| नारी शक्ति का महाकुंंभ स्वर्णमंगलम के शंखनाद से गूंजायमान हुई सूरत की धरा, रचा गया स्वर्णिम इतिहास |
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12 एवं 13 अप्रैल 2026 को माहेश्वरी लग्जरिया, पर्वत पटिया, सूरत (गुजरात) में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की दशम राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं चतुर्थ कार्यकारिणी बैठक, स्वर्ण जयंती शुभारंभ, त्रयोदश सत्र के पदाधिकारियों का सम्मान तथा चतुर्दश सत्र के पदाधिकारियों के चयन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह गरिमामयी आयोजन डायमंड नगरी सूरत में गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन के आयोजकत्व तथा सूरत जिला माहेश्वरी महिला संगठन के आतिथ्य में आयोजित किया गया। यह आयोजन केवल एक बैठक न होकर एक महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया, जिसमें नारी सशक्तिकरण, अटूट एकता एवं समाज सेवा के संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन त्रयोदश सत्र की यशस्वी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ एवं ऊर्जावान राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी के ओजस्वी नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विमला साबू का विशेष मार्गदर्शन एवं अतुलनीय योगदान प्राप्त हुआ। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने संगठन की समृद्ध परंपराओं एवं अनुभव को नई पीढ़ी से जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य किया। दिनांक 12 अप्रैल 2026 को औद्योगिक मेले का भव्य शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़, राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा मंच पूजन के साथ किया गया। प्रात: 11 बजे उद्घाटन समारोह विधिवत प्रारंभ हुआ। आयोजक संस्था द्वारा कुमकुुम तिलक एवं पुष्प वर्षा के साथ सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं संगठन की बहनों का भावभीना स्वागत किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आत्मीयता और उत्साह का संचार हुआ। इस गरिमामय उद्घाटन समारोह में मुंबई की इनकम टैक्स कमिश्नर माया माहेश्वरी उद्घाटक के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा, कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़, प्रमुख अतिथि के रूप में विख्यात उद्योगपति श्री नरेंद्र साबू तथा प्रधान अतिथि के रूप में श्री रामरतन भूतड़ा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ज्योति राठी एवं आशा माहेश्वरी, स्वागत अध्यक्ष के रूप में विमला साबू तथा विशेष उपस्थिति में मध्यांचल उपाध्यक्ष उर्मिला कलंत्री, प्रदेश अध्यक्ष मंजूश्री काबरा एवं सूरत जिला अध्यक्ष वीणा तोषनीवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। भव्य उद्घाटन समारोह में देशभर से आई महिला प्रतिनिधियों एवं सूरत समाज की बड़ी संख्या में उपस्थित गणमान्यजनों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। माहेश्वरी स्कूल के बच्चों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर एवं आकर्षक बैंड की धुन के साथ अतिथियों का सभागार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की सुंदर प्रस्तुति दी गई। सूरत की बहनों द्वारा प्रस्तुत महेश वंदना एवं महिला सशक्तिकरण को दर्शाता मनोहारी स्वागत नृत्य अत्यंत सराहनीय रहा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब प्रशंसा दी। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा भगवान उमा महेश का पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अंत में राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी द्वारा राष्ट्रीय महिला संगठन के त्रयोदश सत्र के कार्यों का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। कार्यक्रम का शुभारंभ श्वेता जाजू के कुशल संचालन में हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों को मंचासीन कराया गया। तत्पश्चात सूरत जिला अध्यक्ष वीणा तोषनीवाल द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, जिसके उपरांत गुजरात प्रांतीय अध्यक्ष मंजूश्री काबरा ने भी अपने शब्दों से सभी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की स्वागत अध्यक्ष विमला साबू ने अपने सुमधुर शब्दों द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों एवं सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता मंजू बांगड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि 'स्वर्णमंगलम केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा और भावना है। 