बठिंडा में बुध पूर्णिमा पर सेवा व प्रेरणा का आयोजन
पंचांग और राशिफल
पंचांग और राशिफल
मोहनलाल गंगा देवी लखोटिया धर्मशाला के संस्थापक एवं समाज रत्न स्व. श्री रामनिवास जी लखोटिया के अवतरण दिवस पर हवन एवं फल वितरण कार्यक्रम सम्पन्न

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बठिंडा में बुध पूर्णिमा पर सेवा व प्रेरणा का आयोजन
बठिंडा में बुध पूर्णिमा के पावन अवसर पर माहेश्वरी महिला संगठन, बठिंडा द्वारा स्लम एरिया में स्माइल एनजीओ द्वारा संचालित गरीब बच्चों के स्कूल में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संरक्षक पूनम राठी एवं भूतपूर्व अध्यक्ष सविता होलानी ने बच्चों को मेडिटेशन करवाया, जबकि सचिव नीलम होलानी ने बुध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला।यह कार्यक्रम हरियाणा-पंजाब प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन के आह्वान पर अंजू मालपानी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस स्कूल का संचालन माहेश्वरी युवा संगठन के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री ऋषभ साबू द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस स्कूल में 37 बच्चे अध्ययनरत हैं तथा संस्था द्वारा एक अन्य स्कूल भी संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शालू काबरा, मधु मंत्री, कृति काबरा, माहेश्वरी सभा अध्यक्ष के.के. मालपानी एवं युवा संगठन अध्यक्ष पुष्पक मंत्री का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान बच्चों को फल, बिस्कुट एवं चिप्स वितरित किए गए। अंत में ऋषभ साबू ने माहेश्वरी महिला संगठन का आभार व्यक्त किया।
29 April 2026
मोहनलाल गंगा देवी लखोटिया धर्मशाला के संस्थापक एवं समाज रत्न स्व. श्री रामनिवास जी लखोटिया के अवतरण दिवस पर हवन एवं फल वितरण कार्यक्रम सम्पन्न
माहेश्वरी समाज अजमेर के कर्मवीर, आयकर में डॉक्टरेट एवं समाज रत्न परम आदरणीय स्वर्गीय श्री रामनिवास जी लखोटिया के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर लखोटिया धर्मशाला, अजमेर में श्रद्धापूर्वक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रात: 7:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन एवं आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन हुआ। समाजबंधुओं ने स्व. श्री लखोटिया जी के समाज सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के पश्चात अल्पाहार का वितरण भी किया गया। इसके उपरांत अपना घर आश्रम, लोहागल में उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं द्वारा आश्रम में निवासरत सभी भाई-बहनों को फल वितरित किए गए।इस अवसर पर माहेश्वरी सेवा समिति, कृष्णगंज अजमेर के अध्यक्ष सुभाष नवाल, महामंत्री जगदीश झंवर, ओम प्रकाश मुर्किया, अशोक जैथलिया, राकेश झंवर, गोविंद झंवर, शशांक बजाज, रमाकांत बाल्दी, श्याम कांकाणी, अशोक राठी, राधेश्याम सोमानी, श्रीबलभ माहेश्वरी, घनश्याम काबरा, सतीश भंसाली, सतीश राठी सहित अनेक गणमान्य समाजबंधु एवं कृष्णगंज सेवा समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।समिति अध्यक्ष श्री सुभाष नवाल ने बताया कि स्व. श्री रामनिवास जी लखोटिया द्वारा स्थापित यह धर्मशाला एवं उनके आदर्श हम सभी को निरंतर समाज सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु उपस्थित सभी समाजबंधुओं का आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया गया।
27 April 2026
सीहोर की बेटी डॉ. रूपाली सोनी को मिला 'कथक नृत्य गुरु रत्न अवार्ड'
कथक नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सीहोर की प्रतिभाशाली कलाकार डॉ. रूपाली सोनी को हैदराबाद में आयोजित इन्साइड मीडिया सक्सेस कार्यक्रम में 'ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड 2026' के अंतर्गत प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा के हाथों 'कथक नृत्य गुरु रत्न अवार्ड' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूरे सीहोर नगर के लिए गर्व का विषय है। डॉ. रूपाली सोनी, जो सरस्वती कथक डांस कला केंद्र की डायरेक्टर हैं, ने कथक नृत्य में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, नृत्य नाटिका तथा एकल एवं समूह प्रस्तुतियों में प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की है।इससे पूर्व भी उन्हें 2019 में पत्रिका अचीवर अवार्ड, 2023 में अभिनेत्री सुधा चन्द्रन द्वारा इंटरनेशनल अचीवर अवार्ड, 2023 में दैनिक भास्कर प्राइड अवार्ड, 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नगर गौरव सम्मान से नवाज़ा जा चुका है। इसके अतिरिक्त उन्हें 150 से अधिक बार विभिन्न संस्थाओं द्वारा कथक कलाकार, गुरु, निर्णायक और नृत्य साधना जैसी उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है।डॉ. रूपाली अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों—स्व. पंडित वासुदेव मिश्रा एवं प्रफुल्ल गेहलोत—तथा अपने पति नवीन सोनी को देती हैं। उनका सपना था कि वे एक दिन प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं अभिनेत्री जयाप्रदा से मिलें, जो इस सम्मान के माध्यम से साकार हुआ। उनकी संस्था सरस्वती कथक डांस कला केंद्र के विद्यार्थी आज न केवल सीहोर बल्कि प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। डॉ. रूपाली की इस उपलब्धि पर शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा उन्हें शुभकामनाएँ दी जा रही हैं।
27 April 2026
अक्षय तृतीया पर रांची में MBSF का गठन सहयोग, संतुलन और समाधान की नई दिशा
