महेश शैक्षणिक सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष बने रामनिवास मूंदड़ा, लालचंद गट्टाणी सचिव निर्वाचित
पंचांग और राशिफल
आस्था और विकास का अनूठा संगम बना श्री बधर माता धाम, कानडखेड़ा-ताना गाँव
चेन्नई में श्री माहेश्वरी क्लब के संगीतमय सुंदरकांड पाठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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महेश शैक्षणिक सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष बने रामनिवास मूंदड़ा, लालचंद गट्टाणी सचिव निर्वाचित
कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के अंतर्गत संचालित महेश शैक्षणिक सेवा ट्रस्ट की वर्ष 2026-28 की नई कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। इस अवसर पर श्री रामनिवास मूंदड़ा को ट्रस्ट का अध्यक्ष तथा श्री लालचंद गट्टाणी को सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का चयन आपसी सहमति एवं संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न हुआ।नवगठित कार्यकारिणी में श्री कैलाशचंद धूत को उपाध्यक्ष, श्री नंदकिशोर भूतड़ा को कोषाध्यक्ष तथा कोल्हापुर के श्री दिलीप बजाज को सहसचिव चुना गया। इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्य के रूप में श्री शांतिकिशोर मंत्री, श्री श्रीगोपाल दरगड़, श्री लक्ष्मीकांत मर्दा, श्री प्रकाश झंवर, श्री बनवारीलाल झंवर, श्री कमलेश राठी, श्री राधेश्याम भूतड़ा तथा जयसिंगपुर के श्री दीपक बियानी का चयन किया गया है।ट्रस्ट की नवगठित कार्यकारिणी में निवर्तमान अध्यक्ष श्री नटवरलाल बाल्दी को भी स्थान दिया गया है। वहीं कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री नितिन धूत एवं सचिव श्री मुकेश खाबाणी पदेन सदस्य के रूप में ट्रस्ट से जुड़े रहेंगे। इस प्रकार नई कार्यकारिणी में अनुभवी पदाधिकारियों एवं समाज के सक्रिय सदस्यों को प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है।उल्लेखनीय है कि महेश शैक्षणिक सेवा ट्रस्ट समाज में शिक्षा के प्रोत्साहन, शैक्षणिक विकास एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कार्य करने वाला महत्वपूर्ण संगठन है। नई कार्यकारिणी से अपेक्षा व्यक्त की गई है कि वह शैक्षणिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाते हुए समाज के विद्यार्थियों एवं जरूरतमंद परिवारों के शैक्षणिक उत्थान के लिए सार्थक पहल करेगी।नवगठित कार्यकारिणी के सर्वसम्मत चयन पर माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों तथा कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही उनके सफल, गौरवशाली एवं उपलब्धियों से परिपूर्ण कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नया नेतृत्व ट्रस्ट के सेवा कार्यों को नई दिशा एवं गति प्रदान करेगा।
12 October 2026
आस्था और विकास का अनूठा संगम बना श्री बधर माता धाम, कानडखेड़ा-ताना गाँव
चित्तौडग़ढ़ (राजस्थान)। माहेश्वरी समाज की अनेक खाँपों की आराध्य कुलदेवी श्री बधर माता जी (बिजासन माता) का पावन धाम राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले के भूपालसागर तहसील अंतर्गत कानडखेड़ा–ताना गाँव की सुरम्य पहाडिय़ों पर स्थित है। आस्था, श्रद्धा एवं धार्मिक परंपराओं का यह प्राचीन केंद्र आज समाज की एकता, संगठन और सामूहिक सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है। श्री बधर माता सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेवा ट्रस्ट के प्रयासों से यहाँ सड़क, आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। अब भव्य भक्त निवास एवं मंदिर परिसर के विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। श्री बधर माता जी सोमानी, मर्दा, थिरानी, छापरवाल, मक्कड़, गादिया, बागड़ी, दुजारी, परसावत, मेनानी, हिंगड़, कसेरा, मेहनानी, बिलया सहित माहेश्वरी समाज की अनेक खाँपों की आराध्य कुलदेवी हैं। इन परिवारों में कुलदेवी के दर्शन, जात एवं झड़ूला संस्कार को अत्यंत पवित्र धार्मिक परंपरा माना जाता है।पूर्वकाल में अधिकांश परिवारों को अपनी कुलदेवी के मूल धाम की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। ऐसे में पूर्वजों से चली आ रही परंपरा के अनुसार घरों की दीवारों पर कुलदेवी का प्रतीक स्वरूप अंकित कर पूजा-अर्चना की जाती थी। अष्टमी, नवमी, राता-जोगा तथा अन्य मांगलिक अवसरों पर श्रद्धापूर्वक धोक लगाकर माता जी का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता था।धाम से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश के अलीराजपुर निवासी श्रद्धेय श्री रामचन्द्र सोमानी को स्वप्न में श्री बधर माता जी ने दर्शन देकर अपने मूल धाम का संकेत दिया। इस दिव्य दृष्टांत से प्रेरित होकर उन्होंने माता जी के वास्तविक स्थान की खोज प्रारंभ की। लंबे प्रयासों के बाद वे राजस्थान के ताना गाँव के निकट कानडखेड़ा की पहाडिय़ों पर स्थित प्राचीन मंदिर तक पहुँचे। यहाँ माता जी अपनी बहन एवं भैरवजी (भेरूजी) के साथ विराजमान हैं।