साहित्यिक रचना करना रचनात्मक कार्य - प्रो. डॉ. बिनानी
पर्यटन लेखक संघ - महफिले अदब के संयुक्त तत्वावधान में होटल मरुधर हेरिटेज में साप्ताहिक त्री भाषा काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें हिंदी, उर्दू व राजस्थानी के अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. टी के जैन थे। अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य, चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी की। अपने अध्यक्षीय उद्बोद्धन में प्रो. डॉ. बिनानी ने कहा कि साहित्यिक रचना करना रचनात्मक कार्य है। इसके लिए बौद्धिक ज्ञान व संवेदना की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए के पूर्व प्राचार्य, चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने वर्तमान समय में युवाओं पर केंद्रित रचना प्रस्तुत की। डॉ. जिया उल हसन कादरी, वली मोहम्मद गौरी वली रजवी, कवि कमल किशोर पारीक, कवि इमदादुल्लाह बासित, रहमान बादशाह अमर जुनूनी आदि सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी अपनी शानदार रचनाएं प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी में समां बांध दिया। मुख्य अतिथि डॉ. टी के जैन ने सभी रचनाओं की सराहना की। उन्होंने ऐसी काव्य गोष्ठियों की महत्ता को उजागर किया। अंत में राजस्थान उर्दू अकादमी के सदस्य असद अली असद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ जिया उल हसन कादरी ने किया।
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