अक्षय तृतीया (19 अप्रैल, रविवार) के पावन अवसर पर रांची माहेश्वरी समाज के सदस्यों की बिजनेस एवं सेवा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की गई। श्री अशोक साबू, श्री सौरभ साबू, श्री विनय मंत्री, श्री उत्सव मंत्री एवं श्री हर्षित चितलांगिया के नेतृत्व में माहेश्वरी बिजनेस एवं सेवा फोरम (MBSF) का गठन किया गया।इस फोरम का उद्देश्य समाज के भीतर व्यवसाय, सेवा, और पारस्परिक सहयोग को एक मंच पर लाकर सामूहिक विकास को गति देना है। अब सनातन मूल्यों, सेवा भावना, व्यवसायिक उन्नति और सामाजिक एकता को एक साथ आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।MBSF की विशेषता यह है कि इसमें माहेश्वरी समाज का कोई भी सदस्य, एडमिन की स्वीकृति के बाद जुड़ सकता है। इसमें शामिल होने के लिए कोई विशेष पात्रता आवश्यक नहीं है। चाहे आप व्यवसायी हों, किसी पेशे में कार्यरत हों, महिला उद्यमी हों, नौकरीपेशा हों या गृहिणी—यह फोरम सभी के लिए खुला है।यह मंच न केवल बड़े व्यावसायिक निर्णयों में सहायक होगा, बल्कि घर-परिवार से जुड़े छोटे-मोटे सेवा कार्यों, खरीदारी या अन्य आवश्यकताओं के लिए भी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराएगा। फोरम की कोर कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सदस्यों तक सही और भरोसेमंद जानकारी समय पर पहुंचे।फोरम का संचालन 'सहयोग - संतुलन - समाधान' के मूल सिद्धांतों पर आधारित रहेगा -सहयोग - जब कोई सदस्य किसी जानकारी की मांग करेगा, तो अन्य सदस्य अपने अनुभव और ज्ञान से सहयोग करते हुए उपयोगी एवं विश्वसनीय सुझाव देंगे।संतुलन - एक ही विषय पर कई सुझाव मिलने पर, सदस्य विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर अपने विवेक से संतुलित निर्णय ले सकेंगे।समाधान - सामूहिक सहयोग और सोच-समझकर लिए गए निर्णय के माध्यम से हर समस्या का प्रभावी समाधान प्राप्त होगा।यह फोरम समाज की शक्ति को एकजुट कर, कनेक्टिविटी बढ़ाने, एकता मजबूत करने और आर्थिक समृद्धि को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगा। रूक्चस्स्न न केवल एक नेटवर्क है, बल्कि आपसी विश्वास, सहयोग और विकास का सशक्त मंच है।

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सीता नवमी विशेष: जनकनंदिनी वैदेही के आदर्श जीवन का प्रेरक संदेश-श्रीमती विमला जाजू
जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुणानिधान की॥ ताके युग पद कमल मनावउँ जासु कृपा निर्मल मति पावउँ॥सीता नवमी की आप सभी को बहुत बहुत बधाई। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पुष्य नक्षत्र, दोपहर में जानकी जी का प्राकटय हुआ था। इसीलिए इस नवमी को हम सीतानवमी या जानकीनवमी के नाम से मनाते है। युग निर्मात्री भारत की सभ्यता संस्कारों का पुंज, तप, त्याग, धैर्य व सहनशिलता की प्रतिमूर्ति, उर्जा का स्रोत, धमनिष्ठ, कर्मनिष्ठ, वाल्मिको महाकाव्य की नायिका, श्री राम की प्राण बल्लभा, जनक नंदिनी सीता को हम उनके प्राकटय दिवस नमन करते हैं। हम उनकी अर्चाविग्रह का पूजन भी करते हैं, बड़ी धूमधाम से उत्सव भी मनाते हैं परंतु जिनका उत्सव मनाते हैं उनके चरित्र को पढ़ने और समझने की कोशिश नहीं की जा रही है। मेरे इस लेख का उद्धेश्य यह कि हम इनके अद्भुत चरित्र के बारे में पूर्णरूपेण समझे।पतिव्रत धर्म का निर्वाह करते हुए सीता जी ने 14 वर्ष वनवास में प्रभु श्रीराम के साथ बिताये। परंतु भाग्य की विडंमना कि लंका पति रावण ने उनका वनवास काल में अपहरण कर लिया और आकाश मार्ग से लंका में ले, गया भगवान राम ने रावण से युद्ध कर अपनी प्राणप्रिय सीता को मुक्त कराया। परन्तु लंका से लौटने पर श्री राम ने मां सीता को ग्रहण करने से इन्कार करते हुए कहा रावण तुम्हें अपनी भुजाओं में उठाकर ले गया, तुम पर दूर्षित दृष्टि डाल चुका। ऐसी दशा में अपने कुल की मर्यादा हेतु तुम्हें कैसे ग्रहण कर सकता हूं।इस प्रकार के कठोर कर्ण कटु, अनुचित शब्द सुनकर जनक नंदिनी सीता श्री राम को उपालंम भरा उत्तर देते हुए कहने लगी मैं भुतल से प्रकट हूं, विलक्षण हूं मेरा अचार विचार आलोकिक व दिव्य है। मुझ में चरित्र बल है। मैं इस मिथ्या कंलक से कलंकित होकर जीवित नहीं रह सकती। हे सुमित्रानंदन मेरे लिए चिता तैयार करो, मेरे दुख की यही दवा है। उन्होंने श्रीराम की परिक्रमा की और हाथ जोड़कर अग्नि देव की परिक्रमा कर प्रज्वलित अग्नि में समा गई। कुछ ही समय में अग्नि देव विदेह नंदिनी सीता को पिता की भांति गोद में लिए चिता से ऊपर उठे उसी समय सीता जी प्रातः काल के सूर्य की भांति अद्भूत कांति से प्रकाशित हो रही थी। वह स्वर्ण आभूषणों आभा से युक्त थी। उनके अंग पर लाल रंग की रेशमी साड़ी लहरा रही थी। इस प्रकार अग्नि परीक्षा के बाद प्रभु श्री राम ने सीताजी को स्वीकार कीया।कुछ समय सुखपूर्वक राजभवन बीता था कि प्रभु के पास संदेश आया कि जनपद के पुरवासियों में आपकी कीर्ति अपयश की चर्चा हो रही है। प्रभु श्रीराम की लोक निंदा, लोकापवाद के कारण राज धर्म की मर्यादा को केंद्र में रखते हुए सगर्भावस्था में मिथिलेश कुमारी का त्याग करना पड़ा। राम ने कहा जनपद के लोगों का सीता के प्रति घृणा पूर्ण भाव मेरे मर्म स्थल को विर्दीण कर रहा है। मैं और सीता दोनों ने उत्तम कुल में जन्म लिया है। जनक नंदिनी निष्पाप है। मेरी अंतरात्मा यशस्विनी सीता को विशुद्ध मानती है। उनकी अग्नि परीक्षा हो चुकी है। परंतु जनपद के लोगों में निंदा से मेरा हृदय व्याकुल है। लोकापवाद के कारण लक्ष्मण को आदेश दिया तुम सीता को ऋषियों के आश्रम के आसपास मुनिजन सेवित वन में पहुंचाओ। लक्ष्मण जी ने वैसा ही किया। वह महर्षि वाल्मीकि आश्रम के सन्निकट छोड़कर जाने के बाद जनक नंदिनी अपने आप को अकेली निःसहाय महसूस करते हुए किंकर्तव्यविमुढ होकर विलाप करते हुए प्राण त्यागने की निश्चय करने लगी। जैसे ही उन्होंने सोचा कि मैं सगर्भावस्था में हूं। ऐसे में पति का राजवंश नष्ट हो जाएगा। प्रभु ने तो मुझे लोकापबाद के डर से त्यागा है। इस अपवाद को दूर करना मेरा कर्तव्य है। इस प्रकार विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी कर्तव्यपरायणता पर बल दिया।