पूर्वोत्तर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष वासु दम्माणी का लखीमपुर और नाहरलागुन दौरा
पूर्वोत्तर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बासु दम्माणी व पूर्वोत्तर माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष पुनम मालपानी ने लखीमपुर और नाहरलागुन शाखा का दौरा किया। इस क्रम में लखीमपुर शहर के गोपी नगर कॉलोनी स्थित मारवाड़ी जनसेवा ट्रस्ट भवन में माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी महिला संगठन और माहेश्वरी युवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में संगठन आपके द्वार शीर्षक कार्यक्रम के अंतर्गत एक सभा का आयोजन किया गया। उक्त सभा में पूर्वोत्तर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बासु दम्माणी व पूर्वोत्तर माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्षा पूनम मालपानी के अलावा कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभा में मंचासीन लखीमपुर माहेश्वरी सभा के शाखा अध्यक्ष माणिकलाल लाहोटी, महिला शाखा की अध्यक्ष किरण देवी बजाज, युवा संगठन के अध्यक्ष अनिल लदड़, इटानगर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष जगदीश चांडक, सचिव दीपक अटल, अखिल भारतीय कार्यमंडल सदस्य माणिकलाल दम्माणी, अंचल-एक के संगठन मंत्री रामेश्वर तापडिय़ा, कार्यमंडल सदस्य नंदकिशोर राठी, युवा संगठन के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य मयंक झंवर, सुरेंद्र मूंधड़ा, सुनीता लखोटिया, सोहनी देवी चांडक, अमित मालपानी व सरला दम्माणी का अभिनंदन किया गया। वहीं पूर्वोत्तर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बासु दम्माणी को राजस्थानी साफा, दुपट्टा और अभिनंदन पत्र तथा महिला संगठन की अध्यक्षा पूनम मालपानी को चुनड़ी और एक अभिनंदन पत्र प्रदान कर उनका अभिनंदन किया गया। लखीमपुर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष माणिकलाल लाहोटी की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा का शुभारंभ पूर्वोत्तर प्रदेशीय माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बासु दम्माणी ने शिव तांडव स्त्रोत के साथ किया। सभा को संबोधित करते हुए दम्माणी ने सभी से यथासंभव मायड़ भाषा अर्थात मारवाड़ी भाषा में अपना वक्तव्य रखने एवं वार्तालाप करने का आग्रह किया। भाषा के उपयोग को लेकर उन्होंने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि आज हम और हमारे बच्चे आपस में बातचीत के दौरान अपनी मायड़ भाषा अर्थात मारवाड़ी भाषा का प्रयोग करने में शमति हैं। हम हिंदी व अन्य भाषाओं में आपस में वार्तालाप करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मायड़ भाषा का इस प्रकार हम त्याग कर देंगे तो आने वाले समय में हमारी भाषा के साथ हमारी संस्कृति भी विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर हमारी भाषा और संस्कृति लुप्त हो गई तो हमारी पहचान कैसे कायम रहेगी। रहेगी। हम मारवाडिय़ों की। पहचान ही हमारी मारवाड़ी भाषा है, जिसे आज हम भूलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार और अपनी संस्कृति का ज्ञान अपने घरों पर ही मिल सकता हैं। इसलिए माता पिता को अग्रणी भूमिका निभाते हुए अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ उन्हें अपनी संस्कृति से भी अवगत कराना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज संयुक्त परिवार बिखरता जा रहा है, जो समाज के लिए एक चिंता का विषय है। उन्होंने संयुक्त परिवार के लाभ के बारे में बताया और कहा कि आज जिन-जिन के परिवार संयुक्त है, वही सबसे ज्यादा सुखी और धनी है। माता-पिता को संयुक्त परिवार के लाभ अपने बच्चों के मन में बाल्यावस्था से ही इस प्रकार कूट-कूटकर भर देने चाहिए ताकि आगे जाकर वह संयुक्त परिवार के महत्व को भलीभांति समझ सके। उन्होंने कहा कि आजकल माता-पिता अपने बच्चों की समय पर शादी नहीं करते, जिसे लेकर समाज में समस्याएं उत्पन्न हो रही है। यह चिंतनीय विषय है। समय पर शादी नहीं होने पर परिवार का विस्तार देर से होता है और हमारी जनसंख्या जो पहले से ही कम है, उसमें और अधिक कटौती होती जा रही है। हमारे माहेश्वरी समाज की जनसंख्या कम होने के कारण आज समाज का राजनीतिक और अन्य क्षेत्र में महत्व कम होता जा रहा है। इसलिए उन्होंने सभी माता पिता से आग्रह किया कि अपने बच्चों की शादी सही समय पर करें ताकि उनके परिवार के विस्तार का चक्र समय की गति के अनुसार चलता रहे। पूर्वोत्तर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बासु दम्माणी ओर पूर्वोत्तर माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्षा पूनम मालपानी ने समाज को दीमक की तरह खोखला कर रहे प्री वेडिंग शूट की निंदा करते हुए कहा कि इस शूट की जितनी भत्र्सना की जाए, उतनी ही कम है। अगर बच्चों के माता-पिता इस पर कड़ा कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाले समय में यह प्री वेडिंग शूट नासूर बन कर समाज और संस्कृति का विध्वंस कर देगा। माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्षा पूनम मालपानी ने कहा कि समाज में कुरीतियों पर अंकुश लगाने की ताकत संगठन के हाथ में नहीं होती, बल्कि उन कुरीतियों पर हमें अपने-अपने घरों से ही अंकुश लगाना होगा। कार्यक्रम का मंच संचालन शाखा सचिव नंदकिशोर बजाज ने किया। वहीं महिला शाखा सचिव बबीता तोषनीवाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। लखीमपुर शाखा के कार्यक्रम संगठन आपके द्वार की प्रशंसा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने नाहरलागुन शाखा को भी इसे अपनाने का सुझाव दिया। पूनम मालपानी ने इस मौके पर बुजुर्गों को मोबाइल एप्स चलाने का प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। उन्होंने महिला समिति के अन्य कार्यक्रमों पर चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष वासु दम्माणी ने आगामी महेश नवमी उत्सव को धूमधाम से मनाने का आहवान करते हुए राष्ट्रगान के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की।
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