इंडोनेशिया में भाविका माहेश्वरी, सूरत का रिसर्च पेपर वाचन

विश्व मे सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में आज भी राम वहाँ की संस्कृति में बसे हुए है। इंडोनेशिया बाली यूनिवर्सिटी हिन्दू नेगरी आईं गस्ती बगुस सुग्रीव देनपसार तथा साहित्य संचय शोध सवांद फाउंडेशन दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय 'सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन मे रामÓ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी तथा साहित्य महोत्सव आयोजित हुआ। इंडोनेशिया में हुए इस कार्यक्रम में गुजरात सूरत से स्कॉलर इंग्लिश एकेडमी की 10 वीं की विद्यार्थी 15 वर्षीय भाविका माहेश्वरी ने अपना रिसर्च पेपर पढ़ा। इस अवसर पर मॉरीशस, नेपाल, इंडोनेशिया, वियतनाम सहित कई देशों के साहित्यकार की उपस्थिति रही। आयोजन में भारत इंडोनेशिया की संयुक्त सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। हिन्दू सुग्रीव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर आई न्योमान सुबागिया ने भाविका के पत्र वाचन सुनने के बाद भरपूर प्रशंशा करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बताया साथ ही अन्य अग्रणी साहित्यकारों ने भी बधाई दी। साथ ही भाविका की बुक का विमोचन भी हुआ। इससे पहले भाविका श्री राम चरित भवन अमेरिका द्वारा आयोजित इंटरनेशनल रामायण कॉन्फ्रेंस में अपने पत्र वाचन हेतु कैश अवार्ड जीत चुकी है। भाविका ने पिछले 5 वर्षो में 60000 किलोमीटर का सफर करके देश के कई शहरों में 300 से ज्यादा मोटिवेशनल स्पिरिचुअल कार्यक्रम किये है। राम कथा द्वारा 52 लाख समर्पण निधि के साथ राष्ट्रपति भवन में महामहिम मुर्मू जी से भेंट का अवसर मिला है कैबिनेट शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान सहित कई मुख्यमंत्री एवं अग्रणी लोगो ने भाविका को अपनी सोशल मीडिया पर जगह दी है। 5 पुस्तकोंके प्रकाशन के साथ गुजरात मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड अम्बेसडर की भूमिका निभा रही है।

 

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