नारी शक्ति का महाकुंंभ स्वर्णमंगलम के शंखनाद से गूंजायमान हुई सूरत की धरा, रचा गया स्वर्णिम इतिहास
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन ने रचा इतिहास, आत्मरक्षा अभियान से बना वल्र्ड रिकॉर्ड
पंचांग और राशिफल
प्रगतिशील मारवाड़ी समाज, वरंगल के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न

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नारी शक्ति का महाकुंंभ स्वर्णमंगलम के शंखनाद से गूंजायमान हुई सूरत की धरा, रचा गया स्वर्णिम इतिहास
12 एवं 13 अप्रैल 2026 को माहेश्वरी लग्जरिया, पर्वत पटिया, सूरत (गुजरात) में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की दशम राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं चतुर्थ कार्यकारिणी बैठक, स्वर्ण जयंती शुभारंभ, त्रयोदश सत्र के पदाधिकारियों का सम्मान तथा चतुर्दश सत्र के पदाधिकारियों के चयन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह गरिमामयी आयोजन डायमंड नगरी सूरत में गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन के आयोजकत्व तथा सूरत जिला माहेश्वरी महिला संगठन के आतिथ्य में आयोजित किया गया।यह आयोजन केवल एक बैठक न होकर एक महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया, जिसमें नारी सशक्तिकरण, अटूट एकता एवं समाज सेवा के संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन त्रयोदश सत्र की यशस्वी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ एवं ऊर्जावान राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी के ओजस्वी नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विमला साबू का विशेष मार्गदर्शन एवं अतुलनीय योगदान प्राप्त हुआ। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने संगठन की समृद्ध परंपराओं एवं अनुभव को नई पीढ़ी से जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य किया।दिनांक 12 अप्रैल 2026 को औद्योगिक मेले का भव्य शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़, राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा मंच पूजन के साथ किया गया। प्रात: 11 बजे उद्घाटन समारोह विधिवत प्रारंभ हुआ। आयोजक संस्था द्वारा कुमकुुम तिलक एवं पुष्प वर्षा के साथ सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं संगठन की बहनों का भावभीना स्वागत किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आत्मीयता और उत्साह का संचार हुआ।इस गरिमामय उद्घाटन समारोह में मुंबई की इनकम टैक्स कमिश्नर माया माहेश्वरी उद्घाटक के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा, कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़, प्रमुख अतिथि के रूप में विख्यात उद्योगपति श्री नरेंद्र साबू तथा प्रधान अतिथि के रूप में श्री रामरतन भूतड़ा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ज्योति राठी एवं आशा माहेश्वरी, स्वागत अध्यक्ष के रूप में विमला साबू तथा विशेष उपस्थिति में मध्यांचल उपाध्यक्ष उर्मिला कलंत्री, प्रदेश अध्यक्ष मंजूश्री काबरा एवं सूरत जिला अध्यक्ष वीणा तोषनीवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।भव्य उद्घाटन समारोह में देशभर से आई महिला प्रतिनिधियों एवं सूरत समाज की बड़ी संख्या में उपस्थित गणमान्यजनों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। माहेश्वरी स्कूल के बच्चों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर एवं आकर्षक बैंड की धुन के साथ अतिथियों का सभागार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की सुंदर प्रस्तुति दी गई। सूरत की बहनों द्वारा प्रस्तुत महेश वंदना एवं महिला सशक्तिकरण को दर्शाता मनोहारी स्वागत नृत्य अत्यंत सराहनीय रहा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब प्रशंसा दी। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा भगवान उमा महेश का पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अंत में राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी द्वारा राष्ट्रीय महिला संगठन के त्रयोदश सत्र के कार्यों का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।कार्यक्रम का शुभारंभ श्वेता जाजू के कुशल संचालन में हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों को मंचासीन कराया गया। तत्पश्चात सूरत जिला अध्यक्ष वीणा तोषनीवाल द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, जिसके उपरांत गुजरात प्रांतीय अध्यक्ष मंजूश्री काबरा ने भी अपने शब्दों से सभी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की स्वागत अध्यक्ष विमला साबू ने अपने सुमधुर शब्दों द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों एवं सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया।राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता मंजू बांगड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि 'स्वर्णमंगलम केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा और भावना है। 'स्वर्ण' हमारे गौरवशाली इतिहास और हमारी एकता की चमक का प्रतीक है, वहीं 'मंगलमÓ हमारे प्रत्येक प्रयास में निहित शुभता, सकारात्मकता और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना का प्रतीक है।Ó उन्होंने आगे कहा कि इस त्रयोदश राममय सत्र में जो कुछ भी सृजित हुआ, वह केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि एक सामूहिक शक्ति साधना है, जिसमें प्रत्येक सदस्य का योगदान, सहयोग और समर्पण स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।उन्होंने एकता पर बल देते हुए कहा— 'एकता की डोर में बंधकर जब कदम सभी बढ़ते हैं, तभी रामराज्य के सपने सजीव रूप लेते हैं।'डिजिटल युग पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि हमें तकनीक का सदुपयोग करते हुए भी अपने रिश्तों की गर्माहट और संवाद की सच्चाई को बनाए रखना चाहिए—'मोबाइल की रोशनी में रिश्ते कहीं धुंधले ना हो जाएँ,आओ मिलकर मन के दीप जलाएँ।संगठन की डोर से बंधकर हम परिवार बन जाएँ,मधुरता, अपनापन और संस्कारों से जीवन को महकाएँ।'उद्घाटनकर्ता, मुंबई इनकम टैक्स कमिश्नर माया माहेश्वरी ने स्वर्ण जयंती सत्र की हार्दिक बधाई देते हुए महिला संगठन के मूल सिद्धांतों एवं उसकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने संगठन द्वारा बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों तथा समाज में सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के क्षेत्र में दिए गए योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि समाज केवल पद या प्रतिष्ठा से नहीं बनता, बल्कि ऐसे सार्थक कार्यों से ही प्रगतिशील सोच विकसित होती है और नारी सशक्तिकरण को वास्तविक बल मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नारी को उचित अवसर मिले, तो वह परिवार, समाज ही नहीं, बल्कि राष्ट्र को भी बदलने की क्षमता रखती है।