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| 03 September 2026 |
| माहेश्वरी मंडल वर्धा का ‘आपणों उत्सव’ हर्षोल्लास से संपन्न |
| वर्धा। माहेश्वरी मंडल वर्धा द्वारा आयोजित ‘आपणों उत्सव’ विविध सामाजिक संदेशों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं सम्मान समारोह के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि विख्यात उद्योजिका एवं ‘हर्बल फार्मा क्वीन’ श्रीमती भगवतीदेवी बल्दवा, हैदराबाद ने अपने संबोधन में संस्कारों, पारिवारिक मूल्यों और युवा पीढ़ी के कर्तव्यों पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि संस्कार बाजार में मिलने वाली वस्तु नहीं, बल्कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आचरण और परंपराओं के माध्यम से पहुँचने वाली अमूल्य धरोहर हैं। बच्चों को केवल सफल नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अधिकारों की माँग के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें तथा बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें।श्रीमती बल्दवा ने परिवारों को त्योहारों और परंपराओं को केवल औपचारिकता के रूप में न मनाकर उनके पीछे छिपे भाव और संस्कार बच्चों तक पहुँचाने का आग्रह किया। उन्होंने नशे से दूर रहने, मित्रों का चयन सोच-समझकर करने तथा माता-पिता को स्वयं मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। महिलाओं से शालीन वस्त्रों के चयन और माताओं से बेटियों की गृहस्थी में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने का भी आग्रह किया।कार्यक्रम में हाल ही में विदर्भ प्रादेशिक माहेश्वरी संगठन के अध्यक्ष निर्वाचित हुए प्रा. डॉ. रमण हेड़ा का माहेश्वरी समाज वर्धा की ओर से सम्मान किया गया। उन्होंने वर्धा की माटी को नमन करते हुए स्वतंत्रता सेनानी स्व. शांतिदेवी जाजू के साथ बिताए भावुक क्षणों को स्मरण किया। उन्होंने समाजबंधुओं को व्यवसाय में आगे बढ़ने, महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने तथा सर्वसमाज के कल्याण की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।समारोह में बुजुर्गों का सम्मान, गोपीरतन पारिवारिक न्यास की ओर से मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, सांस्कृतिक कलाकारों का अभिनंदन तथा स्व. कमलादेवी गोपालदास राठी की स्मृति में जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। सांस्कृतिक सत्र में विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।कार्यक्रम का संचालन मंडल के समन्वयक राजकुमार जाजू ने किया। प्रस्तावना अध्यक्ष नंदकिशोर भुतड़ा ने रखी तथा आभार सचिव हरीश गांधी ने व्यक्त किया। मंच पर माहेश्वरी मंडल ट्रस्ट के गोविंद टावरी सहित चारों मंडलों के अध्यक्ष नंदकिशोर भुतड़ा, सुनीता राठी, ऋषभ जाजू एवं साक्षी चितलांगे उपस्थित रहे।सुबह के सत्र में श्रीमती भगवतीदेवी बल्दवा ने महेश पत संस्था, गीताई मंदिर, बापू कुटी सहित समाजबंधुओं के निवास पर सदिच्छा भेंट भी दी। कार्यक्रम की सफलता के लिए गठित विभिन्न समितियों ने समर्पित भाव से कार्य करते हुए आयोजन को सफल बनाया। |
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| 03 September 2026 |
| लायंस क्लब कासगंज डायमंड ने किया वृक्षारोपण |
| लायंस क्लब कासगंज डायमंड द्वारा 3 सितंबर 2026, गुरुवार को अध्यक्ष लायन मनोज जाखेटिया के गांव नींवरी स्थित फार्म पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आम, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में जोन चेयरपर्सन लायन विनय कुमार माहेश्वरी, क्लब अध्यक्ष लायन मनोज जाखेटिया, सचिव लायन कैप्टन डी.एस. चौहान, कोषाध्यक्ष लायन शिव कुमार गुरहार, चार्टर अध्यक्ष राजकुमार जाखेटिया सहित लायन ए.के. सिंह पुंढीर, अनुराग माहेश्वरी, सुनील कुमार गुप्ता, अलका पुंढीर, मधु जाखेटिया, अंजू जाखेटिया, शीलू चौहान, अनिल जैन आदि सदस्य उपस्थित रहे। |
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| 02 September 2026 |
| नागौर में तीन दिवसीय भव्य महासंगम समारोह 23 से 25 सितंबर तक |