सीता जी को विलाप करते हुए कुछ ऋषि कुमारों ने देखा, और वाल्मीकिजी को सब घटना सुनाई, महर्षि ने आकर सीता जी को सांत्वना देते हुए कहा, मेरे आश्रम के पास तपस्विनी स्त्रियां रहती है, वह तुम्हारा पूर्ण ध्यान रखेंगी। तुम निश्चित निर्भय होकर यहां पर रहो। महर्षि ने उन तपस्वी स्त्रियों से सीताजी को मिलवाया। सीता जी बहुत समय तक वहां निवास किया। लव कुश का जन्म भी इस आश्रम में हुआ। कुछ समय के अंतराल प्रभुश्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। वहां वाल्मीकिजी का लव कुश के साथ आगमन हुआ। वाल्मीकिजी के आदेश पर लव कुश ने वहां रामायण महाकाव्य का गान शुरू किया। उससे पता चला दोनों कुमार सीता के ही पुत्र हैं। तब श्री राम ने दूतों को वाल्मीकि ऋषि के पास भेजा और कहा कल मिथिलेश कुमारी इस सभा में आकर जन समुदाय में अपनी शुद्धता प्रमाणित कर मेरा कलंक दूर करने के लिए शपथ करें।अगली प्रातः रामचंद्र जी यज्ञ शाला में पधारे समस्त ऋषियों एवं सहस्त्रों संख्या में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य भी वहां पधारे सीता जी का शपथ ग्रहण देखने के लिए ज्ञान निष्ठ, कर्म निष्ठ, योग निष्ठ सभी लोग पधारे महर्षि वाल्मीकिजी के पीछे जनक नंदिनी सिर झुकाए आ रही थी उनके नेत्रों से अविरल अश्रुधार बह रही थी। वाल्मीकिजी ने कहा हे रघुनंदन आपने लोकापवाद के कारण मेरे आश्रम के समीप त्याग किया था। परंतु सीता धर्मपरायण व निष्पाप है। वह लोकापवाद से डरे हुए आपको अपनी शुद्धता का विश्वास दिलाएंगी।तभी सीता जी ने तपस्वियो अनुरूप गैरूये वस्त्र धारण किये सभा में हाथ जोड़कर कहा, यदि मैंने प्रभु श्री राम के अतिरिक्त अपने मन, वचन कर्म से किसी भी अन्य पुरुष का चिंतन नहीं किया यह सत्य है तो भूदेवी मुझे अपनी गोद में स्थान दे। इसी समय भूतल से दिव्य रतनों से सुशोभित एक अद्भुत सिंहासन प्रकट हुआ। सिंहासन के साथ पृथ्वी की अधिष्ठात्री देवी भी प्रकट हुई। उन्होंने साध्वी सीता को दोनों भुजाओं से गोद में उठाकर सिंहासन पर बिठाया देखते-देखते भगवती जानकी रसातल प्रवेश करने लगी तभी आकाश से पुष्प वर्षा होने लगी। देवता धन्य धन्य शब्द उच्चरित करने लगे। सीता नवमी के इस पर्व पर जनक नंदिनी सीता के बारे में मैं यह कहना चाहूंगी नारी शक्ति का आधार स्तंभ सीता का जीवन चरित्र कर्तव्यपरायणता, धर्मपरायणता, पतिपरायणता एवं कूलोचित मर्यादाओं के रक्षण का, विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में पलायन न करने का, नारी शक्ति के लिए विशेष संदेश देता है। इस प्रकार जीवन जीने की कला सिखाने का नाम वैदेही है। अति विशिष्ट होने का नाम वैदेही है। वर्तमान परिस्थितियों में उनके उच्च आदर्श हमें सन्मार्ग पर चलने को प्रेरित पर करते हैं।
02 April 2026
भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान - डॉ. रीना रवि मालपानी
राम नाम के अनन्य प्रेमी भक्त शिरोमणि अंजनीसुत हनुमानजी की महिमा से भला कौन परिचित नहीं है। रामायण की कल्पना रामदूत हनुमान के बिना नहीं की जा सकती। भक्त और भक्ति की उत्कृष्टता को सिद्ध करने वाले हनुमानजी की लीला न्यारी है। श्रीराम दूत हनुमान भक्ति की उच्च पराकाष्ठा को सिद्ध करते है इसी कारण श्रीराम भी सदैव उनके साथ ही अपनी पूर्णता को प्रदर्शित करते है, इसीलिए उन्हें भक्त शिरोमणि की भी संज्ञा दी गई है। रामायण में हनुमानजी का नहीं श्रीराम दूत के नवीन रूप का अवतरण हुआ, जो हमें यह सिखाता है कि हम अपनी सेवा, भक्ति, कर्मों एवं प्रयासों से नवीन स्वरूप में संसार के समक्ष प्रत्यक्ष हो सकते है। महादेव के अंश रुद्रावतार ने श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति एवं प्रेम को हृदय में विराजमान किया। महादेव को भोलेनाथ कहा जाता है, यही गुण उनके रुद्रावतार हनुमानजी के स्वभाव में परिलक्षित होता है। वे भी प्रभु श्रीराम की प्रसन्नता के लिए पूरे शरीर पर सिंदूर धारण करते है।जहाँ धन, पद और यश के लालच में व्यक्ति अपना सुख चैन, सर्वस्व त्याग देता है, वहीं हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम के आग्रह पर उनके चरणपद ही माँग लिए और बाकी सबका सहज ही त्याग कर दिया। हनुमानजी की अनूठी विशेषता उनका अहंकार शून्य होना भी है। हनुमानजी की प्रतिभा संपन्नता तो हमें बाल्य रूप से ही दिखाई देने लगती है। भूख लगने पर सूर्य को फल समझकर खा लेना, उनकी अद्भुत शक्ति संपन्नता को प्रदर्शित करता है, परंतु अपने सम्बोधन में वे रामदूत के उच्चारण को ही प्राथमिकता देते है। हनुमानजी में यदि सेवा भाव एवं पूर्ण समर्पण था, तो वहीं श्रीराम भी हनुमान के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखते थे। ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी की एक और विलक्षण विशेषता यह है कि वे अपना परिचय सदैव श्रीराम के दूत के रूप में देते है।हनुमानजी इतने बुद्धिमान है कि उन्हें ज्ञात है कि कब उन्हें लघु रूप धारण करना है और कब वृहद रूप धारण करके श्रीराम के कार्यो को शीघ्रता से सम्पन्न करना है। हमें सदैव अपने कार्य के प्रति उत्साह का भाव दिखाना चाहिए। जब श्रीराम के कार्य को पूरा करने के लिए हनुमान समुद्र पार करने गए तो वे अत्यंत उत्साहित थे और लक्ष्य के प्रति दृढ़निष्ठ थे। जब मैनाक पर्वत ने उन्हें रुकने को कहा तो उन्होने कहा मुझे शीघ्रता से माता सीता का पता लगाना है और तत्परता से श्रीराम का कार्य करना है। कार्यों को प्राथमिकता देना भी हमें हनुमानजी से सीखना चाहिए।    