नवकुण्डीय रूद्रचंडी महायज्ञ से भक्तिमय हुआ मुम्बई कांदिवली लोखण्डवाला परिसर
महानगरी मुम्बई के कांदिवली लोखण्डवाला परिसर में दिनांक 30 जनवरी से 6 फरवरी 2025 तक नवकुण्डीय रूद्रचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। महायज्ञ के शुभारम्भ से पूर्व दिनांक 31 जनवरी को प्रात: 8 बजे भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों महिलाएं कलश सिर पर रखकर भक्ति धुन और ताल पर नृत्य करती हुई यज्ञशाला प्रांगण में पहुँची। जिससे आस-पास का सारा वातावरण भक्तिमय हो गया। तत्पश्चात इसी दिन सुबह देव आवाहन, मूर्ति प्रतिष्ठा एवं अग्नि स्थापना कार्यक्रम संपन्न हुआ। सायं 4 बजे श्री भूपेन्द्र भाई पाण्डया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर महायज्ञ का शुभारम्भ किया।
नौ कुण्डों से सुसज्जित यज्ञ शाला में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक नियमित प्रात: 7 बजे से 9 बजे तक पूजा 9 से 12 बजे तक रूद्रयज्ञ हवन तथा 2 बजे से 6 बजे तक चण्डी यज्ञ एवं हवन विभिन्न यजमानों एवं विद्वान पंडितों द्वारा किया गया। प्रतिदिन सायं 6 बजे माँ भगवती की आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस यज्ञ के आयोजक पण्डित श्री शीतला प्रसाद मिश्र, यज्ञाचार्य वेद मूर्ति आचार्य श्री राधेश्याम संस्कार धानी जावालीपुरम (मध्य प्रदेश) तथा मार्गदर्शक श्री वीरेन्द्र याज्ञिक मुम्बई थे। आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री शिवभूषण शर्मा तथा श्रीमती किरण अवस्थी सचिव थे। रात्रि 31 जनवरी को भजन संध्या 1 फरवरी को सुन्दर काण्ड का सामूहिक पाठ, 2 फरवरी को बसंत गरबा उत्सव, 3 फरवरी को शिव शक्ति स्तुति, 4 फरवरी को माता की चौकी तथा अमृतवाणी पाठ, 6 फरवरी को सप्त ताण्डव नृत्य की प्रस्तुति की गई।
ज्ञानमंदिर किशनगढ़ (राज.) के महासचिव श्री कृष्णचन्द्र टवाणी तथा बीकानेर के साहित्यकार, सुविख्यात श्री गोवर्धनलाल बिन्नानी 'राजाबाबूÓ ने 1 फरवरी को यज्ञशाला की परिक्रमा की इस अवसर पर पण्डित श्री शीतलाप्रसाद मिश्र, श्री शशिभुषण शर्मा अध्यक्ष आयोजन समिति तथा श्री महावीर प्रसाद शर्मा ने इनको उपरणा पहनाकर गीता प्रेस गोरखपुर के द्वारा प्रकाशित कल्याण अंक का शिवपुराण अंक भेंटकर अभिनंदन किया। नवकुण्डीय श्री रूद्रचंडी महायज्ञ का 6 फरवरी को पूर्णाहुति और भण्डारे के साथ विश्राम हुआ। इस पूर्णाहुति के अवसर पर यज्ञशाला की परिक्रमा करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर रात्रि में महाभण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने महाप्रसाद का लाभ लिया।
आध्यात्मिक, सांस्कृतिक अभ्युत्थान के लिए आयोजित इस महायज्ञ में अनेक संस्थाओं ने सहयोग दिया जिनमें ग्रीन मेडोज चेरिटेबल ट्रस्ट, सत्संग परिवार, श्री बाघेश्वरी महिला प्रतिष्ठान, मानव सेवा संस्थान, सनातन सेवा संस्थान, सनातन एकता परिवार, अपने लोग फाउण्डेशन, राजपति सेवा मण्डल, क्रिमसन टावर, ग्रीन हिल्स, अलिका नगर, अनिता नगर, व्हिस्परिंग पाल्म्स, सिवरा टावर व्हाइट सिटी आदि मुख्य है।
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