अजमेर में महेश नवमी का आयोजन सम्पन्न
सकल माहेश्वरी समाज एवं श्री माहेश्वरी समाज संस्थान को ओर से महेश नवमी पर शोभा यात्रा निकाली गई। झांकी में ऑपरेशन सिंदूर का शौर्य दिखाया गया। एक झांकी में भगवान चांदी की पालकी में विराजमान थे, दूसरी झांकी में 15 फीट के नंदी सजीव झांकी के रूप में निकले। राज राजेश्वर महादेव मन्दिर से मुख्य अतिथि श्री सुभाष नवाल, श्री शिव शंकर हेडा, श्री डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, श्री ओमप्रकाश मालू, श्री घनश्याम काबरा, श्री चम्पालाल मूंदड़ा, श्री रमेश तापडिया, श्री अशोक जैथलिया (अजमेर जिला मंत्री) और श्री अशोक तोषनीवाल ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाई। अजमेर में महेश नवमी के समापन कार्यक्रम मे 40 प्रतिभाओ का सम्मान मुख्य अतिथि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा, पूर्व आईएएस डॉ. श्री कान्त बाल्दी, डीआरएम श्री राजू भूतड़ा, डिस्कॉम के डायरेक्टर टेक्निकल श्री मुकेश बाल्दी ने किया। स्वागत अध्यक्ष एस डी बाहेती भी मौजूद रहे।
अजमेर में महेश नवमी के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महासभा के सभापति श्री संदीप काबरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम क्षत्रिय थे, क्षत्रिय से माहेश्वरी वंश की उत्पत्ति हुई। शस्त्र छोड़ कर हमने शास्त्र उठाएं और भगवान महेश के वंशज कहलाएं। अजमेर के माहेश्वरी समाज जन में क्षत्रपों के गुण अभी भी विद्यमान है और क्षत्रियता का परिचय यहां के समाज जन अभी भी यदा कदा दर्शाने से नहीं चूकते। उन्होंने कहा कि एक बात याद रखनी चाहिए कि हम सदैव साधारण कार्यकर्ता की हैसियत से काम करने के लिए आगे आए न कि नेतृत्व करने के लिए। नेतृत्व का अवसर समाज ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को दिया है और ऐसे ही समाज नेतृत्व का चयन करता है। हमें अपना अहम समाज पर थोपने का प्रयास कदापि नहीं करना चाहिए। हम समाज से है और सामाजिक भावना को सर्वोपरि मान कर काम करेंगे तो समाज का हित होगा। इस अवसर पर सभापति जी ने कहा कि यह अजमेर वासियों के लिए गर्व की बात है कि अखिल भारतवर्षीय महासभा की उत्पत्ति और स्थापना रायबहादुर श्री श्याम सुन्दर लोईवाल ने 1892 में अजमेर में की थी।
यह हमारे लिए गर्व की बात है कि श्री सुभाष नवाल ने चिकित्सा सहायता और सहयोग के लिए अपने परिवार के दो ट्रस्टों के माध्यम से प्रति वर्ष पच्चीस पच्चीस लाख रुपयें देने की घोषणा की है। श्री संदीप काबरा ने महासभा की अन्त्योदय योजना की चर्चा करते हुए आव्हान किया कि सक्षम व्यक्ति समाज के कम आय वर्ग के एक एक परिवार गोद लेकर ऐसे परिवारों के उन्नयन पर कार्य करें एक सार्थक पहल होगी। मिशन आईएएस - 100 पर चर्चा करते हुए उन्होंने इस बार प्रसन्नता व्यक्त की कि माहेश्वरी समाज के पहले आईएएस श्री श्रीकान्त बाल्दी अजमेर से है और मिशन आईएएस - 100 की जिम्मेदारी उठकर जीजान से इस योजना की सफलता के लिए काम कर रहे हैं। इस अवसर पर समाज की प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। सकल माहेश्वरी समाज की समस्त संस्थाओं और श्री माहेश्वरी समाज संस्था द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम का नेतृत्व मूल्य संयोजक श्री सूरज नारायण लखोटिया थे।
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