं एवं शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। |
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| 30 September 2026 |
| पितृ पक्ष में माहेश्वरी महिला संगठनों ने किया अन्नदान |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी महिला संगठन एवं माहेश्वरी महिला संगठन, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में पितृ पक्ष के अवसर पर अन्नदान सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन की बहनों ने सभी के सहयोग से 29 सितंबर को अपना घर आश्रम पहुंचकर खाद्य सामग्री का वितरण किया और सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस अवसर पर संगठन की बहनों ने सेवा भावना के साथ आश्रम में जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। पितृ पक्ष में अन्नदान को पुण्यदायी सेवा मानते हुए संगठन द्वारा इस कार्य को श्रद्धा एवं समर्पण के साथ संपन्न किया गया। प्रदेश अध्यक्ष रेखा सोमानी एवं माहेश्वरी महिला संगठन, वाराणसी की अध्यक्ष अलका बाहेती ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाली सभी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक शामिल होने तथा सहयोग प्रदान करने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। |
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| 30 September 2026 |
| सेवलिया माताजी मंदिर का पाटोत्सव 22 जनवरी को, दो दिवसीय अखिल भारतीय सोनी भाईपा सम्मेलन भी होगा |
| ओसियां। श्री सेवलिया माताजी मंदिर समिति, ओसियां की बैठक 24 सितंबर 2026 को रामविलास सोनी, संभाजीनगर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर के आगामी पाटोत्सव एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।समिति के सचिव जे.पी. सोनी ने बताया कि बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि सेवलिया माताजी मंदिर का पाटोत्सव पौष सुदी पूर्णिमा, शुक्रवार 22 जनवरी 2027 को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा। पाटोत्सव के अवसर पर 22 एवं 23 जनवरी 2027 को दो दिवसीय अखिल भारतीय सोनी भाईपा सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।सम्मेलन में देशभर से सोनी समाज के बंधुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। कार्यक्रम के माध्यम से समाजबंधुओं को एक-दूसरे से जुडऩे, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा आपसी सहयोग एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।मंदिर समिति ने सभी ट्रस्टियों एवं सोनी भाईपा समाजबंधुओं से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता एवं यथासंभव सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया है।समिति की ओर से सभी समाजबंधुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर पाटोत्सव एवं अखिल भारतीय सोनी भाईपा सम्मेलन को सफल बनाने का आग्रह किया गया है।— निवेदक —श्री सेवलिया माताजी मंदिर समिति, ओसियां एवं अखिल भारतीय सोनी परिवार |
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| 28 September 2026 |
| देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
| "हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का,यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।"आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है।स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है।पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है।भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है।विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज...भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें। |
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| 15 September 2026 |
| ऋषि पंचमी की एक और महत्ता |
| सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। |
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| 11 September 2026 |
| सजा नहीं संवाद है, समाधान; बच्चों के झूठ बोलने की छुड़ाएँ आदत - कुम कुम काबरा |
| आज के समय में बच्चों की परवरिश माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बदलते सामाजिक परिवेश, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के प्रभाव के बीच बच्चों के व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत। कभी होमवर्क पूरा न करने पर, कभी गलती छिपाने के लिए तो कभी डाँट या सजा के डर से बच्चे सच बताने से बचने लगते हैं। यह स्थिति कई अभिभावकों को परेशान कर देती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के झूठ बोलने की आदत को केवल डाँट-फटकार से नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और सही मार्गदर्शन से सुधारा जा सकता है। यदि माता-पिता समय रहते कारणों को समझ लें और उचित व्यवहार अपनाएँ, तो बच्चे धीरे-धीरे ईमानदारी की ओर बढ़ सकते हैं।गुस्से के बजाय शांत तरीके से करें बात—जब बच्चा झूठ बोलते हुए पकड़ा जाए तो अधिकांश माता-पिता की पहली प्रतिक्रिया गुस्सा होती है। वे डाँटने और सजा देने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे अक्सर इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि उन्हें सच बताने पर डाँट का डर रहता है। ऐसे में यदि माता-पिता शांत रहकर उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें कि उसने झूठ क्यों बोला, तो बच्चा अधिक सहज महसूस करेगा। उसे यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सच बोलने पर उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समझा जाएगा। इससे उसके मन का डर कम होगा और वह भविष्य में सच बोलने के लिए अधिक तैयार रहेगा।सच बोलने पर करें तारीफ—बच्चों में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उसकी सराहना करना है। जब बच्चा अपनी गलती स्वीकार कर ले या किसी मुश्किल स्थिति में सच बोलने का साहस दिखाए, तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। इससे उसे यह महसूस होगा कि ईमानदारी एक अच्छी बात है। छोटी-छोटी ईमानदार बातों पर भी उनकी तारीफ करनी चाहिए। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समझता है कि सच बोलने से सम्मान मिलता है, जबकि झूठ केवल स्थायी राहत देता है। |