| नव निर्मित भवन का होगा लोकार्पण, देश-प्रदेश से माहेश्वरी समाजबंधुओं के जुटने की संभावनानागौर। भगवान महेश की असीम कृपा तथा समाजबंधुओं के आर्थिक सहयोग, स्नेह एवं समर्पण से श्री माहेश्वरी पंचायत संस्थान, नागौर के नव निर्मित भवन का लोकार्पण समारोह आगामी 23 से 25 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय भव्य आयोजन के रूप में आयोजित किया जाएगा। समारोह को लेकर नागौर के स्थानीय एवं प्रवासी माहेश्वरी समाजबंधुओं में उत्साह का माहौल है।श्री माहेश्वरी पंचायत संस्थान की ओर से समाजबंधुओं को रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए समारोह में गरिमामय उपस्थिति का आग्रह किया गया है। संस्थान ने कहा कि समाजबंधुओं के निरंतर आर्थिक सहयोग, प्रेम, विश्वास और सहभागिता के कारण ही नव निर्मित भवन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो सका है।लोकार्पण समारोह लंबे अंतराल के बाद स्थानीय एवं प्रवासी माहेश्वरी समाजबंधुओं के मिलन और महासंगम का अवसर बनेगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत समाजबंधुओं के नागौर पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर समाज की एकता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सहभागिता को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।संस्थान ने समाजबंधुओं से करबद्ध निवेदन करते हुए कहा है कि वे अपने व्यस्त कार्यक्रम से अमूल्य समय निकालकर इस ऐतिहासिक महासंगम समारोह में अवश्य पधारें और नव निर्मित भवन के लोकार्पण के साक्षी बनें। संस्थान ने विशेष रूप से बाहर रहने वाले समाजबंधुओं से आग्रह किया है कि वे नागौर आने का अपना कार्यक्रम यथाशीघ्र निर्धारित कर संस्थान को सूचित करें, ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जा सकें।संस्थान की ओर से समाजबंधुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा गया कि यह समारोह केवल भवन का लोकार्पण नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग, समर्पण और सामूहिक शक्ति का उत्सव भी होगा।भवदीय —श्री माहेश्वरी पंचायत संस्थान, नागौर (राजस्थान)मोबाइल : 9414414978, 9414327248 |
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| 31 August 2026 |
| एक सवाल… जिसका जवाब माँ के पास नहीं था - भारती सुजीत बिहानी |
| तीज का त्योहार था।चारों ओर उत्सव का माहौल था। घर-आँगन में रौनक थी। कहीं मेहंदी की खुशबू थी, तो कहीं सुहाग के गीतों की मधुर आवाज़ सुनाई दे रही थी।राधिका सुबह से ही तीज की तैयारियों में लगी हुई थी। पूजा की थाली सजा चुकी थी। लाल चुनरी, मेहंदी और सुहाग की सारी चीज़ें करीने से रखी थीं।काम निपटाकर उसने अपनी बेटी को फोन लगाया।कुछ देर तक माँ-बेटी के बीच हँसी-मजाक और घर-परिवार की बातें होती रहीं। तभी अचानक बेटी की आवाज़ थोड़ी गंभीर हो गई।“मम्मा… एक बात पूछूँ?”राधिका मुस्कुराते हुए बोली,“हाँ बिटिया, पूछो।”“मम्मा… नाराज़ तो नहीं होगी?”“अरे नहीं, ऐसी क्या बात है? पूछो।”बेटी कुछ पल चुप रही, फिर बोली—“मम्मा, एक बात मेरी समझ में नहीं आती… पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी ही व्रत क्यों करती है?”राधिका चुप हो गई।बेटी ने फिर पूछा—“क्या पत्नी को लंबी उम्र नहीं चाहिए?”राधिका के हाथ जैसे ठिठक गए।जिस पूजा की थाली वह अभी सजा रही थी, उसी पर उसकी नज़र टिक गई।बेटी बोलती रही—“मम्मा, बचपन से देखती आई हूँ कि तीज हो या करवा चौथ, पत्नी पति की लंबी उम्र की कामना करती है। निर्जल व्रत रखती है, पूजा करती है, दुआ माँगती है। इसमें गलत कुछ नहीं है… प्रेम से किया गया व्रत बहुत खूबसूरत भावना है।”“लेकिन अगर पति भी अपनी पत्नी के लिए उसी तरह व्रत रखे, उसकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करे, तो क्या वह प्रेम और भी सुंदर नहीं होगा?”राधिका के पास कोई जवाब नहीं था।वह अपनी बेटी की बात सुन रही थी, मगर उसके मन में जैसे वर्षों पुराने कई दृश्य एक साथ घूमने लगे।उसे याद आया—उसकी माँ भी तीज का व्रत रखती थीं। दादी भी रखती थीं। उसने भी विवाह के बाद इसे परंपरा समझकर निभाना शुरू कर दिया था।कभी उसने यह सवाल खुद से पूछा ही नहीं था।