तिनसुकिया माहेश्वरी समाज का संगठन आपके द्वार कार्यक्रम 2.0 का शुभारंभ एवं पिकनिक के आयोजन पर चर्चा

संगठन आपके द्वार कार्यक्रम के अन्तर्गत माहेश्वरी पारिवारिक मिलन समारोह की अगली कड़ी में 21 दिसम्बर 2025 का कार्यक्रम श्री रतन प्रवीण कलंत्री के निवास स्थान, परबतीया, तिनसुकिया पर आयोजित किया गया, जिसमें समिति, महिला व युवा तीनों वर्गों के 28 सदस्यों ने भाग लिया। श्री गणेश जी, भगवान महेश, ईष्ट कुलदेवी व वीराजमान सभी देवी देवताओ की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित करके, कार्यक्रम को शुरू किया गया। तिनसुकिया माहेश्वरी परिवार के सदस्य व सदस्यों के रिश्तेदारों के स्वर्गवास व देश विदेश में हुई ऐसी धटनाओं पर श्रद्धांजलि दी गई। 

संगठन आपके द्वार कार्यक्रम के पहले दौर का यह अंतिम प्रोग्राम था, नए साल से 2.0 (दुसरे) दौर की शुरुआत करेंगे, जिसमें तिनसुकिया शहर में घर-घर कार्यक्रम के साथ, अंचल भ्रमण, जिसमें तिनसुकिया से 8-10 सदस्यों की टीम आसपास के टाउन में जाएगी, वहां के एक या दो परिवारों के घर पर उस टाऊन के लोकल सदस्यों के साथ एक घंटे का कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। इस कार्यक्रम को बाकी समाज ने भी अपनाया है। पूर्वोतर के अध्यक्ष श्री बासु दम्मानी व उनकी टीम ने कार्यक्रम को अपने मुख्य एजेण्डा मे लिया था। अखिल भारतीय स्तर पर भी यह कार्यक्रम अपनाया जा चुका है। 

समाज के किसी भी परिवार में कोई दुखद घटना हो जाए तो, उस परिवार को अपने घर का सदस्य समझकर, हमें वंहा उपस्थित होकर उस परिवार की हिम्मत बढ़ानी चाहिए। इस बारे में चर्चा की गई। नव वर्ष के अवसर पर पिकनिक के आयोजन पर विस्तार से चर्चा की गई, इस कार्यक्रम के लिए संदीप बाहेती, दीपक कासट व रतन कलंत्री को जिम्मेवारी दी गई। 

युवा वर्ग (युवक, युवतिया, बहुए, बेटे) जो हमारी रीढ़ की हड्डी है, उन्हें कैसे आगे लाया जाए, इस पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया, इस बारे में वरिष्ठ सदस्य श्री सत्यनारायण सारडा ने एक सुझाव दिया, 26 जनवरी को सभी परिवारों को महेश भवन मे आमंत्रित किया जाए, उस दिन झण्डा फहराने से लेकर, सवेरे का नाश्ता व दोपहर के खाने की व्यवस्था रखी जाए, रजनी सारडा ने सुझाव दिया इस कार्यक्रम को करने के लिए पूरी जिम्मेदारी युवा वर्ग को दी जाए। युवा वर्ग से सम्पर्क करने व इस कार्यक्रम तक युवाओं के साथ रहने की जिम्मेवारी श्री सुनील साबु, प्रवीण परवाल व मुरली सोनी को सौंपी गई। 

श्री रघुनंदन चन्द्रकला बाहेती ने अपनी बहु को बेटी बनाकर, उसकी शादी कर उसे ससुराल भेजकर, एक नया जीवन दिया, इस कार्य के लिए उपस्थित सभी सदस्यों ने उनकी बहुत सराहना की। तिनसुकिया महेश भवन के नवीनीकरण (रीनोवेशन) पर चर्चा की गई व आगे भी इस कार्यक्रम में इस पर विचार- विमर्श करके इसकी एक रुप रेखा बनाकर ट्रस्ट को सौंपी जाए। 

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