बीकानेर की नन्हीं बाल कलाकार युवाक्षी बिन्नाणी की अनोखी उपलब्धि

जय नारायण व्यास कॉलोनी बीकानेर के चिरपरिचित वरिष्ठ  साहित्यकार गोवद्र्धन दास बिन्नाणी 'राजा बाबूÓ की पौत्री सुश्री युवाक्षी बिन्नाणी (चतुर्थ कक्षा छात्रा, युगान्तर विद्यालय, बीकानेर सुपुत्री - नेहा सुरज कुमार बिन्नाणी) ने अपने बाल-सुलभ कौशल और रचनात्मकता से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में आयोजित रंग भरो प्रतियोगिता में भाग लेकर युवाक्षी ने न केवल सराहना अर्जित की बल्कि उसका चित्र उदयपुर से प्रकाशित प्रतिष्ठित कला समीक्षा पत्रिका के आवरण पर भी प्रकाशित हुआ। इस उम्र में यह एक विशेष उपलब्धि कही जा सकती है।

युवाक्षी की इस उपलब्धि को विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने प्रमुखता से स्थान दिया। इसी क्रम में अखिल ब्रह्मविज्ञान संस्थान, मुम्बई को जब इसकी जानकारी मिली तो संस्था ने इस बालिका का सम्मान करने का निश्चय किया। समयाभाव के कारण तत्काल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संस्था के अध्यक्ष आचार्य डॉ. रामव्यास उपाध्याय एवं शीर्ष मार्गदर्शक डॉ. श्रीभगवान तिवारी ने संस्कृति कॉम्प्लेक्स (ठाकुर कॉम्प्लेक्स, फेज-1  मुम्बई) में संध्या बेला के दौरान युवाक्षी एवं उनकी माता सौ. नेहा का स्वागत कर आशीर्वचन प्रदान किए।

इसके अतिरिक्त युवाक्षी ने अपने सृजनात्मक कौशल का परिचय ऋषि पंचमी के अवसर पर भी दिया। अपने पास उपलब्ध सामग्रियों से इसने अपने भाई के लिए एक अनोखा रक्षासूत्र तैयार किया। इस रक्षासूत्र में भाई के चित्रों को जिस कलात्मक ढंग से संजोया गया, वह देखने योग्य है और परिवारजनों को गहराई से प्रभावित कर गया। परिवारजनों का कहना है कि युवाक्षी की यह उपलब्धियाँ न केवल उसके लिए बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए गौरव का विषय हैं। आशा ही नहीं, अपितु विश्वास है कि समाज इस बालिका को आशीर्वाद और प्रोत्साहन प्रदान करेगा, ताकि वह भविष्य में और ऊँचाइयों तक पहुँच सके।


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