माहेश्वरी परिवार तिनसुकिया का पारिवारिक मिलन समारोह आयोजित
सगंठन आपके द्वार बेनर अन्तर्गत माहेश्वरी पारिवारिक मिलन समारोह की अगली कड़ी में दिनांक 18.2.2024 को पारिवारिक मिलन समारोह श्री गोपाल आदित्य मूंदड़ा, परबतीया के घर पर आयोजित किया गया, जिसमें समिति, महिला व युवा तीनों संगठनों के 18 सदस्यों ने भाग लिया। पारिवारिक मिलन समारोह को अक्टूबर 2022 में शुरू किया गया जो कि सभी समाज बधुंओ के सहयोग से बहुत ही सुगमता से चल रहा है। यह कार्यक्रम तिनसुकिया मे सभी माहेश्वरी परिवारों को संगठित करके एक परिवार बनाने की मुहिम है। इस कार्यक्रम में हर बार अलग-अलग सदस्यों को आमंत्रित किया जाता है, इस कार्यक्रम में एक घंटा एक साथ 15 से 20 सदस्य बैठकर समाज को संगठित करने व समाज की समस्याओ पर पारिवारिक माहौल में चर्चा करते हैं।
हमारा समाज अगर संगठित होता है तो उसके अनगिनत फायदे हैं-
1. तिनसुकिया जैसी छोटी जगह में पढाई, स्वास्थ्य, जोब सम्बंधित कार्य में बहुत ही उपयोगी।
2. शादी-विवाह - अभी जो समय चल रहा है, उसमें बच्चों की शादी के लिए अब कोई रिश्ता लेकर नही आता जैसे पहले होता था, अब आप बहुत लोगों से सम्पर्क करने पर भी पता नही चलता, आज कल आपको बायो-डाटा ग्रुप से ही अपने बच्चे के लायक बायो-डाटा खोजना होगा उसके बाद उसकी पुरी जानकारी के लिए अगर आप संगठित समाज के साथ हो तो काफी सहयोग मिल जाता हैं।
3. संयुक्त परिवार से अब एकल परिवार में आने से आप को अचानक कहीं जाना हो, शादी विवाह का पहले से जानकारी हो तो भी एक टेंशन बढ़ जाता हैं, बच्चों को किसके पास छोड़ कर जाए, लोकल परिवारों से सम्बंध अच्छे हो तो यह चिंता नही रहती।
4. केरीयर बनाने के लिए पहले हम पढाई करेंगे, जोब करके अपने पैरों पर खड़े होने के बाद शादी के बारे में सोचेंगे, उस चक्र में काफी उम्र निकल जाती हैं व सही पार्टनर नही मिल पाता व मिल भी जाए तो जिम्मेदारिया बढने से एक दुसरे को सहयोग नही कर पाते, नतीजा सम्बन्ध विच्छेद तक पहुँच जाता हैं, पढाई भी बहुत जरूरी है, जो कि आप सही समय पर शादी करके भी कर सकते हैं।
5. पहले सयुंक्त परिवार में परिवार में 20-30 लोग होते थे, एक दुसरे को देख कर व घर के बड़े लोग बच्चों को अच्छे संस्कार देते थे, अब घर में 2 या 4 लोग ही होते हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बच्चों को बच्चपन से ही अच्छे संस्कार देने चाहिए, ताकि उनका भविष्य खुब सुन्दर बने।
6. युवा वर्ग 1 या 2 बच्चे के बाद सोचना भी नही चाहते, एक लड़का व एक लड़की है तो लड़की ससुराल चली जाएगी, एक बच्चा आपके पास है, अगर उसे कुछ हो जाए तो परिवार को कौन सभांलेगा, देरी से शादी होने से अभिभावक की उम्र होते होते परिवार को सभांलने वाला ही नही होगा।
इसलिए युवा वर्ग से अनुरोध है वे इस बारे में गहन चिंतन करे।
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