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| 01 October 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 1 अक्टूबर 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- सरद *मास*:- भाद्रपद *पक्ष* :- शुक्ल *तिथि* :- पंचमी :-12:34pm तक पश्चात:- षष्ठी *नक्षत्र* :- रोहिणी*योग*:- सिद्धि *करण*:- तैतिल *सूर्यराशि* :- कन्या *चंद्रराशि* :- वृषभ *दिशाशूल* :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:36pm*राहुकाल का समय* 2:03pm से 03:35pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-* 12:05pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * प्रदोष व्रत *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना, नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है। घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है। ध्यान दें कि आपके प्रयास सही दिशा में हों। पारिवारिक जीवन में सद्भाव रहेगा, हालाँकि किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। दोपहर बाद किसी छोटी यात्रा की संभावना बन सकती है, जिससे नए अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में गति थोड़ी धीमी हो सकती है, इसलिए कार्यों को व्यवस्थित करें।वृषभ राशि :-आज यात्रा की संभावनाएं बनी हुई हैं, जो आपको नई दिशाओं में ले जा सकती हैं। अपने दस्तावेज और सामान सही से व्यवस्थित रखें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य को लेकर आपको किसी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।मिथुन राशि :-आज मानसिक शांति का अनुभव होगा, जिससे आप अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में आपको सतर्क रहना होगा, खासकर निवेश के मामलों में। परिवार में किसी सदस्य के साथ कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको केवल आवश्यक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।कर्क राशि :-आज परिवार के साथ कुछ खास पल बिताने का मौका मिलेगा, जो आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शाम के समय किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर संबंधों में धैर्य रखने की।सिंह राशि :-आज आपकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, ध्यानपूर्वक निर्णय लें। परिवार में किसी विषय पर चर्चा हो सकती है, जो आवश्यक हो सकती है। यात्रा की संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन प्लानिंग में सावधानी बरतें।कन्या राशि :- आज शिक्षा के क्षेत्र में आपके लिए नए अवसर खुल सकते हैं, जिनसे आपको प्रगति मिलेगी। वित्तीय मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि कुछ अनिश्चितताएं हो सकती हैं। परिवार के साथ कोई विशेष योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को गहरा करेगी। स्वास्थ्य के मामले में, रचनात्मक कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।तुला राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिलेगा, जो आपके संबंधों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी कर लें। स्वास्थ्य में घरेलू कामों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनके लिए तैयार रहें। यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभकारी रहेगी। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको कुछ प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में, कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।धनु राशि :-आज वित्तीय मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको ध्यान केंद्रित करना होगा। परिवार में किसी सदस्य से गहन चर्चा हो सकती है, जो महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय कार्यों को सावधानीपूर्वक संभालें।मकर राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपको व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार के साथ कुछ योजनाएँ बना सकते हैं, जो आपके संबंधों में मजबूती लाएंगी। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसमें धैर्य और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य के मामले में, आत्म-निर्देशित कार्यों में अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी।कुम्भ राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ खास पहलुओं को ध्यान में रखना होगा, जिससे आप अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें। परिवार के साथ कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उभर सकती हैं, जिनके लिए समझदारी से काम लें। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसे ध्यानपूर्वक प्रबंधित करें। स्वास्थ्य के मामले में खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा।मीन राशि :-आज वित्तीय मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी, जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। परिवार के साथ कोई योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को बढ़ाएगी। शैक्षणिक मोर्चे पर कुछ नई जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में, आपको अधिक प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |
