दीवाली शुभकामना संदेश - मंजु बांगड़, राष्ट्रीय अध्यक्ष - अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन
प्रिय बहनों, स्नेही स्वजन
जय उमा महेश
ज्ञान का दीपक स्नेह की बाती
दीपशिखा हो चिंतन की
जग के तम को दूर करेगी
नूतन अवली दीपों की ..
दीपोत्सव का यह पावन महापर्व आप सबके जीवन को आलोकित करें। परस्पर प्रेम, सद्भाव और समभाव का संवर्धन करें। प्रभु श्री राम आप सभी को सुख, स्वास्थ्य, शांति, वैभव, ख्याति प्रदान करें। विघ्नहर्ता गणेश, माता लक्ष्मी का आशीर्वाद उनकी कृपा बरसती रहे। इसी मंजुल भाव के साथ दीपमालिका पर्व की अनंत शुभकामनाएं स्वीकार करें
दीपज्योति: परंब्रह्म दीपों ज्योति जनार्दन:!
दीपो हरतु मे पापं संध्या दीपो नमो अस्तुते!!
ज्योतिर्मय दीपक ही परब्रह्म एवं जनार्दन है क्योंकि वह तम का संहारक है। यह श्लोक हमें एक जीवन सूत्र सौंपता है, जो प्रकाशमान होकर अंधकार को हरते हैं, वंदनीय हो जाते हैं। आईए इस दीपावली किसी के अंधेरे जीवन को रोशन करें। नेत्रदान करें। नेत्रदान द्वारा दृष्टि का अमूल्य उपहार दूसरे को देना संभव है.. इस सेवा विधा की संकल्पना जन-जन में जागृत करें। संगठन के घोष वाक्य 'पर उपकार वचन मन कायाà को चरितार्थ कर अंधेरों से रोशनी की ओर ले जाने वाले इस पुनीत कार्य में अवश्य सहभागी बने.. यही मंजुल आकांक्षा है।
तमसो मा ज्योतिर्गमय की पूर्णता नेत्रदान में समाई है।
सत्कार्यों से जग हो रोशन
दीपोत्सव की यही सार्थकता, शुभकामनाएं व बधाई है
विनम्रतापूर्वक..
मंजु बांगड़
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन
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