प्रमुख अतिथि श्री नरेंद्र साबू एवं प्रधान अतिथि श्री रामरतन भूतड़ा ने अपने उद्बोधन में महिला संगठन के कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज भी प्रत्येक कार्यक्रम में समस्त पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बहनें एकजुट होकर सक्रिय सहभागिता निभाती हैं।इस सत्र में राष्ट्रीय महिला संगठन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बहनों एवं युवतियों को 'शक्ति वंदनम्Ó सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में निम्न विभूतियों को सम्मानित किया गया—प्रशासनिक अधिकारी (IPS) सौ. वेदिका बिहानीमहिला उद्यमी सुश्री इशा झवरसैन्य अधिकारी सुश्री आरुषि बाहेतीमहिला उद्यमी सौ. शिप्रा राठीएडवोकेट विजया माहेश्वरी (कॉर्पोरेट लॉ विशेषज्ञ)कार्यक्रम का सफल संचालन समिति प्रभारी अनुराधा जाजू द्वारा किया गया।बालिका सुरक्षा अभियान के अंतर्गत संगठन द्वारा एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सर्वाधिक विद्यालयों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन कर गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया गया। इस अभियान के अंतर्गत संपूर्ण भारतवर्ष एवं नेपाल के 354 विद्यालयों में योग्य प्रशिक्षकों द्वारा 38,120 बेटियों को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए। इस महान कार्य के सफल संचालन में संस्कार सिद्धा समिति की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अंजलि तापडिया के नेतृत्व में उनकी संपूर्ण टीम, विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, स्थानीय जिला एवं तहसील स्तर के पदाधिकारी तथा संयोजिकाओं ने एकजुट होकर उल्लेखनीय योगदान दिया। त्रयोदश सत्र में यह तीसरा गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड संगठन के नाम दर्ज होना अत्यंत गर्व का विषय है। यह गौरवशाली उपलब्धि न केवल संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और समाज में बेटियों के लिए एक सुरक्षित एवं सशक्त वातावरण निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।जैसा कि हम सभी जानते हैं, वर्ष 2026 में संगठन के 50 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस स्वर्णिम अवसर पर 51 दीप प्रज्वलित कर सुंदर गीत के साथ अतिथियों द्वारा स्वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ किया गया। संपूर्ण सभागार को स्वर्णिम आभा से सजाया गया, जिससे वातावरण अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण बन गया। संगठन के 50 वर्षों के गौरवशाली कार्यकाल में जिन बहनों ने अपनी अमूल्य सेवाएं दीं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दायित्व निभाया, उन्हें इस विशेष अवसर पर राष्ट्र की ओर से सम्मानित किया गया। महामंत्री ज्योति राठी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों द्वारा किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा उनका सामाजिक परिचय भी सभागार के समक्ष रखा। इस अवसर पर आदरणीय लता लाहोटी, गीता मूंदड़ा, विमला साबू, शोभा सादानी, सुशीला काबरा, कल्पना गगरानी, आशा माहेश्वरी, मंजू बांगड़ तथा अंत में नवनिर्वाचित अध्यक्ष ज्योति राठी को मंचासीन अतिथियों द्वारा राष्ट्र की ओर से सम्मानित किया गया। मध्यांचल उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला कलंत्री ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रथम उद्घाटन सत्र के समापन की घोषणा की।
05 May 2026
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन ने रचा इतिहास, आत्मरक्षा अभियान से बना वल्र्ड रिकॉर्ड
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन, जो एक व्यापक और सशक्त श्रृंखलाबद्ध संस्था है, देश-विदेश (भारत एवं नेपाल) में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष, कानपुर निवासी श्रीमती मंजू बांगड़ के नेतृत्व में 12 वर्ष से अधिक आयु की किशोरियों के लिए एक महत्वपूर्ण आत्मरक्षा राष्ट्रीय महाअभियान चलाया गया।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों और किशोरियों को शारीरिक सुरक्षा, आत्मरक्षा कौशल, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता प्रदान करना था, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी संयमित और सक्षम रह सकें। श्रीमती बांगड़ का मानना है कि 'जब एक बेटी स्वयं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करती है, तभी पूरा समाज सशक्त बनता है।'संस्कार सिद्धा समिति की राष्ट्रीय प्रभारी एवं इस अभियान की प्रकल्प प्रमुख अंजलि तापडिय़ा के कुशल नेतृत्व में इस योजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया। राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी सहित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।इस अभियान के अंतर्गत मार्शल आर्ट, सेल्फ डिफेंस तकनीक और विभिन्न शारीरिक प्रशिक्षण गतिविधियों को शामिल किया गया। देशभर के 354 विद्यालयों में 7 से 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें पुलिस, आरएसएस तथा विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी के सहयोग से योग्य प्रशिक्षकों द्वारा 38,120 बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सूरत में आयोजित राष्ट्रीय बैठक 'स्वर्णमंगलम' में संस्था के नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में एक और स्वर्णिम कीर्तिमान दर्ज हुआ। उल्लेखनीय है कि संस्था अब तक कुल 15 स्वर्णिम रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। इस सफलता के पीछे संगठन की समर्पित टीम, विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, जिला एवं तहसील स्तर के पदाधिकारी और संयोजिकाओं का सामूहिक प्रयास रहा, जिन्होंने एकजुट होकर इस संकल्प को सिद्ध किया।यह गौरवपूर्ण उपलब्धि न केवल अन्य संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगी।
04 May 2026
प्रगतिशील मारवाड़ी समाज, वरंगल के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न
प्रगतिशील मारवाड़ी समाज, वरंगल की वार्षिक सर्वसाधारण सभा की बैठक रविवार, 3 मई 2026 को मारुति कन्वेंशन, वरंगल में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान सत्र 2026-29 के लिए चुनाव प्रक्रिया चुनाव अधिकारी डॉ. विष्णुकुमार बल्दवा के नेतृत्व में शांतिपूर्ण एवं निर्विरोध रूप से सम्पन्न कराई गई। चुनाव में अध्यक्ष पद पर वेणुगोपाल मूंदड़ा, उपाध्यक्ष प्रथम के रूप में श्रीगोपाल तोषनीवाल तथा उपाध्यक्ष द्वितीय के रूप में मुरलीधर मूंदड़ा चुने गए। मंत्री पद पर श्यामसुंदर जाखोटिया, सहमंत्री के रूप में जितेंद्र मुंदड़ा एवं भगवानदास मालानी को जिम्मेदारी सौंपी गई। कोषाध्यक्ष पद पर नवल किशोर मूंदड़ा तथा सह कोषाध्यक्ष के रूप में प्रेमचंद इन्नानी का चयन हुआ। संगठन मंत्री के रूप में सत्यनारायण कालानी, सांस्कृतिक मंत्री के रूप में दामोदर लाहोटी एवं सह सांस्कृतिक मंत्री के रूप में सचिन मालानी निर्वाचित हुए। चुनाव अधिकारी डॉ. विष्णुकुमार बल्दवा ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी समाज के विकास एवं संगठन की मजबूती के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।
