अयोध्या में उत्तरांचल अधिवेशन भव्यता पूर्वक संपन्न
19-20-21दिसम्बर, 2025 को अयोध्या में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं नवम कार्यसमिति बैठक मानस सिद्धि के अंतर्गत उत्तराँचल अधिवेशन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इसके अंतर्गत 20 दिसंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम चारों युगों को भगवान विष्णु के दशावतार के माध्यम से प्रदर्शित कार्यक्रम युगान्तर की भव्य व विराट प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़ की परिकल्पना, उपाध्यक्ष मंजू मान्धना व संयुक्त मंत्री मंजू हरकुट की संयोजना, राजश्री मोहता व उर्वशी साबू की संकल्पना, पांचो प्रदेशों के सभी अध्यक्ष व सचिवों सीमा झंवर, नीलम मंत्री, MUP, मोनिका माहेश्वरी, मनीषा राठी, WUP, सीमा मूंदड़ा, अनु सोमानी PUNJAB/HARIYANA, भारती करवा, पुष्पा EUP, श्यामा धूत, लक्ष्मी बाहेती, दिल्ली की अवधारणा ने रूप लिया युगान्तर का, साथ ही पांचो प्रदेशों से आयी लेखिका बहनों की कलम का जादू ज़ब बिखरा, तो सभी प्रदेशों के 15 शहरों से आये 73 प्रतिभागियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से इसे चिर-स्मृति के रूप में सभी उपस्थित जनों के हृदय में विराजित कर दिया।
एक युग का अंत व दूसरे का आरम्भ, सतयुग की रत्न प्रसवनी धरा कैसे त्रेता व द्वापर से कलयुग के आने तक चीत्कार कर उठी व पुन: कैसे सृजन की ओर जाती है, यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी था और सार्थकता भी। वास्तव में ये प्रस्तुति एक धारणा बनकर सभी को मंत्र-मुग्ध करने में सफल रही, जिसे राष्ट्रीय संगठन द्वारा 51,000/ रूपये की राशि पुरस्कार रूप में प्रदान की गयी।
21 दिसम्बर, 2025 को इसी अधिवेशन के अंतर्गत दूसरा कार्यक्रम मानस अभिव्यजना को, उत्तराँचल के पांचो प्रदेशों से आये दस प्रतिभागियों (प्रत्येक प्रदेश से दो) द्वारा मंचस्थ किया गया, जो रामायण के दस सशक्त महिला पात्रों पर आधारित था, जिनके बिना रामायण का ये स्वरुप, जो आज हम देखते व सुनते है, यथार्थ के धरातल पर कदापि सम्भव नहीं होता। प्रत्येक पात्र (अनुसूया, कौशल्या, कैकई, सीता, उर्मिला, मंदोदरी, शुपर्णखा, त्रिजटा, शबरी, अहिल्या) मानो साक्षात् मंच पर उस चरित्र को जी रहा था। सभी पात्रों के अथक प्रयासों से ये कार्यक्रम सफलता के शीर्ष तक पहुंचा।
उत्तराँचल के सभी प्रदेश अध्यक्ष सचिवों, सीमा झंवर, नीलम मंत्री, (MUP) मोनिका माहेश्वरी, मनीषा राठी (WUP), भारती करवा, पुष्पा धूत (EUP), सीमा मूंदड़ा, अनु सोमानी (पंजाब /हरियाणा), श्यामा भाँगडिय़ा, लक्ष्मी बाहेती के पूर्ण सहयोग की इस अधिवेशन को सफल बनाने में, जितनी प्रशंसा की जाये, कम ही है। स्वागत अध्यक्ष मंजू मान्धना(दिल्ली), स्वागत मंत्री कमलेश (मध्य उत्तर प्रदेश) की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजक संस्था, मध्य उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष, मंत्री व कार्यालय मंत्री प्रीति जी ने जिस प्रकार अपने उत्तरदायित्व को कुशलतापूर्वक निभाया, निसंदेह प्रशंसनीय है। सभी के अथक परिश्रम से ही ये कार्यक्रम सफलता के साथ अपनी मंजिल तक पहुँचने में सफल रहा।
मानस अभिव्यँजना का संचालन संयुक्त मंत्री मंजू हरकुट द्वारा किया गया। निर्णायक की भूमिका का निर्वहन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशीला काबरा एवं फि़ल्म निर्मात्री व अभिनेत्री रुपल मोहता द्वारा किया गया।
प्रथम स्थान प्राप्त करने का गौरव हासिल किया.........
सृष्टि माहेश्वरी (शबरी) मध्य उत्तर प्रदेश
द्वितीय स्थान पर रहीं प्रियंका राठी (उर्मिला) पश्चिमी उत्तर प्रदेश
तृतीय स्थान पर रहीं गुंजन पटवारी (शुपर्णखा) पूर्वी उत्तर प्रदेश
अन्य सभी प्रतिभागियों इंदु लढ्ढा (कैकेयी), आराधना लाहोटी (मंदोदरी), राधिका मूंदड़ा (अनुसूया), भावना राठी (सीता), ममता भट्टड़ (त्रिजटा), निधि माहेश्वरी (अहिल्या), पूजा कोठारी (कौशल्या) को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किये गए।
सम्माननीय अतिथि प्रतिभा जी, जय श्री भट्टड, विनीता राठी, रजनी हरकुट (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) निशा काहल्या, सुजाता राठी एवं प्रेमा झंवर (मध्य उत्तर प्रदेश)
के सहयोग के बिना इस कार्यक्रम का मूर्त रूप संभव नहीं था।
जीवन को आज के परिप्रेक्ष्य में अनुभव कर उसे नव जागृति व नव चेतना प्रदान करना ही इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य होता है। अंतिम दिवस होने के बाद भी बहनों का बड़ी संख्या में उपस्थित होना सभी को प्रोत्साहित कर गया।
Latest News