माहेश्वरी महिला मंडल हापुड़ ने गणगौर त्यौंहार बड़ी धूमधाम से मनाया

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यानी नवरात्रि के तीसरे दिन गणगौर माता की पूजा की जाती है, ऐसी मानता है की माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए अत्यंत कठिन व्रत और तपस्या की। भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए होकर प्रकट हुए और कहा है कि पार्वती वरदान मांग। पार्वती ने कहा है शिव शंकर मेरी एक ही आकांक्षा है कि मैं आपकी अर्धांगिनी बनू। माता पार्वती की मनोकामना पूर्ण हुई और शंकर भगवान पति के रूप में मिले। माता पार्वती को गौर व भगवान शंकर को अवतार के रूप में ईशर कहा जाता है। ऐसी मानता है कि कुंवारी कन्याओं को इस व्रत से उत्तम पति मिलता है और सुहागन का सुहाग अखंड रहता है। ईशर गणगौर को खूब सजाया गया। इस अवसर पर महिलाओं में गणगौर के अनेक सुंदर गीत मारवाड़ी भाषा में भी गए। गणगौर के गीत पर गई महिलाओं ने नृत्य किया। सभी बहनों ने गणगौर माता से सुहाग का वरदान मांगा और बाद में सभी ने अल्पाहार किया। इस अवसर पर आशा सोमानी, रश्मि, मधु खटोड़, रानीअग्रवाल, मधु मालू, विनीता माहेश्वरी, रुबीना माहेश्वरी, सीमा तापडिय़ा, प्रिया, शीला महेश, मधु माहेश्वरी, अलका खटोड़, प्रीति, मीनू महेश, खुशबू माहेश्वरी, समीक्षा, प्राची, शिल्पा साधना व शालिनी आदि उपस्थित थी।

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