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| 30 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 30 सितंबर 2026वार :- बुधवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- दक्षिणायनऋतु :- सरदमास:- आश्विनपक्ष :- कृष्ण तिथि:- चतुर्थी :- 10:53pm तक पश्चात:- पंचमीनक्षत्र :- भरणी :- 07:35am तक पश्चात:- कृतिका योग :- बालव करण :- वज्र सूर्यराशि :- कन्याचंद्रराशि :- मेष :- 01:45pm तक पश्चात:- वृषभ दिशाशूल :- उत्तरसूर्योदय :- 06:29amसूर्यास्त :- 06:35pm राहुकाल का समय 12:22pm से 01:55pm तक रहेगा अभिजित मुहूर्त :-बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता हैब्रह्म मुहूर्त:-04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार वार विशेष देव :- भगवान गणेश अधिदेव :- भगवान विष्णु * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के अनुसार अगर लाभ नही पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ने को सोने या पीतल में बुधवार को धारण करना चाहिए , जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं । मंत्र :-* ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ।। * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए दान :-* हरा वस्त्र , सबूत मूंग , हरि सब्जी, हरि कांच की चूड़ी किसी कन्या को दान दे।उपाय :-* मूंग को मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा, घास या हरी शब्जी खिलाएं, बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई भी दान कर सकते हैं ।बुधवार को करणीय कार्य :-* विद्या, कला,काव्य का प्रारंभ करना नवीन व्यापार करना, नवीन लेखन, पुस्तक का प्रकाशन, धन - सहग्र, प्रार्थना पत्र देना शुभ है।वार संज्ञा :- * बुधवार को मिस्र व साधारण संज्ञा दी गई है अर्थात बुध सामान्य दृष्टि वाला है ना ज्यादा शुभ ना ही ज्यादा अशुभ घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- बुधवारराशि :- कर्कअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* बुधवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक तिल व पके हुवे दूध का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीअभिजीत मुहूर्त* बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता है क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वाले समय राहु काल चल रहा होता है परंतु कुछ विशेष चोगड़ियो में आप कार्य कर सकते हैंलाभ :- * 5:50am से 7:35amअमृत :- * 7:36am से 9:14amशुभ :- * 11:00am से 12:48pmराशिफलमेष राशि :-आज दिल की बात कहने से पहले सही समय का इंतजार खत्म हो सकता है। अगर रिश्ते में कुछ दिनों से चुप्पी बनी हुई थी, तो एक सच्ची बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। साथी आपकी भावनाओं को पहले से बेहतर समझने की कोशिश करेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें सामने वाले के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे सकता है। प्रेम में जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि भरोसा आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। शाम तक रिश्ते को लेकर मन में नई उम्मीद जन्म ले सकती है।वृषभ राशि :-आज आपका सहज और स्नेहभरा व्यवहार किसी अपने का दिल जीत सकता है। अगर साथी पिछले कुछ समय से आपकी व्यस्तता से नाराज़ था, तो उसे मनाने का अच्छा अवसर मिलेगा। प्रेम संबंध में छोटी-छोटी खुशियां बड़ा सुकून देंगी। अविवाहित लोगों की किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ बातचीत सहज महसूस होगी। दूसरों की सलाह सुनें, लेकिन फैसला अपने दिल की आवाज पर लें। आज रिश्ते में अपनापन पहले से अधिक महसूस होगा।मिथुन राशि :-आज कोई पुरानी अधूरी बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और यही रिश्ता आगे बढ़ाने का कारण बनेगी। जो लोग किसी को पसंद करते हैं, उन्हें सामने वाले की ओर से अच्छा संकेत मिलने की संभावना है। साथी के साथ हंसी-मजाक और खुलापन रिश्ते को और मजबूत करेगा। अगर किसी गलतफहमी ने दूरी बढ़ा दी थी, तो उसे खत्म करने का सही समय है। प्रेम में दिखावे से ज्यादा सच्चाई असर छोड़ेगी। दिन आपको भावनात्मक रूप से संतुष्ट कर सकता है।कर्क राशि :-आज आपका संवेदनशील स्वभाव रिश्ते में नई गर्माहट लेकर आएगा। साथी आपकी बातों को ध्यान से सुनेगा और अपनी भावनाएं भी खुलकर साझा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से किसी जवाब का इंतजार कर रहे थे, उन्हें राहत देने वाली खबर मिल सकती है। परिवार की सहमति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिलेंगे। पुराने अनुभवों की वजह से नए रिश्ते को परखने से बचें। आज विश्वास का एक छोटा कदम भविष्य को मजबूत बना सकता है।