उसने हमेशा यही माना था कि“पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी का व्रत रखना ही तो तीज है।”लेकिन आज बेटी ने एक छोटा-सा सवाल पूछकर उसके सामने सोचने का एक नया दरवाज़ा खोल दिया था।राधिका ने धीरे से कहा—“बेटा… शायद परंपराएँ हमें बहुत कुछ सिखाती हैं, लेकिन कभी-कभी उनके पीछे छिपे भाव को नए समय की नज़र से समझना भी जरूरी होता है।”बेटी मुस्कुराई।“तो मम्मा, इस बार आप मेरे लिए एक और प्रार्थना करना।”“क्या?”“अपने लिए भी।”राधिका की आँखें नम हो गईं।“हाँ बिटिया… इस बार मैं अपने लिए भी प्रार्थना करूँगी।”बेटी ने हँसते हुए कहा—“और पापा से भी कहना कि आपकी लंबी उम्र के लिए वो भी कुछ माँगें।”दोनों हँस पड़ीं।फोन कट गया।राधिका कुछ देर तक वैसे ही बैठी रही।फिर उसने पूजा की थाली में एक दीपक जलाया और हाथ जोड़कर बोली—“हे माँ गौरी, मेरे सुहाग को सुखी और स्वस्थ रखना… और मुझे भी इतनी ही अच्छी सेहत, लंबी उम्र और खुशियाँ देना, ताकि हम दोनों जीवन की राह साथ-साथ पूरी कर सकें।”उस दिन राधिका ने तीज का व्रत रखा।लेकिन पहली बार उसे लगा कि व्रत केवल किसी एक की लंबी उम्र की कामना नहीं, बल्कि दो दिलों की एक-दूसरे के लिए मंगलकामना का नाम भी हो सकता है।परंपरा अपनी जगह थी…प्रेम अपनी जगह।और उस दिन राधिका ने अपनी बेटी के एक मासूम सवाल से यह सीख लिया था कि—रिश्ता तभी खूबसूरत होता है,जब दुआ दोनों के लिए हो,चिंता दोनों की हो,और जीवन की राह भी दोनों साथ चलें।बेटी का सवाल छोटा था,लेकिन उसने राधिका के मन मेंएक बहुत बड़ी सोच जगा दी थी। |
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| 31 August 2026 |
| सातूड़ी तीज : भारतीय संस्कृति, सौभाग्य और पारिवारिक मूल्यों का पावन पर्व - ज्योति मूंदड़ा |
| भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक एकता के संवाहक भी हैं। इन्हीं पावन पर्वों में सातूड़ी तीज का विशेष महत्व है। विशेष रूप से राजस्थान एवं मारवाड़ क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व महिलाओं के लिए आस्था, प्रेम, सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक है।सातूड़ी तीज के अवसर पर महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना करती हैं। इस दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। माता पार्वती का भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम, तपस्या और समर्पण भारतीय नारी शक्ति एवं आदर्श दांपत्य जीवन की प्रेरणा प्रदान करता है।इस पर्व से जुड़ी अनेक सुंदर पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी हैं। विवाहित बेटियों को मायके से सिंजारा भेजना, श्रृंगार सामग्री एवं पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान करना तथा परिवार के सदस्यों के साथ उत्सव मनाना हमारे सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाता है। सातूड़ी तीज का पर्व आपसी प्रेम, स्नेह और अपनत्व की भावना को भी सुदृढ़ करता है।आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में हमारे पारंपरिक पर्व हमें अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। सातूड़ी तीज केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, समर्पण, सौभाग्य और पारिवारिक एकता का सुंदर संदेश देने वाला पर्व है।आइए, इस पावन अवसर पर हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लें तथा भगवान शिव एवं माता पार्वती से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करें। |
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| 28 August 2026 |
| माहेश्वरी समाज में रक्षाबंधन ऋषि पंचमी को ही क्यों? — परंपरा में छिपी हमारी पहचान : महावीर चांडक |
