भीलवाड़ा जिला माहेश्वरी सभा द्वारा 'अपनी भावी पीढ़ी को कैसे बनाएं जीनियस' पर कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के फ्लेगशिप कार्यक्रम के तहत अपनी भावी पीढ़ी को कैसे बनाएं जीनियस विषय को लेकर हरणी महादेव रोड़ स्थित रामेश्वरम् भवन, भीलवाड़ा पर कार्यशाला की आयोजित गई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता, शोधकर्ता एवं बाल विशेषज्ञ रमेश परतानी, हैदराबाद थे। उन्होंने गर्भाधान अर्थात बीज संस्कार से 15 वर्ष के बच्चों के मानसिक विकास पर परिचर्चा की। परिचर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार बच्चों के मानसिक स्तर को विकसित किया जा सकता है, कौशल्या किड्स प्रोग्राम के बारे में बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति इसमें ऑनलाइन जुड़ सकता है। माहेश्वरी परिवारों को यह कार्यक्रम मात्र 25 प्रतिशत लागत पर दिया जा रहा है। ऐसे समाजजन जिनकी आय तीन लाख रुपए से कम है, उन्हें इस कार्यक्रम से जुडऩे के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। श्री परतानी ने कहा की माता पिता अपने बच्चों को समय दे और संकल्प लें तो बच्चे जिनियस बन सकते है। संयोजक सुशील मरोटिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ महासभा के पूर्व सभापति रामपाल सोनी, सभापति संदीप काबरा, अर्थमंत्री राजकुमार काल्या, रमेश परतानी, प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, महासभा कार्यसमिति सदस्य कैलाश कोठारी, जिलाध्यक्ष अशोक बाहेती, नगर अध्यक्ष केदार गगरानी, गोविंद सोडानी, प्रकाश पोरवाल ने किया। स्वागत उद्बोधन में जिलाध्यक्ष अशोक बाहेती ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे ज्ञान और कौशल को निखारने में मदद करेगी, जरूरत है शांतिपूर्ण सुनने व समझने की। कार्यक्रम में भीलवाड़ा जिले के माहेश्वरी समाज के करीब 2500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में 50 डॉक्टर दम्पत्तियों एवं लगभग 100 शिक्षक दम्पत्तियों ने भी भाग लिया, साथ ही प्रदेश के सभी जिलों से भी प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रमेश राठी ने किया। 

कार्यशाला में सभापति संदीप काबरा ने समाज की विभिन्न गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। देशभर में माहेश्वरी समाज व महासभा के माध्यम से बच्चों को संस्कारित करने के कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। पूर्व सभापति रामपाल सोनी ने कहा कि देश में सबसे बड़ी समस्या अगली पीढ़ी को संस्कारित व दक्ष कैसे बनाएं, इसे लेकर ही भावी पीढ़ी को जीनियस कैसे बनाएं विषय पर कार्यशाला कराई गई एवं उन्होने सूचना प्रोद्योगिकी के युग में सतत अपडेट रहने की बात कही। प्रदेश मंत्री रामगोपाल सोमानी, प्रदीप बल्दवा, रामकिशन सोनी, महेंद्र काकाणी, राजेंद्र कुमार पोरवाल, रमेश बसेर, दिनेश तोषनीवाल, के.जी. राठी, राजेंद्र प्रसाद बिडला, सुरेश कचोलिया, नवीन काकाणी, नगर मंत्री संजय जागेटिया, अतुल राठी, गोपाल नरानीवाल, अभिजीत सारडा, प्रमोद डाड, श्याम बिडला, राजेंद्र भदादा, रमेश बाहेती, पंकज पोरवाल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। युवा संगठन के नगर अध्यक्ष अर्चित मूंदड़ा, मंत्री अंकित लखोटिया के साथ ही महिला संगठनों, तहसील सभाओं का विशेष सहयोग रहा। वहीं उदयपुर एयरपोर्ट पर जिला उपाध्यक्ष प्रदीप बल्दवा एवं नवीन काकानी ने परतानी की अगवानी की।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए परतानी ने कहा कि बच्चों को नोन चीजें पहले व अननोन बाद में सिखानी चाहिए। सरकार की नई शिक्षा नीति से शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सुधार होगा, आवश्यकता है उसे आत्मसात करने की। उन्होंने कहा कि माता-पिता के पास समय हो और वे संकल्प करें तो बच्चा जरूर जीनियस बनेगा। देशभर में 25 से अधिक जगह कार्यशालाएं करने वाले परतानी ने कहा कि उनके द्वारा बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी टिप्स दिए जाते हैं। 16 साल के इस कार्यक्रम में पहला साल अभिभावकों के लिए तथा उसके बाद 15 साल तक का कार्यक्रम बच्चों के लिए हैं। शिशु को गर्भ में कैसे संस्कार मिले, इस पर भी जानकारी दी जाती है।

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