एमडी मेडिसिन में महाराष्ट्र टॉपर बनीं नांदेड़ की डॉ. आंचल काबरा (राठी), गोल्ड मेडल से सम्मानित

प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर नांदेड़ की होनहार बेटी डॉ. आंचल काबरा (राठी) ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर अपने परिवार, नांदेड़ शहर एवं समूचे माहेश्वरी समाज को गौरवान्वित किया है। महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ (MUHS) द्वारा आयोजित एमडी मेडिसिन परीक्षा में पूरे महाराष्ट्र में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से युवा पीढ़ी और समाज की बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।

डॉ. आंचल की शैक्षणिक यात्रा प्रारंभ से ही उत्कृष्ट रही है। वर्ष 2017 में आयोजित NEET-UG परीक्षा में देशभर के लगभग 12 लाख अभ्यर्थियों के बीच उन्होंने भौतिकी विषय में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उनके लिए मुंबई एवं दिल्ली के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश की संभावनाएं थीं, लेकिन उन्होंने परिवार के साथ रहकर अपनी शिक्षा पूरी करने को प्राथमिकता दी। नांदेड़ से एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए एमडी मेडिसिन में महाराष्ट्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

डॉ. आंचल नांदेड़ के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ फिजिशियन स्वर्गीय डॉ. के.एच. (किशनलालजी) काबरा एवं श्रीमती पुष्पा काबरा की पौत्री हैं। उनके पिता डॉ. अतुल काबरा एवं माता डॉ. जयश्री काबरा दोनों प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं। चिकित्सा सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पित काबरा परिवार में कुल 20 चिकित्सक हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. आंचल, श्रीनाथ ज्वेलर्स के श्री अरुण काबरा एवं श्रीमती अर्चना काबरा की भतीजी हैं।

डॉ. आंचल का विवाह अमरावती निवासी डॉ. तेजस राठी से हुआ है। डॉ. तेजस, श्री दिनेश माणकलाल राठी एवं श्रीमती अलका राठी के सुपुत्र हैं तथा वर्तमान में डीएम गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विवाह के बाद भी डॉ. आंचल ने अपने अध्ययन और शैक्षणिक लक्ष्यों के प्रति समर्पण बनाए रखा। उनकी सफलता में काबरा एवं राठी दोनों परिवारों का प्रोत्साहन और सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।

डॉ. आंचल की विशेषता उनकी सादगी, स्पष्ट विचारधारा एवं पारिवारिक मूल्यों के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने महानगरों की आकर्षक जीवनशैली के बजाय परिवार, सामाजिक संबंधों और अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहने को महत्व दिया। उनका मानना है कि सफलता का अर्थ केवल बड़े शहरों में रहना या प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचना नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं का विकास करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों को बनाए रखना भी है।

उनके छोटे भाई देवेश ने भी प्रतिष्ठित संस्थान बिट्स पिलानी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद नांदेड़ में रहकर पारिवारिक व्यवसाय से जुडऩे का निर्णय लिया है। पीपाड़, मदनूर, हैदराबाद, नांदेड़ एवं मुंबई तक विस्तृत काबरा परिवार की पहचान शिक्षा, चिकित्सा सेवा, व्यवसाय और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही है।

डॉ. आंचल की यह उपलब्धि दर्शाती है कि शिक्षा, विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर भी महिलाएं सफलता की नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर NEET-UG के भौतिकी विषय में प्रथम स्थान और अब एमडी मेडिसिन में महाराष्ट्र टॉपर बनकर गोल्ड मेडल प्राप्त करना उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

उनकी इस गौरवपूर्ण सफलता से काबरा एवं राठी परिवार सहित समूचे माहेश्वरी समाज में हर्ष का वातावरण है। डॉ. आंचल की उपलब्धि युवाओं को उच्च शिक्षा, आत्मविश्वास, परिश्रम और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा देती है।

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