अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा महेश नवमी के उपलक्ष्य में किशोरियों हेतु संस्कार सिद्धा समिति का सप्त दिवसीय भव्य राष्ट्रीय आयोजन

Rainbow- Part 2 मन के रंग-तन के संग (20 से 26 मई 2024) -
किशोरियों के सर्वांगीण विकास के लिये 'रेनबो पार्ट-2, मन के रंग—तन के संग' यह सप्त दिवसीय 13 सत्रों में विभाजित, जिसमें ऑनलाइन जूम सभागार माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं जीवन शैली, भगवत गीता से जीवन प्रबंधन, पाक कला, स्वस्थ तन-मन, पारिवारिक सामंजस्य आदि विषयों से संबंधित ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की गई। प्रतिदिन 800 से 1000 की संख्या में शिक्षार्थी लाभान्वित हुए।
20 मई को रेनबो पार्ट-2 का शुभारंभ महेश वंदना से किया गया। पश्चात अ.भा.मा.म.सं. राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़  के कर कमलों द्वारा वर्चुअल वीडियो के माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय समिति प्रभारी अंजलि तापडिय़ा ने श्रीमती मंजूजी का शाब्दिक स्वागत किया।
श्रीमती मंजूजी का परिचय समिति की रा.प्रदर्शक अनुसूया मालू ने दिया। श्रीमती मंजूजी ने किशोरियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम हेतु समिति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारा किशोर वर्ग भारत के भविष्य का निर्माता है। अत: उसके उज्जवल भविष्य को संवारने हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। उन्होंने महेश नवमी पर्व की अनंत बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हमारी जातीय अस्मिता से जुड़े इस पर्व का उल्लास आप सभी के जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ बिखेरे। आप परिवार तथा इष्ट मित्रों सहित सदैव सुखी, स्वस्थ एवं समृद्धि से परिपूर्ण रहें। बुराइयाँ आपके जीवन से दूर रहे और अच्छाइयों से आपका दामन भरा रहे। अहंकार का कद छोटा हो और आत्मविश्वास का परचम ऊंचा हो,जीवन में अपनों का साथ हो। इस प्रकार मंजु जी के सुंदर शब्दों एवं प्रगल्भ विचारों से झुम सभागार अत्यधिक समृद्ध हुआ।
रा.संरक्षक माँ रत्नीदेवी काबरा द्वारा भी कार्यक्रम हेतु शुभकामना संदेश प्राप्त हुआ। तत्पश्चात सुप्रसिद्ध शेफ श्रीमती शोभा इंदानी द्वारा हेल्दी एवं पौष्टिक रेसिपीज सिखाई गई। जिसमें प्रमुख प्रोटीन पाउडर, न्युट्री बार और सलाद का समावेश था।  
रेनबो-2 के दूसरे दिन का प्रारंभ पश्चिमांचल के आतिथ्य में सुबह के सत्र में पश्चिमांचल उपाध्यक्ष मधु बाहेती के शुभकामना संदेश के साथ हुआ। मेडिकल योग थेरेपिस्ट श्रीमती मालती चांडक द्वारा पांच प्रकार के बेसिक प्राणायाम के प्रकार तथा शरीर को निरोगी रखने एवं प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के तरीके सिखाये गये। दोपहर के सत्र में रा.पूर्व अध्यक्ष लता लाहोटी की शुभकामनाएँ प्राप्त हुई। मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित रा.महामंत्री ज्योति राठी ने सतरंगी इंद्रधनुष रेनबो-2 को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह प्रकल्प किशोरियों के जीवन के हर पहलु को छूता हुआ, उन्हें हर विधा में पारंगत कराने वाला है। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय मालपानी ने मन को ले चले ब्यूटी पार्लर में इस विषय को लेकर गुणाधान एवं दोषाधान की विस्तृत चर्चा करते हुए प्रभावी व्यक्तित्व निर्माण की सीख दी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा - षडरिपु काम, क्रोध लोभ, मोह, मद, मत्सर को त्याग कर मन के भावों को सुंदर बनाने से मन सुंदर बनता है। 
