| पितृपक्ष में श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई ने किया 'अमृत आहार सेवा' का आयोजन |
|
|
पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई द्वारा सामाजिक सेवा एवं मानवता के प्रति समर्पण की भावना से 'अमृत आहार सेवा' का आयोजन किया गया। इस सेवा अभियान के अंतर्गत पितृपक्ष के दौरान प्रतिदिन जरूरतमंद एवं वंचित लोगों को नाश्ता वितरित किया गया। वहीं, अमावस्या के पावन दिन विशेष रूप से सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात्रि भोजन उपलब्ध कराकर अन्नदान की पुण्य परंपरा को सार्थक किया गया। मंडल द्वारा संचालित इस सेवा कार्य के अंतर्गत दानदाताओं से प्राप्त सहयोग राशि को चेन्नई के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद लोगों के भोजन की व्यवस्था हेतु समर्पित किया गया। 'पितरों की स्मृति में अन्न सेवा, मानवता के प्रति समर्पण' की भावना को आत्मसात करते हुए महिला मंडल ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि जरूरतमंदों की सेवा एवं मानव कल्याण के कार्यों के माध्यम से भी अर्पित की जा सकती है। अन्नदान भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं में से एक है और ऐसे सेवा कार्य समाज में संवेदनशीलता, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। इस पुण्य अभियान को सफल बनाने में मंडल की पदाधिकारियों, सदस्यों, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के तन, मन और धन से प्राप्त सहयोग के फलस्वरूप यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंडल ने सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवाभाव की सराहना की। इस सेवा अभियान का संयोजन उमा मालपानी एवं रीता मेहता ने किया, जबकि अर्चना भट्टड़ ने सह-संयोजिका के रूप में अपनी भूमिका निभाई। मंडल की अध्यक्षा ममता बागड़ी एवं सचिव कुसुम मालपानी के मार्गदर्शन में सेवा कार्य संपन्न हुआ। श्री माहेश्वरी महिला मंडल, चेन्नई ने इस आयोजन के माध्यम से समाज को सेवा और परोपकार का प्रेरणादायी संदेश देते हुए अन्नदान के महत्व को रेखांकित किया। 'अन्नदान महादान — सेवा ही संस्कार, सेवा ही सच्चा धर्म' के संदेश के साथ मंडल की इस पहल ने पितृपक्ष के धार्मिक महत्व को मानव सेवा से जोड़ते हुए सामाजिक सरोकारों का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। |