पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा की तृतीय कार्यसमिति एवं प्रथम कार्यकारीमण्डल बैठक लोहार्गलधाम में सम्पन्न
प्रदेश की तहसील/क्षेत्रीय सभाओं के अध्यक्ष भी विशेष आमंत्रित थे। जयपुर, भरतपुर, अलवर, लक्ष्मणगढ आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पधारी बहनों का सीकर-झुझनु की बहनों ने भावभीना स्वागत करते हुए एक अनौपचारिक बैठक कर प्रदेशसभा की जनहितार्थ गतिविधियों में अपनी सहभागिता निभाने का मत व्यक्त किया। मुख्य अतिथि लोहार्गलधाम पीठाधीश्वर श्री अवधेशाचार्य महाराज ने अपने उद्घाटन प्रवचन में कहा कि आप माहेश्वरी बनने से पहले सूर्यवंशी भगवान् श्रीराम के क्षत्रीय थे। राजा खडग़लसेन लव-कुश की पीढियों की ही संतति थे। आज भी आप में वही वंशानुगत तत्व विद्यमान हैं। सूर्यनारायण भगवान के आदेशोपरांत ही भगवान महेश और माता महेश्वरी के आशीर्वाद से माहेश्वरी कहलाए। प्रदेशाध्यक्ष श्री जुगलकिशोर सोमाणी ने आह्वान किया कि युवा और महिला संगठन अपने नेतृत्व में किशोर-किशोरियों के संगठन स्थानीय स्तर पर बनवायें और दोनों की सहभागिता से समाजहित के कार्यों, संस्कार शिविरों, रक्तदान शिविरों का संचालन करवायें। इससे आपसी समझ बढेगी और महानगरों की ओर दौड़ पर विराम लगेगा। विजातीय विवाह पर भी अंकुश लगने के साथ ही गाँव-कस्बों की तरफ रुझान बढेगा। आगामी 5 नवम्बर 2023 को निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष श्री मधुसूदन बिहानी की देखरेख में IAS 100 योजना के अंतर्गत एक सेमिनार आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है। सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण के कार्य में गति लाने हेतु प्रदेश स्तर के अतिरिक्त तीन जिलास्तरीय एडमिन भी बनाये गये हैं। महासभा द्वारा प्रेरित सभी ट्रस्ट अंतिम परिवार तक सहायतार्थ तत्पर है, आप सबकी सहभागिता से ही सम्भव होगा, इसलिए आप सभी को सारे ट्रस्टों के फार्म वितरित किये गये हैं। महासभा कार्यसमिति सदस्य श्री कैलाश सोनी ने कहा कि यदि पूरा कार्यकारीमण्डल कार्यकर्ता बनकर अपनी सेवा देगा तभी सार्थकता सिद्ध होगी। खुले मंच योजनान्तर्गत कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण संवाद प्रस्तुत किया। युवा संगठन के नेतृत्व में बने लोहार्गलधाम माहेश्वरी भवन में प्रदेशमंत्री श्री राजकुमार धूत और सीकर जिलाध्यक्ष श्री मनीष बियानी की कुशल टीम ने सीकर माहेश्वरी समाज प्रन्यास के सानिध्य में आगन्तुकों का हृदयंगम स्वागत किया। खानपान की सुव्यवस्था बहुत प्रशंसनीय थी।
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