कवयित्री प्रो. आशा 'पंकज' मूंदड़ा पाली को नेपाल से मिला स्त्री शक्ति सम्मान
लुंबिनी (नेपाल), 8 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पाली (राजस्थान) की कवयित्री एवं सहायक आचार्य प्रो. आशा 'पंकज' मूंदड़ा को नेपाल में स्त्री शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
संस्था द्वारा नेपाल-भारत मैत्री विकास, मिथिला तथा अवध सांस्कृतिक पर्यटन विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण-संवर्द्धन तथा हिंदी और नेपाली भाषा को मैत्री भाषा के रूप में प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में नेपाल, भारत सहित विश्व के सात देशों की लगभग 300 महिला कवयित्रियों, लेखिकाओं, समाजसेविकाओं और शिक्षिकाओं को ई-प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रो. आशा 'पंकज' मूंदड़ा जिले की एक प्रसिद्ध लेखिका-कवयित्री हैं और वर्तमान में बांगड़ महाविद्यालय में सहायक आचार्य के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उनकी सैकड़ों रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका एकल काव्य संग्रह 'प्रियदर्शिनी' भी प्रकाशित हो चुका है।
संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु ने प्रो. आशा 'पंकज' मूंदड़ा को सम्मानित करते हुए कहा कि राजस्थान की धरती बहुमुखी प्रतिभाओं से समृद्ध है। ऐसी होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित कर संस्था को गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी रचनात्मक प्रतिभाओं को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा भी आर्थिक सहयोग व प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
सम्मान ग्रहण करते हुए प्रो. आशा 'पंकज' मूंदड़ा ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शब्द प्रतिभा फाउंडेशन साहित्य सर्जकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है, जो देश-विदेश के कवियों, लेखकों, साहित्यकारों और शिक्षकों को सम्मानित कर उन्हें प्रेरित कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभा चयन समिति संयोजक डॉ. प्रीति प्रसाद 'प्रीत' ने सम्मानित सभी प्रतिभाओं को बधाई देते हुए भविष्य के आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।
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