| भारत विविधताओं और परंपराओं का देश है। यहां प्रत्येक समाज, संप्रदाय और क्षेत्र की अपनी विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं रही हैं। इन्हीं परंपराओं ने हमारी सामाजिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखा है। सामान्यतः रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, लेकिन माहेश्वरी समाज में रक्षाबंधन ऋषि पंचमी के दिन मनाने की परंपरा है। यह केवल तिथि का अंतर नहीं, बल्कि हमारी अपनी सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है।माहेश्वरी समाज की मान्यता भगवान महेश अर्थात भगवान शिव से जुड़ी हुई है। समाज की परंपराओं में ऋषियों और गुरु परंपरा का विशेष स्थान रहा है। एक प्रचलित मान्यता के अनुसार माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के समय समाज के मार्गदर्शक ऋषियों द्वारा रक्षा-सूत्र बांधने की परंपरा रही, इसलिए ऋषि पंचमी का दिन हमारे लिए रक्षाबंधन से विशेष रूप से जुड़ गया। इसी के साथ एक अन्य प्रचलित किंवदंती भगवान गणेश और उनकी बहन से भी जुड़ी है, जिसके अनुसार ऋषि पंचमी के दिन गणेशजी को उनकी बहन ने सर्वप्रथम राखी बांधी थी।इन कथाओं को हम इतिहास के कठोर प्रमाण के रूप में नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही समाज की सांस्कृतिक स्मृति और आस्था के रूप में देखते हैं। यही स्मृतियां किसी समाज को केवल लोगों का समूह नहीं रहने देतीं, बल्कि उसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।रक्षाबंधन का मूल भाव तो भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और मंगलकामना से जुड़ा है, लेकिन माहेश्वरी परंपरा में इसका स्वरूप थोड़ा अलग भाव लिए हुए है। यहां राखी केवल भाई की कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं है; यह अपने संस्कारों, अपनी परंपरा और अपने समाज से जुड़े रहने का सूत्र भी है।समय के साथ हमारी जीवनशैली बदली है। परिवार दूर-दूर बस गए हैं, नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा और आधुनिक जीवन-पद्धति के साथ आगे बढ़ रही है। यह परिवर्तन स्वाभाविक है और आवश्यक भी। लेकिन आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों से दूरी बनाना नहीं हो सकता। जिस समाज ने अपनी पहचान सदियों की परंपराओं से बनाई है, उसके लिए अपनी विशिष्ट परंपराओं को जानना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना उतना ही आवश्यक है जितना आधुनिक समय के साथ आगे बढ़ना।आज जब चारों ओर एक ही दिन, एक ही तरीके और एक ही संस्कृति के प्रभाव में त्योहार मनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, तब ऋषि पंचमी पर रक्षाबंधन मनाना माहेश्वरी समाज की अपनी अलग पहचान को जीवित रखने का अवसर है। यह किसी अन्य परंपरा का विरोध नहीं, बल्कि अपनी परंपरा के प्रति सम्मान है।हमें यह भी समझना होगा कि परंपरा तभी जीवित रहती है जब उसके पीछे का भाव अगली पीढ़ी को समझाया जाए। यदि हम अपने बच्चों से केवल इतना कहेंगे कि “हम राखी पूर्णिमा को नहीं, ऋषि पंचमी को बांधते हैं”, तो शायद वह इसे केवल एक अलग तारीख समझेंगे। लेकिन जब हम उन्हें बताएंगे कि इसके पीछे हमारे समाज की अपनी मान्यता, गुरु परंपरा, भगवान महेश से जुड़ी सांस्कृतिक स्मृति और पीढ़ियों से चली आ रही सामाजिक विरासत है, तब उनके मन में इसके प्रति गर्व का भाव पैदा होगा।परंपराएं बोझ नहीं होतीं, वे हमारी पहचान की जड़ें होती हैं। जड़ों को संभालकर ही वृक्ष नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है। इसी प्रकार समाज भी तभी मजबूत होता है जब आधुनिकता के साथ उसकी संस्कृति और संस्कार भी सुरक्षित रहें।इसलिए ऋषि पंचमी का रक्षाबंधन हमारे लिए केवल राखी बांधने का दिन नहीं है। यह वह अवसर है जब एक बहन अपने भाई की मंगलकामना करती है, परिवार एक साथ आता है और समाज अपनी उस विशिष्ट परंपरा को याद करता है जिसने उसे दूसरों से अलग पहचान दी है।आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी परंपराओं को केवल निभाएं ही नहीं, उन्हें समझें, उनका सम्मान करें और अपनी आने वाली पीढ़ी को गर्व के साथ सौंपें।क्योंकि—राखी का धागा कलाई पर बंधता है,लेकिन परंपरा का धागा पीढ़ियों को जोड़ता है।और यही ऋषि पंचमी का रक्षाबंधन माहेश्वरी समाज के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी पहचान से जुड़ने का पावन अवसर है। |