मध्यांचल के आतिथ्य में रेनबो-2 के तीसरे दिन का प्रात:कालीन सत्र मध्यांचल उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला कलंत्री की शुभेच्छा से प्रारंभ हुआ। श्रीमती मालती चांडक ने कंप्यूटर पर लगातार काम करते रहने के कारण कंधों में दर्द के निवारण के लिए चुन्नी बांधने की एक प्रक्रिया किशोरियों को बताई साथ ही म्यूजिक के साथ प्राणायाम भी सिखाये।
दोपहर के सत्र में रा.पूर्व अध्यक्ष गीता मूंदड़ा द्वारा शुभकामना संदेश प्राप्त हुआ एवं मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष किरण लढ्ढा ने किशोरियों को आज के संदर्भ में हर क्षेत्र में जागरूक रहने का संदेश दिया। मध्यांचल द्वारा आयोजित मेरा वोट-मेरे देश का भविष्य प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम घोषित किए गए। लगन से गगन तक की मुख्य वक्ता मिसेस इंडिया यूनिवर्स रूपल मोहता ने किशोरियों से कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और सीखी हुई चीज जीवन में कभी ना कभी काम आती ही है। उन्होंने भारतीय परिधान साड़ी पहनने पर जोर दिया और कहा कि पाश्चात्य संस्कृति को आगे ना बढ़ाते हुए हमें भारतीय संस्कृति का अनुसरण करना चाहिए। ससुराल में अपने व्यवहार से सास को ही सबसे बेस्ट फ्रेंड बनाएं। जुम सभागार में उपस्थित सभी ने इसका समर्थन किया।
दक्षिणांचल के आतिथ्य में रेनबो-2 के कार्यक्रम का चतुर्थ दिन दक्षिणांचल उपाध्यक्ष श्रीमती अनुसूया मालू की शुभकामनाओं द्वारा प्रात: कालीन सत्र की शुरुआत हुई। मेडिटेशन प्रशिक्षिका श्रेया तापडिया ने Forgiveness Mediation के प्रात्यक्षिक प्रस्तुति द्वारा रिश्तों को मधुर बनाना कैसे संभव है यह बताया। जिससे किशोरियों में नयी ऊर्जा का संचार हुआ।
दोपहर के सत्र में रा.पूर्व अध्यक्ष बिमला साबू का आशीर्वाद मिला। मुख्य अतिथि के रूप में निवर्तमान रा.अध्यक्ष आशा माहेश्वरी ने संस्कार सिद्धा के आयोजन की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रकल्पों द्वारा किशोरियों को निश्चित रुप से एक नई दिशा मिलेगी। "Treasure Teens" के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मंजूश्री बूब ने सर्वाइकल कैंसर, पीसीओडी, हार्मोनल असंतुलन आदि के विषय में विस्तार से बताया। इस प्रकार तन-मन को स्वस्थ रखने की प्रेरणा के साथ सत्र समाप्त हुआ।
रेनबो-2 का पांचवाँ दिन उत्तरांचल के आतिथ्य में उत्तराचंल उपाध्यक्ष मंजू मानधणे की शुभकामनाओं से आरम्भ हुआ। प्रात: कालीन सत्र में डॉ.प्रेमलता ने हस्तमुद्राओं के विभिन्न प्रकार बताएं तथा उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्तर पर होने वाले लाभ की जानकारी दी। दोपहर के सत्र में रा.पूर्व अध्यक्ष शोभा सादानी ने अपने शुभ संदेश में इंद्रधनुष के सात रंगों को जीवन का प्रतीक बताया। मुख्य अतिथि अनुसूया मालू ने बताया कि माइंड, बॉडी और सोल को कैसे संतुलित रखें? एक पायल का एक-एक घुंघरू घंटित होता है तब सुमधुर ध्वनि ध्वनित होती है, इसी तरह यह संगठन भी संगठित है। लाइफस्टाइल डाइट इस विषय की मुख्य वक्ता डॉ. रोहिणी पाटिल ने किशोरियों की समस्याओं को डाइट प्लान से कैसे ठीक किया जा सकता है इस पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जंक फूड खाने से तनाव बढ़ता है, इसलिए घर पर बना खाना ही हमें खाना चाहिए। छोटी सी जिंदगी है, हर हाल में खुश रहो इस सीख के साथ पांचवे दिन का समापन हुआ।
