अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा 'एक शाम प्रभु श्री राम के नाम' कार्यक्रम का वर्चुअल भव्य आयोजन

राष्ट्रीय महिला संगठन की संस्कृतिसिद्धा आध्यात्म व परंपरा समिति के द्वारा प्रभु श्रीराम लला मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 19 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय स्तर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम 'एक शाम प्रभु श्रीराम के नाम' लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महेश वंदना तथा समाज गौरव आत्म बलिदानी श्री कोठारी बंधुओं व श्री अविनाश माहेश्वरी का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि प्रदान करते हुए हुआ। राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी द्वारा वर्चुअल प्रांगण में उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़, राष्ट्रीय युवा संगठन के अध्यक्ष श्री शरद सोनी, सम्माननीय संरक्षक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा विशिष्ठ विभूतियो एवं संगठन की सभी बहनों का स्वागत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड ने वर्चुअल प्रांगण में उपस्थित समस्त राम भक्तों का अभिवादन करते हुए आगामी 22 जनवरी 2024 प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष में उन्हें बधाई देते हुए कहा 500 वर्षों के लंबे संघर्ष तथा इंतजार के बाद यह सुंदर योग बन रहा है और हमारी पीढ़ी को इस स्वर्णिम पल का साक्षी बनने का अनुपम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। आज हमारे राम जन्मभूमि आंदोलन में समाज के स्वजनों विशेष रूप से परम श्रद्धेय श्री राम कोठारी श्री शरद कोठारी तथा अविनाश माहेश्वरी द्वारा दिया गया आत्म बलिदान भी मानो सार्थक हो रहा है। प्रभु श्री राम जिनके व्यक्तित्व में दया सेवा सदाचार कर्तव्यबोध त्याग समर्पण बलिदान जैसे गुणों का समावेश था विषम परिस्थितियों में भी नीति सम्मत रहे और मर्यादा का पालन करते हुए सुखी राम राज्य की स्थापना की ऐसी प्रभु श्री राम को हम अपना रोल मॉडल बनाएं।
 

इस खुशी के अवसर पर पांचो अंचल के नेपाल चैप्टर सहित 27 प्रदेशों की भागीदारी रही। इस कार्यक्रम को राम संवाद स्पर्धा के रूप में संदेशात्मक भावनाओं से सजाया गया गया। राष्ट्रीय समिति प्रभारी श्रीमती प्रेमा झंवर ने कार्यक्रम की संरचना पर जानकारी दी। समिति प्रदर्शक निशा लढ्ढा द्वारा संचालन करते हुए सर्वप्रथम आज से 33 वर्ष पूर्व अयोध्या में कोठारी बंधुओ की कार सेवा करते हुए आत्म बलिदान की घटना को दर्शाया गया जिसे देखकर सभी करुणा विव्हल हो गए। सभी अंचल के सह प्रभारी ने कविता के रूप में भगवान राम का वंदन किया।
तत्पश्चात कार्यक्रम में पूर्वांचल से राम-हनुमान, पश्चिमाचंल से राम-केवट, मध्यांचल से राम-जटायु, उत्तरांचल से राम-शबरी, दक्षिणाचंल से राम- विभीषण पर राम के साथ संवाद स्पर्धा नृत्य नाटिका के रुप में किया गया। जिसमें हनुमान-भक्ति में शक्ति का संदेश, केवट-जिसने भगवान की क्षमता को समझ लिया। वो केवट की भांति अपने जीवन को सार्थक बनाकर जीवन नैया को भवसागर से पार कर लिया लिया। जटायु - महिलाओं का सम्मान और जीव जन्तु के प्रति अनुराग का संदेश शबरी - समाजिक समरसता का संदेश विभीषण - सत्य मार्ग पर चलने का संदेश। सभी प्रसंग एक से बढ़कर एक थे। जिसमे उपाधि स्वरूप पुरस्कार दिए गये। मध्याचंल - राम सिद्धी, पश्चिमाचंल - राम सुवर्णा, दक्षिणाचंल - राम रत्न, उत्तरांचल - राम मणी, पूर्वांचल - राम प्रभा।


कार्यक्रम से पांच दिवस पूर्व सभी को निमंत्रण भेजने की श्रृंखला में और बच्चों को अपनी संस्कृति से रुबरु कराने के लिए उन नन्हे बच्चों के ही मुख से राम भजनो के द्वारा निमंत्रण भेजा गया। इस प्रयास को सभी ने बहुत सराहा। कार्यक्रम में रा.अध्यक्ष मंजू बांगड, रा.महामंत्री ज्योति राठी, युवा संगठन के रा. अध्यक्ष शरद सोनी, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा माहेश्वरी, सभी रा.पदाधिकारी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष लता लाहोटी, गीता मूंदड़ा, शोभा सादानी, सुशील काबरा, संरक्षक रत्नी मां का अमूल्य आशीर्वाद मिला। सभी ने कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि संपूर्ण कार्यक्रम एक चलचित्र की भांति रामानंद सागर की रामायण की अनुभूति का अहसास करा गया जिसके लिए राष्ट्रीय महिला संगठन सभी नेतृत्वशील बहनों, समस्त प्रतिभागियों एवं आयोजक संस्कृति सिद्धा समिति राष्ट्रीय प्रभारी, प्रदर्शक, सह प्रभारी श्रीमती अंजू जाजू, श्रीमती शोभा लखोटिया, श्रीमती श्यामा तापडिय़ा, श्रीमती पुष्पा सोमानी, श्रीमती सुलोचना बल्दुआ एवं उनकी टॉप टू बॉटम टीम के प्रत्येक सदस्य को हार्दिक बधाई। कार्यक्रम को टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुंदर स्वरूप देकर सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने के लिए समिति प्रदर्शक निशा लड्ढा का अतिशय धन्यवाद। राष्ट्रीय महामंत्री द्वारा आभार ज्ञापन तथा राष्ट्रगान से कार्यक्रम समाप्त हुआ।


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