श्रीराम दूत हनुमान के जीवन में भक्ति और शक्ति का अनूठा समन्वय दृष्टिगोचर होता है। रामायण का प्रत्येक चरित्र अद्भुत है, परंतु रामायण के प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य को पूर्णता हनुमानजी ने दी। समुद्र लाँघना हो, माता सीता का पता लगाना हो, लंका दहन करना हो या लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करनी हो, यह सभी कार्य हनुमानजी के द्वारा पूर्णता को प्राप्त हुए; फिर भी वे प्रत्येक कार्य की सफलता का श्रेय श्रीराम को देते है। हनुमानजी के गुण स्वरूप कार्यों एवं आदर्शों के अनुरूप ही उनके बारह नाम है, जो मनुष्य को अदम्य साहस और ऊर्जा प्रदान करते है। हनुमान, अंजनीसुत, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ठ, फाल्गुनसखा, पिङ्गाक्ष, अमितविक्रम, सीताशोकविनाशन, लक्ष्मण प्राणदाता, दशग्रीवदर्पहा इन सभी नामों को स्मरण करने से जीवन के पाप और संताप नष्ट होते है। कलयुग में हनुमान चालीसा और सुंदरकाण्ड तो हनुमानजी की कृपा प्राप्ति के लिए भक्तो के अमोघ शस्त्र है। हनुमान चालीसा की उत्कृष्टता तो इस बात में निहित है कि स्वयं गौरी के ईश महादेव उसके साक्षी बनते है। हनुमान चालीसा भी हममे अदम्य शक्ति, साहस, भक्ति एवं ऊर्जा का अंकुरण करती है। श्रीरामकथा श्रवण के प्रेमी हनुमानजी सदैव श्रीराम के नाम स्वरूप एवं गुणों का दर्शन करते है। यदि हम जीवन के उपवन में भक्ति एवं प्रसन्नता के प्रसून को पल्लवित और पुष्पित करना चाहते है तो असाध्य कार्य को भी साध्य करने वाले रामभक्त हनुमान की शरण ग्रहण कर लेना चाहिए। अद्वितीय भक्ति की प्रतीक माता सीता ने उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि का आशीष दिया है। हनुमानजी की विलक्षण लीला हमें शिक्षा देती है कि व्यक्ति के जीवन में कर्म ही प्रधान होते है। उन्हीं कर्मो की वजह से हनुमानजी श्रीराम को भरत एवं लक्ष्मण के समान प्रिय हुए। हनुमानजी की आत्मा की सुंदरता तो माता जानकी और श्रीराम के उनके हृदय में विराजमान होने से है। भक्त शिरोमणि हनुमान भगवान और भक्ति सब कुछ प्रदान करने का सामर्थ्य रखते है। संसार के प्रत्येक दुर्गम कार्य को सुगमता से करने की क्षमता हनुमानजी में है। श्रीराम दूत के सम्बोधन से तो वे अति प्रसन्न हो जाते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा करते है। स्वयं उत्तम चरित्र से शोभायमान हनुमानजी हमेशा श्रीराम के चरित्र को सुनने के लिए लालायित रहते है। समस्त सद्गुणों के स्वामी हनुमानजी संकट मोचक है। हनुमान जन्मोत्सव जैसे उत्सव हममे भक्ति की अनूठी ऊर्जा का संचार करते है। अक्सर सांसरिक मोहमाया से भगवान की स्मृति खो देते है, परंतु प्रत्येक उत्सव हममे भगवान की स्मृति को जीवंत करता है। महाभारत में जब कुंती ने श्रीकृष्ण से दु:ख मांगा तब श्रीक़ृष्ण ने कहा की आपका पूरा जीवन अथक संघर्षों में व्यतीत हुआ इसके पश्चात भी आप दु:ख माँग रही है। तब उन्होने गोविंद को उत्तर दिया की दु:ख में सदैव आपकी स्मृति बनी रहती है। इसी प्रकार यह छोटे-छोटे उत्सव हमें भगवान के नाम रूपी बैंक में निवेश करने को प्रेरित करते है, जोकि मनुष्ययोनि की सच्ची कमाई है। तो आइये उन्हीं श्रेष्ठ भक्त शिरोमणि हनुमानजी के जन्मोत्सव को पूर्ण हर्षो-उल्लास से मनाए। भक्ति में भाव की प्रधानता होती है। प्रभु कभी भी पूजा के मापदंड एवं भक्ति के क्रियाकलाप नहीं देखते। राम कीर्तन भी हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है। चारों युग में अपनी कीर्ति को प्रतिष्ठित करने वाले हनुमानजी कलयुग में राम कथा होने पर यत्र-तत्र विराजमान होते है, तो हम श्रीराम नाम के उद्घोष के साथ सहज ही राम भक्त हनुमान की कृपा को प्राप्त कर सकते है।     डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)

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पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 1 मई 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- बसंत*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :- पूर्णिमा 10:55pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र*: - स्वाति*योग*:- सिद्धि*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :- तुला*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:15amसूर्यास्त :- 06:55pm*राहुकाल का समय*  11:22pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:09pm से 01:05pm तकब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार* वैशाख पूर्णिमा* पीलपल पूर्णिमा*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-मेष राशि वालों के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्लेषण और स्पष्टता का रहेगा। आपको अपने रिश्तों को मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन समझदारी से लिए गए फैसले आपको सफलता दिलाएंगे।वृषभ राशि :-वृषभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। खुलकर बातचीत करने से रिश्तों में मजबूती आएगी। आर्थिक मामलों में अलर्ट जरूरी है, इसलिए अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी होगा।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन संतुलन बनाए रखने का है। करियर और निजी जीवन में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि, किसी भी निर्णय को लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी होगा। अपने दिल की आवाज सुनें और उसी अनुसार कदम उठाएं।कर्क राशि :-कर्क राशि वालों के लिए 20 मार्च का दिन आराम और आत्मचिंतन का रहेगा। अपने पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्तों में मधुरता आएगी। नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।सिंह राशि :-सिंह राशि के लोगों के लिए यह दिन स्वास्थ्य और आत्मदेखभाल पर ध्यान देने का है। काम के साथ-साथ निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी होगा। नए अवसर मिल सकते हैं, जिनका सही उपयोग करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।कन्या राशि :- कन्या राशि वालों के लिए दिन थोड़ा मिश्रित रहेगा। रिश्तों में हल्की नोक-झोंक हो सकती है, लेकिन समझदारी से काम लेने पर सब ठीक हो जाएगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और सेहत भी अच्छी बनी रहेगी। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।तुला राशि :-तुला राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। तनाव से बचने की कोशिश करें और मानसिक शांति बनाए रखें। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना सफलता की कुंजी होगा।वृश्चिक राशि :-वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिश्तों में कुछ समस्याएं आ सकती हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में अहंकार से बचें और टीमवर्क पर ध्यान दें। मानसिक रूप से मजबूत रहना आपके लिए जरूरी होगा।धनु राशि :-धनु राशि के लोगों के लिए यह दिन बदलावों का संकेत दे रहा है। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नई स्किल्स सीखने का यह सही समय है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें।मकर राशि :-मकर राशि के जातकों के लिए यह दिन सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप अपने कामों को अच्छे से पूरा कर पाएंगे। परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।कुम्भ राशि :-कुंभ राशि वालों के लिए यह दिन लव लाइफ के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अगर रिश्तों में कोई समस्या चल रही है तो उसे सुलझाने का सही समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी समस्या सुलझाने की क्षमता की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन खुशियों से भरा रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी। हालांकि, किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी है।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
30 April 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 30 अप्रैल 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण *ऋतु* :- बसंत *मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :-  चतुर्दशी  09:12pm तक पश्चात :- पूर्णिमा*नक्षत्र* :- चित्रा *योग*:- वज्र*करण*:- गर *सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :-    कन्या 03:14pm तक पश्चात:- तुला*दिशाशूल*  :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:15amसूर्यास्त :- 06:53pm*राहुकाल का समय*   2:15pm से 03:45pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 12:54pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * नरसिंह चतुर्थी*वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु  और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ  ग्रां  ग्रीं  ग्रौं  सः  गुरुवे  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर  गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना,  नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य  संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-गुरुवार का दिन आपका खुशखबरी से भरा रहेगा. जॉब के लिए यदि प्रयास कर रहे हैं, तो  गुरुवार को आपको सफलता मिलने के चांस हैं. परिवार में कोई नया सदस्य आ सकता है. गुरुवार को आपसी मतभेद दूर होकर परिवार में एक शानदार माहौल देखने को मिलेगा.वृषभ राशि :-आपके पार्टनर आपके साथ विश्वासघात कर सकते हैं. गुरुवार को आपको कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं. हो सकता है आपको व्यवसाय में बड़ा नुकसान उठाना पड़े. स्वास्थ्य कारणों से भी मन चिंतित रहेगा. परिवार में अपनों से कुछ बातों पर मतभेद बन सकता है.मिथुन राशि :-मौसमी बीमारियों के चलते आप और आपका परिवार पीड़ित हो सकता है. गुरुवार को आप कुछ व्यक्तिगत समस्याओं के कारण परेशान रहेंगे. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी परिवार में आ सकती है. साथ ही व्यापार-व्यवसाय में इस समय गिरावट का दौर नजर आएगा. परिवार में कोई दुखद समाचार सुनने को मिलेगा.कर्क राशि :-परिवार में बहुत दिनों से चल रहा विवाद गुरुवार को खत्म हो सकता है. गुरुवार को आपका मूड अच्छा रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से आपको लाभ महसूस होगा. आप किसी बीमारी से छुटकारा पाएंगे. शाम को आप परिवार या मित्रों के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं. गुरुवार को व्यापार-व्यवसाय में  ससुराल पक्ष से बड़ी आर्थिक मदद आपको मिल सकती है, जिससे कार्यक्षेत्र में लाभ के योग बनेंगे. दफ्तर में सीरियर्स के साथ रिश्ते सामान्य रखें. गुस्सा आने पर भी वाणी पर संयम रखें.सिंह राशि :-दिया हुआ उधार पैसा गुरुवार को ब्याज सहित प्राप्त हो सकता है. गुरुवार का दिन जातक का अच्छा रहने वाला है. कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा. जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होगी. धन लाभ होगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा.कन्या राशि :-परिवार में भाई-भतीजे से झगड़ा हो सकता है. गुरुवार को आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा. काम अधिक होने के कारण शारीरिक कमजोरी और मानसिक तनाव आपको महसूस होगा. किसी अपने का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. आप कोई नया काम शुरू गुरुवार को ना करें वरना परेशानी का सामना करना पड़ेगा. नौकरी का प्रयास कर रहे हैं, तो गुरुवार को सफलता हाथ लगना मुश्किल है. गुरुवार को पत्नी से मतभेद होंगे.तुला राशि :-परिवार में कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा. गुरुवार को आपका कहीं अपने परिवार के साथ बाहर जाना हो सकता है. परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को का समय अच्छा बीतेगा. बिजेनस में कोई बड़े काम का ऑफर को मिल सकता है, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा.वृश्चिक राशि :-परिवार में कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा. गुरुवार को आपका कहीं अपने परिवार के साथ बाहर जाना हो सकता है. परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को का समय अच्छा बीतेगा. बिजेनस में कोई बड़े काम का ऑफर को मिल सकता है, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा.धनु राशि :-परिवार में कोई नया मेहमान आएगा. गुरुवार को आप कोई बड़ा काम शुरू न करें वरना हानि उठानी पड़ सकती है. खासकर कर्ज से बचें. स्वास्थ्य को लेकर कुछ समस्याएं उत्पन्न होंगी. पत्नी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. व्यापार में सहयोगी लोगों के साथ छोड़ने से धन की हानि होगी.मकर राशि :-आज आप कुछ बातों को लेकर मानसिक तौर से दबाव महसूस करेंगे. आप किसी काम के पूरे करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे। परंतु सफलता आज आपको मिलना थोड़ा कठिन होगा। व्यापार-व्यवसाय में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। परिवार में वाद-विवाद से दूर रहें. बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें.कुम्भ राशि :-गुरुवार को परिवार में कोई मांगलिक काम का योग बन सकता है. गुरुवार को आप परिवार (पत्नी और बच्चों) के साथ बाहर कहीं घूमने के लिए जा सकते हैं. बहुत दिनों बाद परिवार के साथ जाएंगे तो अच्छा लगेगा. इससे परिवार में चल रहे विवाद भी दूर होंगे. दफ्तर में सहयोगियों से मदद मिलेगी. व्यापार-कारोबार में आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी.मीन राशि :-गुरुवार को व्यापार-व्यवसाय में लाभ के योग बनेंगे. गुरुवार को आप किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं. मित्र और परिवार के लोगों का सहयोग आपको कार्यक्षेत्र में मिलेगा. यात्रा आदि पर अपने सामान और धन की रक्षा करें. गुरुवार को परिवार में माता-पिता की सेहत प्रभावित हो सकीत है. किसी बात को लेकर पत्नी से मतभेद बढ़ सकते हैं. वाणी पर संयम रखना बेहतर होता है, क्योंकि ऐसा नहीं करने से रिश्तों के टूटने का खतरा रहता है.मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है
29 April 2026
पंचांग और राशिफल
आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 29 अप्रैल 2026वार :- बुधवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- उत्तरायण ऋतु :- वसंत मास:- वैशाख पक्ष :- शुक्लतिथि:-  त्रयोदशी :- 07:54pm तक पश्चात:- चतुर्दशी नक्षत्र :- हस्त 00:16am तक पश्चात:- चित्रा योग :- हर्षण करण :- कौलव सूर्यराशि :- मेषचंद्रराशि :- कन्या दिशाशूल  :- उत्तरसूर्योदय :- 06:15amसूर्यास्त :- 06:55pm राहुकाल का समय  12:22pm से 01:50pm तक रहेगा अभिजित मुहूर्त :-बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता हैब्रह्म मुहूर्त:-04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार वार विशेष देव :- भगवान गणेश अधिदेव :- भगवान विष्णु * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के अनुसार अगर लाभ नही पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ने को  सोने या पीतल में  बुधवार को  धारण करना चाहिए , जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं ।   मंत्र :-* ॐ  ब्रां  ब्रीं  ब्रौं  सः  बुधाय  नमः ।। * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए दान :-* हरा वस्त्र , सबूत मूंग , हरि सब्जी, हरि कांच की चूड़ी किसी कन्या को दान दे।उपाय :-* मूंग को मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा, घास या हरी शब्जी खिलाएं, बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई भी दान कर सकते हैं ।बुधवार को करणीय कार्य :-* विद्या, कला,काव्य का प्रारंभ करना नवीन व्यापार करना, नवीन लेखन, पुस्तक का प्रकाशन, धन - सहग्र, प्रार्थना पत्र देना शुभ है।वार संज्ञा :- * बुधवार को मिस्र व साधारण संज्ञा दी गई है अर्थात बुध सामान्य दृष्टि वाला है ना ज्यादा शुभ ना ही ज्यादा अशुभ घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- बुधवारराशि :-  कर्कअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* बुधवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक तिल व पके हुवे दूध का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीअभिजीत मुहूर्त* बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता है क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वाले समय राहु काल चल रहा होता है परंतु कुछ विशेष चोगड़ियो में आप कार्य कर सकते हैंलाभ :- * 6:50am से 8:15amअमृत :- * 8:16am से 9:34amशुभ :- * 11:00am से 12:28pmराशिफलमेष राशि :-मेष राशि के जातकों का आज का दिनऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। करियर में नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जहां आपकी नेतृत्व क्षमता चमकेगी। धन की स्थिति मजबूत बनी रहेगी, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखें। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा, विवाहितों के लिए जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर थकान महसूस हो सकती है।वृषभ राशि :-वृषभ राशि के जातकों को आज के दिन मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक मामलों में सुधार होगा, रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं या कोई पुराना निवेश लाभ दे सकता है। नौकरी या बिजनेस में बदलाव के संकेत हैं, लेकिन जल्दबाजी न करें। परिवार में खुशहाली रहेगी, प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन आंखों या गर्दन का ध्यान रखें।