'स्वर्ण' हमारे गौरवशाली इतिहास और हमारी एकता की चमक का प्रतीक है, वहीं 'मंगलमÓ हमारे प्रत्येक प्रयास में निहित शुभता, सकारात्मकता और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना का प्रतीक है।Ó उन्होंने आगे कहा कि इस त्रयोदश राममय सत्र में जो कुछ भी सृजित हुआ, वह केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि एक सामूहिक शक्ति साधना है, जिसमें प्रत्येक सदस्य का योगदान, सहयोग और समर्पण स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। उन्होंने एकता पर बल देते हुए कहा— 'एकता की डोर में बंधकर जब कदम सभी बढ़ते हैं, तभी रामराज्य के सपने सजीव रूप लेते हैं।' डिजिटल युग पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि हमें तकनीक का सदुपयोग करते हुए भी अपने रिश्तों की गर्माहट और संवाद की सच्चाई को बनाए रखना चाहिए— 'मोबाइल की रोशनी में रिश्ते कहीं धुंधले ना हो जाएँ, आओ मिलकर मन के दीप जलाएँ। संगठन की डोर से बंधकर हम परिवार बन जाएँ, मधुरता, अपनापन और संस्कारों से जीवन को महकाएँ।' उद्घाटनकर्ता, मुंबई इनकम टैक्स कमिश्नर माया माहेश्वरी ने स्वर्ण जयंती सत्र की हार्दिक बधाई देते हुए महिला संगठन के मूल सिद्धांतों एवं उसकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने संगठन द्वारा बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों तथा समाज में सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के क्षेत्र में दिए गए योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि समाज केवल पद या प्रतिष्ठा से नहीं बनता, बल्कि ऐसे सार्थक कार्यों से ही प्रगतिशील सोच विकसित होती है और नारी सशक्तिकरण को वास्तविक बल मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नारी को उचित अवसर मिले, तो वह परिवार, समाज ही नहीं, बल्कि राष्ट्र को भी बदलने की क्षमता रखती है। प्रमुख अतिथि श्री नरेंद्र साबू एवं प्रधान अतिथि श्री रामरतन भूतड़ा ने अपने उद्बोधन में महिला संगठन के कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज भी प्रत्येक कार्यक्रम में समस्त पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बहनें एकजुट होकर सक्रिय सहभागिता निभाती हैं। इस सत्र में राष्ट्रीय महिला संगठन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बहनों एवं युवतियों को 'शक्ति वंदनम्Ó सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में निम्न विभूतियों को सम्मानित किया गया— प्रशासनिक अधिकारी (IPS) सौ. वेदिका बिहानी महिला उद्यमी सुश्री इशा झवर सैन्य अधिकारी सुश्री आरुषि बाहेती महिला उद्यमी सौ. शिप्रा राठी एडवोकेट विजया माहेश्वरी (कॉर्पोरेट लॉ विशेषज्ञ) कार्यक्रम का सफल संचालन समिति प्रभारी अनुराधा जाजू द्वारा किया गया। बालिका सुरक्षा अभियान के अंतर्गत संगठन द्वारा एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सर्वाधिक विद्यालयों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन कर गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया गया। इस अभियान के अंतर्गत संपूर्ण भारतवर्ष एवं नेपाल के 354 विद्यालयों में योग्य प्रशिक्षकों द्वारा 38,120 बेटियों को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए। इस महान कार्य के सफल संचालन में संस्कार सिद्धा समिति की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अंजलि तापडिया के नेतृत्व में उनकी संपूर्ण टीम, विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, स्थानीय जिला एवं तहसील स्तर के पदाधिकारी तथा संयोजिकाओं ने एकजुट होकर उल्लेखनीय योगदान दिया। त्रयोदश सत्र में यह तीसरा गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड संगठन के नाम दर्ज होना अत्यंत गर्व का विषय है। यह गौरवशाली उपलब्धि न केवल संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और समाज में बेटियों के लिए एक सुरक्षित