इस मंदिर की पूजा-अर्चना एवं सेवा का दायित्व स्थानीय भील समाज के भोपाजी परिवार द्वारा पीढिय़ों से निभाया जा रहा है। वर्तमान में भी उसी परिवार के वंशज अपनी पारंपरिक धार्मिक जिम्मेदारियों का श्रद्धा एवं निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं।लगभग 70 वर्ष पूर्व पंचकुलों के पंचों के सहयोग से इस पहाड़ी मंदिर का निर्माण कराया गया था। उस समय मंदिर तक पहुँचने के लिए सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। श्रद्धालुओं को दुर्गम पगडंडियों से होकर पहाड़ी पर चढऩा पड़ता था। कठिन मार्ग के बावजूद भक्तों की अटूट आस्था उन्हें माता के दरबार तक ले आती थी।मंदिर में बनी दो विशेष खिड़कियाँ स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। स्थानीय मान्यता में इन्हें दवाखाना कहा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इन खिड़कियों से होकर निकलने पर शारीरिक कष्टों एवं बाधाओं से राहत मिलती है। आसपास के ग्रामीण आज भी अपने बच्चों के स्वास्थ्य, सुख एवं मंगल की कामना लेकर माता के दरबार में पहुँचते हैं।
12 October 2026
चेन्नई में श्री माहेश्वरी क्लब के संगीतमय सुंदरकांड पाठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्री माहेश्वरी क्लब, चेन्नई के तत्वावधान में 11 अक्टूबर को अन्ना नगर स्थित श्रीनाथ जी हवेली में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं यादगार बना दिया। संगीतमय सुंदरकांड पाठ, सुमधुर भजनों एवं भगवान श्रीराम तथा संकटमोचन हनुमान जी के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित रूप से भारी उपस्थिति के कारण मुख्य आयोजन स्थल के अतिरिक्त दूसरी मंजिल पर भी विशेष एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके माध्यम से वहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों का सीधा प्रसारण देखा। इसके साथ ही यूट्यूब के माध्यम से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे देशभर के श्रद्धालु अपने घरों से इस पावन आयोजन से जुड़ सके और सुंदरकांड पाठ, भजनों एवं महाआरती का लाभ प्राप्त कर सके।संगीतमय सुंदरकांड पाठ के दौरान भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया गया। भक्तिमय प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुंदरकांड की चौपाइयों, भजनों एवं जयकारों से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ पाठ में सहभागिता की।इस अवसर पर श्री माहेश्वरी क्लब के अध्यक्ष श्री मुकुल डागा ने कहा कि सुंदरकांड केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि जीवन में साहस, आत्मविश्वास, सकारात्मकता और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक माध्यम है। भगवान हनुमान जी का जीवन हमें निष्ठा, समर्पण, सेवा, त्याग एवं अटूट विश्वास की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार, आपसी सद्भाव एवं एकता को बढ़ावा मिलता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति आयोजन की सफलता और समाज की धार्मिक आस्था का प्रमाण है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
12 October 2026
कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पद पर नितिन धूत पुन: निर्वाचित
इचलकरंजी। कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पद पर प्रसिद्ध उद्यमी एवं समाजसेवी नितिन धूत पुन: निर्वाचित हुए हैं। इचलकरंजी स्थित महेश सेवा समिति सभागृह में संपन्न चुनाव प्रक्र्रिया के दौरान उनके निर्वाचन की घोषणा की गई। सामाजिक एवं संगठनात्मक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका तथा पूर्व कार्यकाल में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए समाजजनों ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताते हुए भारी बहुमत से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके पुनर्निर्वाचन से माहेश्वरी समाज में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है।उल्लेखनीय है कि कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं संगठनात्मक क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज को एकजुट रखने तथा सामाजिक विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्यरत है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन धूत इससे पूर्व भी तीन वर्षों तक जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पद का सफलतापूर्वक दायित्व निभा चुके हैं। उनके अनुभवी नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता एवं समाजसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए समाज ने पुन: उन्हें संगठन की बागडोर सौंपी है।नितिन धूत औद्योगिक, व्यावसायिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के संचालक, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के इचलकरंजी सेंटर के ट्रस्ट चेयरमैन, क्रेडाई इचलकरंजी के संस्थापक अध्यक्ष तथा वेस्टर्न महाराष्ट्र चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। व्यावसायिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।