04 May 2026
माधव राठी, मुम्बई ने बढाया समाज का गौरव
मुम्बई (मुलुण्ड) निवासी श्री ओमप्रकाश-कृष्णा राठी के सुपौत्र व श्री अमित-विनिता राठी के प्रतिभाशाली सुपुत्र माधव राठी ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परचम फहराते हुए कक्षा 10 की ICSC Board की परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार तथा समाज का नाम रोशन किया है। माधव की इस उपलब्धि पर माहेश्वरी सेवक पत्रिका परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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सीता नवमी विशेष: जनकनंदिनी वैदेही के आदर्श जीवन का प्रेरक संदेश-श्रीमती विमला जाजू
जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुणानिधान की॥ ताके युग पद कमल मनावउँ जासु कृपा निर्मल मति पावउँ॥सीता नवमी की आप सभी को बहुत बहुत बधाई। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पुष्य नक्षत्र, दोपहर में जानकी जी का प्राकटय हुआ था। इसीलिए इस नवमी को हम सीतानवमी या जानकीनवमी के नाम से मनाते है। युग निर्मात्री भारत की सभ्यता संस्कारों का पुंज, तप, त्याग, धैर्य व सहनशिलता की प्रतिमूर्ति, उर्जा का स्रोत, धमनिष्ठ, कर्मनिष्ठ, वाल्मिको महाकाव्य की नायिका, श्री राम की प्राण बल्लभा, जनक नंदिनी सीता को हम उनके प्राकटय दिवस नमन करते हैं। हम उनकी अर्चाविग्रह का पूजन भी करते हैं, बड़ी धूमधाम से उत्सव भी मनाते हैं परंतु जिनका उत्सव मनाते हैं उनके चरित्र को पढ़ने और समझने की कोशिश नहीं की जा रही है। मेरे इस लेख का उद्धेश्य यह कि हम इनके अद्भुत चरित्र के बारे में पूर्णरूपेण समझे।पतिव्रत धर्म का निर्वाह करते हुए सीता जी ने 14 वर्ष वनवास में प्रभु श्रीराम के साथ बिताये। परंतु भाग्य की विडंमना कि लंका पति रावण ने उनका वनवास काल में अपहरण कर लिया और आकाश मार्ग से लंका में ले, गया भगवान राम ने रावण से युद्ध कर अपनी प्राणप्रिय सीता को मुक्त कराया। परन्तु लंका से लौटने पर श्री राम ने मां सीता को ग्रहण करने से इन्कार करते हुए कहा रावण तुम्हें अपनी भुजाओं में उठाकर ले गया, तुम पर दूर्षित दृष्टि डाल चुका। ऐसी दशा में अपने कुल की मर्यादा हेतु तुम्हें कैसे ग्रहण कर सकता हूं।इस प्रकार के कठोर कर्ण कटु, अनुचित शब्द सुनकर जनक नंदिनी सीता श्री राम को उपालंम भरा उत्तर देते हुए कहने लगी मैं भुतल से प्रकट हूं, विलक्षण हूं मेरा अचार विचार आलोकिक व दिव्य है। मुझ में चरित्र बल है। मैं इस मिथ्या कंलक से कलंकित होकर जीवित नहीं रह सकती। हे सुमित्रानंदन मेरे लिए चिता तैयार करो, मेरे दुख की यही दवा है। उन्होंने श्रीराम की परिक्रमा की और हाथ जोड़कर अग्नि देव की परिक्रमा कर प्रज्वलित अग्नि में समा गई। कुछ ही समय में अग्नि देव विदेह नंदिनी सीता को पिता की भांति गोद में लिए चिता से ऊपर उठे उसी समय सीता जी प्रातः काल के सूर्य की भांति अद्भूत कांति से प्रकाशित हो रही थी। वह स्वर्ण आभूषणों आभा से युक्त थी। उनके अंग पर लाल रंग की रेशमी साड़ी लहरा रही थी। इस प्रकार अग्नि परीक्षा के बाद प्रभु श्री राम ने सीताजी को स्वीकार कीया।कुछ समय सुखपूर्वक राजभवन बीता था कि प्रभु के पास संदेश आया कि जनपद के पुरवासियों में आपकी कीर्ति अपयश की चर्चा हो रही है। प्रभु श्रीराम की लोक निंदा, लोकापवाद के कारण राज धर्म की मर्यादा को केंद्र में रखते हुए सगर्भावस्था में मिथिलेश कुमारी का त्याग करना पड़ा। राम ने कहा जनपद के लोगों का सीता के प्रति घृणा पूर्ण भाव मेरे मर्म स्थल को विर्दीण कर रहा है। मैं और सीता दोनों ने उत्तम कुल में जन्म लिया है। जनक नंदिनी निष्पाप है। मेरी अंतरात्मा यशस्विनी सीता को विशुद्ध मानती है। उनकी अग्नि परीक्षा हो चुकी है। परंतु जनपद के लोगों में निंदा से मेरा हृदय व्याकुल है। लोकापवाद के कारण लक्ष्मण को आदेश दिया तुम सीता को ऋषियों के आश्रम के आसपास मुनिजन सेवित वन में पहुंचाओ। लक्ष्मण जी ने वैसा ही किया। वह महर्षि वाल्मीकि आश्रम के सन्निकट छोड़कर जाने के बाद जनक नंदिनी अपने आप को अकेली निःसहाय महसूस करते हुए किंकर्तव्यविमुढ होकर विलाप करते हुए प्राण त्यागने की निश्चय करने लगी। जैसे ही उन्होंने सोचा कि मैं सगर्भावस्था में हूं। ऐसे में पति का राजवंश नष्ट हो जाएगा। प्रभु ने तो मुझे लोकापबाद के डर से त्यागा है। इस अपवाद को दूर करना मेरा कर्तव्य है। इस प्रकार विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी कर्तव्यपरायणता पर बल दिया।सीता जी को विलाप करते हुए कुछ ऋषि कुमारों ने देखा, और वाल्मीकिजी को सब घटना सुनाई, महर्षि ने आकर सीता जी को सांत्वना देते हुए कहा, मेरे आश्रम के पास तपस्विनी स्त्रियां रहती है, वह तुम्हारा पूर्ण ध्यान रखेंगी। तुम निश्चित निर्भय होकर यहां पर रहो। महर्षि ने उन तपस्वी स्त्रियों से सीताजी को मिलवाया। सीता जी बहुत समय तक वहां निवास किया। लव कुश का जन्म भी इस आश्रम में हुआ। कुछ समय के अंतराल प्रभुश्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। वहां वाल्मीकिजी का लव कुश के साथ आगमन हुआ। वाल्मीकिजी के आदेश पर लव कुश ने वहां रामायण महाकाव्य का गान शुरू किया। उससे पता चला दोनों कुमार सीता के ही पुत्र हैं। तब श्री राम ने दूतों को वाल्मीकि ऋषि के पास भेजा और कहा कल मिथिलेश कुमारी इस सभा में आकर जन समुदाय में अपनी शुद्धता प्रमाणित कर मेरा कलंक दूर करने के लिए शपथ करें।अगली प्रातः रामचंद्र जी यज्ञ शाला में पधारे समस्त ऋषियों एवं सहस्त्रों संख्या में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य भी वहां पधारे सीता जी का शपथ ग्रहण देखने के लिए ज्ञान निष्ठ, कर्म निष्ठ, योग निष्ठ सभी लोग पधारे महर्षि वाल्मीकिजी के पीछे जनक नंदिनी सिर झुकाए आ रही थी उनके नेत्रों से अविरल अश्रुधार बह रही थी। वाल्मीकिजी ने कहा हे रघुनंदन आपने लोकापवाद के कारण मेरे आश्रम के समीप त्याग किया था। परंतु सीता धर्मपरायण व निष्पाप है। वह लोकापवाद से डरे हुए आपको अपनी शुद्धता का विश्वास दिलाएंगी।तभी सीता जी ने तपस्वियो अनुरूप गैरूये वस्त्र धारण किये सभा में हाथ जोड़कर कहा, यदि मैंने प्रभु श्री राम के अतिरिक्त अपने मन, वचन कर्म से किसी भी अन्य पुरुष का चिंतन नहीं किया यह सत्य है तो भूदेवी मुझे अपनी गोद में स्थान दे। इसी समय भूतल से दिव्य रतनों से सुशोभित एक अद्भुत सिंहासन प्रकट हुआ। सिंहासन के साथ पृथ्वी की अधिष्ठात्री देवी भी प्रकट हुई। उन्होंने साध्वी सीता को दोनों भुजाओं से गोद में उठाकर सिंहासन पर बिठाया देखते-देखते भगवती जानकी रसातल प्रवेश करने लगी तभी आकाश से पुष्प वर्षा होने लगी। देवता धन्य धन्य शब्द उच्चरित करने लगे। सीता नवमी के इस पर्व पर जनक नंदिनी सीता के बारे में मैं यह कहना चाहूंगी नारी शक्ति का आधार स्तंभ सीता का जीवन चरित्र कर्तव्यपरायणता, धर्मपरायणता, पतिपरायणता एवं कूलोचित मर्यादाओं के रक्षण का, विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में पलायन न करने का, नारी शक्ति के लिए विशेष संदेश देता है। इस प्रकार जीवन जीने की कला सिखाने का नाम वैदेही है। अति विशिष्ट होने का नाम वैदेही है। वर्तमान परिस्थितियों में उनके उच्च आदर्श हमें सन्मार्ग पर चलने को प्रेरित पर करते हैं।