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| 03 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 3 सितंबर 2026*वार* :- गुरुवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन *ऋतु* :- सरद *मास*:- भाद्रपद *पक्ष* :- कृष्ण *तिथि* :- सप्तमी *नक्षत्र* :- कृतिका *योग*:- व्याघात *करण*:- बव *सूर्यराशि* :- सिंह *चंद्रराशि* :- मेष :- 07:23am *दिशाशूल* :- दक्षिणसूर्योदय :- 06:05amसूर्यास्त :- 07:16pm*राहुकाल का समय* 2:20pm से 04:05pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-* 12:15pm से 01:04pm तक *ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार *वार विशेष* आज का वार :- गुरुवार अधिदेव :- भगवान विष्णु और इंद्र * यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आप पुखराज धारण नहीं कर सकते है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं , हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।मंत्र :- * ।। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल, धार्मिक पुस्तक , पिला फलउपाय :-* बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल, हल्दी भर गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।गुरुवार को करणीय कार्य :-* विद्या का प्रारंभ, वैवाहिक - कार्यक्रम, उच्चाधिकारियों से मिलना, नवीन काव्य लेखन प्रारंभ करना, लेखन, प्रकाशन, धन - संग्रह आदि शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :-* गुरुवार को लघु व सामान्य संज्ञा दी गई है गुरुवार शुभ वार है।घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- गुरुवारराशि :- तुला, कुंभ अशुभ फल नाशक पदार्थ :-* गुरुवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक चने की दल का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है। ध्यान दें कि आपके प्रयास सही दिशा में हों। पारिवारिक जीवन में सद्भाव रहेगा, हालाँकि किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। दोपहर बाद किसी छोटी यात्रा की संभावना बन सकती है, जिससे नए अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में गति थोड़ी धीमी हो सकती है, इसलिए कार्यों को व्यवस्थित करें।वृषभ राशि :-आज यात्रा की संभावनाएं बनी हुई हैं, जो आपको नई दिशाओं में ले जा सकती हैं। अपने दस्तावेज और सामान सही से व्यवस्थित रखें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य को लेकर आपको किसी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।मिथुन राशि :-आज मानसिक शांति का अनुभव होगा, जिससे आप अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में आपको सतर्क रहना होगा, खासकर निवेश के मामलों में। परिवार में किसी सदस्य के साथ कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको केवल आवश्यक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।कर्क राशि :-आज परिवार के साथ कुछ खास पल बिताने का मौका मिलेगा, जो आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शाम के समय किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य में ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर संबंधों में धैर्य रखने की।सिंह राशि :-आज आपकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे। वित्तीय मामलों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, ध्यानपूर्वक निर्णय लें। परिवार में किसी विषय पर चर्चा हो सकती है, जो आवश्यक हो सकती है। यात्रा की संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन प्लानिंग में सावधानी बरतें।कन्या राशि :-आज शिक्षा के क्षेत्र में आपके लिए नए अवसर खुल सकते हैं, जिनसे आपको प्रगति मिलेगी। वित्तीय मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि कुछ अनिश्चितताएं हो सकती हैं। परिवार के साथ कोई विशेष योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को गहरा करेगी। स्वास्थ्य के मामले में, रचनात्मक कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।तुला राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिलेगा, जो आपके संबंधों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी कर लें। स्वास्थ्य में घरेलू कामों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।