पुनर्निर्वाचन के पश्चात अध्यक्ष नितिन धूत ने जिला सचिव पद पर मुकेश खाबाणी का चयन किया। नवगठित कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सुरेशचंद्र दरगड़ तथा उपाध्यक्ष पद पर रामनारायण गट्टाणी, श्रीकांत बंग (इचलकरंजी), मनीष झंवर (करवीर) एवं दीपक बियाणी (जयसिंगपुर) का चयन किया गया।इसी प्रकार कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अशोककुमार मंत्री तथा संगठन मंत्री पद की जिम्मेदारी बजरंगलाल काबरा को सौंपी गई। सहसचिव पद पर शिवप्रसाद तापडिय़ा, सुरेंद्रकुमार हेड़ा एवं लक्ष्मीकांत बलदवा का चयन हुआ। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक मंत्री पद पर पूनमचंद बाहेती, सूचना एवं प्रसारण मंत्री पद पर धनराज डालिया, जनसंपर्क मंत्री पद पर आनंद बांगड़ एवं संजय सारडा तथा आरोग्य मंत्री पद पर विनय बाल्दी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।चुनाव प्रक्रिया के दौरान अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के प्रतिनिधि पद पर लालचंद गट्टाणी, चंद्रप्रकाश नवाल एवं वासुदेव बांगड़ का चयन किया गया। इसी क्रम में महाराष्ट्र प्रदेश सभा की कार्यकारिणी के सदस्य पद पर श्यामसुंदर झंवर, टोडरमल बांगड़, दामोदर बाहेती, रामनिवास मूंदड़ा, बालकिशन टुवाणी, मनोज कुमार राठी, रमाकांत मालू एवं दिलीप बजाज का चयन हुआ। इन प्रतिनिधियों के चयन से प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर कोल्हापुर जिले के माहेश्वरी समाज का प्रतिनिधित्व और अधिक सशक्त होने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा के लिए यह भी अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय रहा कि महाराष्ट्र प्रदेश सभा द्वारा जिले के समाजबंधुओं को प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अंतर्गत विनीत तोष्णीवाल को प्रदेश मंत्री, सुशील इनानी को कार्यालयीन मंत्री (सचिव), बनवारीलाल झंवर को जनसंपर्क मंत्री (पश्चिम महाराष्ट्र) तथा दिनेश बांगड़ को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है।प्रदेश स्तर पर इन पदाधिकारियों के मनोनयन से समाज में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है। समाजजनों ने सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव एवं सक्रिय सहभागिता से प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।जिला माहेश्वरी सभा की चुनाव प्रक्रिया में चुनाव अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सी.ए. घनश्याम सोनी ने निभाई। नितिन धूत के पुन: अध्यक्ष निर्वाचित होने तथा नवीन कार्यकारिणी के गठन पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाजबंधुओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों एवं प्रदेश स्तर पर मनोनीत सदस्यों का अभिनंदन किया तथा उनके सफल एवं उपलब्धिपूर्ण कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि नितिन धूत के अनुभवी नेतृत्व तथा नवीन कार्यकारिणी के सामूहिक प्रयासों से कोल्हापुर जिला माहेश्वरी सभा की सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। साथ ही समाज में एकता, सहयोग, सेवा एवं संगठन की भावना को नई मजबूती प्राप्त होगी तथा समाजहित एवं जनकल्याण के कार्यों का विस्तार होगा।

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कार्तिक मास की महत्ता आज की जीवनशैली में - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
आज का युग तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया का युग है। दुनिया मोबाइल में खो गई है, चारों ओर भागदौड़ है, इस तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, रिश्तों में बढ़ती दूरियाँ और पर्यावरण संबंधी जैसी सहस्रों चुनौतियाँ भी सामने हैं। ऐसे समय में कार्तिक मास की परंपराएँ हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, आत्मचिंतन करने और जीवन के वास्तविक मूल्यों को समझने की प्रेरणा देती हैं।क्या आधुनिक बनने के लिए अपनी परंपराओं से दूर होना आवश्यक है? मेरे हिसाब से तो बिल्कुल नहीं! आधुनिकता और संस्कृति दोनों ही साथ-साथ चल सकती हैं। आवश्यकता है परंपराओं के मूल भाव को समझकर उन्हें वर्तमान जीवन से जोड़ने की।कार्तिक मास को धर्म और आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से विशेष महत्व दिया गया है। इस मास में दीपदान, तुलसी पूजन, भोर का स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना जैसी अनेकानेक प्राचीन परंपराएँ निभाई जाती हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु चातुर्मास की योगनिद्रा के बाद देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह जागरण केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा, शुभ संकल्प और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक भी माना जा सकता है।आज की जीवनशैली में कार्तिक मास हमें कुछ समय स्वयं के लिए निकालने, प्रार्थना और आत्मचिंतन करने की प्रेरणा देता है। दीपक की ज्योति हमें अज्ञान और नकारात्मकता से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देती है।गौसेवा और जीवों के प्रति करुणा भी इस पावन मास की भावना से जुड़कर सेवा का सुंदर माध्यम बन सकती है। गौशालाओं में यथाशक्ति सहयोग, पशु-पक्षियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य हमारी मानवीय आस्था को व्यवहार से जोड़ते हैं।वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। नदियों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखना, जल की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना और पर्यावरण के अनुकूल धार्मिक आयोजन करना हमारी परंपराओं को आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ता है।आज की युवा पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से इन सांस्कृतिक परंपराओं के मूल भाव को नई पीढ़ी तक अपने पोस्ट द्वारा पहुँचा सकती है। आवश्यकता केवल इतनी है कि परंपराएँ दिखावे तक सीमित न रहें, बल्कि उनके पीछे छिपे हुए मानवीय भाव संयम, सेवा, श्रद्धा, करुणा और सद्भाव जैसे मूल्यों को जीवन में उतारा जाए।कार्तिक मास हमें यह संदेश देता है कि भगवान विष्णु के जागरण के साथ हम भी अपने भीतर सोई हुई सकारात्मक ऊर्जा, संवेदनशीलता और कर्तव्यबोध को जागृत करें।आइए, इस कार्तिक मास में प्रत्येक रात्रि एक दीप आस्था और विश्वास का जलाएँ, एक संकल्प सेवा का लें और एक कदम प्रकृति तथा मानवता के हित में बढ़ाएँ।यही कार्तिक मास की परंपरा को आज की जीवनशैली में सार्थक रूप से अपनाने का सुंदर मार्ग हो सकता है।
28 September 2026
देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
"हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का,यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।"आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है।स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है।पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है।भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है।विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज...भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें।
15 September 2026
ऋषि पंचमी की एक और महत्ता
सूरत (पहले बोरसद) निवासी डॉक्टर नन्दलाल मानकलाल जी शाह, जो ढाट माहेश्वरी समाज से हैं, ने ऋषि पंचमी की एक और महत्ता पर एक बहुत ही विलक्षण जानकारी प्रेषित की है....आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी है, जिसे हम ऋषिपंचमी अथवा सामा पंचमी के नाम से जानते हैं। यह व्रत महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई भूलों तथा उनसे उत्पन्न दोषों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस दिन ‘सामा’ का आहार ग्रहण करके यह व्रत करती हैं।इस दिन ऋषिपंचमी का व्रत करते हुए सप्तर्षियों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त करता है। यह हमारे उन महान ऋषियों और प्रतापी पूर्वजों का स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने सदैव मानव समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की चिंता की।सप्तम मन्वंतर के सात ऋषियों ने मानवजाति को सुखी और समृद्ध बनाने में अद्वितीय योगदान दिया। आज इन सात ऋषियों का स्मरण कर उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने का पर्व है। नई पीढ़ी को इन सप्तर्षियों का संक्षिप्त परिचय अवश्य देना चाहिए।१. कश्यप ऋषिब्रह्माजी के मानसपुत्र मरीचि ऋषि के वे पुत्र थे। सृष्टि के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें प्रजापति के रूप में भी जाना जाता है। आज भी धार्मिक विधियों के समय यदि किसी व्यक्ति को अपने गोत्र की जानकारी न हो, तो उसे कश्यप गोत्र बताया जाता है।२. अत्रि ऋषिअत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया की कथा सभी ने सुनी होगी। उन्होंने अपने तप के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को छोटे बालक बना दिया था। महान अत्रि ऋषि भगवान दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि के पिता थे। उनके तीसरे पुत्र सोम ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी।३. वसिष्ठ ऋषिवसिष्ठजी रघुवंश के कुलगुरु थे और इस प्रकार वे भगवान श्रीराम के भी कुलगुरु थे। वे महान ऋषि पराशर के दादा तथा महाभारत सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता वेदव्यासजी के परदादा थे।४. विश्वामित्र ऋषिविश्वामित्र पहले राजवीर थे और बाद में राजपाट त्यागकर तपस्या के मार्ग पर चले गए। वे भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के मामा थे। जमदग्नि ऋषि की माता सत्यवती और विश्वामित्र, दोनों गाधि राजा की संतान थे।५. गौतम ऋषिगौतम ऋषि को न्यायशास्त्र का महान विद्वान माना जाता है। वे रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता थे। उनकी पुत्री अंजनी भगवान हनुमानजी की माता थीं। इस प्रकार गौतम ऋषि भगवान हनुमानजी के नाना थे।६. जमदग्नि ऋषिजमदग्नि ऋषि रुचिक ऋषि के पुत्र थे। उनकी माता सत्यवती, विश्वामित्र की बहन थीं; इसलिए वे विश्वामित्र ऋषि के भांजे थे। माता सत्यवती उन्हें तपस्वी बनाना चाहती थीं, लेकिन उनमें क्षत्रिय जैसे शूरवीर के गुण भी विद्यमान थे। भगवान परशुराम उनके पुत्र थे।७. भारद्वाज ऋषिभारद्वाज ऋषि यंत्र विज्ञान के महान ज्ञाता माने जाते हैं। उनके नाम से संबद्ध ‘विमानिकम्’ ग्रंथ में विमान निर्माण की विधि का विस्तृत वर्णन बताया जाता है। ‘यंत्र सर्वस्वम्’ नामक ग्रंथ में यंत्रों के विज्ञान का वर्णन मिलता है। भारद्वाज ऋषि के पुत्र द्रोणाचार्य कौरवों और पांडवों के गुरु थे।