02 April 2026
भक्त शिरोमणि रामदूत हनुमान - डॉ. रीना रवि मालपानी
राम नाम के अनन्य प्रेमी भक्त शिरोमणि अंजनीसुत हनुमानजी की महिमा से भला कौन परिचित नहीं है। रामायण की कल्पना रामदूत हनुमान के बिना नहीं की जा सकती। भक्त और भक्ति की उत्कृष्टता को सिद्ध करने वाले हनुमानजी की लीला न्यारी है। श्रीराम दूत हनुमान भक्ति की उच्च पराकाष्ठा को सिद्ध करते है इसी कारण श्रीराम भी सदैव उनके साथ ही अपनी पूर्णता को प्रदर्शित करते है, इसीलिए उन्हें भक्त शिरोमणि की भी संज्ञा दी गई है। रामायण में हनुमानजी का नहीं श्रीराम दूत के नवीन रूप का अवतरण हुआ, जो हमें यह सिखाता है कि हम अपनी सेवा, भक्ति, कर्मों एवं प्रयासों से नवीन स्वरूप में संसार के समक्ष प्रत्यक्ष हो सकते है। महादेव के अंश रुद्रावतार ने श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति एवं प्रेम को हृदय में विराजमान किया। महादेव को भोलेनाथ कहा जाता है, यही गुण उनके रुद्रावतार हनुमानजी के स्वभाव में परिलक्षित होता है। वे भी प्रभु श्रीराम की प्रसन्नता के लिए पूरे शरीर पर सिंदूर धारण करते है।जहाँ धन, पद और यश के लालच में व्यक्ति अपना सुख चैन, सर्वस्व त्याग देता है, वहीं हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम के आग्रह पर उनके चरणपद ही माँग लिए और बाकी सबका सहज ही त्याग कर दिया। हनुमानजी की अनूठी विशेषता उनका अहंकार शून्य होना भी है। हनुमानजी की प्रतिभा संपन्नता तो हमें बाल्य रूप से ही दिखाई देने लगती है। भूख लगने पर सूर्य को फल समझकर खा लेना, उनकी अद्भुत शक्ति संपन्नता को प्रदर्शित करता है, परंतु अपने सम्बोधन में वे रामदूत के उच्चारण को ही प्राथमिकता देते है। हनुमानजी में यदि सेवा भाव एवं पूर्ण समर्पण था, तो वहीं श्रीराम भी हनुमान के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखते थे। ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी की एक और विलक्षण विशेषता यह है कि वे अपना परिचय सदैव श्रीराम के दूत के रूप में देते है।हनुमानजी इतने बुद्धिमान है कि उन्हें ज्ञात है कि कब उन्हें लघु रूप धारण करना है और कब वृहद रूप धारण करके श्रीराम के कार्यो को शीघ्रता से सम्पन्न करना है। हमें सदैव अपने कार्य के प्रति उत्साह का भाव दिखाना चाहिए। जब श्रीराम के कार्य को पूरा करने के लिए हनुमान समुद्र पार करने गए तो वे अत्यंत उत्साहित थे और लक्ष्य के प्रति दृढ़निष्ठ थे। जब मैनाक पर्वत ने उन्हें रुकने को कहा तो उन्होने कहा मुझे शीघ्रता से माता सीता का पता लगाना है और तत्परता से श्रीराम का कार्य करना है। कार्यों को प्राथमिकता देना भी हमें हनुमानजी से सीखना चाहिए।    श्रीराम दूत हनुमान के जीवन में भक्ति और शक्ति का अनूठा समन्वय दृष्टिगोचर होता है। रामायण का प्रत्येक चरित्र अद्भुत है, परंतु रामायण के प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य को पूर्णता हनुमानजी ने दी। समुद्र लाँघना हो, माता सीता का पता लगाना हो, लंका दहन करना हो या लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करनी हो, यह सभी कार्य हनुमानजी के द्वारा पूर्णता को प्राप्त हुए; फिर भी वे प्रत्येक कार्य की सफलता का श्रेय श्रीराम को देते है। हनुमानजी के गुण स्वरूप कार्यों एवं आदर्शों के अनुरूप ही उनके बारह नाम है, जो मनुष्य को अदम्य साहस और ऊर्जा प्रदान करते है। हनुमान, अंजनीसुत, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ठ, फाल्गुनसखा, पिङ्गाक्ष, अमितविक्रम, सीताशोकविनाशन, लक्ष्मण प्राणदाता, दशग्रीवदर्पहा इन सभी नामों को स्मरण करने से जीवन के पाप और संताप नष्ट होते है। कलयुग में हनुमान चालीसा और सुंदरकाण्ड तो हनुमानजी की कृपा प्राप्ति के लिए भक्तो के अमोघ शस्त्र है। हनुमान चालीसा की उत्कृष्टता तो इस बात में निहित है कि स्वयं गौरी के ईश महादेव उसके साक्षी बनते है। हनुमान चालीसा भी हममे अदम्य शक्ति, साहस, भक्ति एवं ऊर्जा का अंकुरण करती है। श्रीरामकथा श्रवण के प्रेमी हनुमानजी सदैव श्रीराम के नाम स्वरूप एवं गुणों का दर्शन करते है। यदि हम जीवन के उपवन में भक्ति एवं प्रसन्नता के प्रसून को पल्लवित और पुष्पित करना चाहते है तो असाध्य कार्य को भी साध्य करने वाले रामभक्त हनुमान की शरण ग्रहण कर लेना चाहिए। अद्वितीय भक्ति की प्रतीक माता सीता ने उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि का आशीष दिया है। हनुमानजी की विलक्षण लीला हमें शिक्षा देती है कि व्यक्ति के जीवन में कर्म ही प्रधान होते है। उन्हीं कर्मो की वजह से हनुमानजी श्रीराम को भरत एवं लक्ष्मण के समान प्रिय हुए। हनुमानजी की आत्मा की सुंदरता तो माता जानकी और श्रीराम के उनके हृदय में विराजमान होने से है। भक्त शिरोमणि हनुमान भगवान और भक्ति सब कुछ प्रदान करने का सामर्थ्य रखते है। संसार के प्रत्येक दुर्गम कार्य को सुगमता से करने की क्षमता हनुमानजी में है। श्रीराम दूत के सम्बोधन से तो वे अति प्रसन्न हो जाते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा करते है। स्वयं उत्तम चरित्र से शोभायमान हनुमानजी हमेशा श्रीराम के चरित्र को सुनने के लिए लालायित रहते है। समस्त सद्गुणों के स्वामी हनुमानजी संकट मोचक है। हनुमान जन्मोत्सव जैसे उत्सव हममे भक्ति की अनूठी ऊर्जा का संचार करते है। अक्सर सांसरिक मोहमाया से भगवान की स्मृति खो देते है, परंतु प्रत्येक उत्सव हममे भगवान की स्मृति को जीवंत करता है। महाभारत में जब कुंती ने श्रीकृष्ण से दु:ख मांगा तब श्रीक़ृष्ण ने कहा की आपका पूरा जीवन अथक संघर्षों में व्यतीत हुआ इसके पश्चात भी आप दु:ख माँग रही है। तब उन्होने गोविंद को उत्तर दिया की दु:ख में सदैव आपकी स्मृति बनी रहती है। इसी प्रकार यह छोटे-छोटे उत्सव हमें भगवान के नाम रूपी बैंक में निवेश करने को प्रेरित करते है, जोकि मनुष्ययोनि की सच्ची कमाई है। तो आइये उन्हीं श्रेष्ठ भक्त शिरोमणि हनुमानजी के जन्मोत्सव को पूर्ण हर्षो-उल्लास से मनाए। भक्ति में भाव की प्रधानता होती है। प्रभु कभी भी पूजा के मापदंड एवं भक्ति के क्रियाकलाप नहीं देखते। राम कीर्तन भी हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है। चारों युग में अपनी कीर्ति को प्रतिष्ठित करने वाले हनुमानजी कलयुग में राम कथा होने पर यत्र-तत्र विराजमान होते है, तो हम श्रीराम नाम के उद्घोष के साथ सहज ही राम भक्त हनुमान की कृपा को प्राप्त कर सकते है।     डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)

