ताल बूंगली बालाजी दरबार में संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन, भजनों से गूंजा दरबार

शरद पूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर 95 वर्ष पूर्व सेठ मेघराज रामगोपाल चांडक परिवार द्वारा स्थापित प्राचीन श्री ताल बूंगली बालाजी दरबार में संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाबा के दरबार को आकर्षक विद्युत रोशनी एवं रंग-बिरंगे पुष्पों से सजाया गया। संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण और बालाजी महाराज के जयकारों से गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम में प्रद्युम्न चोटिया, लखन सेवदा एवं ललित लखोटिया ने विभिन्न संगीतमय रागों में सुंदरकाण्ड पाठ का भावपूर्ण वाचन किया। सुमधुर भजनों एवं हनुमानजी की महिमा के गुणगान से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्री श्याम दीवाने ताली संकीर्तन मण्डल, ताल बूंगली बालाजी भक्त मण्डल एवं माहेश्वरी महिला मण्डल सरदारशहर के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा का गुणगान कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस धार्मिक आयोजन में पुजारी महावीर प्रसाद कान्हा स्वामी के साथ संयोजक देवीप्रसाद मीमानी, ललित लखोटिया, किशनलाल चांडक, दीपचंद बिहानी, निर्मल सोमानी, श्यामसुंदर पेड़ीवाल, सुरेंद्र मूंधड़ा (अबोहर), श्यामसुंदर बजाज, महावीर प्रसाद मीमानी, सुरेश मीमानी एवं दीपक लखोटिया सहित अनेक गणमान्यजन एवं बालाजी भक्त उपस्थित रहे।

सुंदरकाण्ड पाठ के समापन पर पुजारी कान्हा स्वामी एवं महावीरजी ने विधि-विधान से बाबा की महाआरती की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के जयकारे लगाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महाआरती के पश्चात उपस्थित सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर भक्तों द्वारा बाबा की प्राचीन बूंगली का आकर्षक पुष्प सज्जा एवं भव्य विद्युत रोशनी से विशेष श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। शरद पूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह एवं भक्ति भावना देखते ही बन रही थी।

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