हिंदी गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित हुईं डॉ. कलावती कर्वा 'षोडशकला'
सरदारशहर (राजस्थान) निवासी एवं कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) प्रवासी स्व. तोलाराम जी कर्वा के सुपुत्र महावीर प्रसाद कर्वा की धर्मपत्नी, प्रख्यात साहित्यकारा डॉ. कलावती कर्वा 'षोडशकला' को 'हिंदी गौरव सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें साहित्य अर्पण अंतर्राष्ट्रीय मंच, दुबई द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में हिंदी भाषा के प्रति अगाध प्रेम, निरंतर साहित्य सेवा एवं हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. कर्वा की साहित्य साधना अत्यंत समृद्ध एवं प्रेरणादायी रही है। उनकी चार प्रमुख कृतियाँ — षोडशकला काव्य, आहुति, इदन्नमम् और मेरी नजर मेरा समाज — प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें साहित्य जगत में व्यापक सराहना प्राप्त हुई है।
उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। साहित्य सेवा के लिए उन्हें साहित्य संगम संस्था, दिल्ली द्वारा विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि तथा साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा द्वारा साहित्य सौरभ मानद उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।
इस अवसर पर मंच की अध्यक्षा नेहा शर्मा ने हिंदी भाषा की सेवा में समर्पित साहित्यकारों की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी का उज्ज्वल भविष्य ऐसे ही कर्मठ रचनाकारों के प्रयासों से और अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने डॉ. कलावती कर्वा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
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