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पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 5 मई 2026*वार* :- मंगलवार *विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण *ऋतु* :- ग्रीष्म*मास*:- ज्येष्ठ*पक्ष* :- कृष्ण*तिथि*:- चतुर्थी*नक्षत्र* :- ज्येष्ठा 12:55 pm तक पश्चात:- मूल *योग* :-  शिव *करण* :- बव *सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :-  वृश्चिक 12:55pm तक पश्चात:- धनु*दिशाशूल*  :- उत्तर  सूर्योदय :- 05:52amसूर्यास्त :- 07:13 pm *राहुकाल का समय*  साय 03:45pm से 05:18pm तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः- 12:25pm से 01:15pm तक रहेगा*ब्रह्म मुहूर्त*:- 04:16am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार * संकष्टी चतुर्थी व्रत *वार विशेष* आज का वार :- मंगल अधिदेव :- भूमि * यदि मंगल कुंडली में कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए  मंगलवार को मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें ।   मंत्र :-* ॐ  क्रां  क्रीं  क्रौं  सः भौमाय नमः ॥  * यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए ।दान :-* गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।उपाय :-* गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । मंगल भाई का कारक ग्रह है तो इस लिए भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें । मंगल वार को करणीय कार्य :-* यात्रा, कर्ज देने, सभा में जाने, मुकदमा प्रारम्भ करने के लिए शुभ हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- मंगलवार राशि :- मकर अशुभ फल नाशक पदार्थ * मंगलवार अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो तो वह जातक गुड़ व कांजी बड़े का दान कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफलमेष राशि :-17 मार्च को मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा और अनुकूल रहने वाला है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आपके बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी के संकेत हैं. पैतृक संपत्ति या परिवार से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है. परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. हालांकि आज किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से बचें. संतान की पढ़ाई या प्रतियोगिता से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है. साथ ही धार्मिक कार्यों या पूजा-पाठ में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है.वृषभ राशि :-वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ अच्छी खबरें लेकर आ सकता है. करियर और कारोबार के मामले में दिन सामान्य से थोड़ा बेहतर रहेगा. जो काम लंबे समय से अधूरे पड़े थे, वे आज पूरे हो सकते हैं और सहकर्मियों का सहयोग भी मिलेगा. किसी रुके हुए काम के पूरा होने से आपको राहत महसूस होगी. आय में वृद्धि के योग हैं जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी. प्रेमी जोड़ों को साथ में अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है.मिथुन राशि :-मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिनका आपको धैर्य और समझदारी से सामना करना होगा. आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को किसी नए अवसर या जिम्मेदारी का मौका मिल सकता है, जिससे पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. शाम के समय आपका मन धर्म और अध्यात्म की ओर आकर्षित हो सकता है. निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी रखें और सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए योग और व्यायाम करते रहें.कर्क राशि :-कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा. नौकरी या व्यवसाय में अच्छी सफलता मिल सकती है. अचानक धन लाभ या आय के नए स्रोत मिलने से कई जरूरी काम पूरे हो सकते हैं. व्यापार करने वालों को लाभ मिलने की संभावना है और कोई अटकी हुई डील भी पूरी हो सकती है. घर-परिवार में सुख और सहयोग का माहौल बना रहेगा. प्रेम संबंधों में भी मधुरता बनी रहेगी. हालांकि आज किसी दूसरे का वाहन चलाने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा.सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी और नौकरी में मान-सम्मान भी बढ़ सकता है. कुछ नए और बड़े अवसर मिलने की संभावना है. हालांकि आज खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा. परिवार में किसी छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए समझदारी से काम लें. प्रेम संबंधों में साथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. परिवार के किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है. पुराने विवादों का समाधान मिलने से राहत महसूस होगी.कन्या राशि :-कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा और भाग्यशाली रहने वाला है. किस्मत का साथ मिलने से करियर और कारोबार में बड़ा अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं. हालांकि कुछ विरोधी आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और मित्र भी आपके लिए मददगार साबित होंगे. प्रेम जीवन में साथी के साथ यादगार समय बिताने का मौका मिलेगा. ससुराल पक्ष से भी सहयोग मिल सकता है और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी.तुला राशि :-तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा मिलाजुला रह सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, इसलिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें. नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव और तनाव महसूस हो सकता है. जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें अभी धैर्य रखना चाहिए. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भाग्य का साथ मिल सकता है. संतान से जुड़ी किसी चिंता का समाधान मिलने से मन हल्का होगा. प्रेम संबंधों में थोड़ी सावधानी रखें, क्योंकि साथी के साथ किसी बात पर मनमुटाव हो सकता है.वृश्चिक राशि :-वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और सफलता से भरा रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से करियर में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी. आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा और कारोबार में भी फायदा हो सकता है. वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा. संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है. हालांकि किसी भी काम में जरूरत से ज्यादा उत्साह दिखाने से बचें और सावधानी से निर्णय लें. नया काम शुरू करने के लिए समय अच्छा है.धनु राशि :-धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपको कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. योजनाओं में अचानक बदलाव होने से फायदा हो सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर किसी शुभ कार्य में धन खर्च हो सकता है. शिक्षा से जुड़े लोगों को अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा. आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें. सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने वालों को कोई अच्छी डील मिल सकती है. अचानक धन लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं.मकर राशि :-मकर राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा और लाभदायक रहने वाला है. नौकरी में बदलाव या नए अवसर मिलने के योग हैं. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा. लंबे समय से रुका हुआ कोई काम आज पूरा हो सकता है. सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. आपको कोई सुखद सरप्राइज भी मिल सकता है. भाग्य का साथ मिलने से नए संपर्क बनेंगे, जो आगे चलकर लाभदायक साबित होंगे. हालांकि किसी भी मामले में जल्दबाजी या भावुक होकर निर्णय लेने से बचना चाहिए.कुम्भ राशि :-कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है और किस्मत आपका साथ देगी. आपकी कुछ महत्वपूर्ण इच्छाएं पूरी हो सकती हैं. नई योजना या काम की शुरुआत करने के लिए समय अच्छा है. आपके अनुभव और ज्ञान का लाभ मिलेगा. सरकारी योजनाओं से भी फायदा हो सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. हालांकि दूसरों के मामलों में ज्यादा दखल देने से बचें. जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और पुराने विवादों से दूरी बनाए रखें. वैवाहिक जीवन में किसी बात को लेकर थोड़ी बहस हो सकती है.मीन राशि :- मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा. आर्थिक योजनाओं से लाभ मिलने की संभावना है. सहकर्मियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपके कई काम आसानी से पूरे हो सकते हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है. हालांकि किसी लालच में आकर कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए. नौकरीपेशा लोगों को कुछ नया करने या अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. सेहत के मामले में थोड़ी सावधानी रखें और अपने खानपान पर ध्यान दें.आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
04 May 2026
पंचांग और राशिफल
 श्री गणेशाय नमः आज का पञ्चाङ्गदिनांक:- 4 मई 2026वार :- सोमवारविक्रम संवत् :- 2083अयन:- उत्तरायणऋतु :- ग्रीष्ममास:- ज्येष्ठपक्ष :- कृष्णतिथि :- तृतीयानक्षत्र :- अनुराधा 09:59am तक पश्चात:- ज्येष्ठायोग :- परिघकरण :- वणिजसूर्यराशि :- मेषचंद्रराशि :- वृश्चिकदिशाशूल  :- पूर्वसूर्योदय :- 05:55amसूर्यास्त :- 07:10pmराहुकाल का समय  7:35am से 09:14am तक अभिजित मुहूर्त :-12:05pm से 01:15pm तकब्रह्म मुहूर्त:-05:45am  से 06:28amआज व्रत एवं त्यौहारवार विशेषआज का वार :-   सोमवारअधिदेव :- जल* यदि कुंडली में चंद्रमा पीड़ित या कमजोर है तो सोमवार को मोती चांदी में धारण करना चाहिए, जब तक आप  मोती धारण नहीं  करते है तब तक आप चंद्रमा का मंत्र जाप कर सकते हैं । सफेद चंदन का तिलक लगा सकते हैं । खिरनी का जड़ धारण कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।।* यदि चंद्रमा फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो चंद्रमा का दान शिव मंदिर में  करना चाहिए ।दान :-* पूर्णिमा की रात्रि को खीर बनाकर छत पर चंद्रमा की रोशनी में रखें ( चलनी से ढक देना चाहिए ताकि कोई कीड़ा उसमें ना पड़े ) दूसरे दिन प्रातः उसको प्रसाद के रूप में ग्रहण करें ।उपाय :-* चंद्रमा किसी भी ग्रह को शत्रु दृष्टि से नहीं देखता है । बहुत कम ही देखा गया है कि चंद्रमा प्रबल होकर किसी प्रकार की परेशानी करे । परंतु फिर भी यदि ऐसा होता है तो चंद्रमा से संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए । दान :-* सफेद वस्त्र , दूध , चावल , शंख , मोती , सफेद चंदन , मिश्रीसोमवार को करणीय कार्य :-* सभी कार्यों के लिए शुभवार संज्ञा : -* सोमवार को चर संज्ञा दी गई हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  सोमवारराशि :-  मिथुनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक का चंद्रमा अशुभ हो तो वह जातक  दूध या खीर का सेवन अथवा  दान  कर सकता है जिससे की अशुभता नाश होगी।राशिफलमेष राशि :-मेष राशि के जातकों में आज के दिन आत्मविश्वास और नई शुरुआत करने की ऊर्जा भरपूर रहेगी। करियर में नई जिम्मेदारियां या अवसर आ सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी से बचें। प्रेम जीवन में रोमांच बनेगा, जबकि वैवाहिक सुख अच्छा रहेगा। धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतें, अनावश्यक खर्च न करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन सिर या आंखों का ध्यान रखें। कुल मिलाकर दिन अच्छा है, बस फैसले सोच-समझकर लें।वृषभ राशि :-वृषभ राशि के जातकों का आज का दिन घरेलू मामलों और आर्थिक योजना पर केंद्रित रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। करियर में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन कोई बड़ा बदलाव आज टालें। प्रेम में भावनात्मक गहराई बढ़ेगी, पार्टनर का साथ सुखद रहेगा। धन की स्थिति सुधर सकती है, लेकिन निवेश में सतर्क रहें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, थकान से बचने के लिए आराम करें।मिथुन राशि :-आज के दिन मिथुन राशि के जातको का संचार और बौद्धिक कार्यों में प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा। छोटी यात्राएं या मीटिंग्स फायदेमंद साबित हो सकती हैं। करियर में नई जानकारी या स्किल से लाभ होगा। प्रेम जीवन रोमांटिक और मजेदार रहेगा, लेकिन भावनाओं को नियंत्रित रखें। धन के मामले में अप्रत्याशित खर्च आ सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन तनाव कम करें।कर्क राशि :-कर्क राशि के जातकों को आज के दिन भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। करियर में टीम वर्क से सफलता मिल सकती है, लेकिन बॉस या सहकर्मियों से बहस से बचें। प्रेम में मिठास बनी रहेगी, वैवाहिक जीवन सुखमय होगा। धन संबंधी पुराने मामले सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य में हल्की कमजोरी महसूस हो सकती है, इसलिए पौष्टिक भोजन लें और आराम करें।सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों का आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा दिन रहेगा। करियर में प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं, खासकर क्रिएटिव फील्ड में। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा, सिंगल्स को कोई अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है। धन की स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन ज्यादा मेहनत से थकान हो सकती है।कन्या राशि :-आज के दिन कन्या राशि के जातकों को सोच-समझकर फैसला लेने की जरूरत है। करियर में पिछली गलतियों से सीखकर आगे बढ़ें। प्रेम में थोड़ी दूरी या समझ की कमी महसूस हो सकती है, संवाद बढ़ाएं। धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतें, अनावश्यक उधार न दें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पाचन तंत्र का ध्यान रखें।