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महाशिवरात्रि पर्व पर रांची माहेश्वरी समाज के वरिष्ठ सदस्यों की प्रत्येक माह आयोजित 45वीं चौपाल में सदस्यों ने रांची से 25 किलोमीटर दूर ओरमांझी के उलातू में गगारी पर्वत पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर जिसमें केदारेश्वर स्वरूप स्वयंभू जुड़वा शिवलिंग प्रकट हुए हैं, का अभिषेक पूजन एवं दर्शन किया। गर्भगृह के बाहर भीम शिला के स्वरूप में नंदी जी विराजमान है। मंदिर के गर्भगृह में यह एहसास हो रहा था जैसे हम सचमुच केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में हैं। सकारात्मक ऊर्जा एवं भोलेनाथ का आशीर्वाद मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही जैसे प्राप्त हो गया हो।
चौपाल के संयोजक श्री राजकुमार मारू ने मंदिर के सौंदरीकरण के लिए चौपाल की तरफ से रूप 101000 सहयोग देने की घोषणा भी की। अभिषेक एवं पूजन कार्यक्रम के पश्चात रांची लौटने के क्रम में नेवरी विकास निवासी श्री मदन गोपाल मालपानी के निवास पर व्रतधारियों के लिए फलहार एवं अन्य सदस्यों के लिए स्वादिष्ट अल्पाहार की व्यवस्था थी। श्री मदन गोपाल मालपानी, श्री संजय मालपानी, श्री आनंद मालपानी, श्री राजा मुकेश मालपानी एवं श्रीमती रंजू मालपानी के आतिथ्य ने चौपाल के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया। बहुत ही आत्मीयता के साथ किए गए प्रबंधन को चौपाल के प्रत्येक सदस्य ने दिल से प्रशंसा की। समाज के सदस्यों का एक दूसरे से प्रेम व्यवहार का यह अनुपम उदाहरण था।
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