महेश नवमी संदेश - जुगलकिशोर सोमाणी
महेश नवमी केवल धवल या पीत वस्त्र धारण कर उत्सव मनाने का पर्व नहीं है। प्रथम महेश नवमी को आदिदेव भगवान महेश व जगत्माता माहेश्वरी के समक्ष हमारे पुरखों ने शपथ पूर्वक माहेश्वरीत्व अंगीकार किया था। यह महापर्व हमें उस शपथपत्र को पुन: पुन: हृदयंगम करने का आह्वान करता है। सेवा-त्याग-सदाचार के भावों को उद्वेलित करने की सीख देता है। समाज की जाजम का महत्व समझाता है। उस जाजम पर श्रद्धापूर्वक बैठकर सकारात्मकता के भावों को जागृत करने का मार्ग दिखाता है। माहेश्वरीत्व के जन्मोत्सव महापर्व की मंगल कामनाएं।
जुगलकिशोर सोमाणी
'शांति कुंज'
प्रदेशाध्यक्ष - पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा
बी-94, आर्यनगर विस्तार, मुरलीपुरा,
जयपुर 302039 (राजस्थान)
मोबाइल 9314521649, 9414011649
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