शिक्षा का नया आयाम - ताबिजी गांव के सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का पुनर्निर्माण
राजस्थान के अजमेर जिले के ताबिजी गांव स्थित सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही 350 छात्राओं की शिक्षा में एक नये अध्याय का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के कोषाध्यक्ष और प्रसिद्ध राष्ट्रीय संत, श्री गोविन्द देव गिरि महाराज की उपस्थिति खास रही। यह विद्यालय 1950 में स्थापित हुआ था और ताबिजी गाँव और उसके आस-पास के गाँवों में एकमात्र बालिका विद्यालय है। विद्यालय में कुल 11 कमरे हैं, प्रत्येक कमरे में 35 छात्रायें बैठ सकते हैं। छात्राओं को प्रबंधित करने के लिए 14 शिक्षक हैं। यहाँ नर्सरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई होती है। भूतपूर्व अध्यक्ष अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता जोधराज लड्ढा, जो ताबिजी में जन्मे थे और वर्तमान में कोलकाता में निवास करते हैं, ने इस अवसर पर गुरुजी की उपस्थिति के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। श्री लड्ढा पिछले 60 वर्षों से, समाज के हर वर्ग के लिए सेवा कर रहे है, अपने गांव में सभी का सहयोग करते रहे हैं, ताबिजी से हमेशा जुड़े हुए है। अपने भाषण में, श्री गोविन्द देव गिरि ने गाँव में लड़कियों के लिए शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह कैसे पूरे परिवार और समाज की प्रगति को सुनिश्चित करती है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा के प्रति समर्पण की आवश्यकता पर बल दिया और अपने जन्मस्थान को कभी न भूलने और गाँव में वापस जाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
विद्यालय को 1 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होने वाले पुर्ननिर्माण परियोजना के माध्यम से कई सुविधाओं से सम्पन किया गया। सभी कक्षाएं पुनर्निर्मित की गई। खुले मैदान को स्थायी टिन छाया से ढक दिया गया है। विद्यालय में छात्राओं की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। जोधराज लड्ढा और उनके परिवार को इस पहल के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विद्यालय की लड़कियां श्रीमद भगवद गीता के बारहवें अध्याय को ऑनलाइन सीखकर सात दिनों में सर्वाधिक लोगों को मोहित किया। यह संभव था केवल गीता परिवार की टीम के द्वारा। विद्यालय की छात्राओं ने भगवान राम पर एक छोटा संगीततात्मक नाटक का मंचन किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। यह पहल न केवल शिक्षण सुविधाओं को सुधारती है बल्कि ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी प्रदान करती है।
ताबिजी के निवासियों की ओर से स्थानीय व्यक्ति श्री सतीश सोमानी ने श्री जोधराज लड्ढा और उनके परिवार के योगदान की खूब प्रशंसा की और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद जताया। उन्होंने अतिथियों को बताया किया कि पिछले 60 वर्षों में श्री लड्ढा का ताबिजी के प्रति महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वे हमेशा गाँव के उत्थान के लिए मदद को तैयार रहते हैं। इस उद्घाटन अवसर पर शामिल मेहमानों को गुरु गोविन्द देव गिरिजी द्वारा लिखी गई पुस्तक राम कथा वितरित की गई। छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल बैग वितरित किए गए। कार्यक्रम में लगभग 2000 मेहमान शामिल हुए, जिनमें प्रमुख थे रवि तोषनीवाल, मनोज शारदा, पूर्व ढ्ढ्रस् श्रीकांत बाल्दी, जयपुर से अरुण अग्रवाल और इंदौर से राम अवतार जाजू।
कोलकाता से लड्ढा और उनके परिवार के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में - श्री जोधराज लड्ढा और श्रीमती सूरज देवी लड्ढा, श्री अरुण लड्ढा और श्रीमती अनीता लड्ढा, श्री अविनाश लड्ढा और श्रीमती वर्णिका लड्ढा, श्रीमती अभा बजोरिया और श्री ध्रूव बजोरिया, कुमार अनिरुद्ध लड्ढा, श्री संजय कुमार लड्ढा और श्रीमती निशा लड्ढा, कुमारी नूपुर लड्ढा, कुमारी आकांक्षा लड्ढा, श्री अजय लड्ढा और श्रीमती मृदुला लड्ढा, कुमार देवांग लड्ढा, कुमारी अंजली लड्ढा, श्री मनोज लड्ढा और श्रीमती मीनाक्षी लड्ढा, कुमार कुशाग्र लड्ढा और कुमार जयत्र लड्ढा आदि उपस्थित थे। अन्य मेहमानों में श्रीमती संगीता बजोरिया, श्री नरेश गुप्ता और श्रीमती कविता गुप्ता, श्री सतीश काबरा और श्रीमती रानी काबरा, श्री ललित तोषनीवाल और श्रीमती कुसुम तोषनीवाल, श्री रमेश चांडक और श्रीमती सुमन चंाडक, श्री राज झंवर, श्री प्रवीण गग्गर और परिवार, दिल्ली से श्री गिरधर जैथलिया और श्रीमती आशा जैथलिया, अजमेर से श्रीमती सीता जैथलिया, श्री मोहन और चंदा बूब, श्री त्रिलोकचंद राजकंवर मुंदड़ा और परिवार, श्री प्रशांत और रीना अग्रवाल, श्री राजेंद्र प्रसाद और मुंदड़ा परिवार, श्रीमती सीता मुंदड़ा और परिवार, श्री घनश्याम काबरा और परिवार, श्री अविनाश लड्ढा और परिवार, श्री चेतन मढ्ढलू और परिवार, श्री सुधीर मुंदड़ा और परिवार, ताबिजी/अजमेर से श्री सोमानी परिवार, इंदौर से श्री बी.के. राठी और श्रीमती कल्पना राठी, जयपुर से श्री अरुण काबरा और श्रीमती गरिमा काबरा, श्रीमती गीता झंवर, श्री अशोक फलोर और परिवार, हैदराबाद से श्रीमती लक्ष्मी देवी लड्ढा, श्री प्रकाश चंद्र गिल्डा और श्रीमती विमला गिल्डा और श्री उद्दव नारायण गिल्डा, मकराना से श्री महेश झंवर और श्रीमती शारदा झंवर, किशनगढ़ से श्री सरस्वती मुंधर और परिवार उपस्थित थे।
स्थानीय निवासियों में गाँव के प्रमुख श्री गेना, सुनील जैन, कमल लड्ढा, महेंद्र सोमानी, सत्यनारायण मूंधड़ा और ललित तोषनीवाल ने विद्यालय के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान किया। प्रधानाध्यापिका शोभा देवी और पूरे विद्यालय के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक इस पहल में भाग लिया, जिससे परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
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