आदित्य विक्रम बिरला व्यापार सहयोग केंद्र का कोष 50 करोड़ करने का निर्णय
मुंबई। आदित्य विक्रम बिरला व्यापार सहयोग केंद्र की वार्षिक आम सभा का आयोजन 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई में किया गया। सभा में केंद्र की चेयरपर्सन पद्मभूषण श्रीमती राजश्री बिरला, कार्यकारी अध्यक्ष श्री नवल किशोर राठी, श्री आनंद राठी, श्री श्यामसुंदर काबरा, अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के निवर्तमान सभापति श्री श्यामसुंदर सोनी तथा महासभा के महामंत्री श्री राजकुमार काल्या की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वार्षिक आम सभा में व्यापार, रोजगार एवं समाज के आर्थिक सशक्तीकरण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सभा में आदित्य विक्रम बिरला व्यापार सहयोग केंद्र के कोष को बढ़ाकर 50 करोड़ करने का महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इस अवसर पर केंद्र की चेयरपर्सन पद्मभूषण श्रीमती राजश्री बिरला ने केंद्र के लिए 5 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान करने की घोषणा की। उनके इस महत्वपूर्ण सहयोग से केंद्र की आर्थिक क्षमता को और मजबूती मिलेगी तथा समाज के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
सभा में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र द्वारा व्यापार एवं रोजगार के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की अधिकतम सीमा को 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख करने का निर्णय लिया गया। ऋण सीमा में इस वृद्धि से स्वरोजगार प्रारंभ करने, वर्तमान व्यवसाय को विस्तार देने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के इच्छुक समाजबंधुओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
आदित्य विक्रम बिरला व्यापार सहयोग केंद्र द्वारा समाज के जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें व्यापार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र की इन योजनाओं से अनेक परिवारों को अपने पैरों पर खड़े होने तथा आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर केंद्र के व्यापार, रोजगार एवं समाज के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए केंद्र की चेयरपर्सन पद्मभूषण श्रीमती राजश्री बिरला, कार्यकारी अध्यक्ष श्री नवल किशोर राठी, श्री आनंद राठी, श्री श्यामसुंदर काबरा तथा केंद्र की पूरी टीम के प्रति हार्दिक साधुवाद एवं अभिनंदन व्यक्त किया गया।
महासभा के महामंत्री श्री राजकुमार काल्या ने कहा कि निश्चित रूप से केंद्र द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयासों से समाज के जरूरतमंद परिवार आर्थिक दृष्टि से समृद्ध होंगे तथा स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कोष में वृद्धि और ऋण सीमा बढ़ाए जाने जैसे निर्णय समाज के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
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