एवं सशक्त वातावरण निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं, वर्ष 2026 में संगठन के 50 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस स्वर्णिम अवसर पर 51 दीप प्रज्वलित कर सुंदर गीत के साथ अतिथियों द्वारा स्वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ किया गया। संपूर्ण सभागार को स्वर्णिम आभा से सजाया गया, जिससे वातावरण अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण बन गया। संगठन के 50 वर्षों के गौरवशाली कार्यकाल में जिन बहनों ने अपनी अमूल्य सेवाएं दीं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दायित्व निभाया, उन्हें इस विशेष अवसर पर राष्ट्र की ओर से सम्मानित किया गया। महामंत्री ज्योति राठी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों द्वारा किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा उनका सामाजिक परिचय भी सभागार के समक्ष रखा। इस अवसर पर आदरणीय लता लाहोटी, गीता मूंदड़ा, विमला साबू, शोभा सादानी, सुशीला काबरा, कल्पना गगरानी, आशा माहेश्वरी, मंजू बांगड़ तथा अंत में नवनिर्वाचित अध्यक्ष ज्योति राठी को मंचासीन अतिथियों द्वारा राष्ट्र की ओर से सम्मानित किया गया। मध्यांचल उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला कलंत्री ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रथम उद्घाटन सत्र के समापन की घोषणा की।
द्वितीय सत्र - राष्ट्रीय कार्य समिति एवं कार्यकारिणी बैठक दोपहर 3 बजे से राष्ट्रीय कार्य समिति एवं कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ हुआ। आयोजक संस्था द्वारा सर्वप्रथम सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों, समिति प्रभारियों एवं तीनों स्थायी प्रकल्पों के पदाधिकारियों का दुपट्टा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। तत्पश्चात महामंत्री ज्योति राठी ने बैठक का संचालन संभालते हुए सर्वप्रथम महान शौर्य बलिदानियों एवं हमारे बीच से विछोहित हुए सदस्यों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित कराई। इसके बाद सभी का शाब्दिक स्वागत करते हुए अयोध्या में सम्पन्न नवम कार्य समिति एवं तृतीय कार्यकारिणी बैठक 'मानस सिद्धि' के कार्यवृत्त को सभागार की सहमति से अनुमोदित किया गया। राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़ ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सभी का अभिवादन करते हुए अपने कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा इस सत्र को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 'पर उपकार वचन, मन और कायाÓ केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि हमारे प्रत्येक विचार, निर्णय और कर्म की आधारशिला है। जब जनसेवा का भाव जीवन का संस्कार बन जाता है, तब प्रत्येक प्रयास उपकार में परिवर्तित होता है और हर कर्म समाज के लिए प्रेरणा बनता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन में हम सभी किसी पद की प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि सेवा के पथ पर अग्रसर होने के उद्देश्य से जुड़े हैं। अत: हमें पद के पीछे नहीं, बल्कि ऐसे कार्य करने चाहिए कि पद स्वयं हमारे पीछे आए। समिति प्रभारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न समितियों द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी रहे हैं। महामंत्री ज्योति राठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें समय-समय पर आत्ममंथन करना आना चाहिए—हमें यह देखना चाहिए कि जो कार्य हमें सौंपा गया था, क्या हमने उसे पूर्ण समर्पण के साथ निभाया। जिम्मेदारी चाहे छोटी हो या बड़ी, उसे पूरी निष्ठा और शिद्दत से निभाना ही एक सच्चे कार्यकर्ता की पहचान है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी समाधान निकालकर अपने दायित्वों को पूर्ण करना ही हमें विशिष्ट बनाता है। हमारी वाणी, व्यवहार और वक्तव्य में इतनी शक्ति है कि हम इससे दुनिया जीत सकते हैं, और यदि यही संतुलित न रहे तो हम हार भी सकते हैं। अत: सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ विचारों के साथ सामाजिक कार्य करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, हमें सदैव एक कार्यकर्ता की भावना से ही कार्य करना चाहिए। कोषाध्यक्ष किरण लड्डा ने पूरे सत्र का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। संगठन मंत्री ममता मोदानी ने विभिन्न प्रदेशों के संगठन मंत्रियों से किए गए पत्राचार, अपने भ्रमण और संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी सभागार के समक्ष रखी। सत्र संरक्षिका आदरणीय माँ रतनी देवी काबरा ने अपने आशीर्वचनों से सभी को प्रेरित किया। निवर्तमान अध्यक्ष आशा माहेश्वरी ने अपने मार्गदर्शन में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सुव्यवस्थित कार्यशैली पर प्रकाश डाला। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशीला काबरा ने माहेश्वरी महिला पत्रिका से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी अत्यंत सुंदर शब्दों में साझा की। महिला सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष ललिता मालपानी ने ट्रस्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को सभी के समक्ष रखा। इस सत्र में संगठन के विधान का नवीनीकरण भी किया गया। प्रादेशिक एवं जिला स्तर के विधान सभी को उपलब्ध कराए गए तथा विधान समिति प्रमुख मंगल मरदा ने इससे संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। अंत में महामंत्री ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्हें जो स्नेह, अपनापन, आदर और सम्मान मिला, वही उनकी सबसे अनमोल धरोहर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, समिति प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कोहिनूर की तरह संगठन को मजबूत बनाया। विशेष रूप से प्रांतीय समिति संयोजिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन किया। उन्होंने उन सभी प्रदेशों का भी हृदय से धन्यवाद किया, जिन्होंने बैठकों और कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया। 27 प्रदेशों के अध्यक्ष, सचिव एवं पदाधिकारियों ने कर्मयोगी बनकर प्रत्येक प्रकल्प में अपना अमूल्य योगदान दिया। अंत में उन्होंने कहा कि इस त्रिवर्षीय यात्रा ने यह विश्वास दिलाया है कि जब विचारों में स्पष्टता, कार्यों में निष्ठा और साथ में आप सबकी एकता हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इसी के साथ राष्ट्रीय बैठक का सफल समापन हुआ।
तृतीय सत्र - अवार्ड सेरेमनी संध्या 7 बजे तृतीय सत्र का शुभारंभ अत्यंत भव्य एवं आकर्षक वातावरण में हुआ। इस विशेष कार्यक्रम के लिए सुंदर एवं सुसंगठित संरचना की गई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़ के कुशल नेतृत्व में महामंत्री ज्योति राठी, नम्रता बियानी एवं माधुरी मोदी द्वारा कार्यक्रम का सफल संयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री एवं सभी केंद्रीय पदाधिकारियों द्वारा ईश्वर की कृपा को स्मरण करते हुए एक मनमोहक भजन पर प्रस्तुत नृत्य के साथ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं ऊर्जावान बना दिया। इस अवसर पर संगठन द्वारा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, केंद्रीय पदाधिकारियों, संरक्षक मंडल, आंचलिक पदाधिकारियों, विभिन्न समितियों के प्रभारी एवं सह-प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष एवं सचिव, कार्यसमिति बहनों, विशेष कार्यसमिति सदस्यों तथा इस पूरे सत्र में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले सभी सदस्यों को अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रदेशों को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के आधार पर 'कोहिनूर' एवं 'शालीमार' श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जो इस सत्र की विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम के दौरान सूरत जिला एवं गुजरात प्रांत की बहनों द्वारा समय-समय पर प्रस्तुत की गई सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए और पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की। आध्यात्मिक व्याख्यान दिनांक 13 अप्रैल 2026 को प्रात: 10 बजे आध्यात्मिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र के प्रमुख वक्ता श्री अरविंद साबू थे, जिन्होंने 'परम श्रेय क्या है' विषय पर अत्यंत प्रभावशाली और ज्ञानवर्धक उद्बोधन दिया। उनका यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायी रहा, जिसका