गौ संरक्षण सहित सामाजिक सरोकारों पर रांची में मंथन, विभिन्न संगठनों ने लिया जनजागरण का संकल्प

श्री माहेश्वरी सभा रांची के तत्वावधान में सेवा सदन पथ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सभागार में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री माहेश्वरी सभा रांची के अध्यक्ष मुकेश काबरा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं शंखनाद के साथ हुआ। अध्यक्ष मुकेश काबरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बैठक में रखे गए प्रमुख सामाजिक विषयों एवं संकल्पों पर प्रकाश डाला।

बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बैठक के पटल पर रखे गए सभी विषय समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इनके प्रति व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। गौ संरक्षण के विषय पर उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया गाय के महत्व को जानती और समझती है, लेकिन भारत ऐसा देश है जहां गाय को माता का दर्जा देकर श्रद्धा और सम्मान दिया जाता है।

इस अवसर पर श्री माहेश्वरी सभा की ओर से राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा को एक प्रतिवेदन सौंपा गया। कार्यक्रम संयोजक वासुदेव भाला, गोवर्धन गारोडिय़ा, ओमप्रकाश अग्रवाल एवं अजय मारू ने संयुक्त रूप से यह प्रतिवेदन प्रदान किया।

वृंदावन से पधारे संत राधेवत्स ने गौ माता के संरक्षण एवं सम्मान को लेकर चल रहे अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि गाय को माता का दर्जा दिलाने के समर्थन में 51 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक करीब 30 करोड़ हस्ताक्षर हो चुके हैं और झारखंड से भी बड़ी भागीदारी की अपेक्षा है। उन्होंने बताया कि इसी विषय को लेकर आगामी 17 दिसंबर को रांची के प्रभात तारा मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

पुनीत पोद्दार ने कहा कि रिक्त पड़ी जमीन का सदुपयोग करने की दिशा में सरकार और समाज को मिलकर प्रयास करना चाहिए। कुणाल अजमानी ने कहा कि सामाजिक संगठन यदि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। पवन शर्मा ने कहा कि बैठक में रखे गए चारों संकल्प समाज की जिम्मेदारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर पूरे समाज को गंभीरता से विचार कर कार्य करना चाहिए।

बैठक में सुझाव दिया गया कि गौ संरक्षण एवं गाय को माता का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर सभी सामाजिक संगठन सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री को रांची से पत्र भेजें, ताकि समाज की भावना प्रभावी रूप से केंद्र सरकार तक पहुंच सके।

अजय मारू ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने विवाह समारोहों में 25 से अधिक व्यंजन नहीं रखने का महत्वपूर्ण निर्णय अपनाया है। यह खाद्य सामग्री की बर्बादी रोकने और भोजन बचाने की दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन की परंपरा के साथ युवाओं को उसका उचित प्रशिक्षण देने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन रमन बोड़ा ने किया, जबकि सचिव मनोज कल्याणी ने आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। सभा के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा ने बताया कि बैठक में उठाए गए प्रत्येक प्रमुख विषय पर अलग-अलग तीन माह के अंतराल पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी, ताकि विचार-विमर्श को ठोस सामाजिक कार्यों में बदला जा सके।

बैठक में रांची के अनेक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें झारखंड-बिहार माहेश्वरी सभा के सचिव नरेंद्र लखोटिया, महावीर प्रसाद सोमानी, शिव शंकर साबू, गोवर्धन प्रसाद भाला, मनोज काबरा, किशन कुमार साबू, राज कुमार मारू, पवन कुमार मंत्री, झारखंड-बिहार माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष संगीता चितलांगिया, रांची महिला अध्यक्ष विजयश्री साबू, सचिव बिमला फलोर, रतन आनंद, रोहित अग्रवाल, भानु जालान, श्याम सुंदर बिहानी, अर्चना साबू, विनीता सिंघानिया, रेनू अग्रवाल, रितु लखोटिया, शिखा बिरला, बिल्लू सोडाणी, ओमप्रकाश अग्रवाल, सरवन अग्रवाल, विनीता बिहानी, विजय कुमार छपरिया, किशोर मंत्री, राघव शारदा, मुकेश अग्रवाल, वंदना मारू, पवन शर्मा, विनोद जैन, मनोज चौधरी, निर्मल बुधिया, अशोक पुरोहित, किशन शर्मा, सज्जन पाडिय़ा, ललित पोद्दार एवं प्रिंस अजमानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की जानकारी श्री माहेश्वरी सभा रांची के मीडिया प्रभारी रोहित शारदा, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल एवं रश्मि मालपानी ने दी।

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