सिंह राशि :-आज प्रेम जीवन में आत्मविश्वास आपका सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा। अगर किसी खास व्यक्ति के सामने अपनी भावनाएं जाहिर करना चाहते हैं, तो परिस्थितियां आपका साथ दे सकती हैं। साथी आपके साथ समय बिताने की इच्छा जताएगा और रिश्ते में नई ताजगी महसूस होगी। एक छोटी-सी तारीफ या प्यार भरा संदेश पूरे दिन को यादगार बना सकता है। किसी तीसरे व्यक्ति की बातों को अपने रिश्ते के बीच न आने दें। आज दिल और दिमाग का संतुलन आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।कन्या राशि :-आज रिश्ते को लेकर सोचने के बजाय उसे महसूस करने की जरूरत होगी। साथी आपकी ईमानदारी और सादगी की सराहना करेगा। अगर हाल ही में कोई मनमुटाव हुआ था, तो अब उसे पीछे छोड़ने का समय है। अविवाहित लोगों की किसी समझदार और जिम्मेदार व्यक्ति से पहचान हो सकती है। प्रेम में अपेक्षाएं कम और विश्वास ज्यादा रखेंगे तो रिश्ता सहज बना रहेगा। आज का दिन भावनात्मक रूप से संतुलित और सुखद रहने के संकेत दे रहा है।तुला राशि :-आज रिश्ते में बराबरी और सम्मान का भाव सबसे ज्यादा मायने रखेगा। अगर पिछले कुछ दिनों से साथी को यह लग रहा था कि आप उसकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो आज उसे अपनी अहमियत महसूस कराने का अवसर मिलेगा। किसी साथ की गई छोटी-सी योजना या लंबी बातचीत रिश्ते में फिर से उत्साह भर सकती है। अविवाहित लोगों की किसी मित्र, सहकर्मी या सामाजिक कार्यक्रम में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज जुड़ाव महसूस होगा। प्रेम में बनावटीपन छोड़कर सच्चे मन से की गई पहल बेहतर परिणाम देगी। दिन का अंत रिश्ते को लेकर नई संतुष्टि के साथ हो सकता है।वृश्चिक राशि :-आज दिल की बजाय दिमाग से लिया गया फैसला आपके प्रेम जीवन के लिए फायदेमंद रहेगा। साथी की किसी बात को बिना पूरी सच्चाई जाने गलत न समझें, क्योंकि बातचीत से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। अगर किसी पुराने रिश्ते की याद आगे बढ़ने से रोक रही थी, तो अब उससे बाहर निकलने का समय है। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उन्हें धीरे-धीरे विश्वास बनाने पर ध्यान देना चाहिए। किसी अप्रत्याशित संदेश या मुलाकात से चेहरे पर मुस्कान लौट सकती है। आज रिश्ते में स्पष्टता और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।धनु राशि :-आज प्रेम जीवन में उत्साह और अपनापन दोनों साथ-साथ महसूस होंगे। साथी के साथ भविष्य को लेकर हुई कोई चर्चा आपको मानसिक सुकून दे सकती है। अगर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं, तो आज की बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। अविवाहित लोगों की यात्रा, पढ़ाई या ऑनलाइन माध्यम से किसी दिलचस्प व्यक्ति से पहचान होने के योग हैं। रिश्ते में हर बात का तुरंत जवाब देने के बजाय धैर्य रखना ज्यादा लाभ देगा। दिन का समापन खुशगवार एहसास और नई उम्मीदों के साथ होगा।मकर राशि :-आज रिश्तों में जिम्मेदारी और भावनाओं का अच्छा संतुलन देखने को मिलेगा। साथी आपकी व्यस्तता को समझेगा, लेकिन आपके साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी उसके लिए खास रहेगा। अगर किसी जरूरी विषय पर बातचीत टल रही थी, तो आज उसे पूरा करने का सही अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों की कार्यस्थल या पेशेवर माहौल में किसी खास व्यक्ति से नजदीकियां बढ़ सकती हैं। प्रेम में स्थिरता बनाए रखने के लिए छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीखें। आज का दिन रिश्ते को पहले से ज्यादा मजबूत बना सकता है।कुम्भ राशि :-आज कोई अनपेक्षित मुलाकात या पुराना संदेश आपके मन में नए एहसास जगा सकता है। साथी के साथ बीती हुई यादों को साझा करने से दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होगा। अगर किसी बात को लेकर मन में संकोच था, तो उसे खुलकर कहने का अवसर मिलेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल बनेंगी। प्रेम में ईमानदारी और सहजता आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगी। शाम तक दिल में सुकून और चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी।मीन राशि :-आज भावनाओं को सही शब्द देने का दिन है। अगर आप अपने मन की बात लंबे समय से छिपाए हुए थे, तो अब परिस्थितियां खुलकर बात करने का मौका देंगी। साथी आपकी संवेदनशीलता और समर्पण की सराहना करेगा, जिससे रिश्ते में भरोसा और मजबूत होगा। अविवाहित लोगों की किसी धार्मिक, पारिवारिक या सांस्कृतिक आयोजन में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज अपनापन महसूस होगा। प्रेम संबंधों में धैर्य और सम्मान बनाए रखने से भविष्य की राह आसान होगी। आज का दिन दिल को सुकून देने वाले खूबसूरत अनुभवों के नाम रह सकता है।मेरा और आपका सुविचार* जो हमे प्राप्त है वो प्रयाप्त है |
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| 29 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 29 सितंबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- तृतीया :- 05:15pm तक पश्चात:- चतुर्थी*नक्षत्र*:- अश्विनी :- 09:07am तक पश्चात:- भरणी*योग* :- हर्षण*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- मेष*दिशाशूल* :- उत्तर सूर्योदय :- 06:23amसूर्यास्त :- 06:34pm*राहुकाल का समय* साय 03:25pm से 04:24pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:15pm से 01:10pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें । मंत्र :-* ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥ * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है |