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों को आज के दिन संचार और बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। यात्रा या छोटे-मोटे बदलाव से फायदा हो सकता है। करियर में टीम वर्क अच्छा रहेगा, लेकिन विवाद से बचें। प्रेम में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए संवाद बनाए रखें। स्वास्थ्य में सिरदर्द या तनाव हो सकता है, आराम करें। धन के मामले में मध्यम स्थिति रहेगी।कर्क राशि :-कर्क राशि के जातक के आज के दिन भावनात्मक रूप से संवेदनशील रहेंगे। घरेलू मामलों में सुधार होगा, परिवार के सदस्यों से अच्छी खबर मिल सकती है। करियर में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन नई शुरुआत के लिए थोड़ा इंतजार करें। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है।सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों का आज का दिन अच्छा रहेगा। करियर और सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। नेतृत्व भूमिका में आप चमकेंगे। धन लाभ के योग हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। प्रेम में रोमांचक पल आएंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन गर्मी से सावधान रहें।कन्या राशि :-कन्या राशि के जातकों का आज के दिन व्यावहारिकता और विस्तार पर फोकस रहेगा। नौकरी में मेहनत रंग लाएगी, लेकिन बॉस या सहकर्मियों से सतर्क रहें। धन की स्थिति सामान्य रहेगी, निवेश के लिए अच्छा समय नहीं। प्रेम संबंधों में समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव हो सकता है। तुला राशि :-तुला राशि के जातकों का आज के दिन रिश्तों और साझेदारी पर जोर रहेगा। विवाहित जीवन सुखमय होगा, प्रेम में नई शुरुआत संभव। करियर में अवसर आएंगे, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें। धन लाभ मध्यम रहेगा। स्वास्थ्य में ऊर्जा बनी रहेगी।वृश्चिक राशि :-वश्चिक राशि के जातकों का आज का दिन मिला-जुला रहेगा। गुप्त मामलों या रिसर्च से फायदा हो सकता है। करियर में चुनौतियां आएंगी, लेकिन आपका दृढ़ संकल्प सफलता दिलाएगा। प्रेम में गहराई बढ़ेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जोड़ों या पीठ का दर्द हो सकता है।धनु राशि :-धनु राशि के जातकों का आज के दिन साहस और यात्रा के योग हैं। करियर में प्रगति होगी, विशेषकर शिक्षा या विदेश संबंधी कामों में। धन प्रवाह अच्छा रहेगा। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं, खुशियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मकर राशि :-मकर राशि के जातकों का आज के दिन अनुशासित रहेगा। करियर में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन प्रमोशन के लिए थोड़ा समय लगेगा। धन के मामले में सावधानी बरतें, अनावश्यक खर्च न करें। प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन थकान महसूस हो सकती है।कुम्भ राशि :-कुंभ राशि के जातकों के लिए आज के दिन नए विचार और सामाजिक गतिविधियां फायदेमंद रहेंगी। नेटवर्किंग से नए अवसर मिल सकते हैं। करियर में बदलाव संभव है। प्रेम में रोमांस रहेगा। स्वास्थ्य में मानसिक शांति बनी रहेगी।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों का आज के दिन आध्यात्मिक और भावनात्मक पक्ष मजबूत रहेगा। करियर में रचनात्मक कामों से सफलता मिलेगी। धन की स्थिति सुधरेगी। प्रेम और परिवार में खुशियां रहेंगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, नींद पूरी करें।*मेरा और आपका सुविचार* जो हमे प्राप्त है वो प्रयाप्त है
28 April 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 28 अप्रैल 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- शिशिर*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:-  द्वादशी 06:56pm तक पश्चात:- त्रयोदशी*नक्षत्र* :- उत्तरा फाल्गुनी*योग* :- व्याघात*करण* :- बव*सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :-  कन्या*दिशाशूल*  :- उत्तर  सूर्योदय :- 06:12amसूर्यास्त :- 07:01pm*राहुकाल का समय*   साय 03:45pm से 05:18pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:25pm से 01:15pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए  मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें ।   मंत्र :-* ॐ  क्रां  क्रीं  क्रौं  सः भौमाय नमः ॥  * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-17 मार्च को मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा और अनुकूल रहने वाला है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आपके बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी के संकेत हैं. पैतृक संपत्ति या परिवार से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है. परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. हालांकि आज किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से बचें. संतान की पढ़ाई या प्रतियोगिता से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है. साथ ही धार्मिक कार्यों या पूजा-पाठ में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है.वृषभ राशि :-वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ अच्छी खबरें लेकर आ सकता है. करियर और कारोबार के मामले में दिन सामान्य से थोड़ा बेहतर रहेगा. जो काम लंबे समय से अधूरे पड़े थे, वे आज पूरे हो सकते हैं और सहकर्मियों का सहयोग भी मिलेगा. किसी रुके हुए काम के पूरा होने से आपको राहत महसूस होगी. आय में वृद्धि के योग हैं जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी. प्रेमी जोड़ों को साथ में अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है.मिथुन राशि :-मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिनका आपको धैर्य और समझदारी से सामना करना होगा. आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को किसी नए अवसर या जिम्मेदारी का मौका मिल सकता है, जिससे पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. शाम के समय आपका मन धर्म और अध्यात्म की ओर आकर्षित हो सकता है. निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी रखें और सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए योग और व्यायाम करते रहें.