तिनसुकिया माहेश्वरी समाज का संगठन आपके द्वार 2.0 का पहला आयोजन एवं पिकनिक 18 जनवरी को करने का निर्णय
माहेश्वरी पारिवारिक मिलन समारोह की अगली कड़ी में 11 जनवरी का कार्यक्रम श्री राजेश रिशु कलंत्री के निवास स्थान स्टेट बैंक कोलोनी, मानव कल्याण रोड़, तिनसुकिया पर आयोजित किया गया, जिसमें समिति, महिला व युवा, तीनों वर्गों के 39 सदस्यों ने भाग लिया।
श्री गणेश जी, भगवान महेश, ईष्ट कुलदेवी व विराजमान सभी देवी देवताओ की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित किया। अंग्रेजी नव वर्ष व आने वाले त्यौंहार मकर- सक्रांति, गणतंत्र दिवस की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए इवेंट को शुरू किया। पिछले आयोजन में लिए गए निर्णयो-पिकनिक, युवाओं को जोडऩे, इस कार्यक्रम के आयोजनों को अंचल स्तर पर करने के बारे में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अंचल स्तर पर पिकनिक का आयोजन 18 जनवरी को करने का सर्व-सम्मति से निर्णय लिया गया। इस कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से करवाने की जिम्मेदारी श्री दीपक कासट, संदीप बाहेती व रतन कलंत्री को दी गई। सगंठन आपक द्वार इवेंट को 15 दिन में एक माहेश्वरी भाई के घर पर करने का मुख्य उद्देश्य समाज के 15 से 30 सम्मानिय बधुंगणो का मिलना-जुलना, जो कि सगंठन को मजबुत करने के लिए एक बहुत ही उचित तरीका है, इस इवेंट से सगंठन को और मजबूत करने के लिए उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने बहुमुल्य सुझाव दिए।
सगंठन आपके द्वार में समाज से सम्बंधित विषयों पर चर्चा करने के लिए 45 मिनट का समय रखते आए हैं, सुझाव अनुसार अतिरिक्त 15 मिनट समय अपने समाज की प्रतिमाओं को उजागर करने हेतु दिया जाएगा। इवेंट को कंडक्ट करने के लिए नए नए सदस्यों को मौका देने के सुझाव पर भी अगले आयोजन से कार्यान्वित करेंगे। हमें समाज को और मजबूत करने के लिए, इन आयोजनों में निम्न सामाजिक समस्याओं पर विचार-विमर्श करते रहना हैं -
(1) भारतीय संस्कृति छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति की और झुकाव (2) पार्टियों में फिजूल खर्ची व दिखावे से समाज को जाग्रत करना, खाने में कम से कम आईटम बनाए, इस पर बधुं गण अपनी अपनी राय व्हाटसअप से मुझे भेजे! दिन मे शादियां हो, इस पर जोर देना। (3) प्री वेडिंग नही होनी चाहिए इस विषय पर युवा वर्ग को इसके दुष्परिणाम समझाते हुए, उनके अभिभावकों से विनती करके इसे रोका जाए। (4) परिवार के सभी सदस्य कम से कम एक समय साथ में बैठकर भोजन करे व थोड़ी देर आपसी वार्तालाप करे, जिससे परिवार के सभी सदस्यों का आपसी प्रेम बढेगा। (5) जनसंख्या में लगातार गिरावट पर चिंता। (6) तलाक के बारे में दिनों-दिन बढोत्तरी (7) अपनी मारवाड़ी भाषा व मारवाड़ी परम्पराओं को जीवित रखने पर ध्यान देना। (8) माहेश्वरी बन्धु प्रति सप्ताह 3 से 5 सदस्यों से फोन पर बात करे, जिससे सगंठन और मजबूत होगा। (9) समाज विकास के लिए कुछ मुख्य मुद्दो पर विचार-विमर्श करते रहना है।
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