भावी पीढ़ी को जीनियस बनाएं - शोधकर्ता एवं बाल विशेषज्ञ श्री रमेश परतानी ने दिए टिप्स

मध्य राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा एवं अजमेर जिला माहेश्वरी सभा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के राजीव गांधी सभागार में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा के मुख्य आतिथ्य में महासभा की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक अपनी अगली पीढ़ी को जीनियस बनायें विषय पर एक उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। विषय के मर्मज्ञ हैदराबाद से पधारे विशेषज्ञ श्री रमेश परतानी ने आध्यात्मिक शुरुआत के तीन बार उच्चारण तथा वैदिक श्लोक तमसो मा ज्योतिर्गमय के उच्चारण और भावपूर्ण व्याख्या के साथ कार्यशाला की सशक्त माध्यम से अपने उद्बोधन का आगाज़ किया। श्री रमेश परतानी ने आध्यात्मिक और वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ विषय को सशक्त तरीके से उठाते हुए गर्भाधान पूर्व से गर्भवती महिलाओं के नौ माह के गर्भकाल के समय का महत्व बताया। उन्होंने गर्भाधान संस्कार के आध्यात्मिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए जोर देकर कहा कि पति-पत्नी में प्रेम और मैत्रेय भाव रहे और उचित-अनुचित की समझ के साथ गर्भाधान किया जाना भावी पीढ़ी को जीनियस बनाने का पहला कदम है। प्रसव पूर्व नौ महीने के गर्भकाल में भावी माता को गर्भ में पल रहे अपने बच्चे से नियमित बात कर, अपनी दिनचर्या में आध्यात्म को सम्मिलित कर उचित स्वाध्याय के माध्यम से गर्भ में ही होने वाले बच्चे में संस्कारों का बीजारोपण किया जाए तो संस्कारवान संतति उत्पन्न होगी। गर्भावस्था में मां के मन में जो विचार उत्पन्न होते हैं उनका गहन असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण महाभारत के उस प्रसंग में मिलता जिसमें अभिमन्यु को चक्रव्यूह को भेदने का ज्ञान मां के गर्भ में ही हो गया था। अनेक बच्चे गर्भ में ही गणित और विज्ञान के सूक्ष्म सूत्र समझ कर पैदा हुए हैं।
श्री रमेश परतानी जी ने उपस्थित माता-पिता और सभासदों को पावर पोइंट प्रजेंटेशन की सहायता से बच्चे के जन्म से लेकर पन्द्रह वर्ष की उम्र तक के विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स डिजाइन किया है जिसे 0-6 वर्ष और 6-15 वर्ष के आयु समूह में विभाजित किया है।
अपने सारगर्भित उद्बोधन के पश्चात श्री रमेश परतानी जी ने द्वितीय सत्र प्रारम्भ करते हुए सभागार में उपस्थित माता-पिता और अभिभावकों से अपनी जिज्ञासाओं के सम्बन्ध में प्रश्नोत्तर सत्र प्रारम्भ किया। सभागार में उपस्थित माताओं और पिताओं ने अनेक प्रश्न और जिज्ञाशाएं रखी जिनका दमदार समाधान  श्री परतानी जी ने सदन के समक्ष रखें।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में मध्य राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेशाध्यक्ष श्री गोपीकिशन बंग ने आगन्तुक अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। महासभा कार्यसमिति सदस्य और निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष श्री विजय शंकर मून्दडा ने श्री रमेश परतानी का परिचय कराते हुए बताया कि विषय पर गहन चिंतन और वैक्षानिक शोध के पश्चात श्री परतानी ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ अपनी शोध को आध्यात्मिक सोच के साथ जोड़ कर नायाब कार्य किया है।
इस अवसर पर श्री अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा ने अपने उद्बोधन में जोधपुर में आयोजित  30 वें सत्र की प्रथम कार्यसमिति बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी दी और उन्हीं में से एक भावी पीढ़ी को जीनियस बनायें कार्यक्रम के अन्तर्गत मध्य राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा द्वारा आज के कार्यक्रम को आयोजित की पहल की प्रशंसा की। साथ ही महासभा की दूसरी फ्लैगशिप योजना मिशन आईएएस - 100 की चर्चा करते हुए पुन: मध्य राजस्थान प्रादेशिक सभा और अजमेर जिला सभा के विगत अनेक वर्षों से इस योजना पर कार्य करने पर साधुवाद दिया। सभापति ने स्वागत सत्कार पर समय जाया नहीं करने पर जोर दिया। सभापति ने युवा माहेश्वरी वर्ग के लिए उद्यमिता योजना की भी जानकारी दी। ऐसे नवाचार आगे भी जारी रखने का आश्वासन सभापति दिया।
महासभा में पश्चिमांचल से संयुक्त मंत्री श्री रमाकान्त बाल्दी ने कार्यशाला में माता-पिता और अभिभावकों को ऐसे नवाचार से रुबरु कराने के लिए महासभा सभापति श्री संदीप काबरा और श्री रमेश परतानी के प्रति साधुवाद व्यक्त करते हुए आभार जताया। अन्त में अजमेर जिला माहेश्वरी सभा के जिलाध्यक्ष श्री संदीप मून्दडा ने सभापति का आभार प्रकट करते हुए बताया कि उनके छोटे से निवेदन को स्वीकार कर अपने यात्रा प्रोग्राम में परिवर्तन कर कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दी, इससे कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता श्री रमेश परतानी का आभार जताते हुए कहा कि इन्होंने एक सुन्दर कार्यशाला के माध्यम से भावी पीढ़ी को जीनियस बनाने की महत्वपूर्ण टिप्स से सभी का ज्ञानवर्धन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदेश मंत्री श्री एस डी बाहेती ने किया।
प्रवक्ता श्री अशोक राठी ने बताया कि राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर सर्व श्री मदन बाल्दी, सूरजनारायण लखोटिया, राजेन्द्र चौधरी, ज्वालाप्रसाद कांकाणी, राधेश्याम पोरवाल, अशोक जैथलिया, जयदेव सोमानी, अरविन्द चाडक, ललित नवाल, मंजू मुरक्या, सुमन बांगड़, जगदीश झंवर, डॉ. श्याम भूतड़ा, राकेश झंवर, मुकेश मून्दड़ा, धर्मेन्द्र कांकाणी, अनिल बियाणी, डॉ. एल.एन. बल्दुआ, रमेश चितलांग्या, सत्यनारायण सोमानी, गोपाल बियाणी, रामपाल तोषनीवाल, बद्रीनारायण नवाल, ओमप्रकाश लोगड़, राजकुमार सारड़ा, लक्ष्मीनारायण डोडिया, नवल मंत्री, सत्यनारायण झंवर, पवन कुमार दूदानी, ताराचन्द माहेश्वरी, उमेश गर्ग, सुखेश असावा, कृष्णअवतार भंसाली, सत्यनारायण भंसाली, सुभाष मुरक्या, कमल मून्दड़ा, विष्णुगोपाल सोमानी, राधेश्याम सोमानी, ओमप्रकाश गुप्ता, शंशाक बजाज, अजय कुमार ईनाणी, भगवानदास डागा, अशोक मालानी, सुरेन्द्र लखोटिया आदि उपस्थित थे।
( Connecting with social media platform )
App | Old Edition   | Facebook   | Youtube   | Instagram
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

Latest News


विज्ञापन