निरोगी काया : परम सुख का आधार बांगड़ मेडिकल वेलफेयर का संकल्प
यह सच है कि आज के केमिकल युक्त खाद्य से बीमारी घर-घर में घुस गई है । रोग की छाया अमीर-गरीब नहीं देखती । धनाढ्यवर्ग तो उपचार कहीं भी-कैसे भी करा लेता है , पर मध्यमवर्ग और निर्धनवर्ग तो बीमारी से पिस जाता है ।
हालाँकि विभिन्न सरकारें अस्पताल चलाने में कोई कसर तो नहीं छोड़ती , पर यह व्यवस्था आज भी "ऊंट के मुँह जीरा" ही है । अब तो इलाज बहुत महंगा हो गया ।
ऐसी दुष्कर परिस्थितियों को भांप कर अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा की प्रेरणा से श्री बेणीगोपालजी हरिमोहनजी बांगड़ परिवार ने आगे आकर श्री बांगड़ माहेश्वरी मेडिकल वेलफेयर सोसाइटी की स्थापना कर सारी व्यवस्था श्री रामपाल जी सोनी सौंप दी । मुख्य सहयोगकर्ता बांगड़ परिवार के साथ ही आज इस ट्रस्ट में सैंकड़ो सहयोगी सदस्य जुड़ चुके हैं ।
इस संस्था के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग ₹1.50 करोड़ से भी अधिक की सहायता त्वरित गति से विभिन्न रोगोपचार हेतु जरुरतमंद बंधु-भगिनों को जा रही है ।
आकस्मिक समय पर ऐसी सहायता मिलने पर अंतिम छोर पर खड़ा परिवार कितनी राहत महसूस करता है , साधारण दृष्टिकोण से तो यह अकल्पनीय है , पर जब रोगी निरोग हो जाता है तब वह अपनी खुशी अबोल आशीर्वाद से अंतरिक्ष को महका देता है । इसे ही मारवाड़ी में आंतड़ियों से निकला आसीस कहते हैं । और सही मायने में यही फलीभूत होता है ।
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