| विवेक मोहता अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति कार्यालय मंत्री नियुक्त |
|
|
खामगांव। सामाजिक सेवा, संगठनात्मक दक्षता, कुशल नेतृत्व एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले खामगांव के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाजसेवी श्री विवेक मोहता को अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 31वें सत्र के लिए सभापति कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है। महासभा के नवनियुक्त सभापति श्री संदीप काबरा ने उनकी संगठनात्मक कार्यक्षमता, सामाजिक समर्पण, व्यापक अनुभव एवं समाजहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। उनकी नियुक्ति से खामगांव नगर सहित बुलढाणा जिले के माहेश्वरी समाज में हर्ष, उत्साह एवं गौरव का वातावरण है। श्री विवेक मोहता का व्यक्तित्व व्यावसायिक सफलता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं संगठनात्मक समर्पण का अनूठा संगम है। युवावस्था से ही सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहते हुए उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, सहज व्यवहार, दूरदर्शिता एवं सर्वसमावेशी दृष्टिकोण से समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। छात्र जीवन में छात्र संगठन के अध्यक्ष के रूप में अपने नेतृत्व की शुरुआत करने वाले विवेक मोहता ने समय के साथ विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। खामगांव नगर की अनेक प्रतिष्ठित स्वयंसेवी एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मारवाड़ी युवा मंच, जायंट्स ग्रुप, रेड स्वास्तिक सोसायटी, जेसीआई खामगांव सिटी, माहेश्वरी युवक मंडल एवं माहेश्वरी मंडल सहित विभिन्न संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने सामाजिक सरोकारों को सशक्त बनाने, जनसेवा की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने में सक्रिय भूमिका निभाई है। विभिन्न संगठनों में कार्य करने के उनके लंबे अनुभव ने उन्हें सामूहिक नेतृत्व, प्रभावी समन्वय एवं संगठनात्मक व्यवस्थाओं के संचालन में विशेष दक्षता प्रदान की है। श्री विवेक मोहता की लोकप्रियता एवं व्यापक जनसंपर्क का उल्लेखनीय उदाहरण कृषि उपज मंडी, खामगांव के संचालक के रूप में उनका कार्यकाल भी रहा है। कृषि उपज मंडी के चुनाव में उन्होंने सर्वाधिक मत प्राप्त कर विजय हासिल की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्वाधिक मतों से विजय प्राप्त करने का उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है। यह उपलब्धि उनके प्रति लोगों के विश्वास, लोकप्रियता एवं जनसंपर्क की व्यापकता को दर्शाती है। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन में भी विवेक मोहता ने संगठन मंत्री एवं अर्थ मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया है। इन दायित्वों के दौरान उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के निवर्तमान सत्र में मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क समिति के सक्रिय सदस्य के रूप में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। विशेष रूप से महासभा के 30वें सत्र की डायरेक्ट्री के निर्माण में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस कार्य में उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली, समन्वय क्षमता, सूक्ष्म प्रबंधन कौशल एवं संगठन के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। विवेक मोहता की सबसे बड़ी विशेषता उनका बहुआयामी व्यक्तित्व, मिलनसार स्वभाव एवं सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता है। वे पद से अधिक दायित्व, प्रतिष्ठा से अधिक सेवा तथा व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक सामूहिक प्रगति को महत्व देने वाले समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं। आत्मीय व्यवहार, सहज उपलब्धता, उदार दृष्टिकोण एवं विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की विशेष क्षमता के कारण वे समाज के विभिन्न वर्गों में सम्मान एवं विश्वास के पात्र बने हुए हैं। अपने इसी सर्वसमावेशी एवं सौहार्दपूर्ण व्यक्तित्व के कारण वे एक अजातशत्रु व्यक्तित्व के रूप में भी जाने जाते हैं। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर समाज के प्रबुद्धजनों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विवेक मोहता को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने व्यापक अनुभव, संगठनात्मक दक्षता, सामाजिक समर्पण एवं प्रभावी समन्वय क्षमता के माध्यम से महासभा की गतिविधियों को नई गति प्रदान करेंगे। साथ ही सभापति कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विवेक मोहता की यह नियुक्ति वर्षों की सामाजिक साधना, संगठन के प्रति अटूट निष्ठा, निरंतर सक्रियता एवं कर्मप्रधान व्यक्तित्व को मिला सम्मान है। उनकी उपलब्धि समाज की युवा पीढ़ी एवं नवोदित कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने के साथ ही सामाजिक सेवा, संगठनात्मक एकता एवं सामूहिक नेतृत्व की भावना को और अधिक सशक्त बनाएगी। |