वृश्चिक राशि :-आज कार्यक्षेत्र में कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनके लिए तैयार रहें। यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभकारी रहेगी। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको कुछ प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में, कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत की आवश्यकता हो सकती है।धनु राशि :-आज वित्तीय मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको ध्यान केंद्रित करना होगा। परिवार में किसी सदस्य से गहन चर्चा हो सकती है, जो महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय कार्यों को सावधानीपूर्वक संभालें।मकर राशि :-आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आपको व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार के साथ कुछ योजनाएँ बना सकते हैं, जो आपके संबंधों में मजबूती लाएंगी। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसमें धैर्य और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य के मामले में, आत्म-निर्देशित कार्यों में अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी।कुम्भ राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ खास पहलुओं को ध्यान में रखना होगा, जिससे आप अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें। परिवार के साथ कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उभर सकती हैं, जिनके लिए समझदारी से काम लें। यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन उसे ध्यानपूर्वक प्रबंधित करें। स्वास्थ्य के मामले में खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा।मीन राशि :- आज वित्तीय मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी, जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। परिवार के साथ कोई योजना बन सकती है, जो आपके संबंधों को बढ़ाएगी। शैक्षणिक मोर्चे पर कुछ नई जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में, आपको अधिक प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है |
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| 02 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 2 सितंबर 2026वार :- बुधवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- दक्षिणायनऋतु :- सरदमास:- भाद्रपदपक्ष :- कृष्णतिथि:- पंचमी :- 06:14am तक पश्चात:- षष्ठी नक्षत्र :- भरणी योग :- ध्रुव करण :- तैतिल सूर्यराशि :- सिंह चंद्रराशि :- मेष दिशाशूल :- उत्तरसूर्योदय :- 05:59amसूर्यास्त :- 06:45pm राहुकाल का समय 12:22pm से 01:55pm तक रहेगा अभिजित मुहूर्त :-बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता हैब्रह्म मुहूर्त:- 04:45am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार वार विशेष देव :- भगवान गणेश अधिदेव :- भगवान विष्णु * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के अनुसार अगर लाभ नही पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ने को सोने या पीतल में बुधवार को धारण करना चाहिए , जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं । मंत्र :-* ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ।। * यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए दान :-* हरा वस्त्र , सबूत मूंग , हरि सब्जी, हरि कांच की चूड़ी किसी कन्या को दान दे।उपाय :-* मूंग को मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा, घास या हरी शब्जी खिलाएं, बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई भी दान कर सकते हैं ।बुधवार को करणीय कार्य :-* विद्या, कला,काव्य का प्रारंभ करना नवीन व्यापार करना, नवीन लेखन, पुस्तक का प्रकाशन, धन - सहग्र, प्रार्थना पत्र देना शुभ है।