माहेश्वरी मण्डल भायन्दर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों सम्मान, पारितोषिक वितरण सहित अन्नकूट महोत्सव का सफल आयोजन
माहेश्वरी मण्डल भायन्दर द्वारा दिनांक 26 अक्टूबर 2025 को सायं 6.30 बजे से राधेश्याम डोम, भायन्दर पश्चिम में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। हमारी भारतीय संस्कृति व परम्परानुसार वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करना बड़े ही गर्व की बात है वे हमारे समाज के अनुभव, ज्ञान व संस्कारों के वाहक है जिन समाजबन्धुओं ने वर्ष 2021 के पश्चात अपने जीवन के 75 बसंत दिनांक 1.1.22 से 30.9.25 तक की अवधि में पूर्ण किये गए उनका आशीर्वाद पाने के उद्देश्य से उन सभी बुजुर्गों का सम्मान किया गया था। इस आयोजन की मुख्य बात यह थी की समाज के करीब 27 बूजुर्गों जिनकी उम्र 75 वर्ष से ऊपर व 90 वर्ष से कम आयु के समाज के वरिष्ठ नागरिकों का समावेश था। समाज के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान मण्डल अध्यक्ष नटवर डागा, सचिव नारायण तोषनीवाल, कोषाध्यक्ष सुरेश दरक सहित न्यास मण्डल के अध्यक्ष मदनलाल भूतड़ा व सचिव हरिप्रसाद असावा ने साफा, शाल व मोमेंटो देकर किया। यह सम्मान समारोह महिलाओं व पुरुषों दोनों के लिए रखा गया था। यह एक ऐतिहासिक क्षण था जिसे पाण्डाल में बैठी समाज की जनता ने सहर्ष अपने स्थान पर खड़े होकर तालियों की गडग़ड़हाट के साथ इस सम्मान में चार चाँद लगा दिये। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मण्डल कार्यकारिणी के सदस्य गोरीशंकर चितलांगिया, मनोज मिमानी व देवप्रकाश झंवर मुख्य योगदान रहा। सभी समाजबंधुओं ने इस कार्यक्रम की बहुत ही प्रशंसा की साथ ही साथ कहा आने वाली युवा पीढ़ी के लिए इस सम्मान समारोह आयोजन करने की सीख मिलती है की घर में बड़े बुजुर्गो को आदर व सम्मान देना चाहिए।
आगे कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओ को पारितोषिक वितरण किया गया। जिसमें एसएससी, एचएससी, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा आदि आदि के कुल 72 छात्राओं का ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया जिसमें दो छात्राओं को सवर्ण व रजत के मेडल प्रदान किये गए। यह सम्मान मण्डल के अध्यक्ष नटवर डागा, सचिव नारायण तोषनीवाल, कोषाध्यक्ष सुरेश दरक, महिला सचिव सुधा काकानी व युवा सचिव पीयूष करवा के द्वारा सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने हेतु सुरेश दरक, सन्तोष जाजू, अरुण दरक, जगदीश मालानी, शिवप्रकाश सारडा, पुरषोत्तम दरक व शरद बजाज का प्रमुख सहयोग रहा।
मण्डल अध्यक्ष नटवर डागा ने सर्वप्रथम समाजबंधुओं को दीपोत्सव व नूतन वर्ष की बधाई दी। उसके बाद में बताया की वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करके समाज अपने आपको गौरवान्वित अनुभव कर रहे है। समाज के लोगों को संदेश दिया की अपनी व्यक्तिगत महत्वकांक्षा से ऊपर उठकर आपसी राग द्वेष त्यागकर समाजहित में मिलजुल कर एकजुट होकर कार्य करने का मंच से आहवान किया जिससे से अधिक से अधिक समाज का भला कैसे हो सकता उसके बारे में विचार करना चाहिए। मण्डल अध्यक्ष डागा ने आगे अपने उदबोधन में बताया की सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच:॥ जिसका अर्थ भगवान श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि, तुम धर्म-अधर्म का विचार त्याग कर एक मात्र मेरी शरण में आ जाओ। सभी समाजबन्धुओं से विनम्र निवेदन है की कलियुगी देवता में अमूल्य समय नष्ट करने से बचना चाहिए केवल एक मात्र भगवान विष्णु की शरण में आकर उनकी ही भक्ति को अधिक से अधिक स्वयं करे व् दुसरो को भी इस के लिए प्रेरित करें। श्री डागा ने अपने भाषण का समापन से पूर्व 9-10-11 जनवरी 2026 को जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी महाधिवेशन हेतु अधिक से अधिक समाजबन्धुओं को इसमें सपरिवार जाने की अपील की।
उसके बाद समाज के गीता रामायण पाठशाला के 67 बाल कलाकारों द्वारा युगों युगों की कहानी देखो बच्चों की जुबानी के तहत सतयुग, द्वापरयुग, त्रेतायुग व कलियुग में क्या क्या हुआ उसके आधार पर कार्यक्रम की भव्य प्रस्तुति दी गयी। सर्वप्रथम सरस्वती व गणेश वंदना का मंचन किया। उसके पश्चात समय मशीन के द्वारा प्रस्तुत किया जिसमें द्रोणाचार्य-एकलव्य, राम-हनुमान, नरसिंह अवतार आदि की झाँकीयां दिखाई गई। समाज परिवार को सन्देश देते हुए कहा कि एक आसरो एक बल एक आत्मविश्वास, एक राम घनश्याम चातक तुलसीदास अर्थात एक भगवान विष्णु की शरण में जाने से जन्म व मृत्यु के चक्र से मुक्त हो सकता है इस बात को जन जन तक पहुंचाना है। आजकल लोग कलियुगी देवता के चक्कर में जाने से रोकने का लक्ष्य है साथ मे कलियुग के लिये यह सीख दी गयी कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा कलियुग में नाम जाप करने से मोक्ष प्राप्त करना सुलभता से सम्भव है। मंचन के दौरान मण्डल के तत्वावधान में चल रहै प्रकल्पों में गीता रामायण पाठशाला, प्रभात फेरी, अखण्ड रामायण पाठ, माथे पर तिलक सनातनी की पहचान, हाय हेलो छोडि़ए जय श्री राम बोलिये की झांकी प्रस्तुत की। लोगो से भरा हुआ पंडाल अलौकिक, दिव्य मंच को देखकर सभी आश्चर्चकित हो गए सभी अपने स्थान पर खड़े होकर वन्स मोर वन्स मोर कहकर बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन से जोरदार करतल ध्वनि से सम्मान किया।
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