अ.भा.माहेश्वरी महिला संगठन की स्वयंसिद्धा समिति द्वारा किया गया नई दिशा-स्त्री और राजनीति कार्यक्रम का सफल आयोजन
अ.भा.माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजु बांगड़ तथा राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी के प्रभावी नेतृत्व में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की 'स्वयंसिद्धा समिति' द्वारा अनूठी पहल नई दिशा - स्त्री ओर राजनीति का सफल आयोजन 29 मार्च को ज़ूम सभागार में, तृतीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक के द्वितीय दिवस मंगल शक्ति 2024 के अंतर्गत हुआ। राजनीति का कार्यक्षेत्र महिलाओं के लिए उपयुक्त है या नहीं, कहाँ और कैसी दिक्कतें आती हैं और महिलाएं उनमें से कैसे अपना रास्ता निकालती हैं, इस पर सभी ने अपने विचार रखे। नारी की संवेदनशीलता, घर और राजनीति में सामंजस्य, अच्छे राजनीतिज्ञ के गुण और सुशासन से कैसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है - इन विषयों पर गहन विचार विमर्श हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध राजनैतिक वक्ता छवि राजावत, दीप्ति किरण माहेश्वरी, डॉ. किरण बेदी उपस्थित थे।
भारत की पहली सबसे काम उम्र की महिला एमबीए सरपंच छवि राजावत, जो 2 बार जयपुर के पास सोडा गांव की सरपंच रह चुकी हैं और बहुत सारे सामाजिक प्रकल्पों में कार्यरत हैं। उन्होने कहा प्रायवेट सेक्टर और नॉन प्रॉफीट के साथ में गवर्नमेंट के रिर्सोसेस का फायदा लेना चाहिए संवेदनशीलता कमजोरी ना समझकर ताकत बनाए।
हमारे समाज का गौरव दीप्ति किरण माहेश्वरी, राजसमन्द विधानसभा से निर्वाचित विधायक हैं ने कहा कि बच्चों को सोशल सर्विसेस मे आने के लिए प्रेरित करे वह सिस्टम मे आयेंगे तभी कुछ काम समझेंगे और बदलाव भी कर पायेंगे।
24TH LT GOVERNOR of PUDUCHERRY, भारत की पहली महिला IPS अफसर, UNITED NATIONS की भूतपूर्व CIVILIAN POLICE ADVISOR, MAGSYASAY AWARD की विजेता और ऐसे ही अनेक उपलब्धियों से भरपूर डॉ. किरण बेदी ने कहा कि महिलाओ को धीरे धीरे आगे बढना चाहिए तभी अपने कल्चर मे और सोशल मे नई दिशाये दे पायेगी। बेटी बेटे मे फर्क ना करे दोनो मे हर मामले मे समानता रखे।
महिलाएं राजनीति में कैसे अपना स्थान बना सकती हैं अपने विवेक, संयम और कर्मठ व्यवहार के सकारात्मक योगदान से कोई भी राज्य को राम राज्य में परिवर्तित कर सकती हैं, इस विषय पर गहन चर्चा हुई। तीनों राजनीतिज्ञों के कार्यक्षेत्र अलग होने की वजह से हमें, हर स्तर की कार्यप्रणाली, उनके अलग दृष्टिकोण और उनके अनुभव जानने और समझने का मौका मिला।
राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी के सुंदर संचालन, राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजु बांगड के स्नेहिल स्वागत उद्बोधन ने सभी का दिल छू लिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा नारी समाज की वह सशक्त धूरी है जिस पर संपूर्ण समाज का विकास टिका है। इसीलिए किसी भी समाज की सभ्यता की कसौटी उस समाज में प्राप्त महिलाओं का दर्जा है। जिस समाज की महिलाएं जितनी अधिक अधिकार संपन्न और सम्मानित होगी वह उतना ही श्रेष्ठ माना जाएगा।
समिति प्रदर्शक गिरिजा सारडा का संयोजन और सुंदर मंच संचालन, समिति प्रभारी निर्मला मल्ल की कुशलता और सह प्रभारी पारुल साबू, कांचन राठी, राजश्री मोहता, मनीषा लढ्ढा, स्वाति काबरा के प्रयास सराहनीय थे। सुंदर प्रेरणा गीत तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
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