पूर्वांचल द्वारा संचालित रेनबो-2 का षष्ठम् दिवस का प्रात: कालीन सत्र पूर्वांचल उपाध्यक्ष श्रीमती गिरजा सारडा के शुभेच्छा सह, तथा संस्कारसिद्धा समिति राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अंजली तापडिय़ा द्वारा हास्य योग से प्रारंभ हुआ। अंजलि जी ने हमें स्माइल और हास्य की 2 गोलियाँ खाने का तरीका अपने खुशनुमा अंदाज में बताते हुये 12 प्रकार के हास्य योग का प्रशिक्षण दिया। जूम सभागार में हंसी के फव्वारों के साथ हास्य योग का सबने भरपूर आनंद उठाया। 
दोपहर के सत्र में सम्माननीय अतिथि श्रीमती शैला कलंत्री, अध्यक्ष माहेश्वरी महिला पत्रिका ने अपने उद्बोधन में मन के 16 श्रृंगारों के बारे में किशोरियों का मार्गदर्शन किया। वैलनेस ऑफ माइंड, बॉडी एंड सोल इस विषय के मार्गदर्शक श्री मनीष अग्रवाल ने सूक्ष्म मन एवं शरीर की संरचना के बारे में बड़े सरल अंदाज में अपने  विचार रखे। उन्होंने कहा कि मन एवं आत्मा के स्वस्थ होने से ही शारीरिक रूप से हम स्वस्थ माने जाएंगे। उन्होंने आयुर्वेद विज्ञान के लाभ भी बताये। रा.पूर्व अध्यक्ष सुशीला काबरा के आशीर्वाद के साथ आयोजन का षष्ठम् दिवस सफलता पूर्वक समाप्त हुआ।
रेनबो-2 का सप्तम् दिवस यानी एक ज्ञानवर्धक, उत्साहवर्धक एवं आरोग्यवर्द्धक आयोजन का समापन दिवस। इस दिन का प्रात: कालीन सत्र ललिता मालपानी, अध्यक्ष महिला सेवा ट्रस्ट के आशीर्वचनों से  आरंभ हुआ। कोलकता निवासी 85 वर्षीय गोल्ड मेडलिस्ट श्री सत्यनारायण बाहेती ने सुजोक चिकित्सा पद्धति से अवगत कराया। साथ ही में हाथों एवं पैरो में मेथी, मूंग, राजमा आदि को लगा कर हम बीमारियों को कैसे ठीक कर सकते है, इसका प्रात्यक्षिक बताया। दोपहर के सत्र में विधान समिति की रा.प्रभारी मंगल मर्दा सम्माननीय अतिथि के रूप में आमंत्रित थी। आपने किशोरियों को अपने रुचि के अनुसार आगे बढऩे की सलाह दी। सफलता की चुनौतियां एवं समाधान इस विषय के मुख्य वक्ता के रूप में श्री नवीन कुमार (HOD साइकोलॉजी डिपार्टमेण्ट दिल्ली यूनिवर्सिटी) ने आज के परिपेक्ष्य में होने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान के बारे में किशोरियों को समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे खुद पर विश्वास के साथ आंतरिक खुबियों को बढ़ाकर एक अच्छे इंसान के रूप में खुश रहते हुए जीवन में विजय हासिल की जा सकती है। इस अवसर रा. पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कल्पना गगरानी का शुभ संदेश भी प्राप्त हुआ। अंत में रेनबो 2 को सफल बनाने में संलग्न सभी का आभार ज्ञापित किया।
उपरोक्त सप्त दिवसीय आयोजन का लाभ प्रतिदिन लगभग 900 किशोरियों और महिलाओं ने लिया। इसे सफल बनाने में राष्ट्रीय संस्कारसिद्धा समिति प्रदर्शक श्रीमती अनुसूया मालू, राष्ट्रीय प्रभारी अंजलि तापडिय़ा एवं राष्ट्रीय सह प्रभारी श्रीमती चंचल राठी पूर्वांचल, ज्योति बाहेती मध्यांचल, सुमन जाजू उत्तरांचल, अनुराधा मालपाणी दक्षिणांचल, हंसा चितलांगिया एवं कार्यवाहक आभा बेली पश्चिमांचल के साथ-साथ सभी प्रदेशों की संयोजिकाओं का सहभाग रहा।

( Connecting with social media platform )
App | Old Edition   | Facebook   | Youtube   | Instagram
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

Latest News


विज्ञापन