तुला राशि :-आज के दिन तुला राशि के जातकों के लिए सामाजिक गतिविधियां और नेटवर्किंग फायदेमंद साबित होंगी। करियर में सहयोग से अच्छे परिणाम मिलेंगे। प्रेम जीवन में खुशियां बनी रहेंगी, पार्टनर का समर्थन मिलेगा। धन की स्थिति स्थिर रहेगी, छोटे-मोटे लाभ संभव हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन त्वचा या एलर्जी से सतर्क रहें।वृश्चिक राशि :-आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों में आध्यात्मिक या गहन विषयों में रुचि बढ़ेगी। करियर में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से पार पाएं। प्रेम में भावनात्मक उतार-चढ़ाव रहेगा, ईमानदारी रखें। धन के मामले में सतर्क रहें, निवेश टालें। स्वास्थ्य में थोड़ी कमजोरी या तनाव हो सकता है, योग-ध्यान मदद करेगा।धनु राशि :-आज का दिन धनु राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा। यात्रा के योग बन रहे है। करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी, खासकर विदेश या उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में। प्रेम जीवन रोमांटिक रहेगा। धन स्थिति सुधरेगी, लेकिन खर्च संभालें। स्वास्थ्य ऊर्जावान रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।मकर राशि :-आज के दिन मकर राशि वाले जातकों का करियर और आर्थिक मामलों पर फोकस रहेगा। मेहनत के अच्छे फल मिल सकते हैं। प्रेम में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन भावनाओं को व्यक्त करें। धन संबंधी पुरानी समस्याएं हल हो सकती हैं। स्वास्थ्य में हड्डी या जोड़ों का ध्यान रखें। कुल मिलाकर दिन प्रगतिशील रहेगा।कुम्भ राशि :-कुंभ राशि के जातकों का आज के दिन मिला-जुला रहेगा। आज चंद्रमा अपनी राशि में होने से आपमें आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच बनेगी। करियर में प्लानिंग से सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन में रोमांच और समझ बढ़ेगी। धन के मामले में अच्छे अवसर आएंगे। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव कम करें।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों में आज के दिन आध्यात्मिक ऊर्जा मजबूत रहेगी। करियर में रचनात्मक कार्यों से लाभ होगा। प्रेम में गहराई आएगी, लेकिन भ्रम से बचें। धन स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन नींद और आराम का ध्यान रखें।*आज का विचार*जो हो रहा है जैसा हो रहा है सब भगवान की कृपा से ही हो रहा है
02 May 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:-  2 मई 2026*वार* :- शनिवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- बसंत*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि*:- प्रतिपदा*नक्षत्र* :- विशाखा*योग* :-  व्यतीपात*करण* :- बालव*सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :- तुला 00:30am तक पश्चात:- वृश्चिक*दिशाशूल*  :- पूर्वसूर्योदय :- 06:25amसूर्यास्त :- 06:55pm*राहुकाल का समय*  09:55am से 11:15am तक *अभिजित मुहूर्त :-*12:15pm से 12:55pm तकआज व्रत एवं त्यौहार*वार विशेष*आज का वार :-   शनिवारअधिदेव :-  ब्रह्मामंत्र :-* ।। ॐ  प्रां  प्रीं  प्रौं  सः  शनये नमः ।।* यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।दान :-* काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , काला छाता ।उपाय :-* शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शिवलिंग पर काला तिल एवं जल चढ़ाएं तथा मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी काले कुत्ते या काली गाय या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।शनिवार को करणीय कार्य :-* द्रव्य संग्रह, मकान का शिलान्यास, भूमि पूजन आदि स्थिर कार्य हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* दारुण व तीक्ष्ण संज्ञा दी गई है अर्थात् की शनिवार को कड़ा, कठोर माना गाय हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:-  शनिवारराशि :-  सिंह, वृषअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* उड़द अथवा तेल से बनी वस्तु या काले तिल* अगर किसी जातक के लिए  शनि अशुभ हो तो वह जातक  अथवा  दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगीराशिफल*मेष राशि :-मेष राशि के जातकों का आज का दिन ऊर्जावान रहेगा। करियर और वित्तीय फैसलें सोच-समझकर लें। काम में तेजी रहेगी लेकिन जल्दबाजी से बचें। प्रेम जीवन में रोमांच बरकरार रहेगा। परिवार के साथ समय बिताएं, छोटी यात्रा के योग बन रहे है। स्वास्थ्य के लिए व्यायाम जरूरी है।वृषभ राशि :-वश्चिक राशि के जातकों का आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रतियोगी से आगे निकलेंगे। करियर में चुनौतियां आएंगी। आर्थिक स्थिचि सामान्य रहेगी। परिवार में तनाव संभव है, लेकिन पार्टनर का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों का आज का दिन थोड़ा मिश्रित रहेगा। करियर में चुनौतियां आएंगी, इसलिए अपने सहयोगियों से मदद लें। आर्थिक सुधार होगा। यात्रा से बचें। प्रेम में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन बातचीत करने से सब ठीक हो जाएगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।कर्क राशि :-कर्क राशि के जातकों का आज का दिन संतुलित रहेगा। करियर में स्थिरता बनी रहेगी। लेकिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार और घरेलू जीवन में सुख-शांति बनी रहने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बिना मतलब के खर्चों से बचें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन पेट संबंधी समस्या हो सकती है।सिंह राशि :-सिंह राशि के जातकों का आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा। सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ सकती है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक लाभ की संभावना है। प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत को अनदेखा करने से परेशानी बढ़ सकती है।कन्या राशि :-कन्या राशि के जातकों का आज का दिन सामान्य रहेगा। काम में सटीकता और परफेक्शन रहेगा, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाए। प्रेम में स्थिरता बनी रहेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी, जिसके बाद छोटे निवेश से फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य अच्छा, लेकिन आंखों का ध्यान रखें।तुला राशि :-तुला राशि के जातकों को आज के दिन अपने सभी कामों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। रिश्तों में मधुरता रहेगी लेकिन मतभेद होने से मन परेशान रहेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। करियर में बदलाव करने से पहले बड़ों के राय जरूर लें। प्रेम में स्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।वृश्चिक राशि :-वश्चिक राशि के जातकों का आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रतियोगी से आगे निकलेंगे। करियर में चुनौतियां आएंगी। आर्थिक स्थिचि सामान्य रहेगी। परिवार में तनाव संभव है, लेकिन पार्टनर का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।