वार संज्ञा :- * बुधवार को मिस्र व साधारण संज्ञा दी गई है अर्थात बुध सामान्य दृष्टि वाला है ना ज्यादा शुभ ना ही ज्यादा अशुभ घात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- बुधवारराशि :- कर्कअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* बुधवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक तिल व पके हुवे दूध का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीअभिजीत मुहूर्त* बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नही होता है क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वाले समय राहु काल चल रहा होता है परंतु कुछ विशेष चोगड़ियो में आप कार्य कर सकते हैंलाभ :- * 5:50am से 7:35amअमृत :- * 7:36am से 9:14amशुभ :- * 11:00am से 12:48pmराशिफलमेष राशि :-आज दिल की बात कहने से पहले सही समय का इंतजार खत्म हो सकता है। अगर रिश्ते में कुछ दिनों से चुप्पी बनी हुई थी, तो एक सच्ची बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। साथी आपकी भावनाओं को पहले से बेहतर समझने की कोशिश करेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें सामने वाले के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे सकता है। प्रेम में जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि भरोसा आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। शाम तक रिश्ते को लेकर मन में नई उम्मीद जन्म ले सकती है।वृषभ राशि :-आज आपका सहज और स्नेहभरा व्यवहार किसी अपने का दिल जीत सकता है। अगर साथी पिछले कुछ समय से आपकी व्यस्तता से नाराज़ था, तो उसे मनाने का अच्छा अवसर मिलेगा। प्रेम संबंध में छोटी-छोटी खुशियां बड़ा सुकून देंगी। अविवाहित लोगों की किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ बातचीत सहज महसूस होगी। दूसरों की सलाह सुनें, लेकिन फैसला अपने दिल की आवाज पर लें। आज रिश्ते में अपनापन पहले से अधिक महसूस होगा।मिथुन राशि :-आज कोई पुरानी अधूरी बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और यही रिश्ता आगे बढ़ाने का कारण बनेगी। जो लोग किसी को पसंद करते हैं, उन्हें सामने वाले की ओर से अच्छा संकेत मिलने की संभावना है। साथी के साथ हंसी-मजाक और खुलापन रिश्ते को और मजबूत करेगा। अगर किसी गलतफहमी ने दूरी बढ़ा दी थी, तो उसे खत्म करने का सही समय है। प्रेम में दिखावे से ज्यादा सच्चाई असर छोड़ेगी। दिन आपको भावनात्मक रूप से संतुष्ट कर सकता है।कर्क राशि :-आज आपका संवेदनशील स्वभाव रिश्ते में नई गर्माहट लेकर आएगा। साथी आपकी बातों को ध्यान से सुनेगा और अपनी भावनाएं भी खुलकर साझा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से किसी जवाब का इंतजार कर रहे थे, उन्हें राहत देने वाली खबर मिल सकती है। परिवार की सहमति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिलेंगे। पुराने अनुभवों की वजह से नए रिश्ते को परखने से बचें। आज विश्वास का एक छोटा कदम भविष्य को मजबूत बना सकता है।सिंह राशि :-आज प्रेम जीवन में आत्मविश्वास आपका सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा। अगर किसी खास व्यक्ति के सामने अपनी भावनाएं जाहिर करना चाहते हैं, तो परिस्थितियां आपका साथ दे सकती हैं। साथी आपके साथ समय बिताने की इच्छा जताएगा और रिश्ते में नई ताजगी महसूस होगी। एक छोटी-सी तारीफ या प्यार भरा संदेश पूरे दिन को यादगार बना सकता है। किसी तीसरे व्यक्ति की बातों को अपने रिश्ते के बीच न आने दें। आज दिल और दिमाग का संतुलन आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।कन्या राशि :-आज रिश्ते को लेकर सोचने के बजाय उसे महसूस करने की जरूरत होगी। साथी आपकी ईमानदारी और सादगी की सराहना करेगा। अगर हाल ही में कोई मनमुटाव हुआ था, तो अब उसे पीछे छोड़ने का समय है। अविवाहित लोगों की किसी समझदार और जिम्मेदार व्यक्ति से पहचान हो सकती है। प्रेम में अपेक्षाएं कम और विश्वास ज्यादा रखेंगे तो रिश्ता सहज बना रहेगा। आज का दिन भावनात्मक रूप से संतुलित और सुखद रहने के संकेत दे रहा है।तुला राशि :-आज रिश्ते में बराबरी और सम्मान का भाव सबसे ज्यादा मायने रखेगा। अगर पिछले कुछ दिनों से साथी को यह लग रहा था कि आप उसकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो आज उसे अपनी अहमियत महसूस कराने का अवसर मिलेगा। किसी साथ की गई छोटी-सी योजना या लंबी बातचीत रिश्ते में फिर से उत्साह भर सकती है। अविवाहित लोगों की किसी मित्र, सहकर्मी या सामाजिक कार्यक्रम में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज जुड़ाव महसूस होगा। प्रेम में बनावटीपन छोड़कर सच्चे मन से की गई पहल बेहतर परिणाम देगी। दिन का अंत रिश्ते को लेकर नई संतुष्टि के साथ हो सकता है।