श्रीगंगानगर की माहेश्वरी महिला समिति के 'गणगौर बनोरे' सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी
राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करते हुए 'गणगौर बनोरे' सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन श्री माहेश्वरी महिला समिति, श्रीगंगानगर द्वारा चितलांगिया भवन में किया गया। इस अवसर पर गणगौर पर्व की महिमा को प्रदर्शित करने वाले लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सहसचिव किरण सोमानी ने बताया कि बनौरे की शुरुआत मुख्य अतिथि व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजा सारड़ा, अध्यक्षा सुनीता बिहाणी, शैलजा चितलांगिया, सरिता बिहानी, संतोष चांडक ने भगवान महेश व माँ गवरजा की पूजा अर्चना के साथ निधि चितलांगिया, अपूर्वा बिहानी व श्वेता राठी के मार्गदर्शन में तैयार गणगौर बनोरे की विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने गणगौर मनाने के पुराने व नए तरीकों को दर्शाते नृत्य व संवाद और इस पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। मारवाड़ी वेशभूषा में रैम्प वॉक ने सभी उपस्थित दर्शकों को करतल ध्वनि से हाल को गुंजायमान करने के लिए मजबूर कर दिया। मेघा सोनी, चारु बिहानी, सपना लखोटिया, पूजा भूतड़ा, स्वास्तिक नेवर व पायल सोमानी द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिकायें भी सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
सुनीता बिहानी ने बताया कि एलेक्सा बनी उर्मिला चितलांगिया व कविता बिन्नानी के सहयोग से किरण सोमानी ने अपनी प्रभावशाली वाणी और कुशल संवाद शैली से समां बाँधते हुये कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। मुख्य अतिथि गिरिजा जी अपनों के बीच आकर अभिभूत हुई व कहा कि गणगौर पर्व हमारी लोक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है और इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडऩे का काम करते हैं। शैलजा चितलांगिया द्वारा गणगौर थीम पर आधारित बहुत ही रोचक तम्बोला का खेल आयोजित किया गया। गिफ्ट जीतकर दर्शक फुले नहीं समा रहे थे। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
समिति पदाधिकारी कोमल चांडक, लक्ष्मी लखोटिया, संतोष सोनी, संतोष नढ़ानी, दिव्या मोहता, बिमला मालपानी व कार्यसमिति सदस्य सरोज लखोटिया, लक्ष्मी बिहानी, राज होलानी, प्रिया बिड़ला, सुधा राठी, मीना मुंधड़ा, करुणा बिन्नानी, सरला भट्टड़, संगीता भट्टड़ व वरिष्ठ महिलाओं व युवतियों सहित काफी संख्या में स्थानीय माहेश्वरी महिलाएं कार्यक्रम की साक्षी बनी। सुनीता बिहानी ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अंत में सभी ने प्रसाद ग्रहण कर स्वादिष्ट जलपान का आनंद लिया। कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ, जिससे यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।
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