सभी उपस्थित सदस्यों ने भरपूर आनंद लिया और अनेक महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की। उन्होंने सरल एवं सहज भाषा में समझाया कि किस प्रकार गृहस्थ जीवन एवं व्यापारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी व्यक्ति आध्यात्मिकता को अपने जीवन में समाहित कर सकता है। उन्होंने गीता और भागवत को आधार बनाकर जीवन की गहन सच्चाइयों को बड़े ही सरस और व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया। उनके विचारों ने सभी को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में यह अभिव्यक्ति दी कि इस प्रकार के आध्यात्मिक सत्र प्रत्येक बैठक का हिस्सा होने चाहिए। अभिनंदन समारोह राष्ट्रीय संगठन द्वारा नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री का भव्य अभिनंदन किया गया। सभी पदाधिकारियों को दुपट्टा पहनाकर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सुंदर एवं सुव्यवस्थित संचालन महामंत्री द्वारा किया गया, जिससे समारोह गरिमामय एवं प्रभावशाली बना। कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम में आवश्यक परिवर्तन करते हुए सर्वप्रथम आयोजन संस्था के उन सभी समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने विगत दो माह से इस कार्यक्रम की सफलता हेतु निरंतर अपना योगदान और सक्रिय सहभागिता दी। उनके अथक प्रयासों और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। चतुर्दश सत्र में केंद्रीय एवं आंचलिक पदाधिकारियों की घोषणा एवं अभिनंदन यह कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महामंत्री के नामों की घोषणा की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़ एवं सभी पूर्व अध्यक्षों द्वारा नवनिर्वाचित अध्यक्ष को ताज पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। वह क्षण अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय था, जब नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष का पूरा परिवार मंच पर उपस्थित हुआ। आयोजक संस्था द्वारा परिवारजनों का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया तथा परिवार द्वारा अध्यक्ष के जीवन की विशेषताओं का सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया गया। सूरत जिला, गुजरात प्रांत एवं मध्यांचल की बहनों ने अत्यंत स्नेहपूर्ण स्वागत एवं सम्मान किया। पूर्वोत्तर राजस्थान की पूनम दरगड़ द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष ज्योति राठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह उपलब्धि विगत 45 वर्षों की तपस्या का स्वर्णिम फल है। उन्होंने सभी बहनों से आह्वान किया कि इस डायमंड नगरी से हम सभी मिलकर अपने संगठन को एक अनूठे डायमंड परिवार के रूप में विकसित करने का संकल्प लें। उन्होंने संगठन के सहयोग एवं विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भगवान उमा-महेश से प्रार्थना की कि वे सभी को एक आदर्श कार्यकर्ता बनने की प्रेरणा दें। तत्पश्चात पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विमला साबू द्वारा अन्य केंद्रीय एवं आंचलिक पदाधिकारियों, कार्यालय मंत्री, प्रचार-प्रसार मंत्री, विधान समिति एवं महिला पत्रिका के अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई। अंत में जिला सचिव प्रतिभा मोलसरिया द्वारा प्रभावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन हुआ। सूरत में आयोजित यह बैठक सभी के मानस पटल पर अमिट छाप छोड़ गई। संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित रहा और प्रत्येक कार्यकर्ता ने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। आदरणीय विमला साबू के नेतृत्व में यह कार्यक्रम वास्तव में सफलता के शिखर को स्पर्श कर गया।
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| 05 May 2026 |
| नारी शक्ति का महाकुंंभ स्वर्णमंगलम के शंखनाद से गूंजायमान हुई सूरत की धरा, रचा गया स्वर्णिम इतिहास |
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| 05 May 2026 |
| अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन ने रचा इतिहास, आत्मरक्षा अभियान से बना वल्र्ड रिकॉर्ड |
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| 05 May 2026 |
| पंचांग और राशिफल |