इन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि ऋषिपंचमी का व्रत करने से मनुष्य विभिन्न दोषों से मुक्त होता है।ऋषिपंचमी के इस पावन पर्व पर सप्तर्षियों सहित हमारे सभी दिवंगत पूर्वजों के पावन चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।सभी को ऋषिपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:-  13 अक्टूबर 2026*वार* :- मंगलवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- तृतीया 10:18pm तक पश्चात:- चतुर्थी*नक्षत्र*:- विशाखा*योग* :-  प्रीति*करण* :-  तैतिल*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- तुला 07:12pm तक पश्चात:- वृश्चिक*दिशाशूल*  :- उत्तर  सूर्योदय :- 06:33amसूर्यास्त :- 06:14pm*राहुकाल का समय*   साय 03:25pm से 04:24pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:25pm से 01:50pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :- मंगलअधिदेव :- भूमि* यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए  मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें ।   मंत्र :-* ॐ  क्रां  क्रीं  क्रौं  सः भौमाय नमः ॥  * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें ।मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवारराशि :- मकरअशुभ फल नाशक पदार्थ* मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ और सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में बड़ा लाभ और आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजरंगबली की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होगी।वृषभ राशि :-आज धन लाभ और नई उपलब्धियों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें।मिथुन राशि :-आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नई योजनाएँ सफल होंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। पुराने मित्र से शुभ समाचार मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।कर्क राशि :-आज परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।सिंह राशि :-आज आपका भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा। धन, मान-सम्मान और सफलता के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।कन्या राशि :-आज आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन बहुत शुभ रहेगा। जरूरतमंद की सहायता करने से पुण्य और भाग्य दोनों में वृद्धि होगी।तुला राशि :-आज नई शुरुआत के लिए दिन अत्यंत शुभ है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं।वृश्चिक राशि :-आज आपकी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।धनु राशि :-आज सफलता आपके कदम चूमेगी। नौकरी, व्यापार और शिक्षा—तीनों क्षेत्रों में शुभ समाचार मिलने के योग हैं। धन लाभ होगा। परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अत्यंत शुभ है।मकर राशि :-आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बजरंगबली का स्मरण करने से सभी बाधाएँ दूर होंगी।कुम्भ राशि :-आज आपकी योजनाएँ सफल होंगी। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-आज का दिन सबसे अधिक शुभ रहने वाला है। धन लाभ, सफलता, सम्मान और खुशियों के प्रबल योग हैं। परिवार में मंगल कार्य हो सकता है। करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है। भगवान हनुमान की कृपा से हर बाधा दूर होगी और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
12 October 2026
पंचांग और राशिफल
 श्री गणेशाय नमः आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 12 अक्टूबर  2026वार :- सोमवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- दक्षिणायनऋतु :- शरदमास:- आश्विनपक्ष :- कृष्णतिथि :-  द्वितीया 10:12pm तक पश्चात:- त्रयोदशीनक्षत्र :-  स्वाति :-11:56pm तक पश्चात:- विशाखायोग :- विशकुंभकरण :- बालवसूर्यराशि :- कन्याचंद्रराशि :- तुलादिशाशूल  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:33pmराहुकाल का समय  7:35am से 09:20am तक अभिजित मुहूर्त :-11:55pm से 12:45pm तकब्रह्म मुहूर्त:-05:45am  से 06:28amआज व्रत एवं त्यौहारवार विशेषआज का वार :-   सोमवारअधिदेव :- जल* यदि कुंडली में चंद्रमा पीड़ित या कमजोर है तो सोमवार को मोती चांदी में धारण करना चाहिए, जब तक आप  मोती धारण नहीं  करते है तब तक आप चंद्रमा का मंत्र जाप कर सकते हैं । सफेद चंदन का तिलक लगा सकते हैं । खिरनी का जड़ धारण कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।।* यदि चंद्रमा फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो चंद्रमा का दान शिव मंदिर में  करना चाहिए ।दान :-* पूर्णिमा की रात्रि को खीर बनाकर छत पर चंद्रमा की रोशनी में रखें ( चलनी से ढक देना चाहिए ताकि कोई कीड़ा उसमें ना पड़े ) दूसरे दिन प्रातः उसको प्रसाद के रूप में ग्रहण करें ।