संबलपुर में उत्कल प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन का अधिवेशन उत्कृषा का आयोजन हुआ
संबलपुर। माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा 4 एवं 5 सितम्बर को संबलपुर के वेलकम रिज़ॉर्ट में उत्कल अधिवेशन उत्कृषा का भव्य आयोजन किया गया। इस अधिवेशन में उत्कल माहेश्वरी महिला संगठन के 15 जिलों में से 13 जिलों की 160 से अधिक महिलाओं ने शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में समाजसेवी श्री हनुमान प्रसाद मूंदड़ा (संबलपुर) उद्घाटनकर्ता रहे, मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ (कानपुर) उपस्थित हुई। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी (रायपुर), भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा सादानी (कोलकाता), राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण लढ्ढा (दिल्ली), राष्ट्रीय पूर्वाचल उपाध्यक्ष श्रीमती गिरिजा सारड़ा (विराटनगर, नेपाल), राष्ट्रीय पूर्वांचल संयुक्त मंत्री श्रीमती निशा लढ्ढा (कोलकाता), उत्कल सभा अध्यक्ष श्री सुशील राठी (बालेश्वर), पूर्व उत्कल सभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर माहेश्वरी (ढँकानाल), सम्मानित अतिथि श्री घनश्याम पेड़ीवाल (भुवनेश्वर), उत्कल युवा अध्यक्ष श्री अरुण राठी (बालेश्वर), उत्कल युवा सचिव श्री रोहित काबरा (राउरकेला), सभा संबलपुर जि़ला अध्यक्ष श्री देव किशन राठी, महिला उत्कल प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता मूंदड़ा (संबलपुर), राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्रीमती सुनीता राठी (बालेश्वर), सचिव श्रीमती शशि डागरा (कटक), संबलपूर महिला अध्यक्ष श्रीमती रचना सारड़ा एवं सचिव श्रीमती लता मूंदड़ा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी माननीय अतिथियों और विशेष मेहमानों का स्वागत संबलपुरी दुल दुली बाजा की गूंज के साथ, तिलक की परंपरा द्वारा, राखी की पावन डोर से और साफ़ा की शान के साथ मंच पर पधारने से हुआ। तत्पश्चात माँ समलेश्वरी एवं भगवान उमामहेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर अधिवेशन का औपचारिक आरंभ किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद विघ्नहर्ता मंगलमूर्ति श्री गणेश जी की वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसकी प्रस्तुति समाज के सक्रिय सदस्य श्री सुरेश जी मूंदड़ा ने किया।
प्रथम सत्र - महिलाओं की प्रगति पर चर्चा
पहले सत्र में सभी गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में शिक्षा की महत्ता पर बल दिया और कहा कि आज की महिलाएँ केवल घर की जिम्मेदारियाँ ही नहीं निभा रहीं बल्कि योग, व्यवसाय, शिक्षण, चिकित्सा, चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
इस दौरान अंगुल-तालचेर ढेंकानाल, बड़बिल-कैवैंझर, बालेश्वर, बारीपदा-मयूरभंज, बरगढ़, भद्रक, भुवनेश्वर, ब्रजराज नगर, ब्रह्मपुर-गंजाम, झाडसुगुड़ा, जाजपुर, कटक, मलकानगिरी, संबलपुर और राउरकेला-सुंदरगढ़ की महिलाएँ शामिल हुई। अधिवेशन के प्रथम सत्र का मंच संचालन लता मूंदड़ा और पलक मूंदड़ा ने किया
द्वितीय सत्र - सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम
दूसरे सत्र में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुई, जहाँ प्रत्येक जि़ले को अलग-अलग विषय दिए गए थे। इनमें ऑपरेशन सिंदूर, बेटी ब्याहो बहु पढ़ाओ, अर्धनारीश्वर, नवदुर्गा, द्रौपदी चीरहरण, सीता से सुनीता, राधा बनाम मीरा और हास्य नाटिकाएँ शामिल थीं। सभी प्रस्तुतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली रहीं। द्वितीय सत्र का मंच संचालन रूचि सरडा और संध्या सरडा ने संभाला।
तृतीय सत्र - समाज उत्थान व सम्मान समारोह
अधिवेशन के दूसरे दिन तृतीय सत्र का आरंभ हुआ। इसमें दस सहयोगिकाओं ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास और संस्कार जैसे विषयों पर समाज उत्थान का संदेश दिया। यह शिक्षक दिवस के अवसर पर समर्पित था। इसके बाद एक विशेष सरप्राइज़ के तहत प्रत्येक गणमान्य अतिथि को समर्पित गीत प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत सभी जिलों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों द्वारा बैनर प्रस्तुति (रैम्प वॉक) आयोजित की गई।
कार्यक्रम का समापन एक भव्य सम्मान समारोह के साथ हुआ। इसमें सभी जिलों के अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। अंत में संबलपुर माहेश्वरी महिला समिति की सचिव श्रीमती लता मूंदड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। तृतीय सत्र का सफलतापूर्वक मंच संचालन विशाखा राठी, शशि डोंगरा (कटक), नीलिमा राठी (बालेश्वर) और पलक मूंदड़ा ने मिलकर किया।
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