रजत जयंती वर्ष में सेवा और शिवभक्ति का अनुपम संगम - मद्रास कांवड़ संघ की 25वीं कांवड़ यात्रा सम्पन्न

'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान वातावरण में मद्रास कांवड़ संघ, चेन्नई की रजत जयंती वर्ष 2026 की पावन कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा, समर्पण और शिवभक्ति के अद्भुत संगम के साथ सम्पन्न हुई। संघ के 85 शिवभक्तों ने सुल्तानगंज स्थित गंगाधाम से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ उठाई और लगभग 105 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए 8 अगस्त को बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग का विधिवत जलाभिषेक किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकीनाथ धाम में भी दर्शन एवं पूजा-अर्चना की।

वर्ष 2026 मद्रास कांवड़ संघ के लिए विशेष और ऐतिहासिक रहा, क्योंकि संघ की कांवड़ यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण हुए। इस अवसर को रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाते हुए संघ ने धार्मिक यात्रा के साथ सेवा कार्यों को भी विशेष प्राथमिकता दी। सुल्तानगंज से देवघर तक पूरे कांवड़ मार्ग पर देशभर से आने वाले हजारों शिवभक्तों की नि:शुल्क सेवा कर संघ ने अपनी 25 वर्षों की सेवा परंपरा को नई ऊंचाई प्रदान की।

रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संघ द्वारा असरगंज, मनिया मोड़, जिलेबिया मोड़, अबरखा, गोडिय़ारी एवं देवघर द्वार सहित विभिन्न पड़ावों पर सेवा शिविर लगाए गए। यहां कांवडिय़ों के लिए नि:शुल्क भोजन-प्रसादी, फल, नींबू शिकंजी, लाल शरबत, शीतल जल, बाम सेवा, प्राथमिक चिकित्सा सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

सेवा शिविरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवडिय़ों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया। संघ के स्वयंसेवक सुबह से देर रात तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में जुटे रहे। यात्रा के अंतिम चरण में डाक बम कांवडिय़ों के लिए विशेष रूप से फल, नींबू शिकंजी, लाल शरबत एवं बाम सेवा की व्यवस्था की गई।

मद्रास कांवड़ संघ की रजत जयंती यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण प्रतिदिन आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या रही। राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ के सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री पवन शर्मा 'निर्मलÓ अपनी संपूर्ण संगीत मंडली के साथ यात्रा में सहभागी रहे।

असरगंज से लेकर अंतिम पड़ाव तक प्रतिदिन शाम भगवान शिव की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति हुई। मधुर एवं ओजपूर्ण भजनों पर हजारों शिवभक्त देर रात तक भक्ति रस में झूमते रहे। प्रत्येक पड़ाव पर 'बोल बमÓ और 'हर-हर महादेवÓ के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय बना रहा।

मद्रास कांवड़ संघ के चेयरमैन श्री ओम प्रकाश डागा ने कहा कि रजत जयंती वर्ष की यह यात्रा संघ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं भावनात्मक अवसर रही। पिछले 25 वर्षों से बाबा बैद्यनाथ की कृपा से संघ कांवड़ यात्रा और सेवा की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष संघ का उद्देश्य केवल अपनी यात्रा पूर्ण करना नहीं, बल्कि सुल्तानगंज से देवघर तक आने वाले अधिक से अधिक शिवभक्तों की सेवा करना था। हजारों कांवडिय़ों को भोजन, पानी, शिकंजी, शरबत, फल एवं अन्य सेवाएं प्रदान कर संघ के सदस्यों ने स्वयं को धन्य महसूस किया।

संघ के अध्यक्ष श्री संजय मूंदड़ा ने बताया कि रजत जयंती वर्ष की यात्रा को सेवा-प्रधान एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पहले से की गई थीं। प्रतिदिन सीमित दूरी की पदयात्रा रखी गई, ताकि श्रद्धालु सहजता से यात्रा पूरी कर सकें। प्रत्येक पड़ाव पर भोजन, विश्राम एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

उन्होंने कहा कि मद्रास कांवड़ संघ का संकल्प था कि यात्रा के किसी भी पड़ाव पर कोई शिवभक्त सेवा से वंचित न रहे। इसी भावना के साथ संघ ने अपने कांवडिय़ों के साथ देशभर से आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों की भी नि:शुल्क सेवा की। उन्होंने यात्रा की सफलता में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, स्वयंसेवकों, सेवा सहयोगियों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कोषाध्यक्ष श्री राजेश भौतिका ने बताया कि यात्रा के दौरान सेवा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संघ के सदस्यों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। भोजन-प्रसादी, पेयजल, फल वितरण, शिकंजी, शरबत एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन पूरी निष्ठा से किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा प्राप्त करने के बाद हजारों कांवडिय़ों के चेहरों पर दिखाई देने वाली प्रसन्नता ही संघ के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।

संयोजिका श्रीमती मीना डागा ने बताया कि रजत जयंती वर्ष की यात्रा में महिलाओं, वरिष्ठ श्रद्धालुओं एवं सभी कांवडिय़ों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। प्रतिदिन आयोजित भजन संध्या और सेवा कार्यक्रमों ने यात्रा को आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भक्ति और सेवा का यह संगम ही मद्रास कांवड़ संघ की 25 वर्षों की यात्रा की सबसे बड़ी पहचान है।

कई दिनों की कठिन पदयात्रा, सेवा और भक्ति के पश्चात 8 अगस्त को 85 शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सुल्तानगंज से लाए पवित्र गंगाजल से बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का विधिवत जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और भगवान शिव से परिवार, समाज एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकीनाथ धाम पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही मद्रास कांवड़ संघ की रजत जयंती वर्ष की यह ऐतिहासिक यात्रा पूर्ण हुई।

मद्रास कांवड़ संघ की रजत जयंती कांवड़ यात्रा केवल 85 शिवभक्तों की धार्मिक पदयात्रा नहीं रही, बल्कि यह सेवा, समर्पण, सामाजिक सद्भाव और शिवभक्ति का प्रेरणादायी अभियान बनकर सामने आई।

सुल्तानगंज से देवघर तक हजारों कांवडिय़ों को नि:शुल्क भोजन-प्रसादी, फल, नींबू शिकंजी, लाल शरबत, शीतल जल, बाम एवं अन्य सेवाएं प्रदान कर संघ ने अपनी 25 वर्षों की सेवा परंपरा को और मजबूत किया।

यात्रा के सफल समापन पर मद्रास कांवड़ संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संकल्प लिया कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से आने वाले वर्षों में भी सेवा और शिवभक्ति की इस पावन परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

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