वृश्चिक राशि :-आज दिल की बजाय दिमाग से लिया गया फैसला आपके प्रेम जीवन के लिए फायदेमंद रहेगा। साथी की किसी बात को बिना पूरी सच्चाई जाने गलत न समझें, क्योंकि बातचीत से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। अगर किसी पुराने रिश्ते की याद आगे बढ़ने से रोक रही थी, तो अब उससे बाहर निकलने का समय है। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उन्हें धीरे-धीरे विश्वास बनाने पर ध्यान देना चाहिए। किसी अप्रत्याशित संदेश या मुलाकात से चेहरे पर मुस्कान लौट सकती है। आज रिश्ते में स्पष्टता और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।धनु राशि :-आज प्रेम जीवन में उत्साह और अपनापन दोनों साथ-साथ महसूस होंगे। साथी के साथ भविष्य को लेकर हुई कोई चर्चा आपको मानसिक सुकून दे सकती है। अगर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं, तो आज की बातचीत दोनों के बीच की दूरी कम कर सकती है। अविवाहित लोगों की यात्रा, पढ़ाई या ऑनलाइन माध्यम से किसी दिलचस्प व्यक्ति से पहचान होने के योग हैं। रिश्ते में हर बात का तुरंत जवाब देने के बजाय धैर्य रखना ज्यादा लाभ देगा। दिन का समापन खुशगवार एहसास और नई उम्मीदों के साथ होगा।मकर राशि :-आज रिश्तों में जिम्मेदारी और भावनाओं का अच्छा संतुलन देखने को मिलेगा। साथी आपकी व्यस्तता को समझेगा, लेकिन आपके साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी उसके लिए खास रहेगा। अगर किसी जरूरी विषय पर बातचीत टल रही थी, तो आज उसे पूरा करने का सही अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों की कार्यस्थल या पेशेवर माहौल में किसी खास व्यक्ति से नजदीकियां बढ़ सकती हैं। प्रेम में स्थिरता बनाए रखने के लिए छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीखें। आज का दिन रिश्ते को पहले से ज्यादा मजबूत बना सकता है।कुम्भ राशि :-आज कोई अनपेक्षित मुलाकात या पुराना संदेश आपके मन में नए एहसास जगा सकता है। साथी के साथ बीती हुई यादों को साझा करने से दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होगा। अगर किसी बात को लेकर मन में संकोच था, तो उसे खुलकर कहने का अवसर मिलेगा। जो लोग किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल बनेंगी। प्रेम में ईमानदारी और सहजता आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगी। शाम तक दिल में सुकून और चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी।मीन राशि :-आज भावनाओं को सही शब्द देने का दिन है। अगर आप अपने मन की बात लंबे समय से छिपाए हुए थे, तो अब परिस्थितियां खुलकर बात करने का मौका देंगी। साथी आपकी संवेदनशीलता और समर्पण की सराहना करेगा, जिससे रिश्ते में भरोसा और मजबूत होगा। अविवाहित लोगों की किसी धार्मिक, पारिवारिक या सांस्कृतिक आयोजन में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ सहज अपनापन महसूस होगा। प्रेम संबंधों में धैर्य और सम्मान बनाए रखने से भविष्य की राह आसान होगी। आज का दिन दिल को सुकून देने वाले खूबसूरत अनुभवों के नाम रह सकता है। |
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| 01 September 2026 |
| पंचांग और राशिफल |
| *आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 01सितंबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- भाद्रपद*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- चतुर्थी 07:42am तक पश्चात:- पंचमी*नक्षत्र*:- अश्वनी*योग* :- वृद्धि*करण* :- बालव*सूर्यराशि* :- सिंह*चंद्रराशि* :- मेष*दिशाशूल* :- उत्तर सूर्योदय :- 05:53amसूर्यास्त :- 06:43pm*राहुकाल का समय* साय 04:05pm से 05:48pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:15pm से 01:10pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें । मंत्र :-* ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥ * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है |