झारखंड बिहार प्रदेश माहेश्वरी महिला संगठन का गणगौर सिंधारा एवं गणगौर पूजन
रंगोत्सव के दिन पीहर आयी माँ गणगौर,
स्वागत सत्कार किया हमने होकर भाव-विभोर
मेंहदी रचाकर सुहागिने ने किया सोलह श्रृंगार
ईशर-गोरा के रूप में शिव पार्वती देने आते है आशीर्वाद।
झारखंड बिहार प्रदेश के सभी शाखाओं में गणगौर सिंधारा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आए सभी बहु बेटी राजस्थानी पारंपारिक वेशभूषा के साथ गणगौर का गीत गाया गया, डांस प्रस्तुत किया गया, पारिवारिक एवं सामाजिक संदेश के साथ नाटक, बच्चों द्वारा राधा-कृष्ण शिव-पार्वती, बड़ो ने ईसर गौरा के रूप मे सज कर गणगौर के गीत मे डांस किया। जिससे सामाजिक एकता का संदेश मिला, साथ ही कई तरह के मनोरंजक खेल एवं तंबोला खेला गया। कही गणगौर क्वीन कॉन्टेस्ट भी रखा गया जिसमें महिलाओं को सोलह सिंगार पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर बेस्ट खिताब पाना था। प्रदेश लेवल पर गणगौर मे डान्स प्रतियोगिता भी रखी गई, जिसमे प्रथम देवघर, द्वितीय गुलाबबाग, तृतीय चाईबासा संगठन रहे। सभी प्रतिभागी को ऑनलाइन सर्टिफिकेट दिया गया, प्रदेश मीटिंग में उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा।
पटना शाखा ने गणगौर सिंधारा पर नवविवाहित लाडली बेटियां एवं बहु बेटियां जिनके हाथ पीले हुए, उनको समाज ने स्नेहाशीष कार्यक्रम के तहत, सुहाग सामग्री की भेंट एवं पुष्प वृष्टि से उनको आशीर्वाद प्रदान किया।। कर्जाइन संगठन ने 12वीं की परीक्षा मे जिला टॉपर समाज के बच्चों को पुरस्कृत किया।
गणगौर तीज के आखिरी दिन झारखंड बिहार के सभी जिलों में राजस्थानी परंपरा का स्वरुप संजोये हुए सभी बहनों ने सोलह सिंगार कर, हाथों में मेहंदी रचा कर ईसर गणगौर की पूजा की। परिवार के सभी माताओं एवं बहनों ने घर पर पूजा की, कई जगहों में सामूहिक रूप से मंदिर में पूजा, मिलान, विसर्जन एवं मेले की व्यवस्था की गई। जहाँ सभी एकत्रित होकर पूजा एवं मेले में लजीज व्यंजन का आनंद लिया। प्रदेश की रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पटना, फारबिसगंज, देवघर, बोकारो, चाईबासा, कोडरमा, मुरलीगंज, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, गुमला, गुलाब बाग, कर्जाइन बाजार सहित पूरा समाज गणगौर के गीत पर पूजा अर्चना एवं गणगौर घाट पर मिलान किया।
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