रांची माहेश्वरी सभा द्वारा हार्ट अटैक प्रिवेंशन किट का नि:शुल्क वितरण सेवा का प्रारंभ

श्री माहेश्वरी सभा, रांची द्वारा  हार्ट अटैक प्रिवेंशन किट तैयार कर सर्व समाज में निशुल्क वितरण की सेवा की जा रही है। यह सेवा प्रकल्प विगत कई महीनो से निरंतर जारी है। इस सेवा को प्रारंभ करने का उद्देश्य है कि हार्ट अटैक होने की अवस्था में मरीज को प्राथमिक उपचार मिल जाए और उसे डॉक्टर तक जाने का समय मिल जाए। हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए तथा सदस्यों को इस विषय की जानकारी हेतु सभा ने इस सेवा प्रकल्प को प्रारंभ किया है। समाज की होने वाली सभाओं ,गोष्ठियों एवं आयोजनों में उपस्थित सदस्यों के बीच इस किट का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है।
इस किट में निम्नलिखित दवाइयाँ शामिल हैं -
1. Ecosprin 75 mg (Aspirin) - यह दवा खून को पतला करके रक्त प्रवाह को सुचारू बनाती है और हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में सहायक है।
2. Rosuvastatin 20 mg - कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है और हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को कम करती है।
3. Sorbitrate - अचानक होने वाले सीने के दर्द (एनजाइना) में तुरंत राहत प्रदान करती है। यह हार्ट अटैक की प्रारंभिक स्थिति में उपयोगी है।
सभा ने सभी लोगों को यह किट हमेशा अपने पास या पर्स में रखने की सलाह दी है ताकि आपातकालीन स्थिति में इसका तुरंत उपयोग किया जा सके। इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए 5 एवं 6 जुलाई को रांची में आयोजित पूर्वांचल समागम में आये हुए अतिथियों को जो किट वितरण किया गया उसमें अन्य सामग्रियों के अलावा इन दवाइयां के दो-दो पाउच को भी सम्मिलित किया गया था। 6 जुलाई की सभा में समागम के प्रमुख संयोजक एवं मंच संचालक श्री अशोक साबू ने इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला और निवेदन किया कि सभी सदस्य कम से कम एक पाउच हमेशा अपने पास रखा करें। समागम का समापन सुखद अनुभव के साथ हो गया और सभी सदस्य या कुशल अपने-अपने घर चले गए।
उसके बाद 8 जुलाई को उत्कल प्रदेश के बृजराज नगर निवासी श्री बसंत साबू का यह संदेश प्राप्त हुआ। दो दिनों की सुनहरी यादें ले कर 6 तारीख रात 11 बजे बृजराज नगर पहुंच गए। सुबह पत्नी ने पूछा कैसा रहा समागम। मैने उसे ब्रीफ किया कि संजय मालपानी जो उड़ीसा प्रदेश का प्रभारी थे उन्होंने हम लोगों का ख्याल पूर्ण रूप से रखा। इस समागम में रांची सभा की सोच लाजवाब थी जो हमें सीखनी चाहिए। सुबह गुनगुना पानी, भिगोया हुआ मेवा एवं चाय हर किसी को उनके रूम में देना। उसके बाद स्वादिष्ट नाश्ता एवं भोजन, हम कभी भूल नहीं सकते। परन्तु सबसे बड़ी सोच किट में हार्ट अटैक की प्रिवेंशन किट थी। जब मैने पत्नी को बताया तो वह बोली यह अपने को भी यहा देनी चाहिए। यह बाते हम सबेरे कर रहे थे उसी समय मेरी भतीजी जो झारसुगुडा में रहती वह हमारे घर आई एवं उसे हार्ट अटैक आ गया मेरे पत्नी ने उसे प्रिवेंटिव किट से दवाई दे दी एवं हम डॉक्टर के पास मरीज को ले कर भागे वहां पर उसे दो स्टंट लगा डॉक्टर ने कहा अगर आप प्रिवेंटिव दवाई नहीं देते तो शायद अनर्थ हो जाता प्रभु की कृपा और आप लोगों की सोच से मेरी भतीजी का उद्धार हो गया। मैं आप लोगों की सोच को प्रणाम करता हूं। - बसंत साबू
यह संदेश पढऩे के बाद पूरे शरीर में सिहरन हो गई और आंखें भर आई। इस सेवा प्रकल्प से किसी एक की भी जान बच गई हो तो हम धन्य हो गए।

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