मधु माहेश्वरी, सलूंबर की काव्य संग्रह का पाण्डुलिपि सहयोग के तहत होगा प्रकाशन
सत्कर्म की ओर अग्रसर करते हुए मधु माहेश्वरी ने जीवन के साठ दशक पार कर सलिला संस्था सलूंबर संस्थापिका डॉ.विमला भण्डारी का सान्निध्य पा कर साहित्य सृजन की ओर कदम रखा। इसी के फलस्वरूप मधु माहेश्वरी ने बाल साहित्य के क्षेत्र में विशेष रूप से पद्य लेखन कर अपनी प्रथम पुस्तक बेटी की अभिलाषा काव्य संग्रह का प्रकाशन कराया। इन्टरनेशनल वेट्स हिन्दी साहित्य अकादमी, सनातन धर्म और साहित्य मंच महिला काव्य मंच अहमदाबाद, वरिष्ठ नागरिक मंच गुजरात आदि मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज को चेताती और लौकिक परिवेश को दर्शाती रचनाओं को समेटती साहित्यिक कृति भावों की सरिता काव्य संग्रह को सत्र 2025 के पाण्डुलिपि सहयोग के तहत राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर से आर्थिक सहयोग के लिए चयन कर पुस्तक प्रकाशित कराने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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