पश्चिम बंगाल प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन का दो दिवसीय अधिवेशन शक्ति संगम सफलतापूर्वक संपन्न
प्रदेश द्वारा आयोजित, दुर्गापुर संगठन के आतिथ्य में दो दिवसीय सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समन्वय का उत्सव था जो ्रदेश द्वारा दुर्गापुर के पिनेकल इन्फोटेक, बिधाननगर में 30-31 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में एकता, संस्कृति और सामाजिक समन्वय का अनुपम संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्घाटन करने हेतु उपस्थित सभी आमंत्रित पदाधिकारियों का स्वागत स्कूल के बच्चों के बेंड एवं खुली छत वाली गाडिय़ों में हाथों से स्नेह संचित गुब्बारे से आसमान को सजाते हुये किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, गणेश-महेश वंदना के बाद दुर्गापुर संगठन की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति डागा के स्वागत उद्बोधन से हुई। राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती मंजू बांगड, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा सादानी, राष्ट्रीय पूर्वांचल उपाध्यक्ष श्रीमती गिरिजा सारडा़, संयुक्त मंत्री श्रीमती निशा लढ्ढा सहित, स्वयंसिद्धा प्रभारी निर्मला मल्ल, प्रदेश सभा अध्यक्ष निर्मल लढ्ढा और सचिव रविन्द्र डागा, प्रदेश राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं निवर्तमान अध्यक्षा नीरा मल्ल के संग संग अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजन ने सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक उत्थान का नया इतिहास रचा। उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों का स्वागत तुलसी और मिश्री से कर, सभी पदाधिकारियों ने आशीर्वचन साथ अपना वक्तव्य रखा। श्रीमती मंजू बांगड़ ने राम-सेतु को निर्मित करने वाले पत्थरों का उदाहरण देतु हुये बताया कि विश्वास और समर्पण से संगठित होकर कोई भी कार्य किया जाय तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदेश सोविनियर नव चेतना का विमोचन किया गया।
संगम मंथन ज्ञान के आरोहण से युगल के जीवन को संवारने के हेतु नये सात वचनों के कमल खिले। प्रोग्राम की संरचना ज्ञान सिद्धा पूर्वांचल सह प्रभारी सरोज मालपानी ने की और दोनों समिति ज्ञान और युगल की संयोजिका सोनिया मल्ल और कुसुम तापडिय़ा ने कार्यक्रम की कमान संभाली। इस कार्यक्रम की पूरी रुपरेखा को एक ईबुक में संकलित कर राष्ट्रीय अध्यक्षा द्वारा विमोचन किया गया।
संकल्प सिद्धा के तहत समिति संयोजिका रुपा चांडक की निगरानी में उपस्थित सभी पदाधिकारियों संग वस्त्रम् प्रकल्प के अंतर्गत आयी साडिय़ों का वितरण किया गया।
दिल्ली से पधारी एक्यूप्रेशर ट्रेनर श्रीमती मंजूश्री चांडक ने दो दिवसीय सत्र में विभिन्न रोगों के निदान और जागरूकता पर प्रकाश डाला। संध्या समय संस्कृति सिद्धा समिति के अन्तर्गत सीमा चांडक के संचालन से सांस्कृतिक कार्यक्रम भाव संगम में विभिन्न संगठनों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। सुर संगम रघुकुल रीत सिद्धा समिति पूर्वांचल सहप्रभारी कृष्णा पेड़ीवाल के सहयोग से बंटू डागा द्वारा अंताक्षरी खेल का आयोजन हुआ जिसमें तीन राउंड खेल के बाद तीन टीम फाइनल में पहुंचीं जिन्हें फिर से खेलने का मौका देकर विजयेता का चुनाव हुआ।
द्वितीय दिवस को स्वयं सिद्धा समिति के तहत प्रतीक संगम कार्यक्रम संयोजिका संजू माहेश्वरी, संरक्षक नीलम भट्टड़ और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्या शोभना सारडा की देखरेख में आयोजित किया गया। जिसमें संगठन की एकता को प्रदर्शित करती एक रैली निकाली गई, एवं बैनरों के माध्यम से कलाओं का प्रदर्शन के साथ अपने संगठन की विशेषताओं को बताया गया। आख्या संगम के तहत सचिव सुधा कल्याणी, कोषाध्यक्ष मंजू बिहानी और संगठन मंत्री संतोष बाहेती के साथ साथ उपस्थित सभी संगठनों के अध्यक्ष या सचिव द्वारा प्रतिवेदन सुनाया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्षा मंजू बांगड़ ने पूरे कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए संगठन की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। दीदी ने मंजूल वाणी से बंगाल के सभी पदाधिकारियों की प्रशंसा काव्यात्मक शैली में कर हम सभी का मन मोह लिया। उपहार और सम्मान समारोह में बंगाल की आगे आयी सभी प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया।
संजीवन सिद्धा के अंतर्गत कृतज्ञता संगम में समिति संयोजिका श्वेता राठी ने EFT तकनीक द्वारा तन और मन के स्वास्थ्य लाभ की तकनीक सिखाई।
प्रथम दिवस भोजन के पूर्व का मंच संचालन खुशबू लखोटिया द्वारा एवं द्वितीय दिवस नेहा चितलांगिया और किरण डागा ने किया, जबकि डिजिटल कार्य अमृता सारडा और मंच व्यवस्था सुमन बिहानी व नीलम डागा ने संभाली। पूरे कार्यक्रम के संयोजक कृष्णा पेड़ीवाल, आभा लाहोटी और संतोष बाहेती थे।
कार्यक्रम का समापन श्रीमती आभा लाहोटी के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
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