जयपुर में 600 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल की नींव, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में माहेश्वरी समाज की बड़ी पहल

शिक्षा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माहेश्वरी समाज, जयपुर ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मानसरोवर क्षेत्र के गणपतपुरा स्थित वंदे मातरम् रोड पर माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी गई। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की उपस्थिति में हुए शिलान्यास समारोह के साथ ही राजस्थान में ट्रस्ट द्वारा संचालित होने वाले इस बड़े स्वास्थ्य प्रकल्प की शुरुआत हुई। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 600 से 700 करोड़ रुपए बताई गई है।

परियोजना करीब 20,243 वर्गगज भूमि पर विकसित की जाएगी। प्रस्तावित संस्थान में लगभग 600 बेड का अत्याधुनिक बहुविशेषता अस्पताल बनाया जाएगा। अस्पताल का निर्माण अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं के अनुरूप किया जाएगा, ताकि जयपुर शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

परियोजना को लगभग तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण की योजना चरणबद्ध तरीके से बनाई गई है। पहले चरण में करीब 5 लाख वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण कर 300 बेड का अस्पताल शुरू किया जाएगा। पहले चरण का कार्य लगभग दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि पूरे प्रकल्प को तीन वर्ष में पूर्ण करने की योजना है। प्रस्तावित भवन की संरचना भी अत्याधुनिक होगी। अस्पताल में तीन मंजिला बेसमेंट और 11 मंजिलों का निर्माण किया जाएगा। प्रथम चरण में अस्पताल को आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी हेल्थ केयर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

इसमें 13 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, दो विश्वस्तरीय कैथ लैब, एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर सहित विभिन्न सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज भी संचालित किए जाएंगे, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा दोनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूती मिलेगी।

इस प्रकल्प का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य आमजन को रियायती दरों पर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। योजना के अनुसार जयपुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 5 लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में चिकित्सा उपचार के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने भी इस संस्थान को केवल उपचार केंद्र तक सीमित न रखते हुए चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का आदर्श केंद्र बनाने की अपेक्षा व्यक्त की।

यह प्रकल्प स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। योजना के अनुसार करीब 1200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जिसमें लगभग 200 प्रत्यक्ष और 1000 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। इस प्रकार यह संस्थान चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

अस्पताल परिसर में चिकित्सा सेवा के साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पक्ष को भी स्थान दिया गया है। लगभग 2000 वर्गगज भूमि पर भगवान महेश का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इस प्रकार पूरा परिसर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, अनुसंधान, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का समन्वित केंद्र बनने की दिशा में विकसित होगा।

शिलान्यास समारोह में समाजसेवा की भावना का उल्लेखनीय उदाहरण भी देखने को मिला। प्रकल्प के लिए तीन भामाशाहों ने मिलकर 11 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इससे समाज के विभिन्न वर्गों में इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य प्रकल्प के प्रति सहयोग और प्रतिबद्धता का संदेश गया। परियोजना के चेयरमैन बजरंग लाल बाहेती ने बताया कि अस्पताल के माध्यम से आमजन को रियायती दरों पर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

माहेश्वरी समाज, जयपुर की शिक्षा सेवा की परंपरा करीब 100 वर्ष पुरानी है। माहेश्वरी शिक्षा समिति के माध्यम से जयपुर में करीब 10 अत्याधुनिक शिक्षण संस्थानों में लगभग 23,000 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। अब इसी सेवा भावना को स्वास्थ्य क्षेत्र तक विस्तार देते हुए मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा रही है। समाज की यह पहल शिक्षा से स्वास्थ्य तक सेवा के विस्तार का प्रतीक है और आने वाले समय में जयपुर सहित राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने माहेश्वरी समाज की सेवा, त्याग, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज ने अपनी कर्मठता, उद्यमशीलता और संस्कारों के बल पर शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में हमेशा अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने समाजबंधुओं से आवश्यकता से अधिक धन संग्रह करने के बजाय समाजसेवा में सक्रिय योगदान देने की अपील की। बिरला ने कहा कि धन का सर्वोत्तम उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण में होना चाहिए तथा ऐसी संस्थाएं व्यापक जनहित में स्थायी योगदान देती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माहेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर राजस्थान और देश के लिए गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का अनुकरणीय केंद्र बनेगा।

यह प्रकल्प माहेश्वरी समाज की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें समाजबंधुओं ने सामूहिक सहयोग से शिक्षा एवं सामाजिक संस्थाओं का निर्माण किया है। शिलान्यास समारोह में समाज के अनेक पदाधिकारी, शिक्षाविद्, चिकित्सक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। समारोह में एमएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी, हरिमोहन बांगड़, संदीप काबरा, कैलाश चन्द्र परवाल सहित समाज के अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।

माहेश्वरी समाज की यह पहल आने वाले वर्षों में न केवल जयपुर और आसपास के लाखों लोगों को किफायती एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसरों का भी बड़ा केंद्र बनेगी। इस दृष्टि से गणपतपुरा में शुरू हुआ यह प्रकल्प माहेश्वरी समाज की सेवा परंपरा का स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय माना जा रहा है।

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