परिवार परिवेदना निवारण समिति की बैठक
हमारे समाज में ही नहीं अन्य समाजों में भी दहेज प्रताडऩा के झूठे प्रकरणों को लेकर ज़ुल्म की इंतिहा हो गई है। महासभा द्वारा गठित परिवार परिवेदना निवारण समिति, जोधपुर दिनाँक 12 जनवरी 2025 को हुई बैठक में संयोजक श्री हरिप्रकाश राठी ने बताया कि सेक्शन 498 ए का दुरुपयोग अब एक आम बात हो गई है। हमारे समाज में नब्बे प्रतिशत से अधिक ऐसे मुकदमे झूठे होते हैं। पति-पत्नी में जरा सी कलह होने पर कुछ वकील अथवा झूठी सहानुभूति दर्शाकर दम्भी यश लूटने वाले लोग लड़की को आनन फानन इस जटिल धारा के प्रयोग की राय दे डालते हैं। इस धारा के तहत पहले से दुखी लड़के वालों को पुलिस प्रताडऩा का अतिरिक्त शिकार होना पड़ता है। निश्चय ही थाने अथवा जेल जाना हमारे समाज में गहरा आघात करता है। भारी रकम की भी मांग होती है। ऐसे प्रकरणों में देशभर में कई लड़के इससे दुखी होकर आत्महत्या कर चुके हैं। इन प्रकरणों में फिर सामंजस्य के प्रयास बेकार हो जाते हैं। दहेज पाप है एवं अगर दहेज मांगा गया है तो मुकदमा जायज है पर मात्र मत-मतांतर अथवा अन्य कारणों के आधार पर इन झूठे मुकदमों में लड़के वालों को फंसाना इससे भी बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि स्त्री को अधिकार कड़ी तपस्या से मिले हैं, वह इसका दुरुपयोग न करें। तलाक सद्भावना से बिना किसी को प्रभावित किए भी हो सकता है। आज कुछ घर जल रहे हैं कल और घर जल सकते हैं। महासभा को इस ज्वलन्त समस्या पर तुरत ध्यान देना चाहिए। इस बैठक को स्वाति जैसलमेरिया, योगेश माहेश्वरी, कमला मूंधड़ा, एडवोकेट नन्दकिशोर चाण्डक, डॉ. सूरज, महेंद्र मालपानी, ओम भूतड़ा ने भी संबोधित किया।
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