धनु राशि :-धनु राशि के जातकों का आज का दिन अच्छा रहेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो सफल होगी। करियर में प्रगति संभव है। शिक्षा में सफलता मिलेगी। परिवार में खुशी बनी रहेगी। प्रेम जीवन उत्साह से भरा रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मकर राशि :-मकर राशि के जातकों का आज का दिन अनुशासित रहेगा। करियर में स्थिरता बनी रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम में पार्टनर के लिए समय निकालें। आर्थिक रूप से स्थिति में सुधार होगा, लेकिन फालतू के खर्चों से बचें स्वास्थ्य पर ध्यान दें।कुम्भ राशि :- कुंभ राशि के जातकों का आज का दिन अच्छा रहेगा। सामाजिक और नेटवर्किंग के क्षेत्र में लोगों से अच्छे संबंध बनेंगे। दोस्तों से मिलने का प्लान बनेगा, जिसके पूरे होने से आपको बहुत खुशी मिलेगी। आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों का आज का दिन आध्यात्मिक वाला रहेगा। अपनी भावनाओं को व्यक्त करें। किसी भी काम को करने से पहले किसी बड़े की सलाह जरूर लेंय़ करियर में तरक्की होने से आपके माता-पिता को बहुत खुशी होगी।  आर्थिक स्थिति सुधरेगी। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य ठीक लेकिन नींद का ध्यान रखें।*मेरा और आपका सुविचार*आज को संभाल लेना ही भविष्य निर्माण करना है।
01 May 2026
पंचांग और राशिफल
*आज का पञ्चाङ्ग**दिनांक*:- 1 मई 2026*वार* :- शुक्रवार*विक्रम संवत्* :- 2083*अयन*:- उत्तरायण*ऋतु* :- बसंत*मास*:- वैशाख*पक्ष* :- शुक्ल*तिथि* :- पूर्णिमा 10:55pm तक पश्चात:- प्रतिपदा*नक्षत्र*: - स्वाति*योग*:- सिद्धि*करण* :- विष्टि*सूर्यराशि* :- मेष*चंद्रराशि* :- तुला*दिशाशूल*  :- पश्चिमसूर्योदय :- 6:15amसूर्यास्त :- 06:55pm*राहुकाल का समय*  11:22pm से 12:45pm तक रहेगा*अभिजित मुहूर्त :-*12:09pm से 01:05pm तकब्रह्म मुहूर्त*:- 04:45am  से 05:28amआज व्रत एवं त्यौहार* वैशाख पूर्णिमा* पीलपल पूर्णिमा*वार विशेष*आज का वार :-  शुक्रवारअधिदेव :-  इन्द्र देव* फलादेश के हिसाब से शुक्र कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए  जब तक रत्न धारण नहीं कर सकते है तब तक शरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।मंत्र :-* ।।ॐ  द्रां  द्रीं  द्रौं  सः  शुक्राय  नमः ।।* यदि फलादेश के हिसाब से  शुक्र ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण, पुरोहित, मंदिर या गुरु को करना चाहिए ।दान :-* चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी सफेद वस्त्रउपाय :-* गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें , आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।शुक्रवार को करणीय कार्य :-* नवीन वस्त्र एवं आभूषण को धारण करना, सोभाग्यवृधन कार्य करना, चलचित्र शूटिंग कार्य व यात्रा जाने हेतु श्रेष्ठ है।वार संज्ञा :* शुक्रवार को मृदु संज्ञा दी गई है अर्थात की शुक्र ग्रह एक कोमल व साज सजा वाला ग्रह है तो उसी के अनुरूप इस वार को कार्य किया जाता हैघात वार :-* दी गई राशि राशि वालो के लिए वार अशुभ होता है इन वार में वह जातक यथासंभव यात्रा का त्याग करेंवार:- शुक्रवारराशि :-  वृश्चिक, धनु, मीनअशुभ फल नाशक पदार्थ :-* अगर किसी जातक के लिए  शुक्रवारअशुभ हो तो वह जातक शुद्ध घी अथवा कच्चा दूध का दान व सेवन कर सकता है जिससे की अशुभता  नाश होगी*राशिफल*मेष राशि :-मेष राशि वालों के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्लेषण और स्पष्टता का रहेगा। आपको अपने रिश्तों को मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन समझदारी से लिए गए फैसले आपको सफलता दिलाएंगे।वृषभ राशि :-वृषभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। खुलकर बातचीत करने से रिश्तों में मजबूती आएगी। आर्थिक मामलों में अलर्ट जरूरी है, इसलिए अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी होगा।मिथुन राशि :-मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन संतुलन बनाए रखने का है। करियर और निजी जीवन में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि, किसी भी निर्णय को लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी होगा। अपने दिल की आवाज सुनें और उसी अनुसार कदम उठाएं।कर्क राशि :-कर्क राशि वालों के लिए 20 मार्च का दिन आराम और आत्मचिंतन का रहेगा। अपने पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्तों में मधुरता आएगी। नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।सिंह राशि :-सिंह राशि के लोगों के लिए यह दिन स्वास्थ्य और आत्मदेखभाल पर ध्यान देने का है। काम के साथ-साथ निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी होगा। नए अवसर मिल सकते हैं, जिनका सही उपयोग करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।कन्या राशि :- कन्या राशि वालों के लिए दिन थोड़ा मिश्रित रहेगा। रिश्तों में हल्की नोक-झोंक हो सकती है, लेकिन समझदारी से काम लेने पर सब ठीक हो जाएगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और सेहत भी अच्छी बनी रहेगी। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।तुला राशि :-तुला राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। तनाव से बचने की कोशिश करें और मानसिक शांति बनाए रखें। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना सफलता की कुंजी होगा।वृश्चिक राशि :-वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिश्तों में कुछ समस्याएं आ सकती हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में अहंकार से बचें और टीमवर्क पर ध्यान दें। मानसिक रूप से मजबूत रहना आपके लिए जरूरी होगा।धनु राशि :-धनु राशि के लोगों के लिए यह दिन बदलावों का संकेत दे रहा है। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नई स्किल्स सीखने का यह सही समय है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें।मकर राशि :-मकर राशि के जातकों के लिए यह दिन सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप अपने कामों को अच्छे से पूरा कर पाएंगे। परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।कुम्भ राशि :-कुंभ राशि वालों के लिए यह दिन लव लाइफ के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अगर रिश्तों में कोई समस्या चल रही है तो उसे सुलझाने का सही समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी समस्या सुलझाने की क्षमता की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।मीन राशि :-मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन खुशियों से भरा रहेगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी। हालांकि, किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी है।*मेरा और आपका सुविचार*अपने धर्म और कर्म की चिंता करना ही सत्कर्म है

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