स्व. रामनाथ तापडिय़ा व पितरों की स्मृति में नोखा मूल के प्रवासी तापडिय़ा परिवार द्वारा श्री वृन्दावन धाम में श्रीमद भागवत कथा महायज्ञ का आयोजन

नोखा। भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरू की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। भागवत पुराण हिन्दुओं के अ_ारह पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद् भागवत या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इन्हीं विचारों को आत्मसात करते हुए नोखा के तापडिय़ा परिवार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला नगरी वृंदावन में एक भव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। नोखा मूल के हाल ठाणे (महाराष्ट्र) निवासी कैलाश तापडिय़ा ने बताया कि हमारे पड़दादा स्व. रामनाथ जी तापडिय़ा जिनका जन्मस्थान श्रीबालाजी (भग्गु) है, उनके एवं हमारे सभी पितरो के निमित्त परिवार ने श्रीवृन्दावन धाम में श्रीमद भागवत कथा महायज्ञ का आयोजन किया है। यह कथा दिनाँक 30 जून 2024 से 6 जुलाई 2024 तक फोगला आश्रम रमणरेती वृन्दावन में होगी। व्यास पीठ पर विराजित होकर परमपूज्य गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज (जोधपुर वाले) के श्रीमुख से कथावाचन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त इस आयोजन में यमुनाजी चुनड़ी मनोरथ, रासलीला एवं पूज्य राधाकृष्ण जी महाराज द्वारा श्री वृंदावन महिमा पर भी प्रवचन किया जाएगा। इस कथा के संयोजक श्रीमती सुशीलादेवी हरिगोपाल तापडिय़ा नोखा मूल के हाल ठाणे निवासी है। कैलाश तापडिय़ा ने बताया कि स्व. रामनाथ जी तापडिय़ा परिवार के वंशज कथा को लेकर बहुत उत्साहित है। पूरा वंश बहन बेटियों सहित एकत्र हो कर अन्य कथाप्रेमी स्वजनों एवं मित्रो के साथ सामूहिक रूप से वृंदावन धाम में कथा श्रवण का लाभ लेंगे।

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