| देश हित की बात - विकसित भारत @2047 -देश से विदेश तक गूंजती नए भारत की हुंकार - मधु भूतड़ा 'अक्षरा' |
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"हर मील का पत्थर गवाह है नए भारत की रफ़्तार का, यह सफ़र है आत्मनिर्भरता, एकता और अटूट विश्वास का।" आज का भारत इतिहास के पन्नों से निकलकर भविष्य का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया विकसित भारत @2047 का विजन महज़ एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वदेशी सामर्थ्य और संकल्प की महा-गाथा है। स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर देश और विदेश में 91 देशों में 150 स्थानों पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (भारतीय दूतावास) और माय भारत पोर्टल द्वारा यह रन आयोजित किया जाता है। पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी जरूरतों (बिजली, सड़क, पानी, शौचालय) को पूरा करने से लेकर अत्याधुनिक क्षमताओं सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट और स्पेस टेक्नोलॉजी तक का जो सफर तय किया है, वह देश हित में एक युगांतरकारी बदलाव है। यह बदलाव अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज दुनिया के कोने-कोने में बसे 3.2 करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासियों और वैश्विक मंचों पर साफ सुनाई दे रही है। भारत के द्वारा 'विकसित भारत' की नींव को मजबूत करने के लिए चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। $4 ट्रिलियन से अधिक की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है और जल्द ही शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर UPI आज वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर इनोवेशन, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन चुका है। हर नागरिक को स्वच्छ जल, पक्का घर और सस्ती दवाएं मुहैया कराने के साथ-साथ 'नारी शक्ति' को ड्रोन तकनीक और आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़कर श्रम शक्ति में उनकी भागीदारी (FLFP) बढ़ाई जा रही है। विदेशों में गूंजता सामर्थ्य और जन-भागीदारी, जो एक विकसित राष्ट्र बनने की इस यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीय और वैश्विक साझेदारियां सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सेवा पखवाड़े 17 सितंबर - 2 अक्टूबर के दौरान दुनिया के 100 से अधिक देशों और 150 से अधिक स्थानों जैसे यांगून, जकार्ता, वेलिंगटन और यूरोपीय देश में भारतीय दूतावासों द्वारा Viksit Bharat Run का आयोजन किया जा रहा है। यह दौड़ दुनिया को भारत की फिटनेस, एकता और विकास की कहानी दिखाती है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जन भागीदारी न केवल भारत की सॉफ्ट पावर और संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर सिद्ध करती है, बल्कि वह देश में निवेश, ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Transfer) में सहयोग करती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और सुरक्षा हितों के तहत म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग बढ़ा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है। विकसित भारत का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रवासियों के सामूहिक संकल्प एवं भागीदारी से संभव होगा। जब तक देश के भीतर का युवा और विदेशों में बैठा हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' (National Interest First) की भावना के साथ कदम जब आगे बढ़ाएगा, ऐसे में भारत एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती। 'रन टू सर्व द नेशन' देश और विदेश से एक ही आवाज... भारत का उत्कर्ष! विकसित हो हमारा भारत वर्ष!! इस धरती पर होगा चारों ओर उमंग उल्लास हर्ष!!! तो आइए, हम सभी विकसित भारत के इस अभियान का हिस्सा बनें।
मधु भूतड़ा 'अक्षरा'
गुलाबी नगरी जयपुर से (संपादिका, लेखिका कवयित्री) मोबाइल -9828153965 #ekpehal #ekpehalbymadhubhutra |
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| 28 September 2026 |
| जय श्री गणेश : सौ संगीता लाहोटी, पुणे |