अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन ने रचा इतिहास, आत्मरक्षा अभियान से बना वल्र्ड रिकॉर्ड

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन, जो एक व्यापक और सशक्त श्रृंखलाबद्ध संस्था है, देश-विदेश (भारत एवं नेपाल) में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष, कानपुर निवासी श्रीमती मंजू बांगड़ के नेतृत्व में 12 वर्ष से अधिक आयु की किशोरियों के लिए एक महत्वपूर्ण आत्मरक्षा राष्ट्रीय महाअभियान चलाया गया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों और किशोरियों को शारीरिक सुरक्षा, आत्मरक्षा कौशल, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता प्रदान करना था, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी संयमित और सक्षम रह सकें। श्रीमती बांगड़ का मानना है कि 'जब एक बेटी स्वयं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करती है, तभी पूरा समाज सशक्त बनता है।'

संस्कार सिद्धा समिति की राष्ट्रीय प्रभारी एवं इस अभियान की प्रकल्प प्रमुख अंजलि तापडिय़ा के कुशल नेतृत्व में इस योजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया। राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी सहित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

इस अभियान के अंतर्गत मार्शल आर्ट, सेल्फ डिफेंस तकनीक और विभिन्न शारीरिक प्रशिक्षण गतिविधियों को शामिल किया गया। देशभर के 354 विद्यालयों में 7 से 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें पुलिस, आरएसएस तथा विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी के सहयोग से योग्य प्रशिक्षकों द्वारा 38,120 बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सूरत में आयोजित राष्ट्रीय बैठक 'स्वर्णमंगलम' में संस्था के नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में एक और स्वर्णिम कीर्तिमान दर्ज हुआ। उल्लेखनीय है कि संस्था अब तक कुल 15 स्वर्णिम रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। इस सफलता के पीछे संगठन की समर्पित टीम, विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, जिला एवं तहसील स्तर के पदाधिकारी और संयोजिकाओं का सामूहिक प्रयास रहा, जिन्होंने एकजुट होकर इस संकल्प को सिद्ध किया।

यह गौरवपूर्ण उपलब्धि न केवल अन्य संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगी।

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