रांची समाज की 29वीं चौपाल खूंटी-मुरहू जिला के परिवार के सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से मनाई गई
रांची समाज के बुजुर्गों के कल्याणार्थ समाज का स्थाई प्रकल्प चौपाल विगत 29 महीने से निरंतर कार्यरत है। इसमें प्रत्येक महीने बुजुर्गों का मिलना जुलना, आसपास के धार्मिक स्थलों का भ्रमण, सामूहिक वन भोज, मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रविवार 6 अक्टूबर को चौपाल की 29वीं कड़ी में समाज के 45 बुजुर्ग सदस्यों का रांची से 45 किलोमीटर दूर नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा का रूप अति प्राचीन सोनमेर माता के पिंड स्वरूप का सामूहिक पूजन एवं आरती का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके बाद रांची जिला के निकट खूंटी-मुरहू जिला के परिवार के सदस्यों के साथ सामूहिक चौपाल का आयोजन किया गया। खूंटी-मुरहू जिला में कुल 9 माहेश्वरी परिवार ही बसते हैं। संयुक्त चौपाल का आयोजन खूंटी के राजस्थान भवन में संपन्न हुआ। संयुक्त चौपाल में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि हमारी विलुप्त होती हुई सामाजिक परंपराओं को कैसे पुनर्जीवित किया जाए। सभी सदस्यों ने बढ़ चढ़कर इस चर्चा में भाग लिया।
संयुक्त चौपाल में खुंटी-मुरहू के सदस्यों की सक्रियता सराहनीय थी। शाम के समय सदस्यों ने गरमा गरम नाश्ता एवं चाय का भी आनंद लिया तथा इस तरह के संयुक्त चौपाल छोटे अंतराल में आयोजित किए जाएं इसका भी निर्णय लिया। खूंटी से प्रस्थान करने के बाद चौपाल के सदस्यों ने रांची में स्थित झारखंड के सबसे विशाल दुर्गा पूजा पंडाल श्री राम लाल दुर्गा पूजा समिति जिन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के स्वरूप के आधार पर भव्य पंडाल का निर्माण किया उसका दर्शन तथा मेले में उपलब्ध लजीज व्यंजनों का भी आनंद लिया। इसके बाद सभी सदस्यों ने एक दूसरे को अपने निवास जाने के लिए आनंद पूर्वक विदाई दी।
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