| कोयंबटूर के राजेश कुमार माहेश्वरी को 'भेषजी शिक्षा रत्न2026' सम्मान |
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कोयंबटूर एवं इंदौर निवासी श्री राजेश कुमार माहेश्वरी को फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारतवर्ष की फार्मेसी शिक्षा की सर्वोच्च नियामक संस्था फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रतिष्ठित 'भेषजी शिक्षा रत्न-2026' सम्मान से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। स्व. श्री कृष्णगोपाल एवं स्व. श्रीमती लक्ष्मी देवी के 68 वर्षीय सुपुत्र श्री राजेश कुमार माहेश्वरी श्री जी.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, इंदौर (मध्य प्रदेश) के फार्मेसी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे सेवानिवृत्त हैं। उन्हें यह सम्मान उनकी दीर्घकालीन शैक्षणिक सेवाओं, उत्कृष्ट अनुसंधान कार्यों, फार्मेसी शिक्षा के विकास में उल्लेखनीय योगदान तथा समाज के प्रति समर्पित सेवाओं के लिए प्रदान किया गया। डॉ. माहेश्वरी को इससे पूर्व भी अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें वर्ष 2005 में बेस्ट रिसर्च पेपर अवॉर्ड, 2012 में एमिनेंट रिसर्चर अवॉर्ड, 2021 में फार्मेसी रिकग्निशन अवॉर्ड एवं लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड तथा 2025 में ग्लोबल फार्मास्यूटिकल एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रमुख हैं। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने उन्हें डिस्टिंग्विश्ड फार्मास्यूटिकल साइंटिस्ट, पायोनियर रिसर्चर, एमिनेंट फार्मेसी एजुकेटर एवं इंस्पायरिंग अकैडमिक लीडर के रूप में भी सराहा है। ग्रीन केमिस्ट्री के क्षेत्र में डॉ. माहेश्वरी का अनुसंधान कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने नवीन वैज्ञानिक अवधारणाओं एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के माध्यम से फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2005 में उन्होंने 100 वर्ष से भी अधिक पुरानी हाइड्रोट्रॉपी तकनीक का उपयोग ग्रीन एनालिसिस के क्षेत्र में किया। वर्ष 2007 में विश्व स्तर पर मिक्स्ड हाइड्रोट्रॉपी की अवधारणा प्रस्तुत कर इस दिशा में नवीन अनुसंधान की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्होंने मिक्स्ड सॉल्वेंसी कॉन्सेप्ट नामक एक नवीन वैज्ञानिक अवधारणा प्रस्तुत की। आज उनकी इस वैज्ञानिक अवधारणा पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों में अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं। इस तकनीक से ग्रीन केमिस्ट्री एवं पर्यावरण-अनुकूल फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को प्रोत्साहन मिल रहा है। उनका निरंतर प्रयास रहा है कि नवीन एवं पर्यावरण-अनुकूल वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से भारत वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे। श्री राजेश कुमार माहेश्वरी को मिले इस प्रतिष्ठित सम्मान से कोयंबटूर एवं इंदौर सहित संपूर्ण माहेश्वरी समाज में हर्ष एवं गौरव का वातावरण है। उनकी यह उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है तथा शिक्षा, अनुसंधान और समाजसेवा के क्षेत्र में समर्पण एवं उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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