कर्क राशि :-कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा. नौकरी या व्यवसाय में अच्छी सफलता मिल सकती है. अचानक धन लाभ या आय के नए स्रोत मिलने से कई जरूरी काम पूरे हो सकते हैं. व्यापार करने वालों को लाभ मिलने की संभावना है और कोई अटकी हुई डील भी पूरी हो सकती है. घर-परिवार में सुख और सहयोग का माहौल बना रहेगा. प्रेम संबंधों में भी मधुरता बनी रहेगी. हालांकि आज किसी दूसरे का वाहन चलाने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा.सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी और नौकरी में मान-सम्मान भी बढ़ सकता है. कुछ नए और बड़े अवसर मिलने की संभावना है. हालांकि आज खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा. परिवार में किसी छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए समझदारी से काम लें. प्रेम संबंधों में साथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. परिवार के किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है. पुराने विवादों का समाधान मिलने से राहत महसूस होगी.कन्या राशि :-कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा और भाग्यशाली रहने वाला है. किस्मत का साथ मिलने से करियर और कारोबार में बड़ा अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं. हालांकि कुछ विरोधी आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और मित्र भी आपके लिए मददगार साबित होंगे. प्रेम जीवन में साथी के साथ यादगार समय बिताने का मौका मिलेगा. ससुराल पक्ष से भी सहयोग मिल सकता है और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी.तुला राशि :-तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा मिलाजुला रह सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, इसलिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें. नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव और तनाव महसूस हो सकता है. जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें अभी धैर्य रखना चाहिए. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भाग्य का साथ मिल सकता है. संतान से जुड़ी किसी चिंता का समाधान मिलने से मन हल्का होगा. प्रेम संबंधों में थोड़ी सावधानी रखें, क्योंकि साथी के साथ किसी बात पर मनमुटाव हो सकता है.वृश्चिक राशि :-वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और सफलता से भरा रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से करियर में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी. आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा और कारोबार में भी फायदा हो सकता है. वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा. संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है. हालांकि किसी भी काम में जरूरत से ज्यादा उत्साह दिखाने से बचें और सावधानी से निर्णय लें. नया काम शुरू करने के लिए समय अच्छा है.धनु राशि :-धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपको कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. योजनाओं में अचानक बदलाव होने से फायदा हो सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर किसी शुभ कार्य में धन खर्च हो सकता है. शिक्षा से जुड़े लोगों को अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा. आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें. सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने वालों को कोई अच्छी डील मिल सकती है. अचानक धन लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं.मकर राशि :-मकर राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा और लाभदायक रहने वाला है. नौकरी में बदलाव या नए अवसर मिलने के योग हैं. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा. लंबे समय से रुका हुआ कोई काम आज पूरा हो सकता है. सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. आपको कोई सुखद सरप्राइज भी मिल सकता है. भाग्य का साथ मिलने से नए संपर्क बनेंगे, जो आगे चलकर लाभदायक साबित होंगे. हालांकि किसी भी मामले में जल्दबाजी या भावुक होकर निर्णय लेने से बचना चाहिए.कुम्भ राशि :-कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है और किस्मत आपका साथ देगी. आपकी कुछ महत्वपूर्ण इच्छाएं पूरी हो सकती हैं. नई योजना या काम की शुरुआत करने के लिए समय अच्छा है. आपके अनुभव और ज्ञान का लाभ मिलेगा. सरकारी योजनाओं से भी फायदा हो सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. हालांकि दूसरों के मामलों में ज्यादा दखल देने से बचें. जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और पुराने विवादों से दूरी बनाए रखें. वैवाहिक जीवन में किसी बात को लेकर थोड़ी बहस हो सकती है.मीन राशि :-मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा. आर्थिक योजनाओं से लाभ मिलने की संभावना है. सहकर्मियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपके कई काम आसानी से पूरे हो सकते हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है. हालांकि किसी लालच में आकर कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए. नौकरीपेशा लोगों को कुछ नया करने या अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. सेहत के मामले में थोड़ी सावधानी रखें और अपने खानपान पर ध्यान दें.आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है

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