उपाय :-* चंद्रमा किसी भी ग्रह को शत्रु दृष्टि से नहीं देखता है । बहुत कम ही देखा गया है कि चंद्रमा प्रबल होकर किसी प्रकार की परेशानी करे । परंतु फिर भी यदि ऐसा होता है तो चंद्रमा से संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए । दान :-* सफेद वस्त्र , दूध , चावल , शंख , मोती , सफेद चंदन , मिश्रीसोमवार को करणीय कार्य :-* सभी कार्यों के लिए शुभवार संज्ञा : -* सोमवार को चर संज्ञा दी गई हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  सोमवारराशि :-  मिथुनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक का चंद्रमा अशुभ हो तो वह जातक  दूध या खीर का सेवन अथवा  दान  कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी।राशिफलमेष राशि :-आज कार्यक्षेत्र में अपने साहसिक निर्णयों से आप दबाव को कम कर सकते हैं। हालाँकि, आपको एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता होगी। परिवार में किसी के साथ एक साधारण वार्तालाप भी एक नए पहलू को उजागर कर सकता है। रिश्तों में थोड़ी स्पष्टता के लिए यह सही समय है। मानसिक शांति को लेकर थोड़ी बेचैनी रह सकती है, जो दिन के अंत तक सुलझ जाएगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, क्योंकि आज ऊर्जा थोड़ी कम हो सकती है।वृषभ राशि :-आज आपकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियाँ निभाने का अवसर मिलेगा, जिसमें धैर्य और सावधानी की आवश्यकता होगी। परिवार में किसी सदस्य के साथ छोटी सी असहमति को शांति से सुलझाना महत्वपूर्ण है। कार्य में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन आप जल्द ही इसे पार कर लेंगे। स्वास्थ्य को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें, विशेषकर वित्तीय कार्यों में।मिथुन राशि :-आज कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी के साथ बातचीत से नए अवसर खुल सकते हैं। सावधानी से सुनें और अपने विचार साझा करें। वित्तीय मामलों में थोड़ी सावधानी बरतें, विशेषकर जब कोई नया निवेश सामने आए। परिवार में किसी प्रियजन के साथ समय बिताना मन को शांति देगा। शाम तक, आप परिवार के साथ आनंददायक समय बिता सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में थोड़ी सुस्ती रहेगी, इसलिए व्यक्तिगत योजनाओं को सीमित रखें।कर्क राशि :-आज आर्थिक मोर्चे पर कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचें। कार्यक्षेत्र में आपको छोटी-छोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अपनी सूझबूझ से इन्हें पार कर लेंगे। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके रिश्ते को मजबूत बनाएगा। थोड़ा मानसिक तनाव हो सकता है, जिसे आप शाम तक कम कर सकते हैं। सेहत के लिहाज से गैर-जरूरी खर्चों से बचना जरूरी होगा।सिंह राशि :-आज वित्तीय मामलों में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन नई आर्थिक प्रतिबद्धताओं से बचें। कार्यक्षेत्र में कुछ दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन धैर्य से काम लें। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके रिश्ते को बेहतर करेगा। दिन के अंत तक, पारिवारिक माहौल में सुधार हो सकता है। सेहत के दृष्टिकोण से नई आय प्रतिबद्धताओं से बचना महत्वपूर्ण होगा।कन्या राशि :-आज आपके कार्यक्षेत्र में कुछ सफलता मिल सकती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। वित्तीय मामलों में संतुलन बनाए रखें और सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के किसी सदस्य के साथ छोटी-मोटी असहमति हो सकती है, जिसे संभालना जरूरी होगा। शाम तक परिवार का माहौल बेहतर होगा। सेहत के मामले में कार्य की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, इसलिए योजना बनाकर काम करें।तुला राशि :-आज यात्रा के लिए अनुकूल दिन है, इससे आपको नए अनुभव और लाभ मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में भी कुछ नई संभावनाएँ खुल सकती हैं, जिनका फायदा उठाने से न चूकें। परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होकर खुशी प्राप्त कर सकते हैं। शाम तक पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। सेहत के मामले में आज नए कार्यों से दूरी बनाए रखना सही होगा।वृश्चिक राशि :-आज आपके मानसिक शांति को लेकर कुछ तनाव हो सकता है, लेकिन ध्यान और प्रबंधन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके धैर्य की परीक्षा हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतें। परिवार में किसी के साथ छोटी-मोटी असहमति हो सकती है, जिसे शांति से सुलझाना जरूरी है। शाम तक, घर में माहौल बेहतर हो सकता है। सेहत के मामले में केवल अत्यावश्यक कार्यों पर ध्यान दें।धनु राशि :-आज परिवार के साथ समय बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। हालांकि, कुछ पारिवारिक मुद्दे हल करने में धैर्य रखना होगा। मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। शाम तक, आप परिवार के साथ सुखद समय बिता सकते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से रिश्तों में अतिरिक्त धैर्य की आवश्यकता होगी।मकर राशि :-आज आपकी शारीरिक ऊर्जा चरम पर रहेगी, जिससे आप सभी कार्य सुचारू रूप से कर पाएंगे। कार्यक्षेत्र में कुछ नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा, जो आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। परिवार में किसी के साथ समय बिताने से संबंधों में मधुरता आएगी। शाम तक, आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। सेहत मजबूत रहेगी, जिससे दिनभर की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे।कुम्भ राशि :-आज शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया सीखने का अवसर मिल सकता है, जो आपके कौशल को बढ़ाएगा। कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन आपका दूरदर्शी दृष्टिकोण इसे नियंत्रित करने में मदद करेगा। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताना आपके मन को शांति देगा। शाम तक, स्थिति बेहतर हो सकती है। सेहत को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित रखें।मीन राशि :-आज परिवार में कोई मुद्दा सामने आ सकता है, जिसे संवेदनशीलता से संभालने की आवश्यकता है। शिक्षा के क्षेत्र में आपकी रुचि बढ़ेगी, और आप कुछ नया सीख सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी। शाम तक, आप अपने लक्ष्यों की ओर एक कदम और बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में घर के सबसे जरूरी काम पर ही ध्यान दें।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
10 October 2026
शिक्षा सेवा के लिए रामनरेश सोनी ने दिए 6 लाख रुपये, प्रतिवर्ष दो बच्चों को दत्तक लेकर शिक्षा में सहयोग का लिया संकल्प
नांदेड़। श्री हरिकिशनजी बजाज मेमोरियल . शिक्षण विकास संस्था, नांदेड़ के शैक्षणिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों से प्रभावित होकर नांदेड़ के भूमिपुत्र एवं वर्तमान में लंदन निवासी श्री रामनरेश सोनी ने संस्था को 6 लाख रुपये की सहयोग राशि समर्पित कर समाजसेवा की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिवर्ष दो जरूरतमंद बच्चों को दत्तक लेकर उनकी शिक्षा में सहयोग करने का संकल्प भी लिया।श्री रामनरेश सोनी अपने पूज्य पिताजी श्री श्यामसुंदर सोनी के साथ संस्था के पदाधिकारियों से मिलने संस्थाध्यक्ष श्री गोपाललाल लोया के निवास स्थान पर पहुंचे। इस अवसर पर संस्थाध्यक्ष श्री गोपाललाल लोया, सचिव श्री किशनप्रसाद दरक, उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश इनान्नी एवं संचालक श्री आनंद गग्गड़ उपस्थित रहे।मुलाकात के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने श्री सोनी को संस्था की कार्यप्रणाली, आय-व्यय एवं लेखा-जोखा सहित संचालित विभिन्न शैक्षणिक तथा सामाजिक सेवा प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेष रूप से संस्था द्वारा संचालित बालक दत्तक योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर श्री रामनरेश सोनी अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए तत्काल 6 लाख रुपये की राशि संस्था को समर्पित की।इतना ही नहीं, श्री रामनरेश सोनी ने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए सौ. स्नेहलता श्यामसुंदर सोनी एवं सौ. कीर्ति रामनरेश सोनी के नाम से प्रतिवर्ष दो बच्चों को दत्तक लेकर उनकी शिक्षा में सहयोग करने का संकल्प लिया। उनके इस निर्णय से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने श्री रामनरेश सोनी एवं उनके पूज्य पिताजी श्री श्यामसुंदर सोनी का शाल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय सम्मान किया। साथ ही शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके परिवार द्वारा दिए गए उदार योगदान की सराहना की।संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को संवारना समाज की सच्ची सेवा है। ऐसे सेवाभावी परिवारों का सहयोग न केवल जरूरतमंद विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज के अन्य सक्षम एवं उदारमना व्यक्तियों को भी सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देता है।नांदेड़ की मिट्टी से गहरा जुड़ाव रखने वाले श्री रामनरेश सोनी ने विदेश में निवास करने के बावजूद अपनी जन्मभूमि एवं समाज के प्रति आत्मीयता और सेवा भावना को जीवंत रखा है। उनके परिवार की यह पहल सामाजिक प्रतिबद्धता, उदारता एवं शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।श्री हरिकिशन बजाज मेमोरियल माहेश्वरी शिक्षण विकास संस्था, नांदेड़ ने श्री रामनरेश सोनी एवं समस्त सोनी परिवार के इस सराहनीय एवं पुनीत योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी सेवाभावना और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को सादर नमन किया।
10 October 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 10 अक्टूबर 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- दक्षिणायन*ऋतु* :- शरद*मास*:- आश्विन*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- अमावस्या :-09:25pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र* :- हस्त 09:45pm तक पश्चात:- चित्रा*योग* :- एंद्र*करण* :- चतुष्पाद*सूर्यराशि* :- कन्या*चंद्रराशि* :- कन्या*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:35amसूर्यास्त :- 06:15pm*राहुकाल का समय*  09:25am से 10:55am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 01:05pm तकआज व्रत एवं त्यौहारवार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफल*मेष राशि :-आज ऐसा दिन है जब छोटी-छोटी कोशिशें बड़े काम आसान कर सकती हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको लोगों से जुड़ने और अपनी बात साफ तरीके से रखने की ताकत देगा। आज किसी पुराने तरीके को छोड़कर नया तरीका अपनाने का मन बनेगा। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार करने वालों को बाजार की बदलती मांग पर नजर रखनी होगी। घर में कोई ऐसा काम पूरा होगा जो काफी समय से लंबित था। आज समय की कीमत समझकर चलेंगे तो फायदा मिलेगा। रात तक मन में संतोष रहेगा।वृषभ राशि :-आज आप अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों को बेहतर बनाने में लगे रह सकते हैं। गुरु का प्रभाव आपको स्थिरता देगा और जल्दबाजी से बचाएगा। नौकरी में कोई नया नियम या नई व्यवस्था आपके काम को आसान बना सकती है। व्यापारियों के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे बड़ी ताकत बनेगा। घर में किसी सदस्य के साथ मिलकर कोई योजना बनाई जा सकती है। आज दिखावे से दूर रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। शाम का समयमिथुन राशि :-आज आपके भीतर कुछ नया करने की इच्छा जाग सकती है। सूर्य आपकी राशि में रहकर आपके व्यक्तित्व को मजबूत बना रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में प्रचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। घर में कोई अच्छी चर्चा हो सकती है। दिनभर व्यस्तता रहेगी लेकिन उसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। रात तक खुशी महसूस होगी।कर्क राशि :-आज आपका ध्यान घर और भविष्य दोनों पर रहेगा। गुरु आपकी राशि में रहकर आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। नौकरी में धैर्य से काम करना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में पुरानी मेहनत का असर दिखाई देगा। परिवार में कोई जिम्मेदारी आपके हिस्से में आ सकती है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम को राहत महसूस होगी।सिंह राशि :-आज आपका अंदाज लोगों को प्रभावित कर सकता है। चंद्रमा का प्रभाव सामाजिक दायरा बढ़ाएगा। नौकरी में आपके काम की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नया अवसर अचानक सामने आ सकता है। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा।कन्या राशि :-आज आपको महसूस होगा कि व्यवस्थित जीवन कितना जरूरी है। बुध का प्रभाव आपकी समझ और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा। नौकरी में आपकी मेहनत का लाभ मिलेगा। व्यापार में हिसाब-किताब मजबूत रखना फायदेमंद रहेगा। परिवार में सहयोग बना रहेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।तुला राशि :-आज का दिन लोगों से जुड़ने और नए अवसर पहचानने का रहेगा। चंद्रमा आपकी राशि में रहकर आकर्षण बढ़ाएगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी की चर्चा हो सकती है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन रहेगा। कोई पुराना तनाव खत्म हो सकता है। शाम को खुशी महसूस होगी।वृश्चिक राशि :-आज शांति से काम करना आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। नौकरी में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। परिवार में किसी जरूरी विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। शाम को आत्मविश्वास मजबूत होगा।धनु राशि :-आज मन में कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा रहेगी। गुरु का प्रभाव सकारात्मक ऊर्जा देगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में दूर के संपर्क लाभ देंगे। परिवार का सहयोग बना रहेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शाम को मन प्रसन्न रहेगा।मकर राशि :-आज आपको अपने समय की कीमत समझनी होगी। नौकरी में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। व्यापार में पुराने अनुभव लाभ देंगे। परिवार में कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। दिन के दूसरे हिस्से में राहत मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।कुम्भ राशि :-आज आपके नए विचार लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। चंद्रमा का प्रभाव आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाएगा। नौकरी में आपकी अलग सोच लाभ देगी। व्यापार में नई योजना शुरू हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलता रहेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शाम का समय आनंददायक रहेगा।मीन राशि :-आज आपको अपनी गति से आगे बढ़ना चाहिए। गुरु का प्रभाव मानसिक मजबूती देगा। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। व्यापार में नए रास्ते खुलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम भी जरूरी